Aditya Roy/AI-Generated Image
सारांशः मध्य-पूर्व का संघर्ष और प्रधानमंत्री की आयात घटाने की अपील - ये दोनों दरअसल रुपये पर दबाव और महंगाई की एक ही कहानी हैं. निवेशक डटे रहें, लेकिन बाज़ार जितनी तेज़ और सीधी रिकवरी की उम्मीद लगाए बैठा है, उससे कम की उम्मीद रखें.
सारांशः मध्य-पूर्व का संघर्ष और प्रधानमंत्री की आयात घटाने की अपील - ये दोनों दरअसल रुपये पर दबाव और महंगाई की एक ही कहानी हैं. निवेशक डटे रहें, लेकिन बाज़ार जितनी तेज़ और सीधी रिकवरी की उम्मीद लगाए बैठा है, उससे कम की उम्मीद रखें. पहली ख़बर थी- अमेरिका-ईरान युद्ध और कच्चे तेल की रिफ़ाइनिंग क्षमता को हुआ सीधा नुक़सान. दूसरी ख़बर थी-रविवार की शाम प्रधानमंत्री की सात अपीलें, जिनमें सोना मत ख़रीदो, खाने का तेल कम इस्तेमाल करो, विदेश यात्रा से बचो आदि शामिल हैं. उन्होंने एक ख़ास जुमला इस्तेमाल किया: "रुपये का रक्षक." कई लोगों ने लिखा. क्या मैं अपने गोल्ड फ़ंड बेच दूं? क्या मैं अपना इंटरनेशनल पोर्टफ़ोलियो रिड
ये लेख पहली बार मई 18, 2026 को पब्लिश हुआ.
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