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Le Travenues Technology (Ixigo) IPO: निवेश का मौक़ा?

Ixigo IPO: इस ऑनलाइन ट्रैवल एजेंसी के IPO की हर ज़रूरी जानकारी यहां पढ़िए

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Le Travenues Technology IPO: ट्रैवल एग्रीगेटर ऐप Ixigo की ओनर कंपनी 'ले ट्रैवेनस टेक्नोलॉजी' (Le Travenues Technology), 10 जून 2024 को अपना IPO (इनिशियल पब्लिक ऑफ़रिंग) लॉन्च करने जा रही है. निवेश का फ़ैसला लेने में निवेशकों की मदद के लिए, यहां हम कंपनी की ताक़त, कमज़ोरियों और ग्रोथ की संभावनाओं के बारे में बता रहे हैं.

संक्षेप में

  • क्वालिटी: कंपनी का तीन साल का औसत रिटर्न ऑन इक्विटी (ROE) और औसत रिटर्न ऑन कैपिटल एम्प्लॉयड (ROCE) , क्रमशः 6.8 और -0.8 फ़ीसदी रहा.
  • ग्रोथ: FY2021-023 के दौरान, इसके रेवेन्यू और नेट प्रॉफ़िट में क्रमशः 92 और 76 फ़ीसदी की सालाना बढ़ोतरी हुई.
  • वैल्यूएशन: IPO के बाद, स्टॉक वैल्यूएशन 51.1 के P/E (प्राइज़ -टू-अर्निंग रेशियो) और 6.5 गुना के P/B (प्राइज़ -टू-बुक रेशियो) पर किया जाएगा.
  • मार्केट में कंपनी की स्थिति: बढ़ती कंज़्यूमर डिस्क्रिशनरी इनकम के कारण ट्रैवल और टूरिज़्म डिमांड में बढ़ोतरी, इस कंपनी की ग्रोथ में मदद करेगी. हालांकि, इंडस्ट्री में Easy Trip और Yatra जैसे दूसरे संगठित खिलाड़ियों की मौज़ूदगी के कारण कड़ी टक्कर मिलेगी.

Le Travenues Technology (Ixigo) क्या करती है

ले ट्रैवेन्यूज़ टेक्नोलॉजी, जो 'Ixigo' (कंपनी का सबसे बड़ा रेवेन्यू जनरेटर) ब्रांड के नाम से मशहूर है, FY23 में कंसॉलिडेटेड रेवेन्यू के हिसाब से भारत में दूसरी सबसे बड़ी ऑनलाइन ट्रैवल एजेंसी (OTA) रही. ये अपने प्लेटफॉर्म के ज़रिए फ़्लाइट, ट्रेन और होटल बुकिंग जैसी सेवाएं देती है. इसके टारगेट कस्टमर्स में टियर 2 और टियर 3 शहरों के यात्री शामिल हैं. ये 52 फ़ीसदी मार्केट शेयर (H1FY24 तक) के साथ रेल OTA इंडस्ट्री में सबसे बड़ी ट्रेन टिकट डिस्ट्रीब्यूटर भी है. इसके बस सर्विस ऐप 'AbhiBus' का मार्केट शेयर (H1FY24 तक) 12.5 फ़ीसदी से ज़्यादा था.

Le Travenues Technology की ताक़त

  • मार्केट में मज़बूत स्थिति: ग्रॉस ट्रांज़ैक्शन वैल्यू के मामले में, कंपनी के पास OTA इंडस्ट्री में 6.52 फ़ीसदी (दिसंबर 2023 तक) का दूसरा सबसे बड़ा मार्केट शेयर था, जो सिर्फ़ MakeMyTrip से पीछे है.
  • सबसे ज़्यादा यूज़र इंगेज़मेंट: कंपनी के प्लेटफ़ॉर्म काफ़ी अच्छा यूज़र इंगेज़मेंट करते हैं. सितंबर 2023 में, स्टैंडअलोन ट्रेन बुकिंग मोबाइल एप्स में Ixigo ऐप का यूसेज़ और इंगेज़मेंट सबसे ज़्यादा था, जिसमें महीने के दौरान सबसे ज़्यादा मंथली एक्टिव यूज़र और सेशन पर यूज़र थे. दिसंबर 2023 तक, अपने सभी ऐप में कंपनी का रिपीट ट्रांज़ैक्शन रेट 86 फ़ीसदी था.

