लर्निंग

20 से 25 साल पहले कैसे अमीर बन सकते हैं?

असल जवाब एक ऐसी आदत में छिपा है जिसे कई निवेशक नज़रअंदाज़ करते हैं

असल जवाब एक ऐसी आदत में छिपा है जिसे कई निवेशक नज़रअंदाज़ करते हैं Aman Singhal/AI-Generated Image

सारांशः दो निवेशक. एक का निवेश 15–20 साल में सलाना 18 प्रतिशत की रफ़्तार से बढ़ता हैं. दूसरा मामूली 12 प्रतिशत कमाता है. फिर भी, धीमी रफ़्तार वाला निवेशक ज़्यादा अमीर हो जाता है. ये कैलकुलेशन पेचीदा लगती है लेकिन नज़रअंदाज़ करना नामुमक़िन है. यही वजह है कि ये कहानी उस असली इंजन को दिखाती है जिसे ज़्यादातर निवेशक कम आंकते हैं.

सोचिए एक ऐसी ज़िंदगी जहां आप अपने माता-पिता से पैसे उधार नहीं ले रहे, आपकी नौकरी किसी जीवनरक्षक चीज़ की तरह नहीं लगती, आपका कर्ज़ गायब हो चुका है और आपके बच्चे (अगर हैं तो) आख़िरकार अपने नेटफ़्लिक्स के लिए पैसे दे रहे हैं.

सुनने में सपने जैसा लगता है. जून 2025 की एक ग्रांट थॉर्नटन भारत सर्वे के मुताबिक़, सिर्फ़ 33 प्रतिशत लोग अपनी रिटायरमेंट के बाद की आर्थिक स्थिति को लेकर थोड़ा-बहुत भरोसा रखते हैं. यानी बहुत से भारतीयों के लिए फ़ाइनेंशियल इंडिपेंडेंस उतना ही अवास्तविक लगता है जितना भारत का किसी विदेशी पिच पर टेस्ट मैच जीतना.

लेकिन यहां एक ट्विस्ट है: ये मुमक़िन है, और आपको जैकपॉट जीतने, रातों-रात क्रिप्टो चमत्कार से लाखों कमाने, या किडनी बेचने की ज़रूरत नहीं है. असली फ़ॉर्मूला... दुख की बात है कि बहुत बोरिंग है. लेकिन बेहद असरदार भी है.

सिर्फ़ ज़्यादा रिटर्न का पीछा करना काफ़ी नहीं है

अगर रिटर्न इंजन है, तो सेविंग्स रेट उसका ईंधन है. इंजन कितना भी ताक़तवर हो, बिना ईंधन के वो दूर तक नहीं जा सकता.

हम अक्सर रिटर्न पर ज़रूरत से ज़्यादा ध्यान देते हैं. 18 प्रतिशत, 20 प्रतिशत, 25 प्रतिशत - लेकिन उस चीज़ पर कम ध्यान देते हैं जिसका असर कहीं ज़्यादा गहरा पड़ता है. और वो है आपकी बचत की दर.

दो लोगों के बारे में सोचिए:

  • दोनों हर महीने ₹1 लाख कमाते हैं.
  • व्यक्ति A, अपनी इनकम का 10 प्रतिशत बचाता है (₹10,000 SIP).
  • व्यक्ति B, 30 प्रतिशत बचाता है (₹30,000 SIP).

भले ही व्यक्ति A को सालाना 18 प्रतिशत का शानदार रिटर्न मिलता है. जिससे 15 साल बाद उसकी संपत्ति ₹80 लाख बनती है. और वो गर्व से फूले नहीं समाते. वहीं, व्यक्ति B को सिर्फ़ 12 प्रतिशत का रिटर्न मिलता है, लेकिन ज़्यादा बचत की वजह से वो ₹1.43 करोड़ पर पहुंच जाता है. यानी ₹62 लाख का फ़र्क. ये अंतर हैरान करने वाला है. और ये फ़र्क रिटर्न की वजह से नहीं, सिर्फ़ अनुशासन की वजह से है.

घड़ी को 20 साल आगे बढ़ाएं और अंतर और भी साफ़ हो जाता है. व्यक्ति A, जो अभी भी उस शानदार 18 प्रतिशत रिटर्न पर है, ₹1.93 करोड़ तक पहुंचता है. व्यक्ति B, जो ज़्यादा शांत 12 प्रतिशत सालाना रिटर्न पर है, ₹2.76 करोड़ तक पहुंचता है. ये ₹83 लाख ज़्यादा है, जो चुपचाप, अंदाज़े के मुताबिक़, बिना किसी दिखावे के कमाया गया है.

और अगर आप सच में बचत दर को अच्छा होते देखना चाहते हैं, तो B का रिटर्न घटाकर 9 प्रतिशत कर दें, जो A के 18 प्रतिशत का आधा है. पहली बार में ऐसा लगता है कि इससे उनका पैसा कम हो जाना चाहिए. असल में, ऐसा कुछ नहीं होता. 20 साल बाद, A के पास अभी भी ₹1.92 करोड़ हैं, लेकिन B आगे बढ़कर ₹1.93 करोड़ पर पहुंच जाता है.

ये ज़्यादा सेविंग रेट का ज़बरदस्त असर है. ये रिटर्न रेट से ज़्यादा काम कर सकता है, जिससे एक बार फिर साबित होता है कि पर्सनल फ़ाइनेंस में, कंसिस्टेंसी चालाकी से कई ज़्यादा अहमियत रखती है.

कैसे 25 साल पहले फ़ाइनेंशियल इंडिपेंडेंस मिल सकती है?

अब चलिए एक कदम और आगे बढ़ते हैं.

