IPO अनालेसिस

हर्ष इंजीनियर्स: कितनी अच्‍छी है कंपनी

क्‍या आपको बेयरिंग कैग बनाने वाली भारत की सबसे बड़ी कंपनी में निवेश करना चाहिए ये जानने के लिए ये स्‍टोरी पढें

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Harsha Engineers IPO story के पिछले हिस्से में हमने IPO के अहम डिटेल्स की जानकारी दी थी। इस स्टोरी में हम हर्ष इंजीनियर्स के बारे में कुछ सवालों के जवाब देंगे और मैनेजमेंट, फाइनेंशियल्स वैल्यूएशंस आदि मानकों पर कंपनी का आकलन करेंगे।

IPO के बारे में कुछ सवाल

कंपनी/बिजनेस

क्या कंपनी का अर्निंग बिफोर टैक्स पिछले 12 माह में 50 करोड़ से अधिक रहा है?

हां। वित्त वर्ष 2022 के लिए हर्ष इंजीनियर्स का प्रॉफिट बिफोर टैक्स 126.6 करोड़ रुपए था।

क्या हर्ष इंजीनियर्स अपना कारोबार बढ़ा पाएगी ?

हां। कंपनी अपने प्रत्येक प्लॉन्ट की सिर्फ लगभग 60 प्रतिशत क्षमता का उपयोग कर रही है और कंपनी मशीनरी की खरीद के लिए इस इशू के जरिए रकम जुटा रही है। इस तरह से कंपनी अपने कारोबार को आसानी से बढ़ा सकेगी।

क्या हर्ष इंजीनियर्स एक जाना पहचाना ब्रांड है और इसके कस्टमर ब्रांड की वैल्यू को समझते हैं?
यहां पर ब्रांड की साख वाली बात लागू नहीं होती है। कंपनी एक जैसे उत्पाद की B2B सप्लाई का काम करती है, ऐसे में यहां ब्रांड का विचार लागू नहीं होता है। लेकिन कस्टमर कंपनी के उत्पाद को बार-बार यूज कर रहे हैं, इससे संकेत मिलता है कि अपने क्लाइंट्स के बीच कंपनी की इमेज अच्छी है।
क्या हर्ष इंजीनियर्स का रिपीट कस्टमर यूसेज काफी अधिक है ?

हां। कंपनी का अपने कस्टमर के साथ रिश्ता मजबूत है और रिपीट कस्टमर यूसेज काफी अधिक है। कंपनी के टॉप 5 कस्टमर की कंपनी के साथ रिश्तों की औसत उम्र एक दशक से अधिक है।

क्या कंपनी के पास भरोसेमंद सुरक्षा घेरा है?
नहीं। कंपनी अपने सेगमेंट में लीडर है लेकिन कंपनी के पास कोई सुरक्षा घेरा नहीं है। इसकी वजह ये है कि सेगमेंट में बड़ी प्रतिस्पर्धी कंपनियां और बेयरिंग कंपनियां है,जिनके पास इन हाउस मैन्यूफैक्चरिंग भी है।

क्या कंपनी अहम नियामकीय और भूराजनीतिक रिस्क का सामना करने के लिहाज से मजबूत है ?
नहीं। हर्ष इंजीनियर्स के पास दो मैन्यूफैक्चरिंग प्लांट और दुनिया भर में तमाम वेयरहाउस हैं। दो मैन्यूफैक्चरिंग प्लांट कुल राजस्व में 27 प्रतिशत का योगदान कर रहे हैं। मौजूदा समय में रोमानिया में कंपनी का प्लांट बिजली संकट की समस्या का सामना कर सकता है।
क्या दूसरे प्लेयर कंपनी के बिजनेस को आसानी से दोहरा सकते हैं ?
हां। बेयरिंग केग बनाने के लिए सटीकता और तकनीकी विशेषज्ञता की ज़रूरत होती है। जब बेयरिंग मैन्यूफैक्चरर्स ऐसी कंपनी की पहचान लेते हैं, तो वे जल्दी कंपनी नहीं बदलते हैं। ऐसे में नए प्लेयर्स के लिए मार्केट शेयर हासिल करना बहुत मुश्किल है।

