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ऐसा कम ही देखने को मिलता है जब किसी कंपनी के मज़बूत नतीजों के बावजूद शेयर इतनी जोरदार गिरावट दिखाए. मिड-कैप IT कंपनी कोफोर्ज ने वित्त वर्ष 2025-26 की पहली तिमाही (Q1) के ज़बरदस्त नतीजे पेश किए, लेकिन उसके बावजूद गुरुवार (24 जुलाई, 2025) को शेयर लगभग 7.9% गिरकर निवेशकों को हैरान कर गया.
आइए जानें ये कनेक्शन क्यों टूटा और इससे आपके पोर्टफोलियो पर क्या असर हो सकता है.
क्या हुआ?
- 24 जुलाई, 2025 को कोफोर्ज के शेयर BSE पर ₹1,833 पर खुले और शुरुआती कारोबार में लगभग 9% गिरकर करीब ₹1,683 के आस-पास पहुंच गए.
- सिर्फ़ इतना ही नहीं, IT सेक्टर का ब्रॉडर इंडेक्स भी करीब 1% गिरा जिससे साफ़ है कि सेक्टर की चिंता ने निवेशकों की सोच पर असर डाला है.
कोफोर्ज Q1 FY26 नतीजों की झलक
शेयर में गिरावट आई ज़रूर, लेकिन कंपनी के फ़ंडामेंटल बेहद मज़बूत बने हुए हैं:
- रेवेन्यू सालाना आधार पर 44% बढ़कर ₹3,687 करोड़ तक पहुंच गया है.
- EBITDA मार्जिन सुधरकर 17.5% और EBIT मार्जिन 13.2% हो गया.
- नेट प्रॉफ़िट (टैक्स के बाद मुनाफ़ा) ज़बरदस्त उछाल के साथ, ट्रैवल वर्टिकल में तगड़ी ग्रोथ और मार्जिन बढ़ने की वजह से, काफ़ी आगे निकल गया.
| मीट्रिक्स | Q1 FY26 | Q1 FY25 | सालाना बदलाव |
|---|---|---|---|
| रेवेन्यू | ₹3,687 करोड़ | ₹2,558 करोड़ | 44% |
| EBITDA | ₹646 करोड़ | ₹430 करोड़ | 50% |
| EBITDA मार्जिन | 17.5% | 16.8% | 70 बेसिस प्वाइंट |
| EBIT | ₹487 करोड़ | ₹320 करोड़ | 52% |
| EBIT मार्जिन | 13.2% | 12.5% | 70 बेसिस प्वाइंट |
| नेट प्रॉफ़िट | ₹361 करोड़ | ₹152 करोड़ | 138% |
| EPS (डायल्यूटेड) | ₹29.8 | ₹14.2 | 110% |
मज़बूत नतीजों के बाद भी शेयर क्यों लुढ़का?
- सेक्टर की बड़ी चिंता: ग्लोबल टेक डिमांड को लेकर अनिश्चितता की वजह से IT इंडेक्स गिरा, जिसका असर कोफोर्ज समेत तमाम शेयरों पर पड़ा.
- डील पाइपलाइन में सुस्ती: भले ही, ट्रैवल वर्टिकल में अच्छी डील्स आईं, लेकिन कुल नई TCV (Total Contract Value) पिछले क्वार्टर के 2 अरब डॉलर से गिरकर सिर्फ 507 मिलियन डॉलर रह गई.
- महंगा वैल्यूएशन: कंपनी का P/E रेशियो 76 गुने से ज़्यादा है, ऐसे में निवेशक प्रॉफ़िट बुक कर रहे हैं और आगे ग्रोथ सुस्त दिख रही है.
निवेशकों के लिए क्या सबक़?
तिमाही में मज़बूत ग्रोथ और बेहतरीन एग्जीक्यूशन दिखाने के बावजूद, कोफोर्ज का स्टॉक सेक्टर से जुड़ी चिंताएं और ऊंचे वैल्यूएशन की वजह से गिर गया. आज की गिरावट असली मायने में निवेशकों की परीक्षा है. अगर वैश्विक चिंताएं जारी रहीं तो अच्छा प्रदर्शन होने के बाद भी शेयर पर दबाव रह सकता है.
लंबी अवधि के निवेशक आने वाली डील फ़्लो, मार्जिन की स्थिरता और दुनिया भर में IT से जुड़े ख़र्च के ट्रेंड्स पर ध्यान दें. अगर तेज़ी जल्दी नहीं लौटी, तो और मुनाफ़ा वसूली देखने को मिल सकती है.
क्या कोफोर्ज का शेयर आपके पोर्टफ़ोलियो में होना चाहिए?
अगर आपने करीब पांच साल पहले कोफोर्ज के ₹10,000 के शेयर ख़रीदे होते, तो आज उनकी वैल्यू लगभग ₹1.8 लाख होती.
ऐसे में आज की शेयर प्राइस में आई गिरावट छोटी अवधि की हलचल है. ऐसे शॉर्ट टर्म नतीजों या मार्केट के शोर पर निवेश का फ़ैसला लेना जोखिम भरा हो सकता है. असली एसेट लंबे समय तक निवेश में टिके रहने से बनती है. एक क्वार्टर के नतीजे देख घबराने के बजाय, लंबी अवधि के लिए निवेश करें.
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डिस्क्लेमर
ये लेख आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की मदद से तैयार किया गया है और हमारे एक्सपर्ट्स ने इसकी बारीकी से जांच-पड़ताल की है ताकि आपको सही और ज़रूरी जानकारी दी जा सके. इसका मकसद सिर्फ सूचनाएं देना है. कृपया निवेश के किसी भी फ़ैसले से पहले अपनी खुद की रिसर्च ज़रूर करें.
Disclaimer: यह कंटेंट सिर्फ़ जानकारी के लिए है और इसे निवेश सलाह या रेकमेंडेशन नहीं मानना चाहिए.
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