न्यूज़वायर

सेंसेक्स 7% ऊपर, मिड-कैप्स में 14% की रैली. निवेशकों का क्या रुख रहा?

अप्रैल 2026 के म्यूचुअल फ़ंड फ़्लो का डेटा बताता है कि भारतीय रिटेल निवेशक अब उतार-चढ़ाव को ख़तरे की घंटी नहीं, बल्कि मौक़े की तरह देखने लगे हैं

अप्रैल 2026 के म्यूचुअल फ़ंड फ़्लो का डेटा बताता है कि भारतीय रिटेल निवेशक अब उतार-चढ़ाव को ख़तरे की घंटी नहीं, बल्कि मौक़े की तरह देखने लगे हैंVinayak Pathak/AI-Generated Image

सारांशः अप्रैल कई मायनों में निवेशकों की परीक्षा लेने वाला महीना रहा - और आंकड़े बताते हैं कि वो इस परीक्षा में काफ़ी हद तक पास हुए. AMFI के हालिया नंबर एक ऐसी तब्दीली की तरफ़ इशारा कर रहे हैं जो धीरे-धीरे, महीने-दर-महीने आकार ले रही है.

भारत के म्यूचुअल फ़ंड निवेशकों ने अप्रैल में वैश्विक अनिश्चितता को काफ़ी हद तक नज़रअंदाज़ किया और इंडस्ट्री में कुल ₹3.22 लाख करोड़ का निवेश आया. इस उत्साह की बड़ी वजह घरेलू बाज़ार की ज़बरदस्त रैली रही - सेंसेक्स महीने भर में 7% चढ़ा, जबकि BSE मिड-कैप और स्मॉल-कैप इंडेक्स ने क्रमशः 14% और 20% की बढ़त दर्ज की.

इक्विटी फ़ंड फ़्लो में हल्की नरमी

एसोसिएशन ऑफ म्यूचुअल फ़ंड्स इन इंडिया (AMFI) के आंकड़ों के मुताबिक़, अप्रैल 2026 में इक्विटी-ओरिएंटेड म्यूचुअल फ़ंड्स में ₹38,440 करोड़ का नेट इनफ़्लो आया. यह मार्च के ₹40,450 करोड़ से क़रीब 5% कम है, लेकिन हाल के महीनों के हिसाब से अब भी मज़बूत आंकड़ा है.

इक्विटी सेगमेंट में फ़्लेक्सी-कैप फ़ंड्स सबसे आगे रहे और उन्होंने ₹10,147 करोड़ का नेट इनफ़्लो खींचा. इनका लगातार दबदबा बताता है कि निवेशक अब मार्केट-कैप के बारे में फ़ैसला ख़ुद लेने की बजाय फ़ंड मैनेजर पर छोड़ना पसंद कर रहे हैं - ख़ासकर जब वैश्विक माहौल अनिश्चित हो.

मिड-कैप और स्मॉल-कैप फ़ंड्स में भी अच्छी मांग बनी रही. इनमें क्रमशः ₹6,551 करोड़ और ₹6,885 करोड़ का इनफ़्लो आया. यह दिखाता है कि बीच-बीच में आने वाले उतार-चढ़ाव के बावजूद निवेशकों की ब्रॉडर मार्केट में दिलचस्पी कम नहीं हुई है.

हाइब्रिड फ़ंड्स की ज़बरदस्त वापसी

मार्च में नेगेटिव ज़ोन में जाने के बाद हाइब्रिड स्कीम्स ने अप्रैल में शानदार वापसी की और ₹20,565 करोड़ का नेट इनफ़्लो दर्ज किया. आर्बिट्राज़ फ़ंड्स, जिन्हें पिछले महीने भारी आउटफ़्लो झेलना पड़ा था, इस रिकवरी में सबसे आगे रहे - उनमें ₹12,378 करोड़ आए.