क्या कंपनी के प्रॉडक्ट इसी तरह का प्रॉडक्ट आने या प्रॉडक्ट के आउटडेटेड होने की संभावना के बीच टिके रह पाएंगे ?
हां। कंपनी के प्रॉडक्ट जैसा ही दूसरा प्रॉडक्ट आसानी से नहीं लाया जा सकता है और बेयरिंग केग बेयरिंग का अहम पार्ट है, ऐसे में इसके आउटडेटेड होने का खतरा नहीं है।
क्या हर्ष इंजीनियर्स के कस्टमर बड़े पैमाने पर मोल-भाव की ताकत से वंचित हैं ?
नहीं। टॉप 5 कस्टमर न सिर्फ कंपनी के 71 प्रतिशत राजस्व का योगदान कर हैं बल्कि इनके पास जरूरत पड़ने पर डिजाइन बदलने और पहले से तय कीमत पर खरीदने की पावर भी है।

क्या हर्ष इंजीनियर्स के सप्लायर्स मोल-भाव की पावर से वंचित हैं?
नहीं। कंपनी के टॉप 4 रा मैटेरियल सप्लायर्स कुल रा मैटेरियल की खपत का 44 प्रतिशत सप्लाई कर रहे हैं और कंपनी का इनके साथ कोई लंबी अवधि का करार भी नहीं है।

क्या कंपनी थोड़ा कम कंपटीशन का सामना कर रही है?
नहीं। कंपनी ग्लोबल लेवल पर कंपटीशन का सामना कर रही है, खास कर NKC नाम की कंपनी से। NKC दुनिया की सबसे बड़ी इंडिपिडेंट बेयरिंग केग मैन्यूफैक्चरर है।
मैनेजमेंट
क्या कंपनी के संस्थापक अब भी कंपनी में कम से कम 5 प्रतिशत हिस्सेदारी रखते हैं। या क्या कंपनी के प्रमोटर्स कंपनी में 25 प्रतिशत से अधिक हिस्सेदारी रखते हैं ?

हां। कंपनी के प्रमोटर्स IPO के बाद भी 74.6 प्रतिशत हिस्सेदारी बनाए रखेंगे।

क्या कंपनी के टॉप 3 मैनेजर्स की कंपनी में कम्बाइंड लीडरशिप 15 साल से अधिक है?
हां। कंपनी के चेयरमैन और पूर्णकालिक डायरेक्टर राजेंद्र शाह और मैनेजिंग डायरेक्टर रानवाला के साथ 1986 में कंपनी की शुरुआत से ही कंपनी के साथ हैं।
क्या मैनेजमेंट भरोसा करने लायक है? क्या ये सेबी की गाइडलाइंस के अनुरूप अपने डिक्लोजर में पारदर्शी है?
हां। हमारे पास ऐसा न मानने की कोई वजह नहीं है ?
क्या कंपनी अदालत में या रेग्युलेटर के साथ मुकदमें से मुक्त है, जो कि मैनेजमेंट के इरादों पर संदेह पैदा कर सकता है?
हां। कंपनी किसी भी तरह की मुकदमेबाजी से मुक्त है।
क्या कंपनी की अकाउंटिंग पॉलिसी स्थिर है?
हां। हमारे पास ऐसा न मानने की कोई वजह नहीं है। लेकिन हम ये बताना चाहते हैं कि कंपनी हाल में कॉरपोरेट रीऑर्गनाइज से गुजरी है,जहां आस्था टूल्स प्राइवेट लिमिटेड और हर्ष इंजीनियर्स प्राइवेट लिमिटेड का हर्ष इंजीनियर्स लिमिटेड में विलय हो गया है। इसके बाद हर्ष इंजीनियर्स और हेलियांथुस सोलर पावर लिमिटेड ने मौजूदा इंटिटी हर्ष इंजीनियर्स इंटरनेशनल लिमिटेड में विलय कर लिया है।

क्या कंपनी प्रमोटर्स द्वारा शेयरों की प्लेजिंग से मुक्त है?
हां। कंपनी के शेयर प्लेजिंग से मुक्त हैं।
फाइनैंशियल्स
क्या कंपनी इक्विटी पर मौजूदा और तीन साल का औसत रिटर्न 15 प्रतिशत से अधिक दे रही है और रिटर्न ऑन कैपिटल एम्पलॉयड 18 प्रतिशत से अधिक है।

