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कोटक MSCI इंडिया ETF NFO रिव्यू: क्या ये निवेशकों के लिए गेमचेंजर साबित होगा?

Kotak MSCI India ETF NFO: हम इसकी क्षमता और यह भारतीय सूचकांकों से बेहतर है या नहीं, इसे जानने की कोशिश करते हैं.

Kotak MSCI India ETF NFO: हम इसकी क्षमता और यह भारतीय सूचकांकों से बेहतर है या नहीं, इसे जानने की कोशिश करते हैं.

कोटक MSCI इंडिया ETF 29 जनवरी को पब्लिक सब्सक्रिप्शन के लिए खुल गया है और 12 फ़रवरी तक खुला रहेगा. ये पहला मौक़ा है जब कोई भारतीय फ़ंड MSCI इंडिया इंडेक्स को ट्रैक करेगा. हालांकि, इसकी नई शुरुआत के बावजूद, इसमें कुछ नया नहीं दिखता.

इससे पहले कि हम बताएं कि ऐसा क्यों है, यहां ETF से जुड़ी डिटेल्स पर एक नज़र डालते हैं.

कोटक MSCI इंडिया ETF NFO: एक नज़र

NFO पीरियड 29 जनवरी से 12 फ़रवरी, 2025
बेंचमार्क MSCI इंडिया इंडेक्स
फ़ंड मैनेजर (s) देवेंद्र सिंघल, सतीश दोंडापति और अभिषेक बिसेन
एक्सपेंस रेशियो 1 प्रतिशत तक
टैक्स ट्रीटमेंट यदि यूनिट्स को एक साल के भीतर बेचा जाता है, तो कैपिटल गेन पर 20 प्रतिशत कर लगेगा. यदि यूनिट्स को एक साल के बाद बेचा जाता है, तो कैपिटल गेन पर 12.5 प्रतिशत कर लगेगा. हालांकि, 1.25 लाख रुपये तक के गेन पर कर नहीं लगेगा.

MSCI इंडिया इंडेक्स के बारे में

इस इंडेक्स में, जिसकी देखरेख MSCI (मॉर्गन स्टैनली कैपिटल इंटरनेशनल) द्वारा की जाती है, भारत के शेयर बाजार की टॉप 85 प्रतिशत कंपनियां शामिल हैं. इसे कंपनियों के मार्केट वैल्यू के आधार पर चुना जाता है.

21 दिसंबर, 2024 तक, MSCI इंडिया इंडेक्स में देश की 156 सबसे बड़ी कंपनियां शामिल थीं. क्या 156 एक अनोखा नंबर है? दरअसल, ये वो कंपनियां हैं जो भारत के शेयर बाजार के 85 प्रतिशत का प्रतिनिधित्व करती हैं. भविष्य में अगर 120 या 180 कंपनियां मिलकर 85 प्रतिशत का प्रतिनिधित्व करें, तो वही संख्या इस इंडेक्स में होगी. इसका उद्देश्य केवल उन कंपनियों को शामिल करना है जिनका ट्रेडिंग वॉल्यूम अच्छा है और जो लिक्विड हैं.

MSCI India Index लगभग Nifty 200 जैसा है

MSCI इंडिया इंडेक्स और निफ़्टी 200 इंडेक्स में करीब 89 प्रतिशत का ओवरलैप (यानि एक जैसे) है, यानी ये दोनों बहुत समान हैं. इस कहानी के बाक़ी हिस्से में हम MSCI इंडिया को इसके लगभग एक जैसे साथी—निफ़्टी 200 के साथ तुलना करेंगे. MSCI इंडिया इंडेक्स के टॉप-10 स्टॉक्स का वेटेज 37.4 प्रतिशत है, जो निफ़्टी 200 TRI के 37 प्रतिशत के करीब है.

