फंड वायर

Small-Cap Funds: कैश बहुत है, पर कहां करें निवेश?

टाटा स्मॉल कैप फ़ंड ने एक सख़्त फ़ैसला किया है, क्या उनका फ़ैसला हालात में बदलाव का संकेत है?

टाटा स्मॉल कैप फ़ंड ने एक सख़्त फ़ैसला किया है, क्या उनका फ़ैसला हालात में बदलाव का संकेत है?

back back back
3:28

Small cap funds: स्मॉल-कैप फ़ंड्स के बारे में ये मानना काफ़ी मुश्किल है कि वो अभाव की समस्या से जूझ रहे हैं. ये बात हैरत में डालने वाली है कि म्यूचुअल फ़ंड (mutual funds) की इस कैटेगरी को पिछले 12 महीने में सबसे ज़्यादा निवेश (₹24,000 करोड़) मिला है, म्यूचुअल फ़ंड की इस कैटेगरी ने पिछले 10 साल में सबसे ज़्यादा रिटर्न दिया है. इस कैटेगरी को पिछले हफ़्ते भारतीय बाज़ारों के ऑल-टाइम-हाई पर पहुंचने का ख़ासा फ़ायदा मिला. तो आइए, स्मॉल-कैप फ़ंड्स की इस समस्या को समझते हैं.

विजेता की मुसीबत
नाम से ही पता चलता है, स्मॉल-कैप फ़ंड मुख्य रूप से स्मॉल-कैप स्टॉक्स (small cap stocks) में निवेश करते हैं. लेकिन एक अच्छा स्मॉल कैप स्टॉक खोजना भूसे के ढेर में सुई खोजने जैसा है.

भले ही म्यूचुअल फ़ंड को अच्छे स्मॉल-कैप स्टॉक मिल जाएं, लेकिन उनमें एक सीमा तक ही निवेश किया जा सकता है. दरअसल, म्यूचुअल फ़ंड किसी शेयर में जितना पैसा निवेश करते हैं, उस शेयर के दाम और उसका वैलुएशन उतना ही बढ़ जाता है. यही वजह है जिसके कारण म्यूचुअल फ़ंड किसी दूसरे 'अच्छे' शेयर में ख़रीदारी को मजबूर हो जाते हैं.

ये भी पढ़िए- म्यूचुअल फ़ंड या शेयर निवेश: आपके लिए क्या बेहतर?

निवेशक म्यूचुअल फ़ंड्स (mutual funds) में बड़े पैमाने पर पैसा लगा रहे हैं और इससे म्यूचुअल फ़ंड्स पर 'अच्छे' स्टॉक खोजने का दबाव बढ़ रहा है. दिलचस्प है कि ऐसे स्टॉक खोजना मुश्किल होता जा रहा है जिनमें अच्छा रिटर्न देने का माद्दा हो.

दुकान बंद, मुंह पर ताला
इसी को ध्यान में रखते हुए टाटा म्यूचुअल फ़ंड (Tata Mutual Fund) सख़्त फैसला लेने वाला पहला फ़ंड हाउस हो गया है. उसने पहली जुलाई से टाटा स्मॉल कैप फ़ंड (Tata Small Cap Fund) के लिए एकमुश्त निवेश को अस्थायी रूप से रोक दिया है. ये रोक सभी नए इन्वेस्टर्स और नई एप्लीकेशन पर है. (हालांकि, मौजूदा SIP और STP फ़िलहाल जारी रहेगी).

एक बेहद लोकप्रिय स्मॉल-कैप फ़ंड के एक चर्चित फ़ंड मैनेजर ने स्मॉल-कैप कैटेगरी के इन्वेस्टमेंट फ़्लो को लेकर आगाह किया है. नाम नहीं छापने की शर्त पर इस फंड मैनेजर ने कहा, "बीते साल स्मॉल-कैप फ़ंड्स के इनफ़्लो देखें, तो ये काफ़ी ज़्यादा रहा. अब हमारी नज़र में कई स्टॉक्स का वैलुएशन काफ़ी ज़्यादा हो गया है. ऐसी हालत में, हम आगे बढ़कर पैसे नहीं लगा सकते. स्मॉल-कैप सेगमेंट में, स्टॉक्स की ऊंची वैलुएशन के चलते हम समझ नहीं पा रहे हैं कि निवेश कहां किया जाए."

