
इन्श्योरेंस में सरलता अहम
स्टोरी कोड: 46426
मुकुल को लाइफ इन्श्योरेंस और हेल्थ इन्श्योरेंस दोनों को लेकर अपनी पॉलिसी च्वाइस में बदलाव करने की जरूरत है
मुकुल की उम्र 40 साल है। मुकुल बतौर मैनेजर काम कर रहे हैं और उनकी मंथली सैलरी 1.19 लाख रुपए है। उनकी एक तीन साल की बेटी है। मुकुल की वाइफ बॉयोटेक्नोलॉजिस्ट हैं और उनकी मंथली सैलरी 30,000 रुपए है।
मुकुल रेंट पर रहते हैं मासिक रेंट 17,000 रुपए है। हालांकि उन्होंने हाल में एक फ्लैट खरीदा है लेकिन लोकेशन से जुड़ी दिक्कतों की वजह से वे उस फ्लैट में नहीं रहने जा रहे हैं। इसके बजाए उनकी योजना अगले छह माह में इसे रेंट पर देने की है। इसके अलावा मुकुल ने 36.67 लाख रुपए इक्विटी में और लगभग 20 लाख रुपए पब्किल प्रॉविडेंट फंड यानी पीपीएफ में जमा किया है। उन्होंने 3.55 लाख रुपए डेट म्युचुअल फंड में जमा किया है।
मुकुल रिटायरमेंट के बाद की जरूरतों को पूरा करने लायक रिटायरमेंट कॉर्पस बनाना चाहते हैं। इसके अलावा वे बेटी की एजुकेशन और शादी के लिए भी कॉर्पस बनाना चाहते हैं। इसके अलावा उनको नए खरीदे गए घर के रजिस्ट्रेशन और इंटीरियर से जुड़े काम के लिए अगले तीन माह में कुछ लाख रुपयों की जरूरत होगी।
इमरजेंसी फंड
किसी के लिए भी छह माह के खर्च के बराबर रकम का इमरजेंसी फंड बनाना चाहिए। मुकुल के पास 1 47 लाख रुपए का इमरजेंसी फंड है। मुकुल ने यह रकम अल्ट्रा शार्ट ड्यूरेशन फंड में रखी है। उनका मासिक खर्च 65,000 रुपए है। ऐसे मे उनको अपना इमरजेंसी फंड 3.90 लाख रुपए तक बढ़ाना चाहिए। इसके लिए वे अपने डेट फंड के कॉर्पस का इस्तेमाल कर सकते हैं।
मुकुल ने समझदारी दिखाई और इमरजेंसी फंड की रकम अल्ट्रा शार्ट ड्यूरेशन डेट फंड में रखा है। इससे उनको लिक्विडिटी से समझौता किए बिना ऊंचा रिटर्न हासिल करने में मदद मिलेगी। लेकिन उनको इस बात का ध्यान रखना होगा कि अल्ट्रा शार्ट ड्यूरेशन डेट फंड भुनाने के बाद अकाउंट में आने में दो दिन का समय लगता है। यह रकम तुरंत बैंक अकाउंट में नहीं आती है। ऐसे में उनको इमरजेंसी कॉर्पस का कुछ हिस्सा स्वीप इन फिक्स्ड डिपॉजिट और सेविंग बैंक अकाउंट में रखना चाहिए।
क्या करें
इमरजेंसी फंड की रकम बढ़ा कर 3.90 लाख रुपए करनी चाहिए।
हेल्थ इन्श्योरेंस
मुकुल के पास 3 लाख रुपए का हेल्थ कवर है। लेकिन यह यूनिट लिंक्ड इन्श्योरेंस प्लान के साथ है। हाइब्रिड प्रोडक्ट से बचना चाहिए क्योंकि ये जरूरत पूरी करने लायक इन्श्योरेंस भी नहीं देते हैं और काफी महंगे भी होते हैं। दुर्भाग्य इस पॉलिसी में सरेंडर का ऑप्श्न नहीं है। ऐसे में या तो वे पॉलिसी जारी रखें या पॉलिसी को लैप्स हो जाने दें और नुकसान का बर्दाश्त करें।
मुकुल को कम से कम 3 लाख रुपए का हेल्थ कवर लेना चाहिए जिसमें वे खुद उनकी बेटी और वाइफ कवर हों। इसके लिए उनको लगभग 11,000 रुपए का सालाना प्रीमियम देना होगा।
क्या करें
अपनी फैमिली के लिए प्योर हेल्थ कवर खरीदें।
लाइफ इन्श्योरेंस
मुकुल के पास 1.84 करोड़ रुपए का टर्म प्लान है। इसके अलावा उनके पास और भी पारंपरिक जीवन बीमा प्लान हैं जो कुल मिला कर 5 लाख रुपए का बीमा कवर मुहैया कराते हैं। हमने पहले भी बताया है कि किसी को भी पांरपरिक जीवन बीमा प्लान या हाइब्रिड प्रोडक्ट में निवेश से बचना है। ऐसे प्लान में निवेश और बीमा दोनों कंपोनेंट होते हैं। लेकिन ये प्लान न तो जरूरत भर का बीमा कवर ही मुहैया कराते हैं और न ही निवेश पर अच्छा रिटर्न देते हैं। मुकुल को पांरपरिक जीवन प्लान को सरेंडर करने पर विचार करना चाहिए और इससे मिलने वाली रकम को इक्विटी में निवेश करना चाहिए। इक्विटी लंबी में अवधि में ऊंचा रिटर्न दे सकती है।
इसके अलावा उनको टर्म लाइफ कवर 1 करोड़ रुपए बढ़ाने पर विचार करना चाहिए क्योंकि मुकुल का टर्म कवर उनके न रहने पर परिवार की जरूरतों को पूरा करने के लिए शायद काफी न हो।
क्या करें
पारंपरिक जीवन बीमा प्लान को सरेंडर करें और मिलने वाली रकम इक्विटी में निवेश करें।
बेटियों की एजुकेशन और शादी
