फंड वायर

आपका म्यूचुअल फ़ंड कितना अच्छा है? इन 5 सवालों से करें असल परफ़ॉर्मेंस की जांच

सिर्फ़ रिटर्न का आंकड़ा देखकर किसी फ़ंड को अच्छा या ख़राब मान लेना सही नहीं है

सिर्फ़ रिटर्न का आंकड़ा देखकर किसी फ़ंड को अच्छा या ख़राब मान लेना सही नहीं हैMukul Ojha

म्यूचुअल फ़ंड में निवेश करते समय सबसे आसान तरीक़ा लगता है कि बस रिटर्न देख लिया जाए. अगर फ़ंड ने 20% या 25% रिटर्न दिया है, तो हमें लगता है कि हमारा निवेश अच्छा चल रहा है. लेकिन सिर्फ़ रिटर्न का आंकड़ा देखकर किसी फ़ंड को अच्छा या ख़राब मान लेना सही नहीं है.

मिसाल के तौर पर, कैलेंडर वर्ष 2024 में फ़्लेक्सी कैप कैटेगरी का औसत रिटर्न क़रीब 20.5% रहा, जबकि इसी दौरान निफ़्टी 500 TRI (बेंचमार्क) ने सिर्फ़ 16.2% रिटर्न दिया. यानी जो निवेशक सिर्फ़ अपने फ़ंड का 18-19% रिटर्न देखकर खुश हो रहे थे, असल में वे कैटेगरी के औसत से भी पीछे थे. यही वजह है कि किसी फ़ंड की असली परफ़ॉर्मेंस जानने के लिए यह देखना ज़रूरी है कि उसने अपने बेंचमार्क और उसी कैटेगरी के दूसरे फ़ंड्स के मुक़ाबले कैसा प्रदर्शन किया है और यह प्रदर्शन कितने जोखिम के साथ आया है. आप अपने फ़ंड को इन पांच सवालों से परख सकते हैं.

1. क्या फ़ंड ने अपने बेंचमार्क को हराया?

सबसे पहले देखें कि आपके फ़ंड ने उस इंडेक्स के मुक़ाबले कैसा प्रदर्शन किया है, जिसे उसका बेंचमार्क बनाया गया है. मसलन, अगर किसी फ़ंड ने 15% रिटर्न दिया, लेकिन उसका बेंचमार्क 18% चढ़ गया, तो 15% रिटर्न अपने आप में बहुत अच्छा नहीं कहा जा सकता.

एक उदाहरण से समझें: एक बड़े फ़्लेक्सी कैप फ़ंड ने बीते तीन साल में क़रीब 23% सालाना रिटर्न दिया, जबकि इसी अवधि में उसका बेंचमार्क (निफ़्टी 500 TRI) क़रीब 16% पर ही रहा - यानी क़रीब 7 प्रतिशत अंक की बढ़त. वहीं, कई बड़े निफ़्टी 50 इंडेक्स फ़ंड बीते तीन साल में क़रीब 8-9% सालाना रिटर्न ही दे पाए हैं, जो उनके पैसिव स्वरूप को देखते हुए स्वाभाविक है, क्योंकि इंडेक्स फ़ंड बेंचमार्क को हराने के लिए नहीं, बल्कि उसे क़रीब-क़रीब दोहराने के लिए बनाए जाते हैं. इसलिए फ़ंड का रिटर्न हमेशा उसके बेंचमार्क के साथ रखकर देखें.

यह भी पढ़ेंः इक्विटी फ़ंड का पैसा कब लिक्विड फ़ंड में डाल देना चाहिए?

2. क्या यह अपनी कैटेगरी के दूसरे फ़ंड्स से बेहतर है?

बेंचमार्क के अलावा यह भी देखना ज़रूरी है कि फ़ंड ने अपनी कैटेगरी के दूसरे फ़ंड्स के मुक़ाबले कैसा प्रदर्शन किया. अगर आपके फ़ंड ने 18% रिटर्न दिया, लेकिन उसी कैटेगरी के ज़्यादातर फ़ंड 20-22% दे रहे हैं, तो सिर्फ़ 18% रिटर्न देखकर संतुष्ट होने की वजह नहीं है.