ये भी पढ़िए- Regular income के लिए इस तरह फ़ंड चुनें

आपको क्या करना चाहिए
अगर आप SIP के ज़रिये स्मॉल-कैप के लॉन्ग-टर्म इन्वेस्टर हैं, तो हम आपको अपने निवेश को बनाए रखने की सलाह देते हैं.

अगर आपकी स्मॉल-कैप फ़ंड में एकमुश्त निवेश की योजना है, तो हम आपको सावधानी बरतने की सलाह देते हैं. स्मॉल-कैप फ़ंड के पिछले प्रदर्शन (नीचे दिया ग्राफ़ देखें) पर ग़ौर करें, तो आप देख सकते हैं कि कमज़ोर प्रदर्शन के आंकड़े आकर्षक रिटर्न से ज़्यादा पीछे नहीं हैं.

Small-Cap Funds: कैश बहुत है, पर कहां करें निवेश?

आखिर में हम यही कहेंगे, मान लीजिए कि आपके लिए अपने जोश को थामना मुश्किल हो रहा है और साथी इन्वेस्टर्स को स्मॉल-कैप फ़ंड्स में ज़्यादा से ज़्यादा पैसा लगाते देख दुखी हैं, तो हम आपको दुनिया के दिग्गज इन्वेस्टर वॉरेन बफ़े (Warren Buffett) की कही बात याद दिलाते हैं, "जब समंदर का उफ़ान कम हो जाता है तभी आपको पता चलता है कि कौन बिना कपड़ों के तैर रहा था."

Small-Cap Funds: कैश बहुत है, पर कहां करें निवेश?

देखिए ये वीडियो- निवेश की शुरुआत कैसे करें?

वैल्यू रिसर्च से पूछें aks value research information

कोई सवाल छोटा नहीं होता. पर्सनल फ़ाइनांस, म्यूचुअल फ़ंड्स, या फिर स्टॉक्स पर बेझिझक अपने सवाल पूछिए, और हम आसान भाषा में आपको जवाब देंगे.


टॉप पिक

इंटरनेशनल फ़ंड्स: एकमुश्त निवेश के लिए एक ही विकल्प बचा है

पढ़ने का समय 4 मिनटआकार रस्तोगी

आपका REIT 6% रिटर्न देता है. लेकिन आपको शायद सिर्फ़ 2% मिल रहा है

पढ़ने का समय 3 मिनटसिद्धांत माधव जोशी

क्या बड़ा कैपिटल गेन हुआ है? ऐसे लग सकता है कम टैक्स

पढ़ने का समय 5 मिनटआकार रस्तोगी

RBI डॉलर डिपॉज़िट पर NRI को दे रहा 7% तक ब्याज

पढ़ने का समय 5 मिनटउज्ज्वल दास

इस महीने 6 इक्विटी फ़ंड्स की रेटिंग में हुआ सुधार

पढ़ने का समय 6 मिनटख्याति सिमरन नंदराजोग

म्यूचुअल फंड पॉडकास्ट

updateनए एपिसोड हर शुक्रवार

SEBI का नया नियम ग़लत लोगों की मदद करता है

SEBI का नया नियम ग़लत लोगों की मदद करता है

जिन लोगों को थर्ड-पार्टी SIPs से सबसे ज़्यादा फ़ायदा होता, यह नियम उन लोगों के लिए नहीं बनाया गया है

These are advertorial stories which keeps Value Research free for all. Click here to mark your interest for an ad-free experience in a paid plan

दूसरी कैटेगरी