वैल्यू रिसर्च से पूछें

क्‍या सेंसेक्‍स अर्थव्‍यवस्‍था की पूरी तस्‍वीर बयां करता है ?

धीरेंद्र कुमार इकोनॉमिक ग्रोथ और सेंसेक्‍स के रिश्‍ते के बारे में बात कर रहे हैं

धीरेंद्र कुमार इकोनॉमिक ग्रोथ और सेंसेक्‍स के रिश्‍ते के बारे में बात कर रहे हैं

पूरी अर्थव्‍यवस्‍था और उसकी ग्रोथ को सेंसेक्‍स के आधार पर देखना कितना सही है जबबकि सेंसेक्‍स खुद देश की 30 कंपनियों पर आधारित है। मेरा मानना है कि देश की सिर्फ 30 कंपनियां पूरी इकोनॉमी की ग्रोथ की सही तस्‍वीर नहीं दिखा सकती हैं। आपकी क्‍या राय है?
अरुण

मैं आपसे सहमत हूं कि ये 30 कंपनियां पूरी इकोनॉमी या उसकी ग्रोथ की सही तस्‍वीर नहीं दिखाती हैं। ये कंपनियां कुछ हद तक बाजार का हाल बयां करती हैं और बाजार इकोनॉमी की सही तस्‍वीर नहीं दिखा सकता है क्‍योंकि हमार देश की इकोनॉमी में बड़ा हिस्‍सा असंगठित क्षेत्र का है। इसके अलावा इकोनॉमी से जुड़े दूसरे पहलू भी हैं।

अगर देश के सबसे बड़े उपक्रमों में से एक भारतीय रेलवे पर गौर करें तो यह बाजर में लिस्‍टेड नहीं है। इसके अलावा सेंसेक्‍स जिन 30 कंपनियों पर आधारित है उन कंपनियों का 35 फीसदी राजस्‍व भारत से नहीं विदेश से आता है जो ये कंपनियां टेक्‍नोजॉजी और फार्मा निर्यात से हासिल करती हैं।

ऐसे में अगर आप सारी बातों को मिला कर देखे तो पता चलता है कि सेंसेक्‍स ओर इकोनॉमी के बीच एक हद तक दूरी भी है। वैसे मोटे तौर पर यह का जा सकता है कि जब इकोनॉमी का प्रदर्शन अच्‍छा होता है तो हम बाजार के अच्‍छे प्रदर्शन की उम्‍मीद करते हैं और इसी तरह से जब बाजार अच्‍छा प्रदर्शन करता है तो हम इकोनॉमी के अच्‍छे प्रदर्शन की उम्‍मीद करते हैं। हालांकि सेंसेक्‍स का बाकी 65 फीसदी हिस्‍सा कुछ हद तक इकोनॉमी की तस्‍वीर जरूरत दिखाता है। तो आप सेंसेक्‍स को इकोनामी की हालत जानने के लिए मोटा पैमाना जरूर मान सकते हैं लेकिन इससे आपको सटीक नतीजे की उम्‍मीद नहीं करनी

ये लेख पहली बार मार्च 17, 2020 को पब्लिश हुआ.

वैल्यू रिसर्च से पूछें aks value research information

कोई सवाल छोटा नहीं होता. पर्सनल फ़ाइनांस, म्यूचुअल फ़ंड्स, या फिर स्टॉक्स पर बेझिझक अपने सवाल पूछिए, और हम आसान भाषा में आपको जवाब देंगे.


टॉप पिक

54 इंटरनेशनल फ़ंड बंद हुए, लेकिन 12 अब भी आपकी SIP ले रहे हैं

पढ़ने का समय 4 मिनटआकार रस्तोगी

जून में इन दो फ़ंड्स की रेटिंग में हुआ सुधार

पढ़ने का समय 4 मिनटख्याति सिमरन नंदराजोग

कहां निवेश करें, इस उलझन को छोड़िए

पढ़ने का समय 4 मिनटधीरेंद्र कुमार

डायरेक्ट प्लान की लागत कम होती है, लेकिन उसमें स्विच करना मुफ़्त नहीं है

पढ़ने का समय 5 मिनटउज्ज्वल दास

आपका PF अब UPI पर: क्या बदलेगा और सबसे पहले क्या करें

पढ़ने का समय 6 मिनटआकार रस्तोगी

स्टॉक पॉडकास्ट

updateनए एपिसोड हर शुक्रवार

AI क्रांति जो वाक़ई काम की है

AI क्रांति जो वाक़ई काम की है

AI पर लगाए जा रहे खरबों रुपयों को भूल जाइए. असली क्रांति वह है जिसे आप अभी, मुफ़्त में, ख़ुद शुरू कर सकते हैं.

These are advertorial stories which keeps Value Research free for all. Click here to mark your interest for an ad-free experience in a paid plan

दूसरी कैटेगरी