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गिरते दिग्गजों पर दांव लगाना (या नहीं लगाना)

जब दिग्गज गिरते हैं, तो बहुत कम ही फिर से उठते हैं - समझदारी से निवेश चुनें

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पिछले हफ़्ते, स्टीव जॉब्स के पहला iPhone लॉन्च करने के कुछ दिनों बाद नोकिया में की गई एक इंटरनल प्रेज़ेंटेशन ऑनलाइन लीक हो गई. सभी को (निश्चित रूप से मुझे) आश्चर्य हुआ जब पता चला कि नोकिया की इंटरनल टीम iPhone द्वारा उनके अस्तित्व के लिए पैदा हुए बड़े ख़तरे को लेकर काफ़ी हद तक सही थी, लेकिन फिर भी इससे उन्हें कोई मदद नहीं मिली.

जब कोई चैंपियन नीचे होता है, तो उसके पीछे खड़ा होना बहुत संतोषजनक होता है. चाहे खेल हो या बिज़नस, एक साबित विजेता को मुश्किल समय से गुज़रते हुए और मज़बूत होकर उभरते हुए देखना हमारी बुनियादी समझ के लचीलेपन को दिखाता है. ये एक ऐसा पैटर्न है जिसे हमने मार्केट में अनगिनत बार देखा है, फिर भी निवेशक अक्सर इसका फ़ायदा उठाने के लिए संघर्ष करते हैं.

मार्केट की मौजूदा गिरावट ने हमें ठीक ऐसा ही मौक़ा दिया है जहां मार्केट में अव्वल रहने वाली कई- ऐसी कंपनियां हैं जिन्होंने कई मार्केट की अलग-अलग साइकल में अपनी क्षमता दिखाई है- अपने ऐतिहासिक वैल्युएशन की तुलना में बड़ी छूट पर कारोबार कर रही हैं.

असल में हो, तो मार्केट लीडर होना एक सुरक्षा खाई (moat) का काम करता है जो समय के साथ गहरी होती जाती है. इन कंपनियों में आमतौर पर ऐसी ख़ूबियां होती हैं जो स्केल के साथ और ज़्यादा मज़बूत होती जाती हैं: तगड़ा डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क, दमदार ब्रांड रिकॉल, क़ीमत तय करने की ताक़त, और बिज़नस में निवेश जारी रखते हुए गिरावट का सामना करने की फ़ाइनेंशियल ताक़त. जब ऐसी कंपनियों को छोटे दौर की असफलताओं का सामना करना पड़ता है, तो ये उनकी आंतरिक ताक़त और मार्केट के वैल्युएशन के बीच एक लुभावना अंतर पैदा करता है.

हालांकि, चुनौती इस बात में है कि वैल्युएशन को लगे अस्थायी झटके और बुनियादी गिरावट के अंतर को कैसे कम किया जाए. सबसे सफल निवेशक तत्काल उठा-पटक से परे देख सकते हैं और वैल्युएशन तय कर सकते हैं कि क्या किसी कंपनी के प्रतिस्पर्धी फ़ायदे बरक़रार हैं. वे इस बात को समझते हैं कि मार्केट की गिराव अक्सर आकर्षक वैल्युएशन पर क्वालिटी वाले बिज़नस में हिस्सेदारी पाने के अवसर पैदा करते हैं. लेकिन वे ये भी जानते हैं कि हर गिरे हुए दिग्गज का फिर से उठना तय नहीं होता.

जो पहलू इस बात को अब ख़ासतौर पर प्रासंगिक बनाता है, वो है मार्केट का व्यापक संदर्भ. बड़े फ़ायदे के बाद हम बाज़ार में ज़्यादा समझदारी का माहौल देख रहे हैं, जहां कई स्टॉक ऊंचे वैल्युएशन पर कारोबार कर रहे हैं. ये गिरावट केवल क़ीमत की गिरावट की बात नहीं है, बल्कि मार्केट के दोबारा वैल्युएशन की बात है जिसमें ये पता किया जाना है कि वैल्यू असल में क्या है.

फिर भी, हमें इस अवसर को संदेह की एक स्वस्थ खुराक के साथ देखना चाहिए. मार्केट का नेतृत्व आश्चर्यजनक रूप से नाज़ुक हो सकता है, और जो अस्थायी झटका लगता है वो संरचनात्मक गिरावट का पहला संकेत हो सकता है. बिज़नस की दुनिया कभी शक्तिशाली रही कंपनियों की मिसालों से भरी पड़ी है. ऐसी कंपनियां जो कभी भी अपने पूर्व गौरव को दोबारा नहीं पा सकीं. नोकिया, ब्लैकबेरी और कोडक चेतावनी भरी कहानियों के तौर पर काम करते हैं, जो हमें याद दिलाते हैं कि टेक्निकल डिस्रप्शन, कंज़्यूमर की पसंद में बदलाव या मैनेजमेंट की ग़लतियां सबसे मज़बूत मार्केट में भी कमज़ोर कर सकती हैं.

इसलिए, जबकि मौजूदा मार्केट, गिरते हुए मार्केट की अव्वल कंपनियों में निवेश के लिए आकर्षक मौक़े पेश करता है, ये नेतृत्व की शक्ति में अंध विश्वास के बजाय कड़े विश्लेषण की मांग करता है. हमें ये जांचने की ज़रूरत है कि इन कंपनियों को पहले-पहले लीडर किस चीज़ ने बनाया और क्या वो फ़ायदा आज के तेज़ी से विकसित हो रहे कारोबारी माहौल में प्रासंगिक है या नहीं. कभी-कभी, जो निवेश का एक आकर्षक एंट्री प्वाइंट नज़र आता है, वो कम होती संभावनाओं के मार्केट का सही तार्किक वैल्युएशन हो सकता है.

इस महीने की हमारी कवर स्टोरी निवेश के इस आकर्षक पहलू पर गहराई से चर्चा करती है. ये पता लगाता है कि मार्केट लीडर को कैसे पहचाना और उनका वैल्युएशन किया जाए जब वे नीचे हों और, इससे भी महत्वपूर्ण बात ये है कि दोबारा वापसी के लिए तैयार और निराश करने वाली कंपनियों के बीच अंतर कैसे किया जाए.

सोचने-समझने वाले निवेशकों के लिए इस चीज़ का तरीक़ा विकसित करना सबसे बड़े कौशलों में से एक है: जब क्वालिटी कंपनियों को अस्थायी असफलताओं का सामना करना पड़ता है तो अवसरों को पहचानना और उन पर कार्रवाई करना, और अनुशासन बनाए रखना. आखिरकार, निवेश में कभी-कभी बेहतरीन अवसर समस्याओं के तौर पर भेस बदलकर आते हैं, लेकिन कभी-कभी समस्याएं भी वैसी ही होती हैं जैसी वे लगती हैं.

हमारी कवर स्टोरी पढ़ें: Rise of the fallen

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