फंड वायर

2026 पिछले साल के विनर्स को पहले ही बाहर कर चुका है

वर्ष 2026 आधा बीत चुका है. स्कोरबोर्ड शांत दिखता है, लेकिन ऐसा पहले नहीं था. हर फ़ंड कैटेगरी का मिड ईयर रिव्यू.

वर्ष 2026 आधा बीत चुका है. स्कोरबोर्ड शांत दिखता है, लेकिन ऐसा पहले नहीं था. हर फ़ंड कैटेगरी का मिड ईयर रिव्यू.Ujjal Das/AI-Generated Image

इस साल 1 जनवरी को, एवरेज फ़्लेक्सी-कैप फ़ंड की एक तय NAV थी. सात महीने बाद, वो फिर उसी जगह पर है. 2026 में अब तक इस कैटेगरी का रिटर्न 0.6% है. लार्ज-कैप फ़ंड 2.6% नीचे हैं. ELSS 0.9% नीचे है.

तो इस साल कुछ हुआ ही नहीं? ऐसा बिल्कुल नहीं है.

AI के दुनिया भर में असर के चलते, फ़रवरी टेक्नोलॉजी फ़ंड का कई साल का सबसे बुरा महीना रहा, जो 16.7% गिरे. मार्च में बिकवाली बाक़ी सब तक पहुंच गई. उस महीने लार्ज-कैप फ़ंड 11.6%, मिड-कैप 10.7%, स्मॉल-कैप 9.7% गिरे और अख़बार इसकी वजहों से भरे पड़े थे कि यह तो बस शुरुआत क्यों है. फिर अप्रैल आया और उसने यह सब उलट दिया. स्मॉल-कैप फ़ंड एक ही महीने में 16.1%, मिड-कैप 12.8%, लार्ज-कैप 9.3% चढ़े. अगर आप फ़रवरी में बिना फ़ोन और बिना अख़बार के कहीं घूमने चले गए होते, तो मई में लौटकर आप अपने पोर्टफ़ोलियो को क़रीब वहीं पाते जहां छोड़ा था.

हमने इस पर अप्रैल में एक कॉलम में ऐसी ही बात लिखी थी, जिसका नाम था 'कभी कुछ नहीं होता'. उसमें Polymarket नाम के प्रेडिक्शन मार्केट पर मौजूद एक बॉट का ज़िक्र था, जो हर सवाल पर 'ना' का दांव लगाता है, क्योंकि जिन चीज़ों से लोग डरते हैं, उनमें से ज़्यादातर कभी होती ही नहीं. यह बॉट इस आधे साल का मज़ा लेता. जिस निवेशक ने कुछ नहीं किया, उसने कुछ नहीं गंवाया. जिस निवेशक ने मार्च में बेचा, उसने एक अस्थायी गिरावट को पक्की गिरावट बना लिया और फिर किनारे बैठकर अप्रैल को देखता रहा.

पिछले साल के विनर, इस साल के लूजर

कैटेगरी
2025 2026 अब तक
कमोडिटी: चांदी 158.10% -5.00%
कमोडिटी: सोना 73.80% 6.30%
इक्विटी: इंटरनेशनल 30.20% 15.20%
इक्विटी: सेक्टोरल-बैंकिंग 18.90% -2.00%
इक्विटी: सेक्टोरल-फ़ार्मा -2.90% 16.40%
इक्विटी: स्मॉल-कैप -5.50% 9.70%
इक्विटी: सेक्टोरल-टेक्नोलॉजी -7.40% -13.20%

उस टेबल के सबसे ऊपर देखिए. सिल्वर (चांदी) फ़ंड ने 2025 में 158% दिया और दिसंबर तक पैसे की हर बातचीत चांदी पर आकर ख़त्म होती लगती थी. जिस किसी ने उन बातों पर अमल करके जनवरी में या उसके बाद ख़रीदा, वो आज घाटे में बैठा है. और जो कोई जनवरी की 40% की मासिक छलांग के बाद आया, वो क़रीब एक-तिहाई नीचे है.

सोना 74% से गिरकर 6% पर आ गया. एक साल पहले सबकी पसंद रहे बैंकिंग फ़ंड, जस के तस बने रहे. फ़ार्मा व स्मॉल-कैप, वो दो श्रेणियां जिन्हें 2025 में ज़्यादातर लोगों ने बेकार मान लिया था, अब घरेलू टेबल में सबसे आगे हैं.

इंटरनेशनल फ़ंड इसका अपवाद हैं. वो 2025 में इक्विटी टेबल में सबसे आगे थे और इस साल भी सबसे आगे हैं. लगातार दो अच्छे साल होते तो हैं. हमारी टेबल की सात श्रेणियों में से, छह ने पलटी मारी.

