
आप कहां इन्वेस्ट करें, कितना इन्वेस्ट करें, कब इन्वेस्ट करें, और कैसे इन्वेस्ट करें... इन सवालों के जवाब के लिए हमने एक गाइड तैयार की है. यहां दीपक बरोत का सवाल है कि उन्हें ₹10 लाख इन्वेस्ट करने हैं और इस पैसे को 10 साल के लिए कैसे इन्वेस्ट करें. तो, हमारे कुछ सवाल हैं जिनके जवाब अगर वो देंगे, तो उन्हें अपने सवाल का जवाब ख़ुद ही पता चल जाएगा.
मैं इन्वेस्ट क्यों कर रहा हूं?
सबसे पहले आप ये तय करें कि आप इन्वेस्ट क्यों करना चाहते हैं या आपके इन्वेस्टमेंट का गोल क्या है? क्या आप एक तय समय के बाद एक तय रक़म पाना चाहते हैं या मार्केट के हिसाब से अपनी उम्मीदों को ढालने के लिए तैयार हैं. अगर आप अपना गोल आगे बढ़ा सकते हैं, इसे ज़्यादा रिस्क उठाना कहा जाएगा. हालांकि आपको इसे समझना होगा कि ज़्यादा रिस्क के क्या नतीजे हो सकते हैं. अगर आपके इन्वेस्टमेंट का गोल ऐसा है जिसे टाला नहीं जा सकता, तो यहां सिस्टमैटिक ट्रांसफर प्लान (STP) अहम हो जाता है. इसके ज़रिए आप अपने गोल तक पहुंचने के तीन साल पहले, अपने पैसे को निवेश के कम उतार-चढ़ाव भरे विकल्प यानी डेट (debt investment) में डाल सकते हैं.
आपका पोर्टफ़ोलियो एलोकेशन क्या हो?
आपके निवेश पोर्टफ़ोलियो का साइज़ भी तय करेगा कि आप कितना रिस्क उठा सकते हैं. अगर ₹10 लाख आपके पोर्टफ़ोलियो का बड़ा हिस्सा है, तो आप एक उसका एक हिस्सा डेट में रखना चाहेंगे. वहीं, अगर ये रक़म आपके पोर्टफ़ोलियो का छोटा हिस्सा है, तो आप इक्विटी में निवेश करके ज़्यादा रिस्क भी ले सकते हैं.
आप कितना रिस्क उठा सकते हैं?
ये भी एक अहम फ़ैक्टर है जिस पर ग़ौर किया जाना चाहिए. अगर इन्वेस्टिंग को लेकर आप आक्रामक रुख़ रखते हैं और कम समय में नुक़सान उठाने के लिए तैयार हैं, तो आप इक्विटी निवेश में अपने पैसे का बड़ा हिस्सा रख सकते हैं. हालांकि, अगर मार्केट में लगातार आने वाला उतार-चढ़ाव आपकी नींद उड़ा सकता है, तो आपको अपने निवेश का बड़ा हिस्सा डेट में रखना चाहिए.
सिस्टमैटिक इन्वेस्टमेंट कैसे करें?
अब बारी है निवेश करने की. तो, आपको ₹10 लाख एक बार में निवेश करने के बजाए 6-36 महीने के बीच फैला कर निवेश करने के बारे में सोचना चाहिए. इस तरीक़े को सिस्टमैटिक इन्वेस्टमेंट कहा जाता है. ये तरीक़ा आपके पैसे को लंबे समय में फैला कर रिस्क कम कर देगा और निवेश की लागत को औसत करने में भी मदद करेगा.
तो, इस तरह से आप ₹10 लाख निवेश कर सकते हैं. आप वैल्यू रिसर्च के पोर्टफ़ोलियो प्लानर पर जाकर अपने इन्वेस्टमेंट गोल के लिए सही फ़ंड भी चुन सकते हैं. बस आपको निवेश की जा रही रक़म और निवेश करने का समय डालना होगा और आपको हमारे एक्सपर्ट के रेकमेंड किए फ़ंड की लिस्ट मिल जाएगी. ये लिस्ट आपकी ख़ास ज़रूरतों को ध्यान में रखते हुए तैयार की जाती है.
आपको वैल्यू रिसर्च की क्या सलाह है?
आपके इन्वेस्टमेंट का समय 10 साल का है, और कम समय में आने वाले मार्केट के उतार-चढ़ाव का सामना करने के लिए तैयार हैं, तो आप फ़्लेक्सी कैप फ़ंड (flexi-cap fund) चुन सकते हैं. वहीं, जो लोग कम रिस्क लेना चाहते हैं, लेकिन प्योर इक्विटी फ़ंड में होने वाले तेज़ उतार-चढ़ाव को कम करना चाहते हैं, उनके लिए अग्रेसिव हाइब्रिड फ़ंड (aggressive hybrid fund) बेहतर हो सकते हैं. ये फ़ंड, इन्वेस्टमेंट का बड़ा हिस्सा इक्विटी में रखते हैं, और इसका कुछ हिस्सा डेट में निवेश करते हैं. इस तरह से मार्केट में गिरावट आने पर ये फ़ंड तेज़ गिरावट से खुद को बचा पाते हैं.
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ये लेख पहली बार फ़रवरी 23, 2023 को पब्लिश हुआ, और जून 17, 2026 को अपडेट किया गया.


