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सारांशः सेंसेक्स ने कोविड के बाद अपनी पहली सबसे ख़राब छमाही देखी. इसी दौरान, सबसे बड़ी 9 इक्विटी फ़ंड कैटेगरी में से 8 ने निवेशकों को कमाई कराई. इंडेक्स और निवेशक, दोनों बिल्कुल अलग-अलग ज़िंदगी जी रहे हैं.
BSE सेंसेक्स 2026 के पहले छह महीनों में 9.7% गिरा, जो 2020 के बाद उसकी पहली सबसे ख़राब छमाही है. 2020 में कोविड ने इसी दौरान 15% गिरावट आई थी. यह आंकड़ा कुछ निवेशकों चिंता में डाल सकता है. पर घबराने की ज़रूरत नहीं.
इस पर कोई क़दम उठाने से पहले, यह देखिए कि आपके अपने पैसे ने असल में क्या कमाया. इंडेक्स और निवेशक, दोनों बहुत अलग ज़िंदगी जी रहे हैं.
धीमी फिसलन, कोई अचानक झटका नहीं
गिरावट ख़ुद कोई नई बात नहीं है. न कोई एक बुरी सुबह थी, न कोई एक घटना जिसने बाज़ार को तोड़ दिया. सेंसेक्स 26 सितंबर 2024 को अपने सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंचा था और उसके बाद से एक दायरे में ही घूमता रहा, कहीं आगे नहीं बढ़ा. उस पीक से, अब तक इसमें सालाना 5.3% की गिरावट देखने को मिली है. 2026 की पहली छमाही तो उस फिसलन का बस एक हिस्सा है, जो अब 21 महीने पुरानी हो चुकी है.
पीछे के आंकड़े भी यही बात कहते हैं. जितना लंबा समय, उतना छोटा नुकसान.
जितनी देर आपने रखा, उतना कम गंवाया
छह महीने में 9.7% का नुकसान, दो साल में सिकुड़कर सिर्फ़ 1% रह जाता है.
| सेंसेक्स | रिटर्न |
|---|---|
| 6 महीने | -9.70% |
| 1 साल | -7.50% |
| 2 साल | -1.00% |
| सेंसेक्स TRI का पूरा रिटर्न, 30 जून 2026 तक का है. | |
आपके पैसे ने असल में क्या कमाया
असली टेस्ट यह नहीं है कि इंडेक्स ने क्या किया. असली टेस्ट इस बात का है कि आपके पैसे तक क्या पहुंचा.
इंडेक्स का रिटर्न यह मानकर चलता है कि पहले ही दिन एकमुश्त पैसा लगाया गया और उसे छुआ ही नहीं गया. पर असल में, पैसा तो हर महीने SIP के ज़रिए जाता है, कभी एकमुश्त जाता है और कभी-कभी बाहर भी निकलता है. पैसे की उसी असल धारा पर मिला रिटर्न, यानी XIRR या हर रुपये पर मिली सालाना कमाई, वही असल में मायने रखती है.
हमने इसे सबसे बड़ी नौ इक्विटी फ़ंड कैटेगरी पर मापा, जिनमें मिलाकर ₹34.3 लाख करोड़ से ज़्यादा जमा है. हर फ़ंड की महीने-दर-महीने की एसेट और NAV से पता चलता है कि हर महीने कितना पैसा अंदर आया और कितना बाहर गया. इस दौरान मिला XIRR, औसत लगे हुए रुपये के रिटर्न के सबसे क़रीब का आंकड़ा है.
इंडेक्स डूबा, पर निवेशकों ने कमाया
पिछले एक साल में सेंसेक्स 7.5% गिरा. पर नौ में से आठ शुद्ध इक्विटी कैटेगरी के निवेशकों ने कमाई की. यहां तक कि लार्ज-कैप फ़ंड के निवेशक, जिनकी कैटेगरी इंडेक्स के सबसे क़रीब है, वो भी क़रीब-क़रीब बराबरी पर रहे. दो साल में, सेंसेक्स कहीं नहीं पहुंचा. पर हर एक कैटेगरी ने पॉज़िटिव रिटर्न दिया.