कैटेगरी के भीतर भी फ़ंड्स के परफ़ॉर्मेंस में ज़मीन-आसमान का फ़र्क़ देखने को मिलता है. 2024 में ही फ़्लेक्सी कैप कैटेगरी के टॉप फ़ंड ने क़रीब 45-46% रिटर्न दिया, जबकि इसी कैटेगरी के सबसे कमज़ोर फ़ंड ने सिर्फ़ साढ़े 4% रिटर्न दिया - जबकि दोनों एक ही कैटेगरी और एक जैसे बेंचमार्क के तहत आते हैं. लार्ज कैप कैटेगरी में भी 3 साल का औसत रिटर्न क़रीब 12-13% के आसपास है, लेकिन इसी दौरान कुछ फ़ंड्स ने 18-19% तक रिटर्न दिया है. यह अंतर बताता है कि "कैटेगरी" एक जैसी होने के बावजूद हर फ़ंड की स्टॉक-चुनने और पोर्टफ़ोलियो बनाने की रणनीति अलग होती है. हालांकि, केवल नंबर एक फ़ंड की तलाश करने की ज़रूरत नहीं है. लगातार बेहतर प्रदर्शन ज़्यादा महत्वपूर्ण है.

3. क्या फ़ंड का प्रदर्शन लगातार अच्छा रहा है?

किसी एक साल का शानदार रिटर्न आपको गुमराह कर सकता है. हो सकता है कि फ़ंड ने किसी ख़ास बाज़ार दौर में बहुत अच्छा प्रदर्शन किया हो, लेकिन दूसरे समय में पिछड़ गया हो.

इसलिए 1 साल के बजाय 3, 5 और 10 साल जैसे अलग-अलग समयावधियों में प्रदर्शन देखें. जो फ़ंड सिर्फ़ 1 साल के आंकड़े में टॉप पर दिखता है, वह 5 साल के आंकड़े में कैटेगरी औसत से भी नीचे खिसक सकता है - कई ऐसे उदाहरण मिलते हैं जहां किसी फ़ंड का 5 साल का रिटर्न अपनी ही कैटेगरी के औसत से कम रहा, भले ही किसी एक साल में उसका प्रदर्शन शानदार रहा हो. अगर फ़ंड अलग-अलग बाज़ार परिस्थितियों में बेंचमार्क और कैटेगरी से बेहतर रहा है, तो उसका रिकॉर्ड ज़्यादा भरोसेमंद माना जा सकता है.

यह भी पढ़ेंः एक्टिव लार्ज-कैप फ़ंड या इंडेक्स फ़ंड: किसे चुनना चाहिए?

4. यह रिटर्न कितने जोखिम के साथ आया?

दो फ़ंड समान रिटर्न दे सकते हैं, लेकिन उनमें से एक ने इसके लिए बहुत ज़्यादा जोखिम लिया हो. इसलिए सिर्फ़ रिटर्न नहीं, जोखिम को भी देखना चाहिए.

स्टैंडर्ड डेविएशन, शार्प रेशियो और इन्फ़ॉर्मेशन रेशियो जैसे आंकड़े इस बात को समझने में मदद कर सकते हैं कि फ़ंड ने कितना जोखिम लेकर कितना अतिरिक्त रिटर्न दिया. उदाहरण के लिए, फ़्लेक्सी कैप कैटेगरी में ही एक फ़ंड का स्टैंडर्ड डेविएशन क़रीब 8.7 और शार्प रेशियो क़रीब 1.18 है - यानी वह तुलनात्मक रूप से कम उतार-चढ़ाव के साथ बेहतर रिस्क-एडजस्टेड रिटर्न दे रहा है. वहीं कैटेगरी के ही कुछ दूसरे फ़ंड्स का शार्प रेशियो निगेटिव भी देखने को मिलता है, जिसका मतलब है कि उन्होंने जो जोखिम लिया, उसके बदले पर्याप्त रिटर्न नहीं दिया. दो फ़ंड भले ही एक जैसा रिटर्न दिखा रहे हों, लेकिन अगर एक का शार्प रेशियो दूसरे से काफ़ी कम है, तो पहला फ़ंड निवेशक को ज़्यादा जोखिम में डालकर वही रिटर्न दे रहा है.

5. गिरते बाज़ार में फ़ंड ने क्या किया?