Le Travenues Technology की कमज़ोरियां

  • रेवेन्यू कॉन्सेंट्रेशन: कंपनी अपने रेवेन्यू का लगभग 47 फ़ीसदी ट्रेन बुकिंग से कमाती है, जो IRCTC के साथ समझौतों पर निर्भर है.
  • ज़्यादा कस्टमर ऐक्वज़िशन ख़र्च: चूंकि टारगेट कस्टमर प्राइज़-सेंसेटिव है, इसलिए कंपनी को ग्राहकों को आकर्षित करने और बनाए रखने के लिए काफ़ी ख़र्च करना पड़ता है. दिसंबर 2023 तक, इसके कुल रेवेन्यू का 24 फ़ीसदी हिस्सा विज्ञापन और सेल प्रमोशन में ख़र्च होता था. पिछले कुछ साल से विज्ञापन ख़र्च तेज़ी से बढ़ रहा है.

IPO की डिटेल

IPO का कुल साइज़ (करोड़ ₹) 740.1
ऑफर फॉर सेल (करोड़ ₹) 620.1
नए इशू (करोड़ ₹) 120
प्राइस बैंड (₹) 88-93
सब्सक्रिप्शन की तारीख़ 10 से 12 जून, 2024
उद्देश्य वर्किंग कैपिटल ज़रूरतों, टेक निवेश और इनऑर्गेनिक ग्रोथ के लिए

IPO के बाद

मार्केट कैप (करोड़ ₹) 3,603
नेट वर्थ (करोड़ ₹) 557.1
प्रमोटर होल्डिंग (%) -
प्राइस/अर्निंग रेशियो (P/E) 51.1
प्राइस/बुक रेशियो (P/B) 6.5

पिछले फ़ाइनेंशियल्स

फ़ाइनेंशियल्स 2 साल का CAGR (%) पिछले 12 महीने (TTM) FY23 FY22 FY21
रेवेन्यू (करोड़ ₹) 92.3 628 501 380 136
EBIT (करोड़ ₹) 255.4 25 18 -20 1
PAT (करोड़ ₹) 76.2 70 23 -21 8
नेट वर्थ (करोड़ ₹) 259.6 437 387 343 30
कुल डेट (करोड़ ₹) -29.5 50 10 7 20
EBIT-- अर्निंग बिफ़ोर इंटरेस्ट एंड टैक्स
PAT -- प्रॉफ़िट आफ्टर टैक्स

प्रमुख रेशियो

रेशियो 3 साल का औसत (%) TTM FY23 FY22 FY21
ROE (%) 6.8 17.3 6.4 -11.3 25.2
ROCE (%) -0.8 5.8 4.8 -10.1 2.8
EBIT मार्जिन (%) -0.2 4 3.6 -5.3 1
डेट-टू-इक्विटी 0.2 0.1 0 0 0.7
ROE -- रिटर्न ऑन इक्विटी
ROCE -- रिटर्न ऑन कैपिटल एम्प्लॉयड

रिस्क रिपोर्ट

कंपनी और बिज़नस

  • क्या पिछले 12 महीनों में ले ट्रैवेन्यूज़ टेक्नोलॉजी की अर्निंग बिफ़ोर टैक्स ₹50 करोड़ से ज़्यादा है?
    नहीं. हालांकि कंपनी ने दिसंबर 2023 को ख़त्म हुए पिछले 12 महीनों में ₹54 करोड़ का प्रॉफ़िट बिफ़ोर टैक्स (profit before tax, PAT) दर्ज किया, पर इसमें ₹24 करोड़ की एक्सेप्शनल इनकम भी शामिल थी.
  • क्या ले ट्रैवेन्यूज़ टेक्नोलॉजी अपना बिज़नस बढ़ा पाएगी?
    हां. ट्रैवल और टूरिज्म की बढ़ती डिमांड और टेक्नोलॉजी पर कंपनी के फ़ोकस से क़ारोबार बढ़ाने में मदद मिलेगी.
  • क्या ले ट्रैवेन्यूज़ टेक्नोलॉजी के पास लॉयल कस्टमर बेस है और क्या ये कंपनी किसी जाने-माने ब्रांड से जुड़ी है?
    नहीं. हालांकि ये इंडस्ट्री में दूसरी सबसे बड़ी OTA कंपनी है, पर ग्राहक क़ीमत के प्रति संवेदनशील रहते हैं और एक ही कंपनी से चिपके नहीं रहते. उनके लिए कोई स्विचिंग कॉस्ट भी नहीं है.
  • क्या कंपनी के पास पूरा कॉम्पिटेटिव एडवांटेज़ है?
    नहीं. इसे बाक़ी OTA खिलाड़ियों से कड़ी टक्कर का सामना करना पड़ता है.

