IPO अनालेसिस

Vraj Iron and Steel IPO: निवेश का मौक़ा?

आयरन और स्टील बनाने वाली इस कंपनी के IPO की हर ज़रूरी जानकारी यहां पढ़िए

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आयरन और स्टील बनाने वाली एक प्रमुख कंपनी व्रज आयरन एंड स्टील (Vraj Iron and Steel) का IPO (इनिशियल पब्लिक ऑफ़रिंग) 26 जून 2024 को सब्सक्रिप्शन के लिए खुल गया है.

निवेश का फ़ैसला लेने में निवेशकों की मदद के लिए, यहां हम कंपनी की ताक़त, कमज़ोरियों और ग्रोथ की संभावनाओं के बारे में बता रहे हैं.

संक्षेप में

  • क्वालिटी: कंपनी का 3 साल (FY21-23) का औसत रिटर्न ऑन इक्विटी (ROE) और रिटर्न ऑन कैपिटल एम्प्लॉयड (ROCE) , क्रमशः 30.1 और 32.6 फ़ीसदी रहा है.
  • ग्रोथ: FY21-23 के दौरान, इसके रेवेन्यू और नेट प्रॉफ़िट में क्रमशः 33.2 और 121.6 फ़ीसदी की सालाना बढ़ोतरी हुई.
  • वैल्यूएशन: IPO के बाद, स्टॉक वैल्यूएशन 15.3 गुना P/E (प्राइस -टू-अर्निंग रेशियो) और 1.9 गुना P/B (प्राइस-टू-बुक रेशियो) पर किया जाएगा.
  • मार्केट में कंपनी की स्थिति: इंफ़्रास्ट्रक्चर के विकास और मैन्युफैक्चरिंग में बढ़ते हुए पब्लिक और प्राइवेट ख़र्च या निवेश को देखते हुए, भारत में आयरन और स्टील की डिमांड मज़बूत रहने की उम्मीद है. इससे कंपनी को फ़ायदा होगा. हालांकि, बहुत ज़्यादा प्रतिस्पर्धी क़ारोबारी माहौल, अस्थिर प्रॉफ़िट मार्जिन और कमोडिटी की क़ीमतों में उतार-चढ़ाव जैसे कारण कंपनी की ग्रोथ की संभावनाओं में बाधा डाल सकते हैं.

Vraj Iron and Steel के बारे में

पहले फिल इस्पात प्राइवेट लिमिटेड (Phil Ispat Private Limited) के नाम से रजिस्टर व्रज आयरन एंड स्टील की स्थापना 2004 में हुई थी. ये 'व्रज (Vraj)' ब्रांड नेम के तहत स्पंज आयरन, MS बिलेट्स और TMT बार जैसे प्रोडक्ट बनाती है. इस समय, कंपनी छत्तीसगढ़ के बिलासपुर और रायपुर में दो मैन्युफैक्चरिंग प्लांट चलाती है. स्पंज आयरन इसका प्रमुख प्रोडक्ट है, जिसने इसके रेवेन्यू का लगभग 53 फ़ीसदी योगदान दिया (दिसंबर 2023 को ख़त्म हुए नौ महीनों में); इसके बाद TMT बार प्रोडक्ट आता है, जिसने 30.3 फ़ीसदी योगदान दिया.

व्रज आयरन एंड स्टील की ताक़त

  • कुशल संचालन: आमतौर पर कम और अस्थिर प्रॉफ़िटेबिलिटी और बहुत ज़्यादा लीवरेज्ड बैलेंस शीट वाली इस इंडस्ट्री में भी कंपनी ने FY22 से डबल-डिज़िट PAT मार्जिन बरक़रार रखा है. ये मार्जिन इंडस्ट्री में सबसे ज़्यादा है. कंपनी के इस अच्छे प्रदर्शन की वजह कम क़र्ज़ और कुशल संचालन है.

व्रज आयरन एंड स्टील की कमज़ोरियां

  • बहुत ज़्यादा प्रतिस्पर्धी क़ारोबारी माहौल: चूंकि ये कंपनी टाटा स्टील, JSW स्टील और जिंदल स्टील एंड पॉवर जैसे दिग्गजों के बीच में छोटे पैमाने पर काम करती है, इसलिए इसके लिए नया बिज़नस खड़ा करना और बड़े क्लाइंट हासिल करना मुश्किल हो सकता है.
  • क्लाइंट कॉन्सेंट्रेशन: दिसंबर 2023 को ख़त्म हुए नौ महीनों में, कंपनी के रेवेन्यू का लगभग 64 फ़ीसदी हिस्सा इसके टॉप 10 क्लाइंट से आया. ये चिंता वाली बात है क्योंकि अगर इनमें से कोई भी क्लाइंट भविष्य में किसी दूसरे सप्लायर के पास जाने का फ़ैसला करता है, तो कंपनी के फ़ाइनेंशियल पर गंभीर असर पड़ सकता है.