अच्छे फ़ंड की पहचान सिर्फ़ तेज़ी में नहीं होती. यह भी देखें कि बाज़ार गिरने पर आपके फ़ंड ने कैसा प्रदर्शन किया.

इसे डाउन-कैप्चर रेशियो से समझा जाता है - अगर बेंचमार्क 10% गिरे और फ़ंड सिर्फ़ 8% गिरे, तो डाउन-कैप्चर रेशियो 80 माना जाएगा, यानी 100 से कम रेशियो का मतलब है कि फ़ंड ने गिरावट में बेंचमार्क से कम नुक़सान झेला. कोविड के दौरान जनवरी से मार्च 2020 के बीच निफ़्टी 500 TRI क़रीब 29% तक गिरा था, जबकि निफ़्टी स्मॉलकैप TRI क़रीब साढ़े 34% और निफ़्टी मिडकैप 150 TRI क़रीब 28% तक टूटा था. हाल में भी, जनवरी से मई 2026 के करेक्शन के दौरान निफ़्टी मिडकैप 150 क़रीब 14% गिरा था. जिन फ़ंड्स ने इन गिरावट के दौर में अपनी कैटेगरी या बेंचमार्क से कम नुक़सान झेला, उन्होंने निवेशकों की पूंजी को बेहतर तरीक़े से बचाया - और यही बात लंबी अवधि में कंपाउंडिंग को असरदार बनाती है, क्योंकि जितनी गहरी गिरावट होगी, सिर्फ़ नुक़सान की भरपाई के लिए उतनी ही ज़्यादा तेज़ी से वापसी करनी पड़ेगी. अगर किसी फ़ंड ने तेज़ी में अच्छा रिटर्न दिया, लेकिन गिरावट में कैटेगरी के मुक़ाबले बहुत ज़्यादा नुक़सान कराया, तो उसकी पूरी तस्वीर अलग हो सकती है.

आख़िर में, किसी म्यूचुअल फ़ंड को सिर्फ़ इसलिए अच्छा न मानें कि उसका रिटर्न बड़ा दिख रहा है. बेंचमार्क, कैटेगरी, लंबी अवधि की निरंतरता और जोखिम - इन पांच सवालों के जवाब मिलाकर ही तय करें कि आपका फ़ंड वाक़ई अच्छा है या सिर्फ़ अच्छा दिख रहा है.

यह वीडियो भी देखिएः क्या 15% रिटर्न देने वाला म्यूचुअल फ़ंड भी ख़राब हो सकता है?

वैल्यू रिसर्च से पूछें aks value research information

कोई सवाल छोटा नहीं होता. पर्सनल फ़ाइनांस, म्यूचुअल फ़ंड्स, या फिर स्टॉक्स पर बेझिझक अपने सवाल पूछिए, और हम आसान भाषा में आपको जवाब देंगे.


टॉप पिक

पराग पारिख के ठक्कर का वादा: कैश को घटाकर सिंगल डिजिट में लाएंगे

पढ़ने का समय 4 मिनटआकार रस्तोगी

9 दमदार फ़्लेक्सी-कैप फ़ंड, 10 साल में दिया 15% से ज़्यादा का रिटर्न

पढ़ने का समय 7 मिनटख्याति सिमरन नंदराजोग

जुलाई में 4 इक्विटी फ़ंड की रेटिंग सुधरी, क्या इनमें से कोई आपके पास है?

पढ़ने का समय 5 मिनटख्याति सिमरन नंदराजोग

एक जैसे प्रोडक्ट बनाने वाली 3 कंपनियां, पर एक कंपनी 20% ज़्यादा कमाती है

पढ़ने का समय 5 मिनटआशीष मेनन

जब 'कैश रिच' का मतलब 'अमीर' नहीं होता: 5 कंपनियां बताती हैं क्यों

पढ़ने का समय 6 मिनटसत्यजीत सेन

वैल्यू रिसर्च हिंदी पॉडकास्ट

updateनए एपिसोड हर शुक्रवार

मोटरसाइकिल और फ़ेरारी

ख़र्च करना बचत के उलट नहीं है, ग़लती तब होती है जब आप अपनी ज़िंदगी के मौजूदा हालात के हिसाब से ख़र्च नहीं करते

अन्य एपिसोड

These are advertorial stories which keeps Value Research free for all. Click here to mark your interest for an ad-free experience in a paid plan

दूसरी कैटेगरी