मुकुल बेटियों की हायर एजुकेशन पर 30 लाख रुपए और शादी पर 15 लाख रुपए खर्च करना चाहते हैं। अगर महंगाई दर 8 फीसदी मान लें तो जब तक इस रकम की जरूरत होगी तो यह रकम बढ़ कर 95.17 लाख रुपए और 81.55 लाख रुपए हो जाएगी।
इसके लिए वे इक्विटी में रखी रकम में से 24.13 लाख रुपए अलग कर सकते हैं। अगर अनुमानित सालाना रिटर्न 12 फीसदी मान लें तो उनकी जरूरत के लिए रकम का इंतजाम हो जाएगा। इसके विकल्प के तौर पर वे मल्टी कैप फंड में 16,000 रुपए की एसआईपी शुरू कर सकते हैं और एसआईपी की रकम सालाना 10 फीसदी तक बढ़ा सकते हैं।
इसके अलावा जब मुकुल का गोल पूरा होने वाला हो तो उनको 12 से 18 माह पहले रकम को इक्विटी से डेट फंड में ट्रांसफर करना शुरू कर देना चाहिए। इससे उनको अपना मुनाफा बाजार में अचानक गिरावट आने की सूरत में बचाने में मदद मिलेगी।
क्या करें
इक्विटी में 24.13 लाख रुपए अलग करें।
रिटायरमेंट
मुकुल की मौजूदा जीवन शैली को आधार बनाएं तो उनको रिटायरमेंट के बाद की जरूरतों के लिए 9.29 करोड़ रुपए की जरूरत होगी। मुकुल का ईपीएफ कंट्रीब्यूशन में अगर 10 फीसदी सालाना इजाफा मान लें तो इससे उनको रिटायरमेंट तक 1.81 करोड़ रुपए मिल जाएंगे। ईपीएफ का औसत रिटर्न सालना 8 फीसदी माना गया है।
मुकुल का पीपीएफ में निवेश अगले साल मैच्योर होने वाला है। इससे उनको 23.4 लाख रुपए मिलेंगे। उनको इस रकम को फैला कर 12 से 18 माह में इक्विटी फंड में निवेश करना चाहिए। इससे मुकुल को लंबी अवधि में पीपीएफ से ज्यादा रिटर्न मिलेगा। 12 फीसदी रिटर्न मान लें तो इससे उनको रिटायरमेंट तक 2.02 करोड़ की रकम मिलेगी। बाकी रकम का इंतजाम करने के लिए उनको 31,000 रुपए की मासिक एसआईपी शुरू करनी होगी। और एसआईपी की रकम में सालाना 10 फीसदी का इजाफा भी करना होगा।
क्या करें
31,000 रुपए की मासिक एसआईपी शुरू करें
पोर्टफोलियो
मुकुल के पास 11.55 लाख रुपए का कॉर्पस इक्विटी म्युचुअल फंड में 19.12 लाख रुपए स्टॉक में है। उनको सीधे स्टॉक में तभी निवेश करना चाहिए जब वे कंपनियों के बारे में रिसर्च कर सकें ओर समय समय पर स्टॉक के प्रदर्शन की समीक्षा कर सकें। अगर ऐसा नहीं कर सकते हैं स्टॉक से रकम निकाल कर इक्विटी फंड में निवेश कर देना चाहिए।
मुकुल की हर माह सरप्लस डेट फंड में जमा करने और इसके बाद इक्विटी फंड के लिए वीकली सिस्टमेटिक ट्रांसफर प्लान यानी एसटीपी सेटअप करने की आदत है। इस कैटेगरी में निवेश करने का कोई खास फायदा नहीं है और इससे प्रक्रिया से जुड़ी दिक्कतें और टैक्स के मसले पैदा होते हैं। और मुनाफा बहुत कम। इसके बजाए उनको बैंक अकाउंट से सीधे एसटीपी सेटअप करना चाहिए।
उनके सभी गोल 15 साल दूर हैं। इतनी लंबी अवधि के लिए मल्टी कैप फंड बहुत अच्छी तरह काम करते हैं। मल्टी कैप फंड अलग अलग साइज की और अलग अलग सेक्टर की कंपनियों में निवेश कर सकते हैं। उनकी मौजूदा म्युचुअल फंड पोर्टफोलियो में लगभग 50 फीसदी वैल्यू ओरिएंटेड फंड हैं। 25 फीसदी मल्टी कैप फंड में और 25 फीसदी लार्ज कैप फंड में। उनको लार्ज कैप निवेश को मल्टी कैप फंड में ट्रांसफर कर देना चाहिए। निवेश की लंबी अवधि को देखते हुए इस बात की अच्छी संभावना है कि मल्टी कैप फंड लार्ज कैप फंड से ज्यादा रिटर्न देंगे। वैल्यू फंड मल्टी कैप फंड की तरह हैं। इनका फोकस वैल्यू स्ट्रैटेजी पर होता है।
मुकुल अगले दो तीन माह अपना सरप्लस इकठ्ठा करके इसमें डेट फंड में रखी 1.12 लाख रुपए की रकम मिला सकते हैं। इससे वे नए खरीदे गए घर के लिए रजिस्ट्रेशन का शुल्क चुका सकते हैं। और उनको घर के इंटीरियर को लेकर ज्यादा महत्वाकांक्षी होने की जरूरत नहीं है। वैसे भी वे इस घर को रेंट पर देने वाले हैं।
क्या करें
लार्ज फंड से अपना निवेश निकाल कर मल्टी कैप फंड में लगाएं।
इन बातों का रखें ख्याल
-इमरजेंसी फंड छह माह के मासिक खर्च के बराबर होना चाहिए।
-इन्श्योरेंस और निवेश को अलग रखें। ऐसे हाइब्रिड पोडक्ट से बचें जो इन्श्योरेंस ऑफर करता है।
-लाइफ इन्श्योरेंस के लिए टर्म प्लान खरीदें।
-इक्विटी फंड लंबी अवधि में पीपीएफ से ज्यादा रिटर्न देता है।
