IPO अनालेसिस

IPO: AWFIS स्पेस सॉल्यूशंस

इस फ़्लैक्सिबल वर्कस्पेस सॉल्यूशन प्रोवाइडर के IPO के बारे में सबकुछ जानिए

इस फ़्लैक्सिबल वर्कस्पेस सॉल्यूशन प्रोवाइडर के IPO के बारे में सबकुछ जानिएAI-generated image

AWFIS Space Solutions, ऑफ़िस के लिए जगह मुहैया कराने वाली कंपनी है. ये जिस तरह की सर्विस देती है उसे फ़्लैक्सिबल वर्कस्पेस सॉल्यूशन कहा जाता है, इसका मतलब हुआ ऐसे ऑफ़िस की स्पेस जो अपने इस्तेमाल में ज़रूरत (स्केल, सहूलियत और ख़र्च) के हिसाब से किराए पर दिए जाते हैं. 22 मई 2024 को इसके IPO (initial public offering) का लॉन्च है. इसमें निवेश करने का फ़ैसला सोच-समझ कर लेने के लिए इस कंपनी की ताक़त, कमज़ोरियों और ग्रोथ की संभावनाओं का पूरा ब्यौरा हम यहां दे रहे हैं.

AWFIS Space Solutions संक्षेप में

  • क्वॉलिटी: AWFIS का तीन साल का औसत ROE (return on equity) और ROCE (return on capital employed) क्रमशः -36.7 और -4.9 फ़ीसदी का है.
  • ग्रोथ: पिछले तीन साल में इसका रेवेन्यू 74.8 फ़ीसदी से बढ़ा है, जबकि नेट प्रॉफ़िट 4.6 फ़ीसदी हर साल कम हुआ है.
  • वैल्यूएशन: स्टॉक वैल्यू 7.1 गुना के P/E (price to book) पर है.
  • ओवरव्यू: कमर्शियल ऑफ़िस मार्केट में ग्रोथ, ख़ासतौर पर स्टार्ट-अप और छोटे तथा मीडियम एंटरप्राइज़ की ज़रूरतें, फ़्लैक्सिबल वर्कस्पेस की मांग पैदा करेंगी, जिससे इस कंपनी को फ़ायदा होगा. हालांकि, WeWork , Coworks जैसी कंपनियों और रियल एस्टेट के दूसरे खिलाड़ियों की मौजूदगी से इस इंडस्ट्री में प्रतिस्पर्धा की कोई कमी नहीं है.

AWFIS के बारे में

AWFIS अपने सेंटर की कुल संख्या और कुल क्षेत्रफल के आधार पर भारत की सबसे बड़ी फ़्लैक्सिबल वर्कस्पेस सॉल्यूशन कंपनी है. दिसंबर 2023 तक, इसके 16 शहरों में 169 केंद्र थे और कुल क्षेत्र 5.3 मिलियन वर्ग फुट था. कंपनी व्यक्तिगत डेस्क की ज़रूरतों से लेकर बिज़नस के लिए ज़रूरत के मुताबिक़ कार्यालयों तक, कार्यक्षेत्र के समाधानों के बहुत से विकल्प देती है. ये दो मुख्य मॉडलों के तहत संचालित किया जाता है:

स्ट्रेट लीज़ मॉडल: ये एक पारंपरिक लीज़ मॉडल है जिसमें प्रॉपर्टी के मालिक फ़्लैक्सिबल ऑफ़िस के ऑपरेटरों को ऑफ़िस स्पेस लीज़ या पट्टे पर देते हैं और इसके फ़िट-आउट (डेस्क, चेयर, अलमारी आदि) के लिए पूरा ख़र्च ऑपरेटर उठाते हैं.

मैनेज्ड एग्रीगेशन (MA) मॉडल: मैनेज्ड एग्रीगेशन यानी प्रबंधित एकत्रीकरण के मॉडल में, प्रॉपर्टी के मालिक न्यूनतम गारंटी के लिए किराया छोड़ देते हैं. कुछ मामलों में, उन्हें ऑफ़िस के किराए या मुनाफ़े में हिस्सा भी मिलता है. अगर मालिकों को मुनाफ़ा में हिस्सा मिलता है, तो उन्हें फ़िट-आउट के लिए आंशिक ख़र्च भी करना पड़ सकता है.

AWFIS की ताक़त क्या है?

डाइवर्सिफ़ाइड सप्लाई : कंपनी रियल एस्टेट मार्केट में अलग-अलग तरीक़ों से ऑफ़िस स्पेस हासिल करती है. इनमें संगठित, असंगठित, संस्थागत से ग़ैर-संस्थागत और प्रॉपर्टी की कई ग्रेड और क्लास शामिल हैं. इससे कई तरह की प्रॉपर्टी तक कंपनी की पहुंच का दायरा काफ़ी बढ़ जाता है.

