Ujjal Das/AI-Generated Image
HSBC ने अपने तीनों इंटरनेशनल फ़ंड 26 अगस्त से नए SIP रजिस्ट्रेशन के लिए बंद कर दिए हैं. ये फ़ंड 18 अगस्त को दोबारा खुले थे और नए निवेशकों का पैसा स्वीकार करने वाले आख़िरी फ़ंड थे.
वजह वही है, विदेशी निवेश की सीमा. SEBI हर फ़ंड हाउस को उतने ही विदेशी निवेश की इजाज़त देता है जितना उसके पास 1 फ़रवरी 2022 को था, जब पूरी इंडस्ट्री की 7 अरब डॉलर की सीमा पूरी हो गई थी. HSBC के पास अपनी गुंजाइश अब लगभग ख़त्म हो चुकी है.
60 इंटरनेशनल फ़ंड्स में से 25 ने तो पहले से चल रही SIP की क़िस्तें भी रोक दी हैं. अब किसी में भी नया रजिस्ट्रेशन नहीं हो सकता.
इस हफ़्ते क्या बदला
| फ़ंड / निवेश का क्षेत्र | बदलाव | प्रभावी तारीख़ | लमसम निवेश करें | नई SIP शुरू करें | मौजूदा SIP जारी रखें |
|---|---|---|---|---|---|
| HSBC ग्लोबल इमर्जिंग मार्केट्स - इमर्जिंग मार्केट इक्विटी | नए SIP रजिस्ट्रेशन, लमसम और स्विच-इन के लिए बंद | 26 अगस्त | नहीं | नहीं | हाँ |
| HSBC एशिया पैसिफ़िक (जापान को छोड़कर) डिविडेंड यील्ड - एशिया पैसिफ़िक की डिविडेंड देने वाली कंपनियाँ | नए SIP रजिस्ट्रेशन, लमसम और स्विच-इन के लिए बंद | 26 अगस्त | नहीं | नहीं | हाँ |
| HSBC ब्राज़ील - ब्राज़ीलियन इक्विटी | नए SIP रजिस्ट्रेशन, लमसम और स्विच-इन के लिए बंद | 26 अगस्त | नहीं | नहीं | हाँ |
दूसरे रास्ते
विदेशी शेयर ख़रीदने के दूसरे रास्ते अब भी खुले हैं.
सबसे आसान विकल्प है वे घरेलू इक्विटी फ़ंड जो अपने पोर्टफ़ोलियो का एक छोटा हिस्सा विदेश में लगाते हैं. कुछ हफ़्ते पहले हमने ऐसे घरेलू इक्विटी फ़ंड्स की लिस्ट दी थी जो अपने पोर्टफ़ोलियो का थोड़ा हिस्सा विदेशी इक्विटी में लगाते हैं और वे आज भी SIP के लिए खुले हैं. किसी फ़ंड को सिर्फ़ तभी चुनें जब वह ख़ुद आपकी प्लानिंग के मुताबिक़ हो. विदेशी एक्सपोज़र एक बोनस है, ख़रीदने की इकलौती वजह नहीं.
दूसरा रास्ता है लिबराइज्ड रेमिटैंस स्कीम (LRS), जिसके ज़रिए आप अपना पैसा सीधे किसी विदेशी ब्रोकरेज अकाउंट में भेज सकते हैं. इसकी सीमा एक वित्त वर्ष में 2,50,000 डॉलर तक है. इसमें आपको सबसे ज़्यादा विकल्प मिलते हैं. लेकिन निवेश ख़ुद चुनना पड़ता है, TCS से निपटना पड़ता है और टैक्स रिटर्न में विदेशी संपत्ति की जानकारी देनी पड़ती है.
तीसरा रास्ता है GIFT City, जो इस हफ़्ते और आसान हो गया है. ये फ़ंड SEBI के बजाय इंटरनेशनल फ़ाइनेंशियल सर्विसेज सेंटर्स अथॉरिटी (IFSCA) के दायरे में आते हैं, और इन्हें उसी LRS रास्ते से ख़रीदा जाता है, इसलिए इन पर 2022 वाली SEBI सीमा लागू नहीं होती. यह रास्ता अभी भी नया है. रिटेल निवेशकों के लिए गिने-चुने फ़ंड ही खुले हैं और आमतौर पर इनमें कम से कम 5,000 डॉलर, यानी क़रीब ₹4.8 लाख का निवेश करना पड़ता है, जो कई लोगों की पहुंच से बाहर है. इस हफ़्ते PPFAS ने अपने वहां मौजूद दो इंडेक्स फ़ंड्स की न्यूनतम रक़म घटाकर 500 डॉलर, यानी क़रीब ₹48,000 कर दी है.