-अपनी एसटीपी सरल रखें।
-इक्विटी फंड में मल्टी कैप फंड सबसे बेहतर हैं क्योंकि ये सभी साइज की -- कंपनियों में निवेश कर सकता है।
-लंबी अवधि का गोल करीब आने पर रकम डेट फंड में ट्रांसफर करना शुरू कर दें।
इन्श्योरेंस में सरलता अहम
स्टोरी कोड: 46426
मुकुल को लाइफ इन्श्योरेंस और हेल्थ इन्श्योरेंस दोनों को लेकर अपनी पॉलिसी च्वाइस में बदलाव करने की जरूरत है
मुकुल की उम्र 40 साल है। मुकुल बतौर मैनेजर काम कर रहे हैं और उनकी मंथली सैलरी 1.19 लाख रुपए है। उनकी एक तीन साल की बेटी है। मुकुल की वाइफ बॉयोटेक्नोलॉजिस्ट हैं और उनकी मंथली सैलरी 30,000 रुपए है।
मुकुल रेंट पर रहते हैं मासिक रेंट 17,000 रुपए है। हालांकि उन्होंने हाल में एक फ्लैट खरीदा है लेकिन लोकेशन से जुड़ी दिक्कतों की वजह से वे उस फ्लैट में नहीं रहने जा रहे हैं। इसके बजाए उनकी योजना अगले छह माह में इसे रेंट पर देने की है। इसके अलावा मुकुल ने 36.67 लाख रुपए इक्विटी में और लगभग 20 लाख रुपए पब्किल प्रॉविडेंट फंड यानी पीपीएफ में जमा किया है। उन्होंने 3.55 लाख रुपए डेट म्युचुअल फंड में जमा किया है।
मुकुल रिटायरमेंट के बाद की जरूरतों को पूरा करने लायक रिटायरमेंट कॉर्पस बनाना चाहते हैं। इसके अलावा वे बेटी की एजुकेशन और शादी के लिए भी कॉर्पस बनाना चाहते हैं। इसके अलावा उनको नए खरीदे गए घर के रजिस्ट्रेशन और इंटीरियर से जुड़े काम के लिए अगले तीन माह में कुछ लाख रुपयों की जरूरत होगी।
इमरजेंसी फंड
किसी के लिए भी छह माह के खर्च के बराबर रकम का इमरजेंसी फंड बनाना चाहिए। मुकुल के पास 1 47 लाख रुपए का इमरजेंसी फंड है। मुकुल ने यह रकम अल्ट्रा शार्ट ड्यूरेशन फंड में रखी है। उनका मासिक खर्च 65,000 रुपए है। ऐसे मे उनको अपना इमरजेंसी फंड 3.90 लाख रुपए तक बढ़ाना चाहिए। इसके लिए वे अपने डेट फंड के कॉर्पस का इस्तेमाल कर सकते हैं।
मुकुल ने समझदारी दिखाई और इमरजेंसी फंड की रकम अल्ट्रा शार्ट ड्यूरेशन डेट फंड में रखा है। इससे उनको लिक्विडिटी से समझौता किए बिना ऊंचा रिटर्न हासिल करने में मदद मिलेगी। लेकिन उनको इस बात का ध्यान रखना होगा कि अल्ट्रा शार्ट ड्यूरेशन डेट फंड भुनाने के बाद अकाउंट में आने में दो दिन का समय लगता है। यह रकम तुरंत बैंक अकाउंट में नहीं आती है। ऐसे में उनको इमरजेंसी कॉर्पस का कुछ हिस्सा स्वीप इन फिक्स्ड डिपॉजिट और सेविंग बैंक अकाउंट में रखना चाहिए।
क्या करें
इमरजेंसी फंड की रकम बढ़ा कर 3.90 लाख रुपए करनी चाहिए।
हेल्थ इन्श्योरेंस
मुकुल के पास 3 लाख रुपए का हेल्थ कवर है। लेकिन यह यूनिट लिंक्ड इन्श्योरेंस प्लान के साथ है। हाइब्रिड प्रोडक्ट से बचना चाहिए क्योंकि ये जरूरत पूरी करने लायक इन्श्योरेंस भी नहीं देते हैं और काफी महंगे भी होते हैं। दुर्भाग्य इस पॉलिसी में सरेंडर का ऑप्श्न नहीं है। ऐसे में या तो वे पॉलिसी जारी रखें या पॉलिसी को लैप्स हो जाने दें और नुकसान का बर्दाश्त करें।
मुकुल को कम से कम 3 लाख रुपए का हेल्थ कवर लेना चाहिए जिसमें वे खुद उनकी बेटी और वाइफ कवर हों। इसके लिए उनको लगभग 11,000 रुपए का सालाना प्रीमियम देना होगा।
क्या करें
अपनी फैमिली के लिए प्योर हेल्थ कवर खरीदें।
लाइफ इन्श्योरेंस
मुकुल के पास 1.84 करोड़ रुपए का टर्म प्लान है। इसके अलावा उनके पास और भी पारंपरिक जीवन बीमा प्लान हैं जो कुल मिला कर 5 लाख रुपए का बीमा कवर मुहैया कराते हैं। हमने पहले भी बताया है कि किसी को भी पांरपरिक जीवन बीमा प्लान या हाइब्रिड प्रोडक्ट में निवेश से बचना है। ऐसे प्लान में निवेश और बीमा दोनों कंपोनेंट होते हैं। लेकिन ये प्लान न तो जरूरत भर का बीमा कवर ही मुहैया कराते हैं और न ही निवेश पर अच्छा रिटर्न देते हैं। मुकुल को पांरपरिक जीवन प्लान को सरेंडर करने पर विचार करना चाहिए और इससे मिलने वाली रकम को इक्विटी में निवेश करना चाहिए। इक्विटी लंबी में अवधि में ऊंचा रिटर्न दे सकती है।
इसके अलावा उनको टर्म लाइफ कवर 1 करोड़ रुपए बढ़ाने पर विचार करना चाहिए क्योंकि मुकुल का टर्म कवर उनके न रहने पर परिवार की जरूरतों को पूरा करने के लिए शायद काफी न हो।