नहीं। हर्ष इंजीनियरिंग इक्विटी पर तीन साल का औसत रिटर्न और रिटर्न ऑन कैपिटल एम्पलॉयड क्रमश: 12.1 प्रतिशत और 20.1 प्रतिशत है। और कंपनी का मौजूदा रिटर्न और रिटर्न ऑन कैपिटल एम्पलॉयड क्रमश: 19.1 और 24.9 पतिशत है।
क्या पिछले तीन साल में कंपनी का ऑपरेटिंग कैश फ्लो पॉजिटिव रहा है?
हां। कंपनी ने पिछले तीन वित्त वर्ष में लगातार पॉजिटिव ऑपरेटिंग कैश फ्लो दर्ज किया है।
क्या हर्ष इंजीनियर्स ने पिछले तीन साल में अपना राजस्व 10 प्रतिशत सीएजीआर बढ़ाया है?
हां। कंपनी ने अपना राजस्व 22.1 प्रशितत सीएजीआर बढ़ाया है। वित्त वर्ष 2020 में कंपनी का राजस्व 886 करोड़ रुपए था जो वित्त वर्ष 2022 में बढ़ कर 1,332 करोड़ रुपए हो गया।
क्या कंपनी का डेट-टू-इक्विटी रेशियो एक से कम है या कंपनी का इंटरेस्ट कवरेज रेशियो दो से अधिक है?
हां। कंपनी का नेट डेट टू इक्विटी वित्त वर्ष 2022 में 0.64 है और कंपनी का इंटरेस्ट कवरेज रेशियो 6 गुना है।
क्या कंपनी रोज-मर्रा के काम के लिए बड़े पैमाने पर वर्किंग कैपिटल पर निर्भरता से मुक्त है?
नहीं। बिजनेस में रोज-मर्रा की गतिवधियों के लिए बड़े पैमाने पर वर्किंग कैपिटल की ज़रूरत है। कंपनी अपनी ज़रूरतों को पूरा करने के लिए वर्किंग कैपिटल लोन पर निर्भर है। हालांकि IPO से मिलने वाली रक़म का एक हिस्सा कर्ज की रीपेमेंट में लगाया जाएगा।
क्या कंपनी अगले तीन साल में बाहरी फंडिंग के बिना अपना बिजनेस चला सकती है?
हां। हर्ष इंजीनियर्स अगले तीन साल में बाहरी फ़ंडिंग के साथ अपना ऑपरेशन चला सकती है। IPO से मिलने वाली रक़म के एक हिस्से का इस्तेमाल कैपिटल एक्सेंडिचर और मौजूदा प्रॉडक्शन फैसिलिटीज के रिपेयर/रेनोवेशन के लिए किया जाएगा।
क्या कंपनी की शॉर्ट टर्म बॉरोइंग स्थिर है या गिर रही है (15 प्रतिशत से अधिक नहीं बढ़ी है) ?
हां। कंपनी की शॉर्ट टर्म बॉरोइंग सालाना सिर्फ 3.5 प्रतिशत बढ़ी है। वित्त वर्ष 2020 में ये 134 करोड़ रु थी जो वित्त वर्ष में बढ़ कर 143 करोड़ रु हो गई।
क्या कंपनी आकस्मिक लायबिलिटी से मुक्त है?

हां। कंपनी पर कोई बड़ी आकस्मिक लायबिलिटी नहीं है।

स्टॉक/वैल्युएशन
क्या स्टॉक अपनी एंटरप्राइज वैल्यू पर 8 प्रतिशत से अधिक का ऑपरेटिंग-अर्निंग यील्ड ऑफर कर रहा है?
नहीं। स्टॉक
4.5 प्रतिशत का ऑपरेटिंग अर्निंग्स यील्ड ऑफर कर रहा है।
क्या स्टॉक की प्राइस टू अर्निंग अपने जैसे दूसरे स्टॉक के मेडियन लेवल से कम है?
हां।
IPO के बाद कंपनी का स्टॉक लगभग 32.7 के P/E पर ट्रेड करेगा, जो कि उसके जैसे दूसरे स्टॉक के 47.4 P/E से कम है।

क्या स्टॉक की प्राइस टू बुक वैल्यू उसके जैसे दूसरे स्टॉक्स के औसत लेवल की तुलना में कम है?
हां। IPO के बाद कंपनी का स्टॉक लगभग 3.6 प्राइस टू बुक वैल्यू पर ट्रेड करेगा, जो कि उसके जैसे दूसरे स्टॉक के औसत 10.5. प्राइस टू बुक वैल्यू से कम है।

हर्ष इंजीनियर्स: कितनी अच्‍छी है कंपनी

हर्ष इंजीनियर्स: कितनी अच्‍छी है कंपनी

अहम IPO डिटेल और कंपनी के बारे में जरूरी जानकारी के लिए हमारी पहले की स्टोरी ???? ?????????? IPO भी पढें।

डिस्क्लेमर: लेखक IPO में आवेदक हो सकता है।

Disclaimer: यह कंटेंट सिर्फ़ जानकारी के लिए है और इसे निवेश सलाह या रेकमेंडेशन नहीं मानना चाहिए.

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