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क्‍या ईएलएसएस फंड चुनते समय पिछले प्रदर्शन के अलावा दूसरी बातों पर भी गौर करना चाहिए ?

धीरेंद्र कुमार ईएलएसएस में निवेश करने से पहले पिछले प्रदर्शन का विश्‍लेषण करने का तरीका बताने के साथ एसआईपी के जरिए निवेश करने की सलाह दे रहे हैं

धीरेंद्र कुमार ईएलएसएस में निवेश करने से पहले पिछले प्रदर्शन का विश्‍लेषण करने का तरीका बताने के साथ एसआईपी के जरिए निवेश करने की सलाह दे रहे हैं

ईएलएसएस में निवेश करने का बेहतर तरीका क्‍या है एसआईपी के जरिए निवेश या एकमुश्‍त निवेश ? इसके अलावा, क्‍या ईएलएसएस फंड चुनते समय हमें सिर्फ पिछले प्रदर्शन पर गौर करना चाहिए ?
गोपीनाथ
पहले आपके दूसरे सवाल का जवाब देता हूं। आपको फंड का विश्‍लेषण करते समय निश्चित रूप से पिछले प्रदर्शन पर गौर करना चाहिए। हालांकि आप पिछले प्रदर्शन को कैसे देखते हैं यह बात बहुत ज्‍यादा अंतर पैदा करती है। आपको फंड के पिछले सालों का लंबी अवधि का प्रदर्शन गिरते और चढ़ते दोनों तरह के बाजार में देखना चाहिए। किसी फंड के एक साल के रिटर्न के आधार पर निवेश का फैसला करना सही नहीं है।

पिछले एक साल या कुछ महीनों का प्रदर्शन देखने पर हो सकता है कि आपको लगे कि फंड आगे भी ऐसा ही प्रदर्शन करता रहेगा। लेकिन वास्‍तव में ऐसा बहुत कम होता है। ऐसे में अगर आप इस तरह से फंड चुनेंगे तो आप निराश होंगे और फंड बेच कर बाजार से हमेशा के लिए निकल लेंगे।

फंड के पिछले प्रदर्शन पर गौर करने का सबसे अच्‍छा तरीका रिटर्न के उतार चढ़ाव को समझना है। उदाहरण के तौर पर दो फंडों ने पिछले पांच या सात 20 फीसदी का रिटर्न दिया है। पहले फंड ने ज्‍यादातर रिटर्न पिछले दो साल में दिया है। वहीं दूसरे फंड ने लगातार अच्‍छा रिटर्न दिया है। इसके अलावा दूसरे फंड ने गिरते बाजार में भी रिटर्न को बहुत ज्‍यादा गिरने नहीं दिया है। वहीं पहले फंड ने पहले तेज गिरावट दर्ज की इसके बाद सारा रिटर्न पिछले दो साल में दिया है।

ऐसे में आपका फंड चुनते समय इस बात पर ध्‍यान देना होगा कि रिटर्न की प्रकृति कैसी रही है। क्‍या फंड ले रिटर्न के मोर्चे पर लगातार बेहतर प्रदर्शन किया है या फंड रिटर्न के मोर्चे पर बहुत ज्‍यादा उतार चढ़ाव का शिकार रहा है। ये सब बातें यह दिखाती हैं कि फंड मैनेजर स्‍टॉक कैसे सेलेक्‍ट किया है। इससे आपको पता चलता है कि क्‍या फंड का प्रदर्शन किसी खास मौके की वजह से है या यह फंड की डिजाइन की वजह से है। अगर फंड का रिटर्न डिजाइन की वजह से है तो फंड अपना पुराना प्रदर्शन फिर से दोहरा सकता है। वहीं अगर फंड का रिटर्न किसी खास मौके की वजह से से है आपको यह मौका फिर से आने का इंतजार करना होगा। फंड के पिछले प्रदर्शन को देखने का यही तरीका है।
अब आते हैं आपके पहले सवाल पर। आप ईएलएसएस में एसआईपी के बिना भी निवेश कर सकते हैं। हालांकि मैं आपको सिर्फ एसआईपी के जरिए निवेश करने का सुझाव दूंगा। जब हम हर माह कमाते हैं तो क्‍यों न निवेश हर माह किया जाए।

एसआईपी के जरिए निवेश इसलिए बेहतर है क्‍योंकि जब आप एकमुश्‍त निवेश करते हैं तो आप डर जाते हैं। जब आप अपने ईएलएसएस फंड में बड़ी गिरावट देखते हैं तो आप कुछ कर नहीं सकते हैं क्‍योंकि इसमें तीन साल का लॉकइन पीरियड होता है। आप गिरावट को देख कर चिंतित होते हैं अपने आप को कोसेते हैं लेकिन कुछ कर नहीं सकते हैं।

ईएलएसएस में एकमुश्‍त निवेश को देखने का एक और तरीका है। अगर आप ईएलएसएस में अगले 20 या 30 साल तक लगातार हर साल मार्च में निवेश करने जा रहे हैं तो यह एक तरह से एसआईपी बन जाती है। यह आपका नियमित निवेश है जहां आप हर माह के बजाए सालाना 30 साल के लिए निवेश करते हैं।

लेकिन मेरा मानना है कि हमें हर माह सैलरी मिलती है, हम हर माह खर्च करते हैं, होम लोन ईएमाआई चुकाते हैं। ऐसे में हर माह एसआईपी क्‍यों नहीं। एसआईपी निवेश का क बेहतर तरीका है क्‍योंकि यह आपकी इनकम साइकिल को भी सूट करती है।

ये लेख पहली बार दिसंबर 16, 2019 को पब्लिश हुआ.

Disclaimer: यह कंटेंट सिर्फ़ जानकारी के लिए है और इसे निवेश सलाह या रेकमेंडेशन नहीं मानना चाहिए.

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