IPO की डिटेल

IPO का कुल साइज़ (करोड़ ₹) 171
ऑफर फॉर सेल (करोड़ ₹) 0
नए इशू (करोड़ ₹) 171
प्राइस बैंड (₹) 195 - 207
सब्सक्रिप्शन की तारीख़ 26 से 28 जून, 2024
उद्देश्य अपने मौजूदा मैन्युफैक्चरिंग प्लांट्स और कैप्टिव पावर प्लांट की क्षमता बढ़ाना

IPO के बाद

मार्केट कैप (करोड़ ₹) 682
नेट वर्थ (करोड़ ₹) 359
प्रमोटर होल्डिंग (%) 75.1
प्राइस/अर्निंग रेशियो (P/E) 15.3
प्राइस/बुक वैल्यू (P/B) 1.9

फ़ाइनेंशियल्स हिस्ट्री

फ़ाइनेंशियल्स 2Y CAGR (% सालाना) दिसंबर 2023 को ख़त्म हुए 9 महीने में FY23 FY22 FY21
रेवेन्यू (करोड़ ₹) 33.2 301 516 414 291
EBIT (करोड़ ₹) 84 57 73 42 22
PAT (करोड़ ₹) 121.6 45 54 29 11
नेट वर्थ (करोड़ ₹) 187 141 87 58
कुल डेट (करोड़ ₹) 51 25 44 47
EBIT-- अर्निंग बिफ़ोर इंटरेस्ट एंड टैक्स
PAT -- प्रॉफ़िट आफ्टर टैक्स

प्रमुख रेशियो

रेशियो 3 साल का औसत (%) दिसंबर 2023 को ख़त्म हुए 9 महीने में FY23 FY22 FY21
ROE (%) 30.1 23.8 38.3 32.9 19
ROCE (%) 32.6 25.3 45 32.1 20.7
EBIT मार्जिन (%) 10.6 19 14.2 10.2 7.4
डेट-टू-इक्विटी 0.27 0.17 0.51 0.82
ROE -- रिटर्न ऑन इक्विटी
ROCE -- रिटर्न ऑन कैपिटल एम्प्लॉयड

व्रज आयरन एंड स्टील: रिस्क रिपोर्ट

कंपनी और बिज़नस

  • क्या पिछले 12 महीनों में व्रज आयरन एंड स्टील की अर्निंग बिफ़ोर टैक्स ₹50 करोड़ से ज़्यादा है?
    नहीं. FY2023 में कंपनी का प्रॉफ़िट बिफ़ोर टैक्स (profit before tax यानी PAT) ₹45 करोड़ था.
  • क्या व्रज आयरन एंड स्टील अपना बिज़नस बढ़ा पाएगी?
    हां. मैन्युफैक्चरिंग और इंफ़्रास्ट्रक्चर के विकास में आयरन और स्टील बहुत ज़रूरी भूमिका निभाते हैं. तेज़ी से बढ़ती भारतीय अर्थव्यवस्था और बढ़ता capex भविष्य में कंपनी की ग्रोथ को बढ़ावा देंगे.
  • क्या व्रज आयरन एंड स्टील के पास लॉयल कस्टमर बेस है और क्या ये कंपनी किसी जाने-माने ब्रांड से जुड़ी है?
    हां. कंपनी अपने मौजूदा ग्राहकों या क्लाइंट के साथ लंबे समय से बनी हुई है, और भविष्य में रेवेन्यू ग्रोथ बनाए रखने के लिए उन पर ध्यान देना जारी रखेगी.
  • क्या कंपनी के पास कॉम्पिटेटिव एडवांटेज़ है?
    नहीं. कंपनी बहुत ज़्यादा प्रतिस्पर्धी क़ारोबारी माहौल में काम करती है और इसे एक-जैसे प्रोडक्ट बनाने वाली दिग्गज कंपनियों से कड़ी प्रतिस्पर्धा का सामना करना पड़ता है.

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व्रज आयरन एंड स्टील: मैनेजमेंट

  • क्या कंपनी के संस्थापकों में से किसी के पास अभी भी कंपनी में कम से कम 5 फ़ीसदी हिस्सेदारी है? या क्या प्रमोटरों के पास कंपनी में 25 फ़ीसदी से ज़्यादा हिस्सेदारी है?
    हां, IPO के बाद प्रमोटरों की हिस्सेदारी 75 फ़ीसदी होगी.
  • क्या टॉप तीन मैनजरों के पास कंपनी में काम करते हुए कुल मिलाकर 15 साल से ज़्यादा का लीडरशिप अनुभव है?
    हां. तीन एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर के पास कुल मिलाकर 25 साल का अनुभव है.
  • क्या मैनेजमेंट पर भरोसा किया जा सकता है? क्या कंपनी SEBI दिशानिर्देशों के तहत साफ़-सुथरी रिपोर्ट जारी करती है?
    हां. कोई नेगेटिव जानकारी उपलब्ध नहीं है.
  • क्या कंपनी की एकाउंटिंग पॉलिसी ठीक है?
    हां. कोई नेगेटिव जानकारी उपलब्ध नहीं है.
  • क्या कंपनी प्रमोटरों के शेयर गिरवी होने मुक्त है?
    हां. कोई शेयर गिरवी नहीं रखे हैं.