लेकिन पहुंच अब भी सीमित है. इन फ़ंड्स में SIP की सुविधा नहीं है. हर निवेश एक अलग रेमिटेंस होता है, जिसके साथ अपना अलग काग़ज़ी काम भी होता है. निवेश के लिए भेजी गई रक़म पर, एक वित्त वर्ष में ₹10 लाख से ऊपर की रक़म पर 20 प्रतिशत TCS लगता है.
ETF का प्रीमियम
भारतीय एक्सचेंजों पर ट्रेड होने वाले ग्लोबल ETF, इंटरनेशनल म्यूचुअल फ़ंड का सबसे क़रीबी विकल्प हैं. लेकिन ये प्रीमियम पर ट्रेड होते हैं, यानी इनका मार्केट प्राइस NAV से ज़्यादा होती है. विदेशी ETF निवेश के लिए तय अलग 1 अरब डॉलर की इंडस्ट्री सीमा 2024 में लगभग पूरी हो गई थी, जिससे नई यूनिट बनना रुक गया. सप्लाई सीमित होने से डिमांड ने इनकी मार्केट क़ीमत को NAV से ऊपर पहुंचा दिया है.
इस हफ़्ते छह में से पांच ETF अपने NAV से क़रीब 20 प्रतिशत ऊपर ट्रेड हुए. छठा, Nippon India ETF Hang Seng BeES, 3 प्रतिशत से नीचे आ गया है. पिछले साल 6 अक्तूबर को यह फ़ंड ₹563.54 पर बंद हुआ था जबकि इसका NAV ₹448.78 था, यानी 25.6 प्रतिशत का अंतर. 10 महीने बाद, इसका NAV क़रीब 3 प्रतिशत बढ़ा है जबकि क़ीमत क़रीब 16 प्रतिशत गिर गई है. उस सुबह लगाए गए ₹1 लाख आज क़रीब ₹84,000 के बराबर हैं, जबकि सिर्फ़ NAV को ट्रैक करने वाली रक़म क़रीब ₹1,03,000 होती.
इसका NAV नहीं गिरा. प्रीमियम गिरा. यही प्रीमियम वाला जोख़िम बाक़ी सभी ETF में भी मौजूद है. कोई नहीं जानता कि प्रीमियम आगे किस तरफ़ जाएगा और इसमें होने वाला बदलाव आपके रिटर्न को बढ़ा या घटा सकता है, चाहे आपने कोई भी फ़ंड लिया हो. ऑर्डर देने से पहले यह ज़रूर देख लें कि प्रीमियम इस वक़्त कहाँ खड़ा है.
ग्लोबल ETF: प्रीमियम अभी कहां है
| ग्लोबल ETF | NAV (₹) | क़ीमत (₹) | मौजूदा प्रीमियम (%) | 52-हफ़्ते का औसत प्रीमियम (%) | 52-हफ़्ते की प्रीमियम रेंज (%) | 52-हफ़्ते का औसत डेली ट्रेडिंग (₹ करोड़) |
|---|---|---|---|---|---|---|
| Motilal Oswal NASDAQ 100 | 272.59 | 326 | 19.6 | 10.4 | -3.0 से 27.7 | 23.36 |
| Mirae Asset Hang Seng TECH | 18.96 | 22.68 | 19.6 | 19.7 | 12.4 से 36.4 | 2.43 |
| Mirae Asset NYSE FANG+ | 172.61 | 205.29 | 18.9 | 19.7 | 11.8 से 30.1 | 5.59 |
| Mirae Asset S&P 500 Top 50 | 66.49 | 79.58 | 19.7 | 19.4 | 14.5 से 23.7 | 1.54 |
| Motilal Oswal Nasdaq Q50 | 121.98 | 146.42 | 20 | 14.2 | -1.7 से 26.4 | 1.42 |
| Nippon India ETF Hang Seng BeES | 463.33 | 475.86 | 2.7 | 14.7 | 2.4 से 25.6 | 8.42 |
| डेटा 26 अगस्त, 2026 तक का है. प्रीमियम का मतलब है NAV से ऊपर की क़ीमत; माइनस साइन डिस्काउंट दिखाता है. NSE का डेटा. | ||||||
कौन-सा फ़ंड नए SIP रजिस्ट्रेशन के लिए खुला है, यह तेज़ी से बदल सकता है, और ETF का प्रीमियम तो उससे भी तेज़ी से बदलता है. लेकिन किसी फ़ंड का उपलब्ध होना ख़ुद में उसमें निवेश करने की वजह नहीं है. आपके पोर्टफ़ोलियो में कौन-सा इंटरनेशनल फ़ंड जगह पाने लायक़ है, यह जानने के लिए Value Research Fund Advisor सब्सक्राइब करें.
Fund Advisor को अभी सब्सक्राइब करें