| फ़ंड कैटेगरी | 1 साल का निवेशक रिटर्न (सालाना %) | 2 साल का निवेशक रिटर्न (सालाना %) |
|---|---|---|
| मिड-कैप | 10.4 | 7 |
| स्मॉल-कैप | 9.7 | 6.5 |
| मल्टी-कैप | 6.4 | 5.1 |
| लार्ज एंड मिड-कैप | 5 | 4.7 |
| सेक्टोरल और थीमैटिक | 5 | 4.4 |
| फ़्लेक्सी-कैप | 2.2 | 4.3 |
| वैल्यू ओरिएंटेड | 2.3 | 3.5 |
| ELSS | 0.7 | 2.9 |
| लार्ज-कैप | -0.6 | 2.6 |
| सेंसेक्स | -7.5 | -0.5 |
| निवेशक रिटर्न कैटेगरी के सभी फ़ंड (एक्टिव डायरेक्ट प्लान) का 31 मई 2026 तक का कुल XIRR है. | ||
सबसे ख़राब छह महीनों ने भी आपको बचा लिया
फिर भी एक ताज़ा ज़ख़्म बाक़ी रह जाता है. जिस छमाही के दौरान इंडेक्स की इतनी पिटाई हुई, उसने ज़रूर निवेशकों को भी नुक़सान पहुंचाया होगा?
ऐसा नहीं हुआ. हर फ़ंड के छह महीने के रिटर्न को उसके आकार के हिसाब से तौलें, तो सबसे बड़ी नौ इक्विटी कैटेगरी में से एक ने भी सेंसेक्स के 9.7% जितना नहीं गंवाया. स्मॉल-कैप फ़ंड में लगे औसत रुपये ने 7.9% कमाया. मिड-कैप फ़ंड में, 3.4%. सबसे ख़राब कैटेगरी, लार्ज-कैप, 5.2% गिरी, जो इंडेक्स की गिरावट की क़रीब आधी है.
यह कोई ऐसा औसत नहीं जो पिछड़ने वालों को छिपा रहा हो. सबसे बड़े 10 लार्ज-कैप फ़ंड के पास कैटेगरी का क़रीब 90% पैसा है, और इनमें से एक भी इंडेक्स जितना नहीं गिरा. इन 10 में से सबसे ख़राब ने भी 8.2% गंवाया, जबकि सेंसेक्स 9.7% गिरा.
एक भी फ़ंड इंडेक्स जितना नहीं गिरा
सबसे ख़राब फ़ंड ने 8.2% गंवाया. सेंसेक्स ने 9.7%.
| फ़ंड का नाम | AUM (₹ करोड़) | 6 महीने का रिटर्न (%) |
|---|---|---|
| ICICI Prudential Large Cap Fund | 76,297 | -6.6 |
| SBI Large Cap Fund | 53,527 | -2.5 |
| Nippon India Large Cap Fund | 51,660 | -4.6 |
| HDFC Large Cap Fund | 37,808 | -5.4 |
| Mirae Asset Large Cap Fund | 37,692 | -5.7 |
| Axis Large Cap Fund | 30,005 | -4.4 |
| Aditya Birla Sun Life Large Cap Fund | 28,640 | -7.1 |
| Canara Robeco Large Cap Fund | 16,323 | -5.9 |
| UTI Large Cap Fund | 11,852 | -8.2 |
| Kotak Large Cap Fund | 10,516 | -5.5 |
| AUM के हिसाब से 31 मई 2026 तक के सबसे बड़े 10 लार्ज-कैप फ़ंड (डायरेक्ट प्लान). गिरावट 31 दिसंबर 2025 से 30 जून 2026 तक का एब्सॉल्यूट रिटर्न है. | ||
अब क्या करें
कुछ भी नाटकीय नहीं करें.
हेडलाइन कहती है कि बाज़ार ने कोविड के बाद अपनी सबसे ख़राब छमाही देखी. इसके बावजूद, इस दौरान आपने पॉज़िटिव रिटर्न कमाया. जब ये दोनों बातें अलग-अलग दिशा में इशारा करें तो अपने पैसे पर भरोसा कीजिए.
अभी करने लायक़ एक ही असली ग़लती है: वो SIP रोक देना, जिसने आपको बचाया. उसे चलने दीजिए.
अब सबसे बड़ी ग़लती यही होगी कि आप उस SIP को बंद कर दें, जिसने अब तक आपका साथ निभाया है. निवेश जारी रखें.
यह जानना कि आपके अपने फ़ंड कैटेगरी जितने अच्छे टिके या नहीं, और जो नहीं टिके क्या उन पर दोबारा नज़र डालनी चाहिए, यहीं वैल्यू रिसर्च फ़ंड एडवाइज़र काम आता है. यह आपको ठीक-ठीक बताता है कि क्या रखना है, क्या छोड़ना है और आगे क्या ख़रीदना है.



