फंड वायर

पोर्टफ़ोलियो में ओवरलैंपिंग के नुक़सान से कैसे बचेंगे आप?

आइए उन कारणों को समझें जिनकी वजह से अलग-अलग म्यूचुअल फ़ंड में निवेश करना ही बेकार हो जाता है

आइए उन कारणों को समझें जिनकी वजह से अलग-अलग म्यूचुअल फ़ंड में निवेश करना ही बेकार हो जाता हैAI-generated image

अपने निवेशों को डाइवर्सिफ़ाई (फैलाना) करना अच्छा है. मगर पोर्टफ़ोलियो में ओवरलैपिंग इस पूरी क़वायद की हवा निकाल सकती है? अक्सर फ़ंड्स में ओवरलैपिंग, डायवर्सिफ़ाई करने की कोशिश का ही एक साइड-इफ़ेक्ट भी हो सकता है. इसलिए, अगर आपका निवेश कई फ़ंड्स में है, तो ये पक्का करें कि आपके फ़ंड्स का निवेश कहीं एक जैसे स्टॉक में तो नहीं है.

मिसाल के तौर पर, लार्ज-कैप फ़ंड को देखें. एक से ज़्यादा एक्टिव लार्ज-कैप फ़ंड में निवेश करना बेकार साबित हो सकता है. इसकी वजह है: ये फ़ंड अपने पैसे का कम से कम 80 फ़ीसदी हिस्सा मार्केट कैपिटलाइज़ेशन के हिसाब से 100 सबसे बड़ी कंपनियों में निवेश करते हैं. मात्र 100 कंपनियां होने की वजह से अलग-अलग लार्ज-कैप फ़ंड्स के एक ही स्टॉक में निवेश करने की संभावना काफ़ी ज़्यादा हो जाती है.

आदित्य बिड़ला सन लाइफ़ (ABSL और केनरा रोबेको की लार्ज-कैप का पोर्टफ़ोलियो एक दूसरे से 71 फ़ीसदी तक एक जैसा है. हैरानी की बात नहीं कि इनकी परफ़ॉर्मेंस भी एक दूसरे से मेल खाती है. (ABSL का 20 फ़ीसदी और केनरा रोबेको का 21.8 फ़ीसदी) और बीते 60 महीनों में दोनों फ़ंड्स को 20 में से 18 गिरावटों के दौरान नेगेटिव रिटर्न मिले हैं.

अगर आपको लगता है कि ये एक अपवाद है, तो बाक़ी के लार्ज-कैप फ़ंड्स के बीच का औसत ओवरलैप भी कुछ बेहतर नहीं है. इनके पोर्टफ़ोलियो क़रीब 46 फ़ीसदी एक जैसे हैं. पिछले पांच साल की दौरान सिर्फ़ 2.1 फ़ीसदी अंतर (deviation) के साथ, इनका परफ़ॉर्मेंस भी काफ़ी हद तक एक जैसा ही है. संक्षेप में, एक से ज़्यादा लार्ज कैप फ़ंड में निवेश करना समझदारी की निशानी नहीं है.

मिड- और स्मॉल-कैप फ़ंड

ये फ़ंड काफ़ी हद तक कॉपीकैट सिंड्रोम से बचे हुए हैं. क्यों? क्योंकि मिड-कैप फ़ंड में 150 कंपनियों में से चुनने का विकल्प होता है. जबकि, स्मॉल-कैप स्कीम में 4,000 से ज़्यादा कंपनियों का ग्रुप है. इस डायवर्सिफ़िकेशन की वजह से इन दोनों कैटेगरी में ओवरलैपिंग कम होती है - मिड-कैप फ़ंड्स में ये सिर्फ़ 26 फ़ीसदी और स्मॉल कैप में 13 फ़ीसदी की ओवरलैपिंग है. नतीजतन, उनके प्रदर्शन में ज़्यादा अंतर होता है.

फ़्लेक्सी-कैप और मल्टी-कैप फ़ंड के साथ भी यही बात है. चूंकि इन दोनों में लार्ज, मिड और स्मॉल कैप के पूरे स्पेक्ट्रम में निवेश करने की सुविधा है, इसलिए इनके पोर्टफ़ोलियो ओवरलैप की संख्या कम यानी 22-24 फ़ीसदी के दायरे में है.