जुलाई का जाल

टेक्नोलॉजी फ़ंड फ़रवरी और जून के बीच 22% गिरे. जुलाई में वो 13.9% सुधरे, और चूंकि उस उछाल ने उन्हें महीने का सबसे अच्छा प्रदर्शन करने वाला बना दिया, इसलिए रैंकिंग टेबल और हेडलाइन एक बार फिर टेक्नोलॉजी फ़ंड से भरी हैं. कुछ लोग पूछ रहे हैं कि क्या आपको इस तेज़ी पर सवार होना चाहिए.

ज़रा थोड़ा पीछे हटिए. यह कैटेगरी इस साल 13.2% नीचे है. एक साल में 7.8% नीचे. इसका तीन साल का रिटर्न, यानी 3.5% सालाना, उससे भी कम है जो इसी दौरान एक लिक्विड फ़ंड ने दिया. जुलाई का फ़ायदा, उससे पहले के पांच महीनों ने जो छीना, उसके दसवें हिस्से को भी नहीं ढकता.

एक रैंकिंग टेबल आपको बताती है कि आपको क्या ख़रीदना चाहिए था. वो कभी नहीं बताती कि क्या ख़रीदना है.

बोरिंग पैसा जीत गया

लिक्विड फ़ंड ने इस साल अब तक 3.5% कमाया है. दरअसल, ओवरनाइट फ़ंड से लेकर क्रेडिट रिस्क तक, हर डेट कैटेगरी ने इन सात महीनों में लार्ज-कैप फ़ंड को पीछे छोड़ा है.

तो क्या आपको अपना इक्विटी वाला पैसा लिक्विड फ़ंड में डाल देना चाहिए? नहीं. 10 साल में, लार्ज-कैप फ़ंड ने सालाना 11.9% की दर से चक्रवृद्धि की है और लिक्विड फ़ंड ने 6% की, और यही फ़ासला वो वजह है जिसके लिए कोई भी इक्विटी रखता है. बात इससे छोटी है. सात महीने एक ऐसी खिड़की है जो इतनी छोटी है कि वो अपनी मनचाही कोई भी रैंकिंग बना सकती है. इसने लिक्विड फ़ंड को सेंसेक्स के दिग्गजों से ऊपर रख दिया. अगली खिड़की किसी और उतनी ही अजीब चीज़ को सबसे ऊपर रख देगी.

SIF का पहला रिपोर्ट कार्ड

नए लॉन्ग-शॉर्ट SIF की पहली असली परीक्षा मार्च तिमाही में हुई. इनकी बिक्री की दलील यह है कि शेयरों के ख़िलाफ़ दांव लगाने की क्षमता किसी गिरावट का झटका कम कर देती है. इक्विटी लॉन्ग-शॉर्ट SIF 8.2% गिरे जबकि फ़्लेक्सी-कैप फ़ंड 13.1% गिरे, तो झटका कुछ कम ज़रूर हुआ. हाइब्रिड लॉन्ग-शॉर्ट 3.7% गिरे. Ex-Top 100 वाली कैटेगरी 13% गिरी, जो कोई झटका कम होना नहीं है.

वहीं, कम लागत और कहीं कम उलझन के साथ एक आम बैलेंस्ड हाइब्रिड फ़ंड इसी तिमाही में 6.5% गिरा. तीन तिमाहियों का इतिहास किसी भी तरफ़ कुछ साबित नहीं करता. फिर भी, अब तक के सबूतों के हिसाब से, हम उस शॉर्ट बुक के लिए अतिरिक्त पैसा नहीं देंगे.

करने लायक़ एक काम

अपना एसेट एलोकेशन एक बार चेक कर लीजिए. गिरावट और सुधार ने शायद इसे आपकी योजना से हटा दिया हो. अगर ऐसा है, तो इसे दोबारा संतुलित कीजिए और निश्चिंत हो जाइए. रैंकिंग टेबल दिसंबर में जीतने वालों के एक नए समूह का ऐलान कर देंगी. आप पहले से जानते हैं कि उनके साथ आगे क्या होता है.

आंकड़े 31 जुलाई 2026 तक के हैं. सभी आंकड़े वैल्यू रिसर्च फ़ंड मॉनिटर से लिए गए और डायरेक्ट प्लान की कैटेगरी एवरेज हैं.

यह भी पढ़ें: एक्टिव लार्ज-कैप फ़ंड या इंडेक्स फ़ंड: किसे चुनना चाहिए?

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