फंड वायर

Quant के फ़ंड पहले 16% गिरे, फिर 37% चढ़े-ये स्ट्रैटेजी है या रिस्क?

Quant Mutual Fund के संदीप टंडन ने माना-उनका मॉडल एक संभावना आधारित तरीक़ा है, न कि निश्चित विज्ञान

Quant Mutual Fund के संदीप टंडन ने माना-उनका मॉडल एक संभावना आधारित तरीक़ा है, न कि निश्चित विज्ञानAdobe Stock

म्यूचुअल फ़ंड में निवेश करते समय गिरावट से बचना मुश्किल है. असली चुनौती यह है कि गिरावट आने पर आप क्या करते हैं. Quant Mutual Fund की हाल की कहानी इसे समझने का एक दिलचस्प उदाहरण देती है, लेकिन साथ ही यह भी दिखाती है कि ऐसी कहानियों से सामान्य सबक़ निकालते समय कितनी सावधानी बरतनी चाहिए.

मार्च 2026 की तिमाही में Quant की इक्विटी स्कीमों में 10 से 16 प्रतिशत तक की गिरावट आई. इसके ठीक बाद जून तिमाही में इन्हीं स्कीमों ने 18 से 37 प्रतिशत तक रिटर्न दिया. Quant Flexi Cap Fund का उदाहरण ख़ास तौर पर चर्चा में है. असल में, दिसंबर 2025 में इसमें निवेश करने वाले निवेशक मार्च तक करीब 11 प्रतिशत नुकसान देख चुके थे, लेकिन जिसने धैर्य रखा उसे जून तिमाही में 24 प्रतिशत रिटर्न मिला.

Quant Mutual Fund के CIO संदीप टंडन ने हाल में एक इंटरव्यू में Value Research Online के फाउंडर-CEO धीरेंद्र कुमार को इस सवाल का जवाब दिया. उनके विचार आम निवेशकों के लिए बेहद काम के हो सकते हैं.

यह डिज़ाइन है, गड़बड़ी नहीं

टंडन के मुताबिक़, यह उतार-चढ़ाव उनकी रणनीति का सोचा-समझा हिस्सा है, इत्तिफाक नहीं. उनके VLRT फ्रेमवर्क (वैल्यूएशन, लिक्विडिटी, रिस्क एपेटाइट, टाइमिंग) के तहत जब बाज़ार का माहौल तेज़ी की तरफ होता है, तो फ़ंड ज्यादा अल्फ़ा जोड़ने की कोशिश करता है और जब माहौल कमज़ोर होता है तो फ़ंड तुलनात्मक रूप से रक्षात्मक रुख अपनाता है, भले ही इससे कुछ समय के लिए अंडरपरफ़ॉर्मेंस झेलनी पड़े. पिछले छह सालों में तीन बार ऐसा हो चुका है कि फ़ंड सबसे नीचे पहुंचकर फिर टॉप पर वापस लौटा.

हालांकि इस बात को भी नज़रअंदाज़ नहीं करना चाहिए कि टंडन खुद स्वीकार करते हैं कि उनका मॉडल एक संभावना (probability) आधारित तरीक़ा है, न कि निश्चित विज्ञान. उनके अपने कहे अनुसार, यह मॉडल करीब 72 प्रतिशत समय सही और 28 प्रतिशत समय ग़लत साबित होता है. यानी हर बार गिरावट के बाद वापसी की गारंटी नहीं होती - पिछली बार ऐसा हुआ, इसका मतलब यह नहीं कि हर बार होगा.

सिर्फ रिटर्न नहीं, रिस्क-एडजस्टेड रिटर्न भी देखें

इंटरव्यू में टंडन बार-बार इस बात पर जोर देते हैं कि निवेशकों को एब्सॉल्यूट (absolute) रिटर्न की बजाय रिस्क-एडजस्टेड (risk-adjusted) रिटर्न देखना चाहिए - यानी जितना जोखिम लिया गया, उसके मुकाबले रिटर्न कितना मिला. उदाहरण के तौर पर, वे बताते हैं कि उनकी लॉन्ग-शॉर्ट स्ट्रैटेजी वाली SIF स्कीम ने उतने ही जोखिम में उनके अपने फ़्लेक्सी-कैप फ़ंड से बेहतर रिस्क एडजस्टेड प्रदर्शन दिया, भले ही तेज़ बाजार में उसका एब्सॉल्यूट रिटर्न कम दिखे. यह नज़रिया फ़ंड चुनते समय सिर्फ "कितना गिरा, कितना चढ़ा" देखने से आगे बढ़कर सोचने की ज़रूरत बताता है.