व्रज आयरन एंड स्टील: फ़ाइनेंशियल

  • क्या कंपनी का वर्तमान और तीन साल का औसत रिटर्न ऑन इक्विटी (ROE) 15 फ़ीसदी से ज़्यादा और औसत रिटर्न ऑन कैपिटल एम्प्लॉयड (ROCE) 18 फ़ीसदी से ज़्यादा है?
    हां. इसका तीन साल का औसत ROE और ROCE क्रमशः 30.1 और 32.6 फ़ीसदी है. दिसंबर 2023 को ख़त्म हुए 9 महीनों में, इसका ROE और ROCE क्रमशः 23.8 और 25.3 फ़ीसदी था.
  • क्या पिछले तीन साल के दौरान कंपनी का ऑपरेटिंग कैश फ़्लो पॉज़िटिव रहा है?
    हां. कंपनी का ऑपरेटिंग कैश फ़्लो पिछले तीन साल (FY21-23) में पॉज़िटिव रहा है. हालांकि, दिसंबर 2023 को ख़त्म हुए नौ महीनों में, इसने ₹10.2 करोड़ का नेगेटिव ऑपरेटिंग कैश फ़्लो दर्ज़ किया.
  • क्या कंपनी का नेट डेट-टू-इक्विटी रेशियो 1 से कम है?
    हां. दिसंबर 2023 तक इसका नेट डेट-टू-इक्विटी रेशियो 0.1 था.
  • क्या कंपनी रोज़मर्रा के कामों के लिए बड़ी वर्किंग कैपिटल पर निर्भरता से मुक्त है?
    नहीं. कंपनी एक कैपिटल-इंटेंसिव बिज़नस चलाती है, और इस पूरी इंडस्ट्री में ज़्यादा वर्किंग कैपिटल की ज़रूरत पड़ती है.
  • क्या कंपनी अगले तीन साल में बाहरी फ़ंडिंग पर निर्भर हुए बिना अपना बिज़नस चला सकती है?
    नहीं. कंपनी FY27 के आख़िर तक अपनी प्रोडक्शन कैपेसिटी को दोगुने से ज़्यादा करने की योजना बना रही है. IPO से मिलने वाली राशि के बावज़ूद, मौजूदा मैन्युफैक्चरिंग प्लांट्स के विस्तार के लिए भविष्य में अतिरिक्त कैपिटल की ज़रूरत पड़ सकती है.
  • क्या कंपनी बड़ी कंटिंजेंट लाएबिलिटी से मुक्त है?
    नहीं. इक्विटी के प्रतिशत के रूप में इसकी कंटिंजेंट लाएबिलिटी (दिसंबर 2023 तक) 26.3 फ़ीसदी थी.

व्रज आयरन एंड स्टील: वैल्यूएशन

  • क्या स्टॉक अपनी एंटरप्राइज़ वैल्यू पर 8 फ़ीसदी से ज़्यादा की ऑपरेटिंग अर्निंग यील्ड देता है?
    हां. IPO के बाद, स्टॉक अपनी एंटरप्राइज़ वैल्यू पर 8.2 फ़ीसदी की अर्निंग यील्ड देगा.
  • क्या स्टॉक का प्राइस-टू-अर्निंग रेशियो अपनी जैसी दूसरी कंपनियों के औसत से कम है?
    हां. स्टॉक का P/E रेशियो 15.3 गुना है, जबकि इसके साथियों का औसत स्तर 17.8 गुना है.
  • क्या स्टॉक की प्राइस-टू-बुक वैल्यू अपनी जैसी दूसरी कंपनियों के औसत स्तर से कम है?
    हां. स्टॉक का P/B रेशियो 1.9 गुना है, जबकि इसके साथियों का औसत स्तर 2.5 गुना है.

डिस्क्लेमर: ये निवेश का सुझाव नहीं है. निवेश करने से पहले ज़रूरी जांच-पड़ताल ज़रूर करें.

ये भी पढ़िए - IPO में निवेश करना कितना सही?

Disclaimer: यह कंटेंट सिर्फ़ जानकारी के लिए है और इसे निवेश सलाह या रेकमेंडेशन नहीं मानना चाहिए.

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