Nitin Yadav/AI-Generated Image
सारांशः कुल ₹2 लाख करोड़ की एसेट के साथ पराग पारिख और HDFC भारत के दो सबसे बड़े फ़्लेक्सी-कैप फ़ंड को मैनेज करते हैं. दिलचस्प बात ये है कि HDFC के पोर्टफ़ोलियो का लगभग 60% हिस्सा पराग पारिख की टॉप होल्डिंग्स से मेल खाता है. क्या ये समानता महज़ संयोग है या फिर मज़बूत भरोसे का नतीजा? आइए उन 20 स्टॉक्स के बारे में जानते हैं, जिनमें दोनों फ़ंड्स की हिस्सेदारी है और आपके निवेश के लिए इसका क्या मतलब है.
अगर म्यूचुअल फ़ंड्स को फ़िल्मी सितारों से तुलना करें, तो पराग पारिख फ़्लेक्सी कैप और HDFC फ़्लेक्सी कैप निवेश की दुनिया के शाहरुख़ और सलमान खान जैसे हैं. दोनों बड़े, दोनों लोकप्रिय और दोनों के पास बड़े फैन बेस हैं.
साथ मिलकर ये दोनों फ़्लेक्सी-कैप फ़ंड्स ₹2 लाख करोड़ से ज़्यादा की एसेट्स को मैनेज करते हैं. 30 सितंबर 2025 तक, पराग पारिख फ़्लेक्सी कैप लगभग ₹1.19 लाख करोड़ की नेट एसेट्स के साथ आगे है, जबकि HDFC फ़्लेक्सी कैप लगभग ₹85,000 करोड़ के साथ उसके बाद आता है.
अब सवाल है-जब भारत के ये दोनों सबसे लोकप्रिय एक्टिव इक्विटी फ़ंड्स करोड़ों रुपये निवेश करते हैं, तो क्या उनके पोर्टफ़ोलियो वाक़ई अलग हैं या काफ़ी हद तक समान?
आइए जानते हैं.
दोनों फ़ंड्स की समान 20 होल्डिंग्स
पराग पारिख फ़्लेक्सी कैप और HDFC फ़्लेक्सी कैप-दोनों के पास 20 लिस्टेड कंपनियों में हिस्सेदारी है.
ये रही पूरी लिस्ट (अल्फाबेटिकली):
- Axis Bank
- Bank of Baroda
- Bharti Airtel
- Cipla
- Eicher Motors
- HCL Technologies
- HDFC Bank
- Hindalco Industries
- ICICI Bank
- Infosys
- JSW Steel
- Kotak Mahindra Bank
- Larsen & Toubro
- Lupin
- Maruti Suzuki
- ONGC
- Power Grid Corporation of India
- Tata Consultancy Services
- Tata Steel
- United Spirits
प्राइवेट बैंक हैं दोनों की पसंद
इनकी टॉप 5 कॉमन होल्डिंग्स एक साफ़ ट्रेंड दिखाती हैं. असल में लिस्ट में प्राइवेट बैंकिंग सेक्टर का दबदबा है.
| कंपनी | पराग पारिख फ़्लेक्सी कैप (पोर्टफ़ोलियो वेट का %) | HDFC फ़्लेक्सी कैप (पोर्टफ़ोलियो वेट का %) |
|---|---|---|
| HDFC Bank | 8.1 | 8.3 |
| ICICI Bank | 4.8 | 9.1 |
| Axis Bank | 3.1 | 7.1 |
| Kotak Mahindra Bank | 4 | 4.2 |
| Power Grid Corporation of India | 6 | 2.2 |
ये कोई नई बात नहीं. पिछले कई वर्षों से, HDFC Bank, ICICI Bank, Axis Bank और Kotak Mahindra Bank जैसे “बिग फोर” प्राइवेट बैंक लगभग हर बड़े फ़ंड हाउस के फ़ेवरेट रहे हैं.
इस लिस्ट में एकमात्र अपवाद है Power Grid Corporation of India. ये सरकारी कंपनी भारत की बढ़ती ऊर्जा ज़रूरतों की वजह से दोनों पोर्टफ़ोलियो में शामिल है. दिलचस्प रूप से, Maruti Suzuki भी छठे स्थान पर आती है, जिससे पता चलता है कि दोनों फ़ंड भारत की मैन्युफैक्चरिंग और कंज़म्पशन स्टोरी पर भरोसा करते हैं.
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इनका ओवरलैप कितना है?
अब बात थोड़ी और रोचक हो जाती है.
हालांकि दोनों फ़ंड्स के पास कई समान स्टॉक्स हैं, लेकिन समानता की डिग्री बराबर नहीं है. HDFC फ़्लेक्सी कैप के पोर्टफ़ोलियो का लगभग 60% हिस्सा पराग पारिख फ़ंड से मेल खाता है, जबकि पराग पारिख फ़्लेक्सी कैप का ओवरलैप HDFC के साथ 40% से कम है.
ऐसा क्यों? इसका एक बड़ा कारण है पराग पारिख फ़्लेक्सी कैप का ग्लोबल एक्सपोज़र. ये फ़ंड अपने पोर्टफ़ोलियो का एक हिस्सा अंतरराष्ट्रीय कंपनियों-जैसे Alphabet (Google), Meta और Amazon-में निवेश करता है. यही वजह है कि उसका घरेलू फ़ंड्स से ओवरलैप कम होता है.
दूसरी ओर, HDFC फ़्लेक्सी कैप का फ़ोकस पूरी तरह भारतीय बाज़ार पर है-इसलिए इसके प्रमुख घरेलू निवेश (बैंक, IT, ऑटो, इंफ्रा) पराग पारिख के भारतीय हिस्से से काफ़ी हद तक मेल खाते हैं. यही वजह है कि HDFC की ओर से ओवरलैप ज़्यादा दिखता है.
आखिरी बात
पराग पारिख फ़्लेक्सी कैप और HDFC फ़्लेक्सी कैप दोनों का भरोसा भारत की कुछ सबसे मज़बूत और विश्वसनीय कंपनियों पर है.
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