क्या करें
पारंपरिक जीवन बीमा प्लान को सरेंडर करें और मिलने वाली रकम इक्विटी में निवेश करें।
बेटियों की एजुकेशन और शादी
मुकुल बेटियों की हायर एजुकेशन पर 30 लाख रुपए और शादी पर 15 लाख रुपए खर्च करना चाहते हैं। अगर महंगाई दर 8 फीसदी मान लें तो जब तक इस रकम की जरूरत होगी तो यह रकम बढ़ कर 95.17 लाख रुपए और 81.55 लाख रुपए हो जाएगी।
इसके लिए वे इक्विटी में रखी रकम में से 24.13 लाख रुपए अलग कर सकते हैं। अगर अनुमानित सालाना रिटर्न 12 फीसदी मान लें तो उनकी जरूरत के लिए रकम का इंतजाम हो जाएगा। इसके विकल्प के तौर पर वे मल्टी कैप फंड में 16,000 रुपए की एसआईपी शुरू कर सकते हैं और एसआईपी की रकम सालाना 10 फीसदी तक बढ़ा सकते हैं।
इसके अलावा जब मुकुल का गोल पूरा होने वाला हो तो उनको 12 से 18 माह पहले रकम को इक्विटी से डेट फंड में ट्रांसफर करना शुरू कर देना चाहिए। इससे उनको अपना मुनाफा बाजार में अचानक गिरावट आने की सूरत में बचाने में मदद मिलेगी।
क्या करें
इक्विटी में 24.13 लाख रुपए अलग करें।
रिटायरमेंट
मुकुल की मौजूदा जीवन शैली को आधार बनाएं तो उनको रिटायरमेंट के बाद की जरूरतों के लिए 9.29 करोड़ रुपए की जरूरत होगी। मुकुल का ईपीएफ कंट्रीब्यूशन में अगर 10 फीसदी सालाना इजाफा मान लें तो इससे उनको रिटायरमेंट तक 1.81 करोड़ रुपए मिल जाएंगे। ईपीएफ का औसत रिटर्न सालना 8 फीसदी माना गया है।
मुकुल का पीपीएफ में निवेश अगले साल मैच्योर होने वाला है। इससे उनको 23.4 लाख रुपए मिलेंगे। उनको इस रकम को फैला कर 12 से 18 माह में इक्विटी फंड में निवेश करना चाहिए। इससे मुकुल को लंबी अवधि में पीपीएफ से ज्यादा रिटर्न मिलेगा। 12 फीसदी रिटर्न मान लें तो इससे उनको रिटायरमेंट तक 2.02 करोड़ की रकम मिलेगी। बाकी रकम का इंतजाम करने के लिए उनको 31,000 रुपए की मासिक एसआईपी शुरू करनी होगी। और एसआईपी की रकम में सालाना 10 फीसदी का इजाफा भी करना होगा।
क्या करें
31,000 रुपए की मासिक एसआईपी शुरू करें
पोर्टफोलियो
मुकुल के पास 11.55 लाख रुपए का कॉर्पस इक्विटी म्युचुअल फंड में 19.12 लाख रुपए स्टॉक में है। उनको सीधे स्टॉक में तभी निवेश करना चाहिए जब वे कंपनियों के बारे में रिसर्च कर सकें ओर समय समय पर स्टॉक के प्रदर्शन की समीक्षा कर सकें। अगर ऐसा नहीं कर सकते हैं स्टॉक से रकम निकाल कर इक्विटी फंड में निवेश कर देना चाहिए।
मुकुल की हर माह सरप्लस डेट फंड में जमा करने और इसके बाद इक्विटी फंड के लिए वीकली सिस्टमेटिक ट्रांसफर प्लान यानी एसटीपी सेटअप करने की आदत है। इस कैटेगरी में निवेश करने का कोई खास फायदा नहीं है और इससे प्रक्रिया से जुड़ी दिक्कतें और टैक्स के मसले पैदा होते हैं। और मुनाफा बहुत कम। इसके बजाए उनको बैंक अकाउंट से सीधे एसटीपी सेटअप करना चाहिए।
उनके सभी गोल 15 साल दूर हैं। इतनी लंबी अवधि के लिए मल्टी कैप फंड बहुत अच्छी तरह काम करते हैं। मल्टी कैप फंड अलग अलग साइज की और अलग अलग सेक्टर की कंपनियों में निवेश कर सकते हैं। उनकी मौजूदा म्युचुअल फंड पोर्टफोलियो में लगभग 50 फीसदी वैल्यू ओरिएंटेड फंड हैं। 25 फीसदी मल्टी कैप फंड में और 25 फीसदी लार्ज कैप फंड में। उनको लार्ज कैप निवेश को मल्टी कैप फंड में ट्रांसफर कर देना चाहिए। निवेश की लंबी अवधि को देखते हुए इस बात की अच्छी संभावना है कि मल्टी कैप फंड लार्ज कैप फंड से ज्यादा रिटर्न देंगे। वैल्यू फंड मल्टी कैप फंड की तरह हैं। इनका फोकस वैल्यू स्ट्रैटेजी पर होता है।
मुकुल अगले दो तीन माह अपना सरप्लस इकठ्ठा करके इसमें डेट फंड में रखी 1.12 लाख रुपए की रकम मिला सकते हैं। इससे वे नए खरीदे गए घर के लिए रजिस्ट्रेशन का शुल्क चुका सकते हैं। और उनको घर के इंटीरियर को लेकर ज्यादा महत्वाकांक्षी होने की जरूरत नहीं है। वैसे भी वे इस घर को रेंट पर देने वाले हैं।
क्या करें
लार्ज फंड से अपना निवेश निकाल कर मल्टी कैप फंड में लगाएं।
इन बातों का रखें ख्याल
