पिता बनना अपने आप में एक खुशनुमा अनुभव होता है। लेकिन यह अनुभव अपने साथ एक बड़ी जिम्मेदारी भी लेकर आता है। पिता के तौर पर न सिर्फ अपने बच्चे की जरूरतें पूरी करनी होती हैं बल्कि उसके भविष्य के लिए भी योजना बनानी होती है।
आज के महंगाई के दौर में बच्चों की परवरिश आसान काम नहीं है। आप बच्चों पढाई लिखाई से जुड़े खर्च भी ले लीजिए। बच्चों की स्कूल फीस, किताबें, स्कूल बैग, स्कूल बस पर माता-पिता को अच्छी खासी रकम खर्च करनी होती है। यह खर्च किसी भी माता पिता की जेब पर भारी पड़ सकता है। ऐसे में हर माता पिता के लिए यह जरूरी है कि वह अपने बच्चों की जरूरतों के लिए योजना बनाए।
वित्तीय लक्ष्यों की सूची बनाना
सबसे पहले आपको विभिन्न वित्तीय लक्ष्यों की सूची बनानी होगी। जैसे बच्चे की उच्च शिक्षा और बच्चे की शादी अपने बच्चे के भविष्य की योजना बनाने में यह पहला कदम होगा। इन लक्ष्यों की सूची बनाने के बाद आपको यह अनुमान लगाना होगा कि इन लक्ष्यों के लिए कितनी रकम की जरूरत होगी। यहीं पर ज्यादातर माता पिता हाथ खड़े कर देते हैं। उनको समझ नहीं आता कि यह काम कैसे करें। इसमें माता पिता की गलती नहीं है। वास्तव में बच्चे की भविष्य की योजना बनाने के लिए यह अनुमान लगाना होता है कि भविष्य की जरूरतों को पूरा करने के लिए अलग अलग-अलग समय पर कितनी रकम की जरूरत होगी।
कितनी रकम की होगी जरूरत
आपके बच्चे के भविष्य की तमाम जरूरतों को पूरा करने के लिए कितनी रकम की जरूरत होगी। इसके लिए आज के समय में रुपए की कीमत के लिहाज से एक रकम का अनुमान लगाया जाता है और फिर एक अनुमानित महंगाई दर के हिसाब से इसकी गणना की जाती है। यहां महंगाई का मतलब बढ़ती कीमतों से है। उदाहरण के लिए आज अगर आपको अपने बच्चे की उच्च शिक्षा के लिए 10 लाख रुपए की जरूरत है और अगर शिक्षा की लागत हर साल 8 फीसदी की दर से बढ़ती है तो तो अगले 10 साल बाद आपको 21.59 लाख रुपए की जरूरत होगी।
अब आप सोच रहे होंगे कि क्या इस रकम का पता लगाने का कोई फार्मूला है? चिंता मत करें। आप सही रकम जानने के लिए कंपाउंड इंटरेस्ट कैलकुलेटर का इस्तेमाल कर सकते हैं। यह कैलकुलेटर ऑनलाइन उपलब्ध है। आप इसके लिए फाइनेंशियल एडवाइजर की मदद भी ले सकते हैं।
फंड बनाने का तरीका
जब आप जान गए हैं कि आपको कितनी रकम की जरूरत होगी। तो सवाल उठता है कि आप इस रकम का इंतजाम कैसे करेंगे। आप जरूरी रकम का इंतजाम दो तरीके से कर सकते हैं। पहला तरीका तो यह है कि आज के रुपये की कीमत के हिसाब से जरूरी रकम एक बार में निवेश कर दें और इस रकम को उस दर से बढ़ने दें जो महंगाई दर से अधिक हो। और दूसरा तरीका यह है कि आप हर माह निवेश करें और इसे धीरे धीरे बढ़ने दें।
पहले तरीके के साथ दिक्कत यह है कि आपके पास जरूरी रकम शायद अभी न हो। ऐसे में हर माता पिता के लिए हर माह नियमित तौर पर निवेश करना सबसे बेहतर विकल्प है। जब आप एक बड़ा फंड बनाने के लिए हर माह नियमित तौर पर म्युचुअल फंड में निवेश करते हैं तो आप ऐसा सिस्टमेटिक इन्वेस्टमेंट प्लान यानी एसआईपी के जरिए करते हैं।
इक्विटी आम तौर पर महंगाई दर से अधिक रिटर्न देती है। तो आप अपने बच्चे की तमाम जरूरतें पूरी करने के लिए जरूरी रकम का इंतजाम इक्विटी म्युचुअल फंड में एसआईपी के जरिए कर सकते हैं।
ये लेख पहली बार जुलाई 30, 2019 को पब्लिश हुआ.



