वैल्यू रिसर्च से पूछें

नई टैक्‍स रिज़ीम: NPS का क्‍या करूं?

क्‍या आपको NPS कॉन्ट्रीब्‍यूशन बंद कर देना चाहिए या जारी रखना चाहिए?

क्‍या आपको NPS कॉन्ट्रीब्‍यूशन बंद कर देना चाहिए या जारी रखना चाहिए?

back back back
2:40

नई टैक्‍स रिज़ीम में, NPS में निवेश का क्‍या करें, क्‍या निवेश बंद कर देना चाहिए या बिना टैक्‍स बेनिफ़िट के जारी रखना ही बेहतर रहेगा? ये सवाल बड़ा है और यहां हम इसी की बात कर रहे हैं.

टैक्‍स बेनेफ़िट के बिना NPS टियर 1 में निवेश जारी रखें या नहीं, ये इस बात पर निर्भर करेगा कि आप अपनी रिटायरमेंट इन्‍वेस्टिंग को लेकर कितने अनुशासित हैं.

NPS का मुख्‍य मक़सद रिटायरमेंट कॉर्पस बनाना है, लेकिन ज़्यादातर लोग इसे टैक्‍स सेविंग इंस्‍ट्रूमेंट के तौर पर देखते हैं.

NPS टियर 1 में निवेश, तीन टैक्‍स डिडक्‍शंस ऑफ़र करता है.

  • सेक्‍शन 80C के तहत टैक्‍स के दायरे में आ रही इनकम से ₹1.5 लाख तक का डिडक्‍शन.
  • इनकम टैक्‍स एक्‍ट के सेक्‍शन 80CCD (1B ) के तहत ₹50,000 तक का एडिशनल डिडक्‍शन. ये डिडक्‍शन सिर्फ NPS निवेश के लिए उपलब्‍ध है.
  • तीसरा डिडक्‍शन, NPS टियर 1 अकाउंट के लिए सैलरी का 10% तक इम्‍पलॉयर के कॉन्ट्रीब्‍यूशन के तौर पर उपलब्‍ध है. इसे टैक्‍स योग्‍य इनकम नहीं माना जाता. इससे टैक्‍स देनदारी कम होती है. सरकारी कर्मचारियों के मामले में ये 10% के बजाए 14% है.

नई टैक्‍स रिज़ीम के तहत, पहले दो डिडक्‍शन उपलब्‍ध नहीं हैं लेकिन तीसरा जारी है. पहले दो डिडक्‍शन ख़त्म होने से NPS टियर 1 में निवेश जारी रखना बहुत फ़ायदेमंद नहीं लगता, ख़ासकर ऐसी सूरत में जहां आपका पैसा 60 साल की उम्र तक लॉक रहेगा.

हालांकि, 60 साल की उम्र तक पैसे निकालने पर रोक उन लोगों के लिए फ़ायदमेंद हो सकती है, जो रिटायरमेंट इन्‍वेस्टिंग को लेकर अनुशासित नहीं हैं. अक्‍सर लोग रिटायरमेंट सेविंग से पैसा उन ज़रूरतों के लिए भी निकाल लेते हैं जो बहुत ज़रूरी नहीं होती हैं. NPS में रिटायरमेंट से पहले पैसा न निकलने की व्‍यवस्‍था ये पक्का करने के लिए है कि इस रक़म का इस्‍तेमाल रिटायरमेंट के बाद की ज़रूरतों के लिए किया जाए.

यह भी पढ़ें- पेंशन फ़ंड के बड़े घाटे का आप पर असर

लेकिन अगर आप सेविंग को लेकर अनुशासित नहीं हैं, तो टैक्‍स बेनेफ़िट के बिना भी रिटायरमेंट कॉर्पस बनाने में NPS आपकी मदद कर सकती है. अगर आपका रिटायमेंट 5 से 7 साल दूर है, तो आप एक्टिव इन्‍वेस्‍टमेंट ऑप्‍शन के ज़रिए ज़्यादा-से-ज़्यादा रक़म इक्विटी में लगाने पर विचार कर सकते हैं.

हालांकि, अगर आप एक अनुशासित निवेशक हैं, तो म्‍यूचुअल फ़ंड्स, NPS की तुलना में बेहतर निवेश का विकल्प हो सकते हैं. याद रखें, NPS अकाउंट एक्टिव रखने के लिए, आपको सालाना कम-से-कम ₹1,000 निवेश करना होगा.

ये लेख पहली बार अप्रैल 03, 2023 को पब्लिश हुआ.

वैल्यू रिसर्च से पूछें aks value research information

कोई सवाल छोटा नहीं होता. पर्सनल फ़ाइनांस, म्यूचुअल फ़ंड्स, या फिर स्टॉक्स पर बेझिझक अपने सवाल पूछिए, और हम आसान भाषा में आपको जवाब देंगे.


टॉप पिक

31 जुलाई की ITR डेडलाइन मिस करने से क्या-क्या नुक़सान हो सकते हैं?

पढ़ने का समय 6 मिनटआकार रस्तोगी

Manipal Hospitals IPO: साइज़ में सबसे बड़ी, पर रिटर्न में पीछे

पढ़ने का समय 9 मिनटLekisha Katyal

अपने गोल्स को ख़ुद से बचाइए

पढ़ने का समय 4 मिनटधीरेंद्र कुमार

HUL एक बेहतरीन बिज़नेस तो है, लेकिन क्या यह एक बेहतरीन स्टॉक भी है?

पढ़ने का समय 5 मिनटसत्यजीत सेन

अब कोई ग्लोबल फ़ंड नई SIP नहीं लेगा, और ETF महंगे पड़ रहे हैं

पढ़ने का समय 5 मिनटआकार रस्तोगी

वैल्यू रिसर्च हिंदी पॉडकास्ट

updateनए एपिसोड हर शुक्रवार

NPS को लेकर नकारात्मकता क्यों?

क्यों सबसे ज़्यादा मुखर आलोचक रिटायरमेंट निवेश की असली बात को नज़रअंदाज़ कर देते हैं

अन्य एपिसोड

These are advertorial stories which keeps Value Research free for all. Click here to mark your interest for an ad-free experience in a paid plan

दूसरी कैटेगरी