-इमरजेंसी फंड छह माह के मासिक खर्च के बराबर होना चाहिए।
-इन्श्योरेंस और निवेश को अलग रखें। ऐसे हाइब्रिड पोडक्ट से बचें जो इन्श्योरेंस ऑफर करता है।
-लाइफ इन्श्योरेंस के लिए टर्म प्लान खरीदें।
-इक्विटी फंड लंबी अवधि में पीपीएफ से ज्यादा रिटर्न देता है।
-अपनी एसटीपी सरल रखें।
-इक्विटी फंड में मल्टी कैप फंड सबसे बेहतर हैं क्योंकि ये सभी साइज की -- कंपनियों में निवेश कर सकता है।
-लंबी अवधि का गोल करीब आने पर रकम डेट फंड में ट्रांसफर करना शुरू कर दें।
इन्श्योरेंस में सरलता अहम
स्टोरी कोड: 46426
मुकुल को लाइफ इन्श्योरेंस और हेल्थ इन्श्योरेंस दोनों को लेकर अपनी पॉलिसी च्वाइस में बदलाव करने की जरूरत है
मुकुल की उम्र 40 साल है। मुकुल बतौर मैनेजर काम कर रहे हैं और उनकी मंथली सैलरी 1.19 लाख रुपए है। उनकी एक तीन साल की बेटी है। मुकुल की वाइफ बॉयोटेक्नोलॉजिस्ट हैं और उनकी मंथली सैलरी 30,000 रुपए है।
मुकुल रेंट पर रहते हैं मासिक रेंट 17,000 रुपए है। हालांकि उन्होंने हाल में एक फ्लैट खरीदा है लेकिन लोकेशन से जुड़ी दिक्कतों की वजह से वे उस फ्लैट में नहीं रहने जा रहे हैं। इसके बजाए उनकी योजना अगले छह माह में इसे रेंट पर देने की है। इसके अलावा मुकुल ने 36.67 लाख रुपए इक्विटी में और लगभग 20 लाख रुपए पब्किल प्रॉविडेंट फंड यानी पीपीएफ में जमा किया है। उन्होंने 3.55 लाख रुपए डेट म्युचुअल फंड में जमा किया है।
मुकुल रिटायरमेंट के बाद की जरूरतों को पूरा करने लायक रिटायरमेंट कॉर्पस बनाना चाहते हैं। इसके अलावा वे बेटी की एजुकेशन और शादी के लिए भी कॉर्पस बनाना चाहते हैं। इसके अलावा उनको नए खरीदे गए घर के रजिस्ट्रेशन और इंटीरियर से जुड़े काम के लिए अगले तीन माह में कुछ लाख रुपयों की जरूरत होगी।
इमरजेंसी फंड
किसी के लिए भी छह माह के खर्च के बराबर रकम का इमरजेंसी फंड बनाना चाहिए। मुकुल के पास 1 47 लाख रुपए का इमरजेंसी फंड है। मुकुल ने यह रकम अल्ट्रा शार्ट ड्यूरेशन फंड में रखी है। उनका मासिक खर्च 65,000 रुपए है। ऐसे मे उनको अपना इमरजेंसी फंड 3.90 लाख रुपए तक बढ़ाना चाहिए। इसके लिए वे अपने डेट फंड के कॉर्पस का इस्तेमाल कर सकते हैं।
मुकुल ने समझदारी दिखाई और इमरजेंसी फंड की रकम अल्ट्रा शार्ट ड्यूरेशन डेट फंड में रखा है। इससे उनको लिक्विडिटी से समझौता किए बिना ऊंचा रिटर्न हासिल करने में मदद मिलेगी। लेकिन उनको इस बात का ध्यान रखना होगा कि अल्ट्रा शार्ट ड्यूरेशन डेट फंड भुनाने के बाद अकाउंट में आने में दो दिन का समय लगता है। यह रकम तुरंत बैंक अकाउंट में नहीं आती है। ऐसे में उनको इमरजेंसी कॉर्पस का कुछ हिस्सा स्वीप इन फिक्स्ड डिपॉजिट और सेविंग बैंक अकाउंट में रखना चाहिए।
क्या करें
इमरजेंसी फंड की रकम बढ़ा कर 3.90 लाख रुपए करनी चाहिए।
हेल्थ इन्श्योरेंस
मुकुल के पास 3 लाख रुपए का हेल्थ कवर है। लेकिन यह यूनिट लिंक्ड इन्श्योरेंस प्लान के साथ है। हाइब्रिड प्रोडक्ट से बचना चाहिए क्योंकि ये जरूरत पूरी करने लायक इन्श्योरेंस भी नहीं देते हैं और काफी महंगे भी होते हैं। दुर्भाग्य इस पॉलिसी में सरेंडर का ऑप्श्न नहीं है। ऐसे में या तो वे पॉलिसी जारी रखें या पॉलिसी को लैप्स हो जाने दें और नुकसान का बर्दाश्त करें।
मुकुल को कम से कम 3 लाख रुपए का हेल्थ कवर लेना चाहिए जिसमें वे खुद उनकी बेटी और वाइफ कवर हों। इसके लिए उनको लगभग 11,000 रुपए का सालाना प्रीमियम देना होगा।
क्या करें
अपनी फैमिली के लिए प्योर हेल्थ कवर खरीदें।
लाइफ इन्श्योरेंस
मुकुल के पास 1.84 करोड़ रुपए का टर्म प्लान है। इसके अलावा उनके पास और भी पारंपरिक जीवन बीमा प्लान हैं जो कुल मिला कर 5 लाख रुपए का बीमा कवर मुहैया कराते हैं। हमने पहले भी बताया है कि किसी को भी पांरपरिक जीवन बीमा प्लान या हाइब्रिड प्रोडक्ट में निवेश से बचना है। ऐसे प्लान में निवेश और बीमा दोनों कंपोनेंट होते हैं। लेकिन ये प्लान न तो जरूरत भर का बीमा कवर ही मुहैया कराते हैं और न ही निवेश पर अच्छा रिटर्न देते हैं। मुकुल को पांरपरिक जीवन प्लान को सरेंडर करने पर विचार करना चाहिए और इससे मिलने वाली रकम को इक्विटी में निवेश करना चाहिए। इक्विटी लंबी में अवधि में ऊंचा रिटर्न दे सकती है।