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MSCI इंडिया इंडेक्स के टॉप पांच सेक्टर्स हैं: फ़ाइनेंशियल्स (27.2 प्रतिशत), कंज्यूमर डिस्क्रेशनरी (13.1 प्रतिशत), इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी (12.1 प्रतिशत), इंडस्ट्रियल्स (9.1 प्रतिशत) और एनर्जी (8.3 प्रतिशत), जो मिलकर इंडेक्स का 69.8 प्रतिशत बनाते हैं. इसके मुकाबले, निफ़्टी 200 के टॉप पांच सेक्टर्स का वेटेज करीब 64.6 प्रतिशत है, जो MSCI इंडिया इंडेक्स के समान है.

रिटर्न

पिछले 15 सालों में MSCI इंडिया इंडेक्स ने पांच साल के रोलिंग रिटर्न के आधार पर निफ़्टी 200 TRI से 80 प्रतिशत समय कम प्रदर्शन किया है. हालांकि मार्जिन कम है. MSCI इंडिया इंडेक्स ने सालाना औसत पांच साल का रिटर्न 11.5 प्रतिशत दिया, जो निफ़्टी 200 TRI के 12.5 प्रतिशत से थोड़ा कम है.

अब, हम इन दोनों इंडेक्स के रिटर्न्स को बुलिश (बढ़ते) और बेयरिश (गिरते) फेज़ के दौरान तुलना करेंगे. इसके लिए, हमने उन दौर को पहचाना जब बाज़ार सेंसेक्स जैसे इंडेक्स कम से कम 20 प्रतिशत ऊपर या नीचे गए थे. नीचे दी गई टेबल में इसके नतीजे दिए गए हैं.

MSCI इंडिया इंडेक्स vs निफ़्टी 200 अलग-अलग फेज़ में

दोनों इंडेक्स मंदी के दौर में लगभग समान गिरते हैं; निफ़्टी 200 मंदी के दौर में बेहतर प्रदर्शन करता है.

मंदी के दौर MSCI इंडिया इंडेक्स निफ़्टी 200 TRI
10-मई-06 से 14-जून-06 -30.30% -31.90%
09-जनवरी-08 से 09-मार्च-09 -63.90% -62.90%
08-नवंबर-10 से 20-दिसंबर-11 -28.40% -30.20%
30-जनवरी-15 से 11-फरवरी-16 -17.90% -18.40%
15-जनवरी-20 से 23-मार्च-20 -37.00% -37.90%
तेज़ी के दौर MSCI इंडिया इंडेक्स निफ़्टी 200
16-अक्तूबर-06 से 08-जनवरी-08 71.10% 81.30%
31-अक्तूबर-13 से 29-जनवरी-15 36.20% 50.00%
05-अप्रैल-17 से 14-जनवरी-20 31.00% 31.60%
10-नवंबर-20 से 29-दिसंबर-23 79.70% 88.20%

हमने देखा कि जब बाजार 20 प्रतिशत से ज्यादा गिरता है, तो MSCI इंडिया इंडेक्स और निफ़्टी 200 दोनों लगभग एक जैसे प्रदर्शन करते हैं. लेकिन जब बाज़ार अच्छा करता है, तो निफ़्टी 200 TRI हर बार आगे रहा है. चार बार के बुलिश फेज़ में, निफ़्टी 200 ने MSCI इंडिया इंडेक्स को औसतन 8.3 प्रतिशत बेहतर प्रदर्शन किया.

क्या आपको निवेश करना चाहिए?

इंडेक्स में ऐसा कुछ भी नहीं है जो NSE या BSE जैसे घरेलू इंडेक्स पहले से ही न दे रहे हों. भारत में तेज़ी के नज़रिए वाले अंतरराष्ट्रीय निवेशकों के लिए बनाया गया ये इंडेक्स उन भारतीय निवेशकों के लिए उतना उपयोगी नहीं है जिनके पास स्थानीय स्तर पर बहुत सारे विकल्प हैं.

अगर रिटर्न्स बहुत अच्छे होते, तो हम इन बातों को नज़रअंदाज कर सकते थे. लेकिन जैसा कि हमने देखा, MSCI इंडिया इंडेक्स निफ़्टी 200 जैसे भारतीय इंडेक्स से पीछे है, ख़ासकर जब बाज़ार अच्छा कर रहा हो.

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