निवेशक क्या करें?

टंडन की सलाह है कि इक्विटी में पैसा लगाने वाले निवेशक के पास कम से कम पांच-छह साल का नज़रिया होना चाहिए. उनके मुताबिक़, असली समस्या बाजार की गिरावट नहीं, बल्कि ग़लत समय पर घबराकर निवेश से बाहर निकल जाना है.

लेकिन यह सलाह हर फ़ंड और हर निवेशक पर एक जैसे लागू नहीं होती. टंडन खुद कहते हैं कि कम जोखिम क्षमता वाले निवेशकों को ऐसे आक्रामक तरीके से मैनेज होने वाले फ़ंडों से बचना चाहिए और उसकी जगह मल्टी-एसेट जैसे विकल्पों पर विचार करना चाहिए. उनके मुताबिक फ़ंड चुनने से पहले हर निवेशक को खुद से दो सवाल पूछने चाहिए - मेरी असली रिस्क लेने की क्षमता क्या है और मेरा इन्वेस्टमेंट होराइज़न या निवेश की अवधि क्या है.

निष्कर्ष

Quant की कहानी यह ज़रूर दिखाती है कि किसी फ़ंड का एक तिमाही में ख़राब प्रदर्शन उसके पूरे दृष्टिकोण को खारिज करने की वजह नहीं होना चाहिए, बशर्ते वह गिरावट किसी सोची-समझी रणनीति का हिस्सा हो और निवेशक ने पहले से उस रणनीति और उसके जोखिम को समझ रखा हो. लेकिन इसका उल्टा भी उतना ही सच है - हर गिरता हुआ फ़ंड "अगला क्वांट" नहीं बनने वाला और हर निवेशक को हर गिरावट में डटे रहने की सलाह देना खतरनाक भी हो सकता है. असली सवाल यह नहीं कि "क्या बेच दूं?", बल्कि यह है - क्या मैंने यह निवेश शुरू करते समय इतनी गिरावट झेलने की क्षमता और उतनी लंबी समय-सीमा तय की थी? इसी का जवाब तय करेगा कि टिके रहना सही है या स्ट्रैटेजी पर दोबारा विचार करना.

यह भी पढ़ेंः एग्ज़िट लोड सिर्फ़ मुनाफे़ पर लगता है या पूरे निवेश पर?

वैल्यू रिसर्च से पूछें aks value research information

कोई सवाल छोटा नहीं होता. पर्सनल फ़ाइनांस, म्यूचुअल फ़ंड्स, या फिर स्टॉक्स पर बेझिझक अपने सवाल पूछिए, और हम आसान भाषा में आपको जवाब देंगे.


टॉप पिक

पराग पारिख के ठक्कर का वादा: कैश को घटाकर सिंगल डिजिट में लाएंगे

पढ़ने का समय 4 मिनटआकार रस्तोगी

9 दमदार फ़्लेक्सी-कैप फ़ंड, 10 साल में दिया 15% से ज़्यादा का रिटर्न

पढ़ने का समय 7 मिनटख्याति सिमरन नंदराजोग

जुलाई में 4 इक्विटी फ़ंड की रेटिंग सुधरी, क्या इनमें से कोई आपके पास है?

पढ़ने का समय 5 मिनटख्याति सिमरन नंदराजोग

जब 'कैश रिच' का मतलब 'अमीर' नहीं होता: 5 कंपनियां बताती हैं क्यों

पढ़ने का समय 6 मिनटसत्यजीत सेन

PGIM और Edelweiss ने ग्लोबल फ़ंड्स में चल रही SIP पर लगाई रोक

पढ़ने का समय 6 मिनटआकार रस्तोगी

वैल्यू रिसर्च हिंदी पॉडकास्ट

updateनए एपिसोड हर शुक्रवार

मोटरसाइकिल और फ़ेरारी

ख़र्च करना बचत के उलट नहीं है, ग़लती तब होती है जब आप अपनी ज़िंदगी के मौजूदा हालात के हिसाब से ख़र्च नहीं करते

अन्य एपिसोड

These are advertorial stories which keeps Value Research free for all. Click here to mark your interest for an ad-free experience in a paid plan

दूसरी कैटेगरी