इसके अलावा उनको टर्म लाइफ कवर 1 करोड़ रुपए बढ़ाने पर विचार करना चाहिए क्योंकि मुकुल का टर्म कवर उनके न रहने पर परिवार की जरूरतों को पूरा करने के लिए शायद काफी न हो।
क्या करें
पारंपरिक जीवन बीमा प्लान को सरेंडर करें और मिलने वाली रकम इक्विटी में निवेश करें।
बेटियों की एजुकेशन और शादी
मुकुल बेटियों की हायर एजुकेशन पर 30 लाख रुपए और शादी पर 15 लाख रुपए खर्च करना चाहते हैं। अगर महंगाई दर 8 फीसदी मान लें तो जब तक इस रकम की जरूरत होगी तो यह रकम बढ़ कर 95.17 लाख रुपए और 81.55 लाख रुपए हो जाएगी।
इसके लिए वे इक्विटी में रखी रकम में से 24.13 लाख रुपए अलग कर सकते हैं। अगर अनुमानित सालाना रिटर्न 12 फीसदी मान लें तो उनकी जरूरत के लिए रकम का इंतजाम हो जाएगा। इसके विकल्प के तौर पर वे मल्टी कैप फंड में 16,000 रुपए की एसआईपी शुरू कर सकते हैं और एसआईपी की रकम सालाना 10 फीसदी तक बढ़ा सकते हैं।
इसके अलावा जब मुकुल का गोल पूरा होने वाला हो तो उनको 12 से 18 माह पहले रकम को इक्विटी से डेट फंड में ट्रांसफर करना शुरू कर देना चाहिए। इससे उनको अपना मुनाफा बाजार में अचानक गिरावट आने की सूरत में बचाने में मदद मिलेगी।
क्या करें
इक्विटी में 24.13 लाख रुपए अलग करें।
रिटायरमेंट
मुकुल की मौजूदा जीवन शैली को आधार बनाएं तो उनको रिटायरमेंट के बाद की जरूरतों के लिए 9.29 करोड़ रुपए की जरूरत होगी। मुकुल का ईपीएफ कंट्रीब्यूशन में अगर 10 फीसदी सालाना इजाफा मान लें तो इससे उनको रिटायरमेंट तक 1.81 करोड़ रुपए मिल जाएंगे। ईपीएफ का औसत रिटर्न सालना 8 फीसदी माना गया है।
मुकुल का पीपीएफ में निवेश अगले साल मैच्योर होने वाला है। इससे उनको 23.4 लाख रुपए मिलेंगे। उनको इस रकम को फैला कर 12 से 18 माह में इक्विटी फंड में निवेश करना चाहिए। इससे मुकुल को लंबी अवधि में पीपीएफ से ज्यादा रिटर्न मिलेगा। 12 फीसदी रिटर्न मान लें तो इससे उनको रिटायरमेंट तक 2.02 करोड़ की रकम मिलेगी। बाकी रकम का इंतजाम करने के लिए उनको 31,000 रुपए की मासिक एसआईपी शुरू करनी होगी। और एसआईपी की रकम में सालाना 10 फीसदी का इजाफा भी करना होगा।
क्या करें
31,000 रुपए की मासिक एसआईपी शुरू करें
पोर्टफोलियो
मुकुल के पास 11.55 लाख रुपए का कॉर्पस इक्विटी म्युचुअल फंड में 19.12 लाख रुपए स्टॉक में है। उनको सीधे स्टॉक में तभी निवेश करना चाहिए जब वे कंपनियों के बारे में रिसर्च कर सकें ओर समय समय पर स्टॉक के प्रदर्शन की समीक्षा कर सकें। अगर ऐसा नहीं कर सकते हैं स्टॉक से रकम निकाल कर इक्विटी फंड में निवेश कर देना चाहिए।
मुकुल की हर माह सरप्लस डेट फंड में जमा करने और इसके बाद इक्विटी फंड के लिए वीकली सिस्टमेटिक ट्रांसफर प्लान यानी एसटीपी सेटअप करने की आदत है। इस कैटेगरी में निवेश करने का कोई खास फायदा नहीं है और इससे प्रक्रिया से जुड़ी दिक्कतें और टैक्स के मसले पैदा होते हैं। और मुनाफा बहुत कम। इसके बजाए उनको बैंक अकाउंट से सीधे एसटीपी सेटअप करना चाहिए।
उनके सभी गोल 15 साल दूर हैं। इतनी लंबी अवधि के लिए मल्टी कैप फंड बहुत अच्छी तरह काम करते हैं। मल्टी कैप फंड अलग अलग साइज की और अलग अलग सेक्टर की कंपनियों में निवेश कर सकते हैं। उनकी मौजूदा म्युचुअल फंड पोर्टफोलियो में लगभग 50 फीसदी वैल्यू ओरिएंटेड फंड हैं। 25 फीसदी मल्टी कैप फंड में और 25 फीसदी लार्ज कैप फंड में। उनको लार्ज कैप निवेश को मल्टी कैप फंड में ट्रांसफर कर देना चाहिए। निवेश की लंबी अवधि को देखते हुए इस बात की अच्छी संभावना है कि मल्टी कैप फंड लार्ज कैप फंड से ज्यादा रिटर्न देंगे। वैल्यू फंड मल्टी कैप फंड की तरह हैं। इनका फोकस वैल्यू स्ट्रैटेजी पर होता है।
मुकुल अगले दो तीन माह अपना सरप्लस इकठ्ठा करके इसमें डेट फंड में रखी 1.12 लाख रुपए की रकम मिला सकते हैं। इससे वे नए खरीदे गए घर के लिए रजिस्ट्रेशन का शुल्क चुका सकते हैं। और उनको घर के इंटीरियर को लेकर ज्यादा महत्वाकांक्षी होने की जरूरत नहीं है। वैसे भी वे इस घर को रेंट पर देने वाले हैं।
