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सारांशः पिछले बुल रन में ज़्यादा कैश रखने वाले फ़ंड्स इस बार चुपचाप नहीं बैठे नहीं हैं. वैल्यूएशन गिरने पर उनमें से कई ने फिर से ख़रीदारी शुरू कर दी है. हम बताते हैं कि कौन से फ़ंड कैश लगा रहे हैं, यह बदलाव क्यों मायने रखता है और निवेशकों को इस संकेत को कैसे पढ़ना चाहिए.
सितंबर 2024 के अंत तक भारतीय इक्विटी का सपनों जैसा दौर था. बाज़ार ने शानदार रिटर्न दिए थे. निफ़्टी 500 TRI ने पिछले पांच सालों में सालाना क़रीब 22% रिटर्न दिया.
लेकिन चढ़ते बाज़ार का एक साइड इफ़ेक्ट होता है: महंगा वैल्यूएशन. तब तक निफ़्टी 500 अपने तीन साल और पांच साल के एवरेज P/E से ऊपर ट्रेड कर रहा था. कई फ़ंड मैनेजरों के लिए इसका मतलब था कम सस्ते मौक़े और बेहतर अवसर का इंतज़ार करते हुए कैश रखने का लालच.
लेकिन अब माहौल बदल गया है. बाज़ार ठंडे हुए और उतार-चढ़ाव लौटा तो गिरावट से पहले सबसे ज़्यादा कैश रखने वाले ज़्यादातर इक्विटी फ़ंड अब अपना पैसा फिर से लगा रहे हैं.
कैश जमा करने वालों पर नज़र
गिरावट से पहले के छह महीनों में सबसे ज़्यादा औसत कैश रखने वाले टॉप 10 इक्विटी फ़ंड में से ज़्यादातर ने मार्च 2026 तक के छह महीनों में अपना कैश काफ़ी घटा दिया है. नीचे टेबल देखें.
ध्यान दें कि इस एनालेसिस में सेक्टोरल और थीमैटिक फ़ंड और एक साल से कम पुराने फ़ंड शामिल नहीं हैं.
ज़्यादातर कैश-हेवी फ़ंड अब हल्के हैं
गिरावट से पहले सबसे ज़्यादा कैश बफ़र रखने वाले 10 में से 6 फ़ंड के पास अब कम कैश है
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फ़ंड
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अप्रैल-सितंबर 2024 (%) | अक्तूबर 2024-मार्च 2025 (%) | अप्रैल-सितंबर 2025 (%) | अक्तूबर 2025-मार्च 2026 (%) | अप्रैल 2026 (%) |
|---|---|---|---|---|---|
| Parag Parikh ELSS Tax Saver | 16.9 | 18.6 | 15.9 | 11.7 | 4.4 |
| Parag Parikh Flexi Cap | 16.7 | 21.9 | 23.6 | 21.6 | 15 |
| Quantum ELSS Tax Saver | 14.3 | 15.1 | 12 | 7.3 | 5.6 |
| Quantum Value | 13.5 | 14.1 | 12.1 | 6.9 | 6.5 |
| ICICI Prudential Value | 12.2 | 9.4 | 8.3 | 5.9 | 6.2 |
| Motilal Oswal Midcap | 12.1 | 16.1 | 18.3 | 8.6 | 4 |
| LIC MF Children's | 12 | 12.6 | 13.2 | 15.5 | 17.8 |
| ICICI Prudential Smallcap | 11.2 | 14.3 | 12.9 | 4.7 | 4.5 |
| HDFC Focused | 10.1 | 13.2 | 12.7 | 10.5 | 7.5 |
| Motilal Oswal Flexi Cap | 10.1 | 14.2 | 12.7 | 13.3 | 1.7 |
| अप्रैल से सितंबर 2024 के बीच औसत कैश ऐलोकेशन के आधार पर टॉप 10 फ़ंड. एनालेसिस में वैल्यू रिसर्च द्वारा कैटेगराइज़ सभी इक्विटी कैटेगरी के एक्टिव फ़ंड शामिल हैं, सेक्टोरल/थीमैटिक फ़ंड को छोड़कर. 30 सितंबर 2024 तक एक साल से कम इतिहास वाले फ़ंड को बाहर रखा गया. कैश पोज़ीशन अक्तूबर 2024 से अप्रैल 2026 तक छह महीने की विंडो में ट्रैक की गई. आख़िरी विंडो में अभी तक केवल अप्रैल 2026 है क्योंकि यह सितंबर 2026 में पूरी होगी. | |||||
टेबल से साफ़ है कि कैश होल्डिंग में सबसे साफ़ कमी हाल के महीनों में, ख़ासकर अक्तूबर 2025 से मार्च 2026 के बीच में ही आई है, जब इक्विटी बाज़ारों में तेज़ गिरावट आई और वैल्यूएशन बेहतर हुए.