मैनेजमेंट

  • क्या कंपनी के संस्थापकों में से किसी के पास अभी भी कंपनी में कम से कम 5 फ़ीसदी हिस्सेदारी है? या क्या प्रमोटरों के पास कंपनी में 25 फ़ीसदी से ज़्यादा हिस्सेदारी है?
    नहीं. कंपनी का मैनेजमेंट पेशेवर रूप से किया जाता है और इसका कोई जाना-माना प्रमोटर नहीं है.
  • क्या टॉप तीन मैनजरों के पास ले ट्रैवेन्यूज़ टेक्नोलॉजी में काम करते हुए कुल मिलाकर 15 साल से ज़्यादा का लीडरशिप अनुभव है?
    हां. मैनेजमेंट के प्रमुख लोगों और सीनियर मैनेजमेंट के पास कुल-मिलाकर 15 साल से ज़्यादा का अनुभव है.
  • क्या मैनेजमेंट पर भरोसा किया जा सकता है? क्या कंपनी SEBI दिशानिर्देशों के तहत साफ़-सुथरी रिपोर्ट जारी करती है?
    हां. कोई नेगेटिव जानकारी उपलब्ध नहीं है.
  • क्या कंपनी की एकाउंटिंग पॉलिसी ठीक है?
    हां. कोई नेगेटिव जानकारी उपलब्ध नहीं है.
  • क्या कंपनी प्रमोटरों के शेयर गिरवी होने मुक्त है?
    हां. कोई शेयर गिरवी नहीं रखे हैं.

फ़ाइनेंशियल

  • क्या कंपनी का इक्विटी पर वर्तमान और तीन साल का औसत रिटर्न ऑन इक्विटी (ROE) 15 फ़ीसदी से ज़्यादा और औसत रिटर्न ऑन कैपिटल एम्प्लॉयड (ROCE) 18 फ़ीसदी से ज़्यादा है?
    नहीं. इसका तीन साल का औसत ROE और ROCE क्रमशः 6.8 और -0.8 फ़ीसदी है. पिछले 12 महीने (TTM) के आधार पर, इसका ROE और ROCE क्रमशः 17.3 और 5.8 फ़ीसदी था.
  • क्या पिछले तीन साल के दौरान कंपनी का ऑपरेटिंग कैश फ़्लो पॉज़िटिव रहा है?
    नहीं. FY2021 और 2022 में इसने ऑपरेशन्स से नेगेटिव कैश फ़्लो दर्ज़ किया.
  • क्या कंपनी का नेट डेट-टू-इक्विटी रेशियो 1 से कम है?
    हां. दिसंबर 2023 तक कंपनी का नेट डेट-टू-इक्विटी रेशियो 0.1 गुना था.
  • क्या कंपनी रोज़मर्रा के कामों के लिए बड़ी वर्किंग कैपिटल पर निर्भरता से मुक्त है?
    हां. कंपनी ने पिछले तीन साल में सिर्फ़ 6 फ़ीसदी की एवरेज़ वर्किंग कैपिटल टू सेल दर्ज की.
  • क्या कंपनी अगले तीन साल में बाहरी फ़ंडिंग पर निर्भर हुए बिना अपना बिज़नस चला सकती है?
    हां. IPO की आय से ऐसा हो सकता है कि अगले तीन साल तक कंपनी को बाहरी फ़ंडिंग पर निर्भर नहीं रहना पड़े.
  • क्या कंपनी बड़ी कंटिंजेंट लाएबिलिटी से मुक्त है?
    हां. दिसंबर 2023 तक कुल इक्विटी के प्रतिशत के रूप में कंटिंजेंट लाएबिलिटी लगभग 2 फ़ीसदी थीं.

वैल्यूएशन

  • क्या स्टॉक अपनी एंटरप्राइज़ वैल्यू पर 8 फ़ीसदी से ज़्यादा की ऑपरेटिंग अर्निंग यील्ड देता है?
    नहीं. लिस्टिंग के बाद, ये स्टॉक अपनी एंटरप्राइज़ वैल्यू पर 0.5 फ़ीसदी की ऑपरेटिंग अर्निंग यील्ड देगा.
  • क्या स्टॉक की प्राइज़-टू-अर्निंग अपने साथियों के औसत स्तर से कम है?
    IPO के बाद, ये अपने साथियों के 69.8 गुना के औसत P/E की तुलना में 51.1 गुना पर क़ारोबार करेगा.
  • क्या स्टॉक की प्राइज़-टू-बुक वैल्यू अपने साथियों के औसत स्तर से कम है?
    IPO के बाद, ये अपने साथियों के 7.3 गुना के औसत P/B की तुलना में 6.5 गुना पर क़ारोबार करेगा.

डिस्क्लेमर: ये निवेश का सुझाव नहीं है. निवेश करने से पहले ज़रूरी जांच-पड़ताल ज़रूर करें.

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