क्या करें
लार्ज फंड से अपना निवेश निकाल कर मल्टी कैप फंड में लगाएं।
इन बातों का रखें ख्याल
-इमरजेंसी फंड छह माह के मासिक खर्च के बराबर होना चाहिए।
-इन्श्योरेंस और निवेश को अलग रखें। ऐसे हाइब्रिड पोडक्ट से बचें जो इन्श्योरेंस ऑफर करता है।
-लाइफ इन्श्योरेंस के लिए टर्म प्लान खरीदें।
-इक्विटी फंड लंबी अवधि में पीपीएफ से ज्यादा रिटर्न देता है।
-अपनी एसटीपी सरल रखें।
-इक्विटी फंड में मल्टी कैप फंड सबसे बेहतर हैं क्योंकि ये सभी साइज की -- कंपनियों में निवेश कर सकता है।
-लंबी अवधि का गोल करीब आने पर रकम डेट फंड में ट्रांसफर करना शुरू कर दें।
इन्श्योरेंस में सरलता अहम
स्टोरी कोड: 46426
मुकुल को लाइफ इन्श्योरेंस और हेल्थ इन्श्योरेंस दोनों को लेकर अपनी पॉलिसी च्वाइस में बदलाव करने की जरूरत है
मुकुल की उम्र 40 साल है। मुकुल बतौर मैनेजर काम कर रहे हैं और उनकी मंथली सैलरी 1.19 लाख रुपए है। उनकी एक तीन साल की बेटी है। मुकुल की वाइफ बॉयोटेक्नोलॉजिस्ट हैं और उनकी मंथली सैलरी 30,000 रुपए है।
मुकुल रेंट पर रहते हैं मासिक रेंट 17,000 रुपए है। हालांकि उन्होंने हाल में एक फ्लैट खरीदा है लेकिन लोकेशन से जुड़ी दिक्कतों की वजह से वे उस फ्लैट में नहीं रहने जा रहे हैं। इसके बजाए उनकी योजना अगले छह माह में इसे रेंट पर देने की है। इसके अलावा मुकुल ने 36.67 लाख रुपए इक्विटी में और लगभग 20 लाख रुपए पब्किल प्रॉविडेंट फंड यानी पीपीएफ में जमा किया है। उन्होंने 3.55 लाख रुपए डेट म्युचुअल फंड में जमा किया है।
मुकुल रिटायरमेंट के बाद की जरूरतों को पूरा करने लायक रिटायरमेंट कॉर्पस बनाना चाहते हैं। इसके अलावा वे बेटी की एजुकेशन और शादी के लिए भी कॉर्पस बनाना चाहते हैं। इसके अलावा उनको नए खरीदे गए घर के रजिस्ट्रेशन और इंटीरियर से जुड़े काम के लिए अगले तीन माह में कुछ लाख रुपयों की जरूरत होगी।
इमरजेंसी फंड
किसी के लिए भी छह माह के खर्च के बराबर रकम का इमरजेंसी फंड बनाना चाहिए। मुकुल के पास 1 47 लाख रुपए का इमरजेंसी फंड है। मुकुल ने यह रकम अल्ट्रा शार्ट ड्यूरेशन फंड में रखी है। उनका मासिक खर्च 65,000 रुपए है। ऐसे मे उनको अपना इमरजेंसी फंड 3.90 लाख रुपए तक बढ़ाना चाहिए। इसके लिए वे अपने डेट फंड के कॉर्पस का इस्तेमाल कर सकते हैं।
मुकुल ने समझदारी दिखाई और इमरजेंसी फंड की रकम अल्ट्रा शार्ट ड्यूरेशन डेट फंड में रखा है। इससे उनको लिक्विडिटी से समझौता किए बिना ऊंचा रिटर्न हासिल करने में मदद मिलेगी। लेकिन उनको इस बात का ध्यान रखना होगा कि अल्ट्रा शार्ट ड्यूरेशन डेट फंड भुनाने के बाद अकाउंट में आने में दो दिन का समय लगता है। यह रकम तुरंत बैंक अकाउंट में नहीं आती है। ऐसे में उनको इमरजेंसी कॉर्पस का कुछ हिस्सा स्वीप इन फिक्स्ड डिपॉजिट और सेविंग बैंक अकाउंट में रखना चाहिए।
क्या करें
इमरजेंसी फंड की रकम बढ़ा कर 3.90 लाख रुपए करनी चाहिए।
हेल्थ इन्श्योरेंस
मुकुल के पास 3 लाख रुपए का हेल्थ कवर है। लेकिन यह यूनिट लिंक्ड इन्श्योरेंस प्लान के साथ है। हाइब्रिड प्रोडक्ट से बचना चाहिए क्योंकि ये जरूरत पूरी करने लायक इन्श्योरेंस भी नहीं देते हैं और काफी महंगे भी होते हैं। दुर्भाग्य इस पॉलिसी में सरेंडर का ऑप्श्न नहीं है। ऐसे में या तो वे पॉलिसी जारी रखें या पॉलिसी को लैप्स हो जाने दें और नुकसान का बर्दाश्त करें।
मुकुल को कम से कम 3 लाख रुपए का हेल्थ कवर लेना चाहिए जिसमें वे खुद उनकी बेटी और वाइफ कवर हों। इसके लिए उनको लगभग 11,000 रुपए का सालाना प्रीमियम देना होगा।
क्या करें
अपनी फैमिली के लिए प्योर हेल्थ कवर खरीदें।
लाइफ इन्श्योरेंस