मान लीजिए कि आपका निवेश 12 प्रतिशत सालाना रफ़्तार से बढ़ता है और आप हर साल अपने निवेश में 5 प्रतिशत की बढ़ोतरी करते हैं:

  • कमाई का 10 प्रतिशत बचाएं → फ़ाइनेंशियल इंडिपेंडेंस पाने के लिए आपको 43 साल चाहिए.
  • 20 प्रतिशत बचाएं → 31 साल चाहिए
  • 30 प्रतिशत बचाएं → 24 साल चाहिए
  • 40 प्रतिशत बचाएं → 19 साल चाहिए
  • 50 प्रतिशत बचाएं → 15 साल चाहिए

तो हां, कोई 30 प्रतिशत बचत करने वाला 24 साल में फ़ाइनेंशियली इंडिपेंडेंट हो सकता है, जबकि 10 प्रतिशत बचाने वाले को 43 साल लगेंगे.

यही आपके 40 के दशक के आख़िर में और आपके 60 के दशक के बीच में फ़ाइनेंशियली इंडिपेंडेंट होने का अंतर है.

संक्षेप में: सेविंग्स रेट ही सब कुछ है.

ज़्यादा बचत करने के कुछ आसान तरीके़

देखिए, हम आपसे ये नहीं कहेंगे कि आप अपनी छुट्टियां छोड़ दें या अपनी ज़िंदगी को सज़ा जैसा बना लें. दिखावे के बिना ज़िंदगी "फ़ाइनेंशियल इंडिपेंडेंस" के बेहद क़रीब लगती है.

ये बातें मदद आपकी करेंगी:

  1. कर्ज़ जल्दी ख़त्म करें
    क्रेडिट कार्ड और एजुकेशन लोन आपकी रक़म को दीमक की तरह खा जाते हैं. इन्हें ख़त्म करें. कैशफ़्लो खाली करें. आगे बढ़ें.
  2.  महीने की शुरुआत में निवेश करें
    अगर आपकी सैलरी आपके अकाउंट में आती है और वहीं रहती है, तो वो ख़र्च का रास्ता खोज लेती है. पहले निवेश करें. बाद में ख़र्च.  क्योंकि पहले ख़र्च, बाद में निवेश करेंगे, तो ये “बाद में” कभी नहीं आने की एक अजीब आदत होती है.
  3. लाइफ़स्टाइल में थोड़ी कटौती करें
    हो सकता है कि वह लग्ज़री ट्रिप एक बजट ट्रिप बन जाए. हो सकता है कि हफ़्ते में दो बार बाहर खाना हर दो हफ़्ते में तीन बार हो जाए. ये सज़ा नहीं, समझौते हैं. और बदले में मिलता है क्या? आज़ादी, एक ऐसी ज़िंदगी जहां नौकरी मजबूरी नहीं, विकल्प बन जाती है. ये एक बहुत अच्छी डील है.

निवेश शुरू करना चाहते हैं?

SIP के ज़रिए म्यूचुअल फ़ंड से शुरुआत करना अच्छा है. ये शुरुआती लोगों के लिए असान, ऑटोमेटेड, अनुशासित और लंबे समय में पैसा बनाने के लिए बहुत अच्छा है.

अगर समझ नहीं आ रहा कि कौन-सा फ़ंड चुनें या शुरुआत कहां से करें, तो वैल्यू रिसर्च फ़ंड एडवाइज़र आपकी मदद कर सकता है. ये आपको आसान, रिसर्च पर आधारित सुझाव देता है ताकि आप भ्रम में पड़े बिना अपना निवेश प्लान बना सकें.

फ़ाइनेंशियल इंडिपेंडेंस के लिए आपको पेचीदा होने की ज़रूरत नहीं है. बस इसके लिए आपको रेगुलर होना चाहिए. और ये सफ़र आज ही से शुरू हो सकता है.

फ़ंड एडवाइज़र आज ही एक्सप्लोर करें!

ये लेख पहली बार नवंबर 25, 2025 को पब्लिश हुआ.

वैल्यू रिसर्च से पूछें aks value research information

कोई सवाल छोटा नहीं होता. पर्सनल फ़ाइनांस, म्यूचुअल फ़ंड्स, या फिर स्टॉक्स पर बेझिझक अपने सवाल पूछिए, और हम आसान भाषा में आपको जवाब देंगे.


टॉप पिक

जाना-पहचाना भटकाव

पढ़ने का समय 4 मिनटधीरेंद्र कुमार

क्या बड़ा कैपिटल गेन हुआ है? ऐसे लग सकता है कम टैक्स

पढ़ने का समय 5 मिनटआकार रस्तोगी

सबसे ज़्यादा लोकप्रिय ग्लोबल फ़ंड्स में सबसे ज़्यादा रिस्क है

पढ़ने का समय 5 मिनटआकार रस्तोगी

क्यों PPFAS के CIO को FII की बिक़वाली की चिंता नहीं है?

पढ़ने का समय 7 मिनटLekisha Katyal

इंटरनेशनल फ़ंड्स: एकमुश्त निवेश के लिए एक ही विकल्प बचा है

पढ़ने का समय 4 मिनटआकार रस्तोगी

म्यूचुअल फंड पॉडकास्ट

updateनए एपिसोड हर शुक्रवार

SEBI का नया नियम ग़लत लोगों की मदद करता है

SEBI का नया नियम ग़लत लोगों की मदद करता है

जिन लोगों को थर्ड-पार्टी SIPs से सबसे ज़्यादा फ़ायदा होता, यह नियम उन लोगों के लिए नहीं बनाया गया है

These are advertorial stories which keeps Value Research free for all. Click here to mark your interest for an ad-free experience in a paid plan

दूसरी कैटेगरी