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हर टॉप मल्टी-कैप फ़ंड ने इन 6 स्टॉक्स पर लगाया दांव, क्या आपका भी है निवेश?

आइए विस्तार से जानते हैं

आइए विस्तार से जानते हैंMukul Ojha/AI-Generated Image

सारांशः जब भारत के पांच सबसे ऊंची रेटिंग वाले मल्टी-कैप फ़ंड छह कॉमन कंपनियों में निवेश करते हैं, तो इसका मतलब है कि इन कंपनियों में कुछ अच्छा चल रहा है. हम यहीं नहीं रुके - हमने उन दिलचस्प मिड-कैप और स्मॉल-कैप कंपनियों की भी पड़ताल की जो कम से कम पांच में से चार टॉप फ़ंड्स की पोर्टफ़ोलियो में नज़र आईं.

आपको ये जानकर कितना अच्छा लगता है कि आपके पास वही स्टॉक है जिसमें देश के सबसे बड़े फ़ंड मैनेजर भी निवेश करते हैं? ये कुछ वैसा ही है जैसे अचानक एहसास हो कि आप वही धुन गुनगुना रहे हैं जो ए. आर. रहमान ने बनाई थी. भले ही, ये सिर्फ़ इत्तफ़ाक है, लेकिन फिर भी गर्व करने लायक बात तो है.

आख़िर ये सब गलत तो नहीं हो सकते, है ना?

सिद्धांत रूप में ज़रूर हो सकते हैं, लेकिन अगर आपके पोर्टफ़ोलियो में देश के टॉप मल्टी-कैप फ़ंड्स जैसा DNA है, तो नींद ज़रूर बेहतर आएगी.

मल्टी-कैप फ़ंड होते क्या हैं?

उन्हें म्यूचुअल फ़ंड की दुनिया के बफ़े की तरह समझिए - जहां बड़ी, मझोली और छोटी सभी कंपनियों को जगह मिलती है. नियम के अनुसार, मल्टी-कैप फ़ंड्स को अपने पोर्टफ़ोलियो का कम से कम 25% हिस्सा लार्ज-कैप, 25% मिड-कैप और 25% स्मॉल-कैप शेयरों में लगाना होता है. ये विविधता इन्हें किसी भी लंबे समय के पोर्टफ़ोलियो के मज़बूत आधार का उम्मीदवार बनाती है.

मिलिए टॉप-रेटेड मल्टी-कैप फ़ंड्स से

अब जब हमें पता है कि मल्टी-कैप फ़ंड क्या होते हैं, तो आइए देखते हैं वैल्यू रिसर्च रेटिंग्स (30 सितंबर, 2025 तक, डायरेक्ट प्लान्स) के मुताबिक़ टॉप-रेटिंग वाले फ़ंड्स कौन से हैं:

  • Nippon India Multi Cap Fund: ★★★★★ (कैटेगरी में सबसे ऊंची रेटिंग वाला)
  • Axis Multicap Fund: ★★★★
  • HDFC Multi Cap Fund: ★★★★
  • ICICI Prudential Multicap Fund: ★★★★
  • Kotak Mahindra Multicap Fund: ★★★★

यहां बता दें कि वैल्यू रिसर्च रेटिंग्स लंबे समय के रिस्क-एडजस्टेड प्रदर्शन पर आधारित होती हैं. ये कोई भविष्यवाणी नहीं, बल्कि गंभीर प्रदर्शन करने वाले फ़ंड्स को शोर-शराबे से अलग पहचानने का ठोस आधार हैं.

दिलचस्प (या यूं कहें, अपेक्षित) बात ये है कि ये पांचों फ़ंड पिछले तीन वर्षों के टॉप छह परफ़ॉर्मर्स में शामिल हैं. (हमने तीन साल का प्रदर्शन इसलिए देखा क्योंकि ये म्यूचुअल फ़ंड्स की नई कैटेगरी है.)

टॉप 5 परफ़ॉर्मर्स की लिस्ट कुछ इस प्रकार है:

फ़ंड तीन साल का सालाना रिटर्न
Kotak Mahindra Multicap Fund 25.4% (Rank: 1)
Axis Multicap Fund 24.6% (Rank: 2)
Nippon India Multi Cap Fund 23.6% (Rank: 3)
HDFC Multi Cap Fund 23.1% (Rank: 4)
ICICI Prudential Multicap Fund 21.6% (Rank: 6)

(वैसे, Mahindra Manulife Multicap Fund पांचवें स्थान पर है, लेकिन उस पर चर्चा किसी और दिन करेंगे. अभी लौटते हैं उस असली सवाल पर, जिसके लिए आप यहां आए हैं.)

कौन-से स्टॉक्स पर इन सभी टॉप-रेटेड फ़ंड्स की एक राय है?

अब आता है मज़ेदार हिस्सा. हमने इन पांचों टॉप मल्टी-कैप फ़ंड्स का पोर्टफ़ोलियो देखा और पाया कि उनमें छह साझा स्टॉक्स हैं - यानी ऐसी कंपनियां जिन्हें इस कैटेगरी के हर फ़ंड मैनेजर ने चुना है.

स्टॉक निप्पॉन इंडिया (पोर्टफ़ोलियो का %) एक्सिस (पोर्टफ़ोलियो का %) HDFC (पोर्टफ़ोलियो का %) ICICI प्रू (पोर्टफ़ोलियो का %) कोटक (पोर्टफ़ोलिया का %)
Reliance Industries 2.8 3.1 2 0.5 0.7
Maruti Suzuki 1.7 0.7 1.2 0.7 6.3
NTPC 2.1 0.5 0.6 0.5 2.6
Infosys 2.7 1.6 1.8 0.6 1.9
Bajaj Auto 0.3 0.3 0.3 0.4 0.9
ITC 2 0.7 0.8 0.9 2.3

दिलचस्प बात ये है कि मल्टी-कैप फ़ंड्स के पास अलग-अलग मार्केट सेगमेंट में निवेश की आज़ादी होने के बावजूद, ये छह साझा कंपनियां सभी लार्ज-कैप की दिग्गज हैं.

ये भी पढ़ेंः 3 मिडकैप स्टॉक्स, जो वॉरेन बफ़े के 20%+ ROE और ROCE टेस्ट पर खरे हैं

लेकिन मिड और स्मॉल-कैप कंपनियों का क्या?

आख़िर असली रोमांच तो मल्टी-कैप फ़ंड्स के उस हिस्से में ही होता है, जहां फ़ंड मैनेजर चुपचाप अपने बड़े दांव लगाते हैं. इसलिए हमने और गहराई से देखा कि कौन-से मिड और स्मॉल-कैप स्टॉक्स इन पांच फ़ंड्स में से कम से कम चार के पोर्टफ़ोलियो में मौजूद हैं. हमें ऐसी पांच कंपनियां मिलीं.

स्टॉक सेगमेंट निप्पॉन (%) एक्सिस (%) HDFC (%) ICICI प्रू (%) कोटक (%)
Mphasis Mid-cap 0.8 0.9 0.8 2.2
Sona BLW Precision Forgings Mid-cap 0.3 0.3 0.5 0.6
SRF Small-cap 0.4 0.1 0.8 1.1
PNB Housing Finance Small-cap 0.2 0.3 0.6 1.1
Kalpataru Projects Small-cap 0.2 0.4 0.6 1.4
सभी हाल के पोर्टफ़ोलियो डिस्क्लोज़र्स पर आधारित; डायरेक्ट प्लान्स

हर दिन ऐसा नहीं होता कि देश के सबसे बेहतर फ़ंड मैनेजर एक जैसे स्टॉक्स पर सहमत हों, खासकर उस मिड और स्मॉल-कैप स्पेस में जहां 400 से ज़्यादा नाम ध्यान खींचने की कोशिश करते हैं. लेकिन जब ऐसा होता है, तो उन स्टॉक्स पर दोबारा नज़र डालना बनता है. हालांकि, इसे रेकमंडेशन के तौर पर नहीं, बल्कि एक उपयोगी संकेत के रूप में देखना चाहिए.

अब करोड़ों का सवाल: इनमें से कितने आपके पास हैं?

अगर आपका जवाब है “कुछ”, तो आपने अच्छी कंपनियों में निवेश किया है. अगर जवाब है “कोई नहीं”, तो शायद आपके लिए अपने पोर्टफ़ोलियो की जांच का समय आ गया है.

अब वैल्यू रिसर्च स्टॉक रेटिंग्स की ओर रुख करें, जहां हर स्टॉक को चार प्रमुख मानदंडों पर आंका जाता है:

  • क्वालिटी
  • ग्रोथ 
  • वैल्यूएशन 
  • मोमेंटम

हमारी ये बहु-आयामी स्टॉक रेटिंग आपको अपनी निवेश शैली के अनुरूप रेटिंग देखने की सुविधा देती है. और चाहें तो आप हमारी कम्पोजिट रेटिंग को एक समग्र निष्कर्ष की तरह भी चुन सकते हैं.

ये भी पढ़ेंः कमाई के किंग हैं ये 5 स्मॉल-कैप, 5 साल में 9 से 22 गुना तक बढ़ा मुनाफ़ा

Disclaimer: यह कंटेंट सिर्फ़ जानकारी के लिए है और इसे निवेश सलाह या रेकमेंडेशन नहीं मानना चाहिए.

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