मुकुल के पास 1.84 करोड़ रुपए का टर्म प्लान है। इसके अलावा उनके पास और भी पारंपरिक जीवन बीमा प्लान हैं जो कुल मिला कर 5 लाख रुपए का बीमा कवर मुहैया कराते हैं। हमने पहले भी बताया है कि किसी को भी पांरपरिक जीवन बीमा प्लान या हाइब्रिड प्रोडक्ट में निवेश से बचना है। ऐसे प्लान में निवेश और बीमा दोनों कंपोनेंट होते हैं। लेकिन ये प्लान न तो जरूरत भर का बीमा कवर ही मुहैया कराते हैं और न ही निवेश पर अच्छा रिटर्न देते हैं। मुकुल को पांरपरिक जीवन प्लान को सरेंडर करने पर विचार करना चाहिए और इससे मिलने वाली रकम को इक्विटी में निवेश करना चाहिए। इक्विटी लंबी में अवधि में ऊंचा रिटर्न दे सकती है।
इसके अलावा उनको टर्म लाइफ कवर 1 करोड़ रुपए बढ़ाने पर विचार करना चाहिए क्योंकि मुकुल का टर्म कवर उनके न रहने पर परिवार की जरूरतों को पूरा करने के लिए शायद काफी न हो।
क्या करें
पारंपरिक जीवन बीमा प्लान को सरेंडर करें और मिलने वाली रकम इक्विटी में निवेश करें।
बेटियों की एजुकेशन और शादी
मुकुल बेटियों की हायर एजुकेशन पर 30 लाख रुपए और शादी पर 15 लाख रुपए खर्च करना चाहते हैं। अगर महंगाई दर 8 फीसदी मान लें तो जब तक इस रकम की जरूरत होगी तो यह रकम बढ़ कर 95.17 लाख रुपए और 81.55 लाख रुपए हो जाएगी।
इसके लिए वे इक्विटी में रखी रकम में से 24.13 लाख रुपए अलग कर सकते हैं। अगर अनुमानित सालाना रिटर्न 12 फीसदी मान लें तो उनकी जरूरत के लिए रकम का इंतजाम हो जाएगा। इसके विकल्प के तौर पर वे मल्टी कैप फंड में 16,000 रुपए की एसआईपी शुरू कर सकते हैं और एसआईपी की रकम सालाना 10 फीसदी तक बढ़ा सकते हैं।
इसके अलावा जब मुकुल का गोल पूरा होने वाला हो तो उनको 12 से 18 माह पहले रकम को इक्विटी से डेट फंड में ट्रांसफर करना शुरू कर देना चाहिए। इससे उनको अपना मुनाफा बाजार में अचानक गिरावट आने की सूरत में बचाने में मदद मिलेगी।
क्या करें
इक्विटी में 24.13 लाख रुपए अलग करें।
रिटायरमेंट
मुकुल की मौजूदा जीवन शैली को आधार बनाएं तो उनको रिटायरमेंट के बाद की जरूरतों के लिए 9.29 करोड़ रुपए की जरूरत होगी। मुकुल का ईपीएफ कंट्रीब्यूशन में अगर 10 फीसदी सालाना इजाफा मान लें तो इससे उनको रिटायरमेंट तक 1.81 करोड़ रुपए मिल जाएंगे। ईपीएफ का औसत रिटर्न सालना 8 फीसदी माना गया है।
मुकुल का पीपीएफ में निवेश अगले साल मैच्योर होने वाला है। इससे उनको 23.4 लाख रुपए मिलेंगे। उनको इस रकम को फैला कर 12 से 18 माह में इक्विटी फंड में निवेश करना चाहिए। इससे मुकुल को लंबी अवधि में पीपीएफ से ज्यादा रिटर्न मिलेगा। 12 फीसदी रिटर्न मान लें तो इससे उनको रिटायरमेंट तक 2.02 करोड़ की रकम मिलेगी। बाकी रकम का इंतजाम करने के लिए उनको 31,000 रुपए की मासिक एसआईपी शुरू करनी होगी। और एसआईपी की रकम में सालाना 10 फीसदी का इजाफा भी करना होगा।
क्या करें
31,000 रुपए की मासिक एसआईपी शुरू करें
पोर्टफोलियो
मुकुल के पास 11.55 लाख रुपए का कॉर्पस इक्विटी म्युचुअल फंड में 19.12 लाख रुपए स्टॉक में है। उनको सीधे स्टॉक में तभी निवेश करना चाहिए जब वे कंपनियों के बारे में रिसर्च कर सकें ओर समय समय पर स्टॉक के प्रदर्शन की समीक्षा कर सकें। अगर ऐसा नहीं कर सकते हैं स्टॉक से रकम निकाल कर इक्विटी फंड में निवेश कर देना चाहिए।
मुकुल की हर माह सरप्लस डेट फंड में जमा करने और इसके बाद इक्विटी फंड के लिए वीकली सिस्टमेटिक ट्रांसफर प्लान यानी एसटीपी सेटअप करने की आदत है। इस कैटेगरी में निवेश करने का कोई खास फायदा नहीं है और इससे प्रक्रिया से जुड़ी दिक्कतें और टैक्स के मसले पैदा होते हैं। और मुनाफा बहुत कम। इसके बजाए उनको बैंक अकाउंट से सीधे एसटीपी सेटअप करना चाहिए।
उनके सभी गोल 15 साल दूर हैं। इतनी लंबी अवधि के लिए मल्टी कैप फंड बहुत अच्छी तरह काम करते हैं। मल्टी कैप फंड अलग अलग साइज की और अलग अलग सेक्टर की कंपनियों में निवेश कर सकते हैं। उनकी मौजूदा म्युचुअल फंड पोर्टफोलियो में लगभग 50 फीसदी वैल्यू ओरिएंटेड फंड हैं। 25 फीसदी मल्टी कैप फंड में और 25 फीसदी लार्ज कैप फंड में। उनको लार्ज कैप निवेश को मल्टी कैप फंड में ट्रांसफर कर देना चाहिए। निवेश की लंबी अवधि को देखते हुए इस बात की अच्छी संभावना है कि मल्टी कैप फंड लार्ज कैप फंड से ज्यादा रिटर्न देंगे। वैल्यू फंड मल्टी कैप फंड की तरह हैं। इनