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इन 3 स्मॉल-कैप फ़ंड्स ने बीते 5 सालों में की सबसे दमदार वापसी

हम आपको यहां सितंबर 2015 से सितंबर 2020 के बीच के टॉप-परफ़ॉर्मिंग स्मॉल-कैप फ़ंड्स की लिस्ट भी दे रहे हैं

हम आपको यहां सितंबर 2015 से सितंबर 2020 के बीच के टॉप-परफ़ॉर्मिंग स्मॉल-कैप फ़ंड्स की लिस्ट भी दे रहे हैं Nitin Yadav/AI-Generated Image

सारांशः 2015 से 2020 के दौरान जो तीन फ़ंड चार्ट के सबसे निचले पायदान पर रहे, वो अब टॉप-हाफ़ परफ़ॉर्मर्स बन गए हैं. जिनमें से एक तो पिछले पांच सालों का नंबर 1 स्मॉल-कैप फ़ंड भी बन गया है. तो आख़िर ज़बरदस्त वापसी करने वाले फ़ंड्स कौन-से हैं? आइए जानते हैं.

अगर बाज़ार का कोई एक हिस्सा आपको एक साल जीनियस और अगले साल मूर्ख जैसा महसूस करा सकता है, तो वो है स्मॉल कैप. ये फ़ंड मार्केट की उन सबसे छोटी लिस्टेड कंपनियों में निवेश करते हैं, जिनमें ग्रोथ की सबसे ज़्यादा संभावना होती है लेकिन उतना ही ज़्यादा रिस्क और उतार-चढ़ाव भी रहता है. यही उतार-चढ़ाव कई निवेशकों को डराता है, लेकिन यहीं सबसे वेल्थ बनाने के सबसे बड़े मौक़े भी मिलते हैं.

पिछला दशक इसका सबूत है. सितंबर 2015 से सितंबर 2020 तक स्मॉल-कैप फ़ंड्स ने कुछ ख़ास रिटर्न नहीं दिए. ज़्यादातर फ़ंड्स के रिटर्न सिंगल-डिजिट में रहे, कुछ ही फ़ंड्स अलग नज़र आए. लेकिन बीते पांच सालों की कहानी पूरी तरह अलग दिखी है. कई स्मॉल-कैप फ़ंड्स वेल्थ-कंपाउंडिंग मशीन बन गए और कुछ ने अपने पुराने ट्रैक रिकॉर्ड की तुलना में चौंकाने वाला प्रदर्शन किया है.

पीछे मुड़कर देखें: 2015–2020 का समय

आइए सितंबर 2015 से सितंबर 2020 की अवधि पर नज़र डालें. उस समय 13 स्मॉल-कैप फ़ंड्स की पांच साल के रिटर्न के आधार पर ये रैंकिंग रही थी:

नोट: डेटा डायरेक्ट प्लान्स का है.

उस समय Quant, HSBC और Franklin India की स्कीमें औसत दर्जे की रहीं या यहां तक कि पिछड़ी हुई थीं. बहुत कम निवेशकों ने बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद में इनमें निवेश किया होगा.

2020–2025: तेज़ी से आगे बढ़ें

पिछले पांच सालों के तीन सबसे ज़्यादा बेहतर फ़ंड्स इस प्रकार हैं:

1. Quant Small Cap Fund

  • 2015-2020: 5.2% (रैंक 10/13)
  • 2020-2025: 36.3% (रैंक 1/21)

ये शायद स्मॉल-कैप यूनिवर्स का सबसे शानदार बदलाव है. 2015-2020 में कमज़ोर प्रदर्शन करने वाला Quant Small Cap पिछले पांच सालों में नंबर वन फ़ंड बन गया है.

इसकी एग्रेसिव और मोमेंटम-आधारित निवेश स्टाइल उस मार्केट में बेहतरीन साबित हुआ, जहां स्मॉल-कैप शेयरों में तेज़ी देखी जा रही थी.

2. HSBC Small Cap Fund

  • 2015-2020: 6.2% (रैंक 8/13)
  • 2020-2025: 31.5% (रैंक 7/21)

HSBC Small Cap ने सिर्फ़ बेहतर रिटर्न ही नहीं दिया, बल्कि इसकी रैंकिंग भी ऊपर चढ़ी है. 2015–2020 में ये बॉटम-हाफ़ परफ़ॉर्मर थे लेकिन पिछले पांच सालों में ये टॉप-हाफ़ का मज़बूत दावेदार बन गया. इस दौरान फ़ंड स्मॉल-कैप इंडेक्स के 29.6% एनुअलाइज़्ड रिटर्न को पीछे छोड़ने में कामयाब रहा है.

3. Franklin India Small Cap Fund

  • 2015-2020: 5% (रैंक 11/13)
  • 2020-2025: 31% (रैंक 9/21)

ये फ़ंड पिछड़े हुए फ़ंड्स की लिस्ट से निकलकर पिछले पांच सालों में टॉप-हाफ़ परफ़ॉर्मर बन गया है.

निवेशकों के लिए सीख

ये तीन फ़ंड बताते हैं कि पिछला परफ़ॉर्मेंस भविष्य तय नहीं करता. जो फ़ंड पांच साल पहले संघर्ष कर रहे थे, वे पूरी तरह बदलकर टॉप क्वार्टाइल यानी टॉप फ़ंड्स की लिस्ट में ऊपर के 25 प्रतिशत फ़ंड्स में शामिल हो सकते हैं.

लेकिन यहां एक बड़ा सबक़ है: कल के विनर्स के पीछे अंधाधुंध तरीक़े से मत भागो. SBI और Axis स्मॉल-कैप फ़ंड्स, जो पांच साल पहले सबसे अच्छे थे, अब रैंकिंग में काफ़ी नीचे गिर चुके हैं. SBI की स्कीम पिछले पांच सालों में दूसरी सबसे ख़राब प्रदर्शन करने वाली रही, जबकि Axis की स्कीम 21 एक्टिव स्मॉल-कैप फ़ंड्स में 17वें नंबर पर रही.

इसके बजाय इस पर ध्यान दें:

  • साइकल के दौरान निवेश बनाए रखने पर (किसी बुरे साल के बाद फ़ंड से बाहर मत निकलिये)
  • अगर आपकी मंथली SIP काफ़ी बड़ी है तो कम से कम दो स्मॉल-कैप फ़ंड्स में डाइवर्सिफ़ाई करें ताकि उतार-चढ़ाव थोड़ा कम हो सके. अगर SIP छोटी है तो इस पॉइंट को नज़रअंदाज़ करें.
  •  SIP के ज़रिए स्मॉल-कैप फ़ंड्स में निवेश करना बेहतर है.

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ये भी पढ़ें: स्मॉल-कैप फ़ंड्स ने 10 साल में दिए 5 गुना रिटर्न. क्या ये अब सामान्य बात है?

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