मल्टी-एसेट एलोकेशन फ़ंड्स में भी निवेशकों की लगातार दिलचस्पी देखने को मिली, क्योंकि वैश्विक अनिश्चितता के बीच लोग डाइवर्सिफ़िकेशन पर फ़ोकस करने वाली स्ट्रैटेजी की तरफ़ मुड़ रहे हैं.

डेट फ़ंड्स भी लौटे पटरी पर

डेट म्यूचुअल फ़ंड्स ने भी हाइब्रिड कैटेगरी जैसी ही वापसी दिखाई और अप्रैल में ₹2.47 लाख करोड़ का इनफ़्लो दर्ज हुआ. इसमें लिक्विड, ओवरनाइट और मनी मार्केट फ़ंड्स में आए मज़बूत फ़्लो का बड़ा हाथ रहा.

पैसिव साइड पर, गोल्ड ETFs में ₹3,040 करोड़ का नेट इनफ़्लो आया, जबकि सिल्वर ETFs इस ट्रेंड से उलट रहे और उनमें ₹126 करोड़ का आउटफ़्लो देखने को मिला.

SIP कंट्रीब्यूशन में थोड़ी गिरावट

कुल म्यूचुअल फ़ंड इनफ़्लो बढ़ने के बावजूद SIP योगदान में क़रीब 3% की हल्की गिरावट आई - मार्च के ₹32,087 करोड़ से घटकर अप्रैल में ₹31,115 करोड़ रह गया. हालांकि ऐतिहासिक आंकड़ों के मुक़ाबले यह रक़म अब भी ठीक-ठाक है.

बड़ी तस्वीर क्या कहती है?

इक्विटी और हाइब्रिड इनफ़्लो की यह लगातार रफ़्तार बताती है कि रिटेल निवेशकों के नज़रिए में एक शांत लेकिन अहम बदलाव आ रहा है. उतार-चढ़ाव, जो कभी पैसा निकालने का बहाना हुआ करता था, अब ख़रीदारी के मौक़े में तब्दील होता जा रहा है. हर महीने लॉन्ग-टर्म गोल के लिए होने वाला यह धीमा और स्थिर निवेश - हेडलाइन नंबरों के पीछे छुपी असली कहानी शायद यही है.

यह भी पढ़ेंः म्यूचुअल फ़ंड के नियम बदल गए: 3 बातें जो सच में मायने रखती हैं

वैल्यू रिसर्च से पूछें aks value research information

कोई सवाल छोटा नहीं होता. पर्सनल फ़ाइनांस, म्यूचुअल फ़ंड्स, या फिर स्टॉक्स पर बेझिझक अपने सवाल पूछिए, और हम आसान भाषा में आपको जवाब देंगे.


टॉप पिक

एक ग्लोबल फ़ंड नई SIP के लिए फिर से खुला

पढ़ने का समय 5 मिनटआकार रस्तोगी

इन 5 इक्विटी फ़ंड को मिली परफ़ेक्ट 5-स्टार रेटिंग

पढ़ने का समय 5 मिनटख्याति सिमरन नंदराजोग

भारत का ख़र्च कौन उठाता है? ये वो नहीं हैं जो आप सोचते हैं

पढ़ने का समय 5 मिनटधीरेंद्र कुमार

VIP आगे चल रही थी, Safari ने कैसे खेल पलट दिया?

पढ़ने का समय 7 मिनटसत्यजीत सेन

इंडेक्स फ़ंड अब वो उधार लेना बंद कर सकता है, जिसकी कभी ज़रूरत ही नहीं थी

पढ़ने का समय 6 मिनटश्रुति अग्रवाल

म्यूचुअल फंड पॉडकास्ट

updateनए एपिसोड हर शुक्रवार

रोज़ नहीं, साल में एक बार देखें

अपने पोर्टफ़ोलियो को रोज़ लाल-हरे रंग में देखने के बजाय, साल में सिर्फ़ एक बार ध्यान से देखना काफ़ी है

These are advertorial stories which keeps Value Research free for all. Click here to mark your interest for an ad-free experience in a paid plan

दूसरी कैटेगरी