MA मॉडल का ज़्यादा शेयर: कंपनी अपने 66.4 फ़ीसदी स्थानों का संचालन MA मॉडल के तहत करती है, जिसके किराए का ख़र्च कम है. दिसंबर 2023 तक, इस मॉडल के तहत दी की गई न्यूनतम गारंटी, औसतन, माइक्रो मार्केट के किराये (आस-पास की एक समान प्रॉपर्टी के किराए) का सिर्फ़ 46 फ़ीसदी थी. इससे उसकी फ़िक्स्ड कॉस्ट कम हो जाती है, जिससे ऑपरेट करने में फ़ायदा मिलता है.

AWFIS की कमज़ोरियां

क्लायंट एग्रीमेंट: कंपनी आमतौर पर क्लायंट के साथ जिन एग्रीमेंट्स (समझौतों) पर हस्ताक्षर करती है, वे ज़्यादातर दो साल से ज़्यादा के लिए होते हैं. हालांकि, अगर ग्राहक आर्थिक मंदी के दौरान या दूसरी ज़रूरतों की वजह से एग्रीमेंट बीच में ही ख़त्म करना चाहे, तो कंपनी इसे नहीं रोक सकती.

एक ही जैसे क्लायंट : डिमांड की डाइवर्सिटी (यानी कई तरह के क्लायंट हों) के मामले में, कंपनी मुख्य रूप से IT (कुल स्पेस का 46.3%) कंपनियों का है जिन्हें प्रोफ़ेशनल ऑफ़िस की ज़रूरत होती है. हाल ही में IT में आई मंदी का असर कंपनी के फ़ाइनांस पर पड़ सकता है.

IPO विवरण

कुल IPO साइज़ (करोड़ ₹) 598.9
ऑफ़र फॉर सेल (करोड़ ₹) 470.9
फ़्रेश इशू (करोड़ ₹) 128
प्राइस बैंड (₹) 364-383
सब्सक्रिप्शन डेट 22-27 मई 2024
इशू का उद्देश्य कैपेक्स और वर्किंग कैपिटल जैसी ज़रूरतें

IPO का उद्देश्य

M-कैप (करोड़ ₹) 2,658.7
नेट वर्थ (करोड़ ₹) 375.2
प्रमोटर होल्डिंग %) 30
प्राइस/ अर्निंग रेशियो (P/E) -
प्राइस/ बुक रेशियो(P/B) 7.1

फ़ाइनेंशियल ट्रैक रिकॉर्ड

मुख्य फ़ाइनेंशियल 2 साल का CAGR (%) 9M FY24 FY23 FY22 FY21
रिवेन्यू (करोड़ ₹) 74.8% 616.5 545.3 257 178.4
EBIT (करोड़ ₹) 47.2% 33 5.6 -30.1 -33.7
PAT (करोड़ ₹) -4.6% -18.9 -46.6 -57.2 -42.6
नेट वर्थ (करोड़ ₹) 6% 247.2 169.4 94.7 150.8
कुल डेट 38.2% 709.3 499.9 298.1 261.8
EBIT ब्याज और करों से पहले की कमाई है
PAT कर बाद मुनाफ़ा है

मुख्य रेशियो

रेशियो 3 साल का एवरेज(%) FY24 के 9 महीने FY23 FY22 FY21
ROE (%) -36.7% -7.7% -35.3% -46.6% -28.3%
ROCE (%) -4.9% 3.5% 1.1% -7.5% -8.2%
EBIT मार्जिन(%) -9.9% 5.4% 1% -11.7% -18.9%
डेट टू इक्विटी 2.9 3 3.1 1.7

रिस्क रिपोर्ट

कंपनी और बिज़नस

क्या पिछले 12 महीनों में AWFIS की टैक्स से पहले की कमाई 50 करोड़ रुपये से ज़्यादा है?

नहीं, कंपनी को 9M FY24 और FY23 के लिए क्रमशः -19 रुपये और -47 करोड़ रुपये का घाटा हुआ है.

क्या AWFIS अपना क़ारोबार बढ़ा पाएगी?

हां. कॉर्पोरेट सेक्टर, ख़ास तौर से स्टार्ट-अप और स्मॉल और मीडियम बिज़नस बढ़ रहे हैं, जिससे ऑफ़िस की मांग बढ़ रही है. इसके अलावा, WFH (घर से काम) का चलन भी कम हो रहा है, जो कंपनी की ग्रोथ में मदद करेगा.

क्या AWFIS के पास ग्राहक की प्रतिबद्धता (loyalty) के साथ एक जाना-पहचान ब्रांड है?

नहीं, मौसमी मंदी अक्सर ग्राहकों को अपने कॉन्ट्रेक्ट वापस लेने के लिए प्रेरित कर सकती है. ध्यान दें कि लॉन्ग टर्म एग्रीमेंट भी एक महीने के नोटिस या उससे कम समय में ख़त्म किए जा सकते हैं. दिसंबर 2023 तक इस तरह के एग्रीमेंट (दो साल से ज़्यादा लंबे) इसकी कुल सीटों (ऑफ़िस की क्षमता सीटों में) का 57 फ़ीसदी थे.

क्या कंपनी के पास विश्वसनीय खाई है?

नहीं, हालांकि ये इडंस्ट्री की सबसे बड़ी कंपनी है, लेकिन इसे दूसरे रियल एस्टेट और इसी जैसी फ़्लैक्सिबल वर्कस्पेस सॉल्यूशन देने वाली कंपनियों से कड़ी प्रतिस्पर्धा का सामना करना पड़ता है.

मैनेजमेंट कंपनी और व्यवसाय

क्या कंपनी के संस्थापकों में से किसी के पास अभी भी कंपनी में कम-से-कम 5 फ़ीसदी की हिस्सेदारी है? या क्या प्रमोटरों के पास कंपनी में 25 फीसदी से ज़्यादा हिस्सेदारी है?

हां. IPO के बाद प्रमोटरों के पास 30 फ़ीसदी की हिस्सेदारी होगी.

क्या टॉप तीन मैनेजरों के पास AWFIS में 15 सालों से ज़्यादा का संयुक्त नेतृत्व का अनुभव है?

नहीं, प्रमुख मैनेजरों और सीनियर मैनेजमेंट के पास 15 साल से ज़्यादा का संयुक्त अनुभव नहीं है.

क्या मैनेजमेंट भरोसेमंद है? क्या यह अपने ख़ुलासों में पारदर्शी है, जो SEBI दिशानिर्देशों के अनुरूप है?

हां. इसके उलट सुझाव देने के लिए कोई जानकारी उपलब्ध नहीं है.

क्या कंपनी की अकाउंटिंग पॉलिसी में स्थिरता है?

हां. इसेक उलट सुझाव देने के लिए कोई जानकारी उपलब्ध नहीं है.

क्या AWFIS प्रमोटर अपने शेयर गिरवी रखने से मुक्त है?

हां. प्रमोटरों ने कोई शेयर गिरवी नहीं रखा है.

फ़ाइनांस

क्या कंपनी का मौजूदा और तीन साल का औसत ROE 15 फ़ीसदी से ज़्यादा और ROCE 18 फ़ीसदी से ज़्यादा का है?

नहीं, इसका तीन साल का औसत ROE और ROCE क्रमशः -36.7 और -4.9 फ़ीसदी है. FY23 में, इसका ROE और ROCE क्रमशः -35.3 और 1.1 फ़ीसदी था.

क्या पिछले तीन साल के दौरान कंपनी का ऑपरेटिंग कैश-फ़्लो पॉज़िटिव था?

नहीं, पहली नज़र में , कंपनी पिछले तीन सालों में CFO (परिचालन से नकदी प्रवाह) सकारात्मक रही है. लेकिन एक प्रमुख परिचालन ख़र्च यानी लीज भुगतान के हिसाब के बाद, कंपनी पिछले तीन सालों में से दो में CFO नकारात्मक रही है.

क्या कंपनी का नेट डेट-टू-इक्विटी रेशियो एक से कम है?

नहीं, दिसंबर 2023 तक कंपनी का नेट डेट-टू-इक्विटी रेशियो 2.9 गुना था.

क्या AWFIS रोज़मर्रा के मामलों के लिए बड़े वर्किंग कैपिटल पर निर्भर होने से मुक्त है?

हां. पिछले तीन साल में कंपनी के प्राप्य दिनों (receivable days) की तुलना में भुगतान योग्य दिन (payable days) ज़्यादा रहे हैं.

क्या कंपनी अगले तीन साल में बाहरी फ़ंडिंग पर निर्भर हुए बिना अपना क़ारोबार चला सकती है?

हां. IPO से हासिल रक़म काफ़ी होनी चाहिए जिससे कंपनी को अगले तीन साल तक बाहरी फ़ंडिंग की ज़रूरत नहीं होगी.

क्या AWFIS मायने रखने वाली आकस्मिक देनदारियों से मुक्त है?

हां. कंपनी ने दिसंबर 2023 तक कोई आकस्मिक देनदारी की सूचना नहीं दी थी.

वैल्यूएशन

क्या स्टॉक अपनी एंटरप्राइस वैल्यू पर 8 फ़ीसदी से ज़्यादा की ऑपरेटिंग अर्निंग यील्ड देता है?

नहीं, स्टॉक अपनी एंटरप्राइस वैल्यू पर 0.2 फ़ीसदी की ऑपरेटिंग अर्निंग यील्ड देता है.

क्या स्टॉक का प्राइस-टू-अर्निंग उसके जैसी कंपनियों के औसत स्तर से कम है?

इसकी कोई P/E वैल्यू नहीं है क्योंकि ये घाटे में चल रही है.

क्या स्टॉक की प्राइस-टू-बुक वैल्यू उसके जैसी कंपनियों के औसत स्तर से कम है?

इसका मूल्य 7.1 गुना के P/E पर है. इसका कोई लिस्टिड समकक्ष नहीं हैं.

डिस्क्लेमर: ये स्टॉक की सिफ़ारिश नहीं है. निवेश करने से पहले ज़रूरी जांच-पड़ताल करें.

ये भी पढ़ें - IPO के लिए होड़ फिर शुरू

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नाम प्राइस बैंड (₹) बोली लगाने की तारीख़
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