वैल्यूएशन ने इन क़दमों को कैसे प्रभावित किया
इसे जांचने के लिए हमने एनालेसिस को टॉप 10 फ़ंड से आगे बढ़ाया. इस बार हमने उन फ़ंड को देखा जिनकी गिरावट से पहले के छह महीनों में यानी अप्रैल से सितंबर 2024 के बीच औसत कैश होल्डिंग 7.5% से ज़्यादा थी.
नीचे के ग्राफ़ में देखा जा सकता है कि इन फ़ंड की औसत कैश होल्डिंग बाज़ार के घटते P/E रेशियो के साथ गिरी है.
बाज़ार सस्ता होने पर कैश का स्तर गिरा
गिरावट से पहले ज़्यादा कैश रखने वाले फ़ंड ने धीरे-धीरे पैसा लगाया जब बाज़ार का P/E कम हुआ

अप्रैल से सितंबर 2024 के बीच 7.5% से ज़्यादा एवरेज कैश होल्डिंग वाले एक्टिव इक्विटी फ़ंड शामिल, सेक्टोरल/थीमैटिक फ़ंड को छोड़कर. आंकड़े छह महीने की एवरेज मंथली कैश होल्डिंग और औसत निफ़्टी 500 TRI P/E रेशियो को दर्शाते हैं. अप्रैल 2026 अलग से दिखाया जाएगा क्योंकि इसकी छह महीने की विंडो सितंबर 2026 में पूरी होगी.
निफ़्टी 500 का औसत P/E, जो सितंबर 2024 के पीक पर 28 गुने से ऊपर था, अक्तूबर 2025 से मार्च 2026 की विंडो में 23.8 गुने तक आ गया. उसी दौरान इन फ़ंड की एवरेज कैश होल्डिंग पूरे 18 महीने के सबसे निचले स्तर पर आ गई.
बेशक, इसका यह मतलब नहीं कि फ़ंड मैनेजर सिर्फ़ कम वैल्यूएशन पर प्रतिक्रिया दे रहे थे. कैश के फ़ैसले बाज़ार के नज़रिए, स्टॉक-स्पेसिफ़िक मौक़ों या रिस्क मैनेजमेंट की प्राथमिकताओं से भी प्रभावित हो सकते हैं. लेकिन बड़ी दिशा यह ज़रूर बताती है कि बाज़ार ठंडे होने पर कई मैनेजर पैसा लगाने के लिए ज़्यादा तैयार हो गए.
यही है पैसा लगाने का सही वक़्त
फ़ंड मैनेजर वही कर रहे हैं जो हर समझदार निवेशक को करना चाहिए. जब वैल्यूएशन महंगा था तब रुके. अब जब क़ीमतें घटी हुई हैं तो पैसा लगा रहे हैं.
यही असली सबक़ है. गिरावट सिर्फ़ दर्द का दौर नहीं है. यह मौक़े का दौर भी है. अगर लक्ष्य लंबे समय के हैं तो यह रुकने या SIP रोकने का वक़्त नहीं है. यह क्वालिटी से समझौता किए बिना निवेश करने का वक़्त है.
यहीं वैल्यू रिसर्च फ़ंड एडवाइज़र काम आता है. हमारे एनालिस्ट फ़ंड पोर्टफ़ोलियो का एनालेसिस करते हैं, लंबे समय के रिकॉर्ड, जोख़िम, लागत और स्थिरता को ट्रैक करते हैं ताकि ऐसे फ़ंड को रेकमेंड कर सकें जो आपके लक्ष्यों के लिए सच में रखने लायक़ हों.
तो मौजूदा गिरावट का फ़ायदा उठाएं और अभी निवेश शुरू करें.
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