कम ओवरलैप, ज़्यादा डाइवर्सिफ़ाइड प्रदर्शन

फ़ंड कैटेगरी औसत छह महीने का ओवरलैप (%) 5 साल के प्रदर्शन स्टैन्डर्ड डेविएशन (%)
लार्ज कैप 45.87 2.1
लार्ज और मिडकैप 28.11 2.3
ELSS 28.09 3.9
वैल्यू 27.98 3.2
मिड कैप 25.52 3.4
फ्लेक्सी कैप 24.37 3.7
मल्टी-कैप 21.93 3.3
स्मॉल कैप 13.13 4.9
नोट: ये डेटा वैल्यू रिसर्च फ़ंड कैटेगरी के मुताबिक़ है. 19 अगस्त, 2024 तक का रिटर्न शामिल है. जुलाई, 2024 तक का पोर्टफ़ोलियो डेटा. मल्टी-कैप फ़ंड के तीन साल के प्रदर्शन पर ग़ौर किया गया है.

एक ही AMC के फ़ंड

अगर आप एक ही फ़ंड हाउस (AMC) से कई फ़ंड ख़रीदने पर विचार कर रहे हैं, तो ऐसा करने से पहले ये जांच लें. कई फ़ंड हाउस का निवेश फ़िलॉसफ़ी एक जैसी हो सकती है और अक्सर वो एक ही फ़ंड मैनेजर नियुक्त करते हैं, जिससे ओवरलैप होने की संभावना काफ़ी होती है. UTI ELSS टैक्स सेवर और UTI चिल्ड्रन इक्विटी फ़ंड एक मिसाल हैं, जिनका पोर्टफ़ोलियो 98 फ़ीसदी तक एक जैसा है.

दिलचस्प ये है कि एक ही AMC के फ्ल़ेक्सी कैप और ELSS (टैक्स-सेविंग) फ़ंड भी एक-दूसरे की नकल करने के आदी हो सकते हैं. अलग-अलग इस्तेमाल में होने के बावजूद, उनके निवेश के नियम काफ़ी हद तक एक जैसे हैं. इस तरह, फ्रेंकलिन टेम्पलटन के ELSS और फ़्लेक्सी-कैप ऑफ़रिंग में 94 फ़ीसदी समानता है. ये कोई मिसाल नहीं है. ऐसे पांच दूसरे फ़ंड हाउस हैं जिनके ELSS और फ़्लेक्सी-कैप स्कीम के पोर्टफ़ोलियो से 70 फ़ीसदी में मेल खाते हैं.

सेक्टोरल फ़ंड

सेक्टोरल फ़ंड की जानकारी किए बिना पोर्टफ़ोलियो ओवरलैप पर चर्चा पूरी नहीं होगी. चूंकि ये फ़ंड टेक्नोलॉजी या हेल्थकेयर जैसी इंडस्ट्री पर ख़ास ध्यान देते हैं, इसलिए जिन कंपनियों में ये निवेश कर सकते हैं उनकी संख्या सीमित रह जाती है. सेक्टोरल/ थीमैटिक फ़ंड में, बैंकिंग फ़ंड की ओवरलैपिंग सबसे ज़्यादा होती है, जिसमें HDFC बैंकिंग एंड फ़ाइनेंशियल सर्विसेज़ और कोटक बैंकिंग एंड फ़ाइनेंशियल सर्विसेज़ के बीच 72 फ़ीसदी समानता है.

एक नज़र में

एक से ज़्यादा लार्ज कैप फ़ंड में निवेश करने से बचें. ये अक्सर एक-दूसरे की नकल करते हैं.
आमतौर पर मिड और स्मॉल-कैप फ़ंड में पोर्टफ़ोलियो ओवरलैप की परेशानी कम होती है.
एक ही फ़ंड हाउस के कई फ़ंड में निवेश करते समय सावधान रहें.
एक ही AMC के टैक्स-सेविंग और फ़्लेक्सी-कैप फ़ंड में भी काफ़ी ओवरलैप हो सकती है.
डायवर्सिफ़िकेशन ज़रूरी है, लेकिन सही डायवर्सिफ़िकेशन के लिए फ़ंड्स ध्यान से चुनें.
ओवरलैप के लिए पोर्टफ़ोलियो समय-समय पर चेक करें और ज़रूरत हो तो एडजेस्ट करें.

ये भी पढ़िए - पोर्टफ़ोलियो में Mutual Funds की संख्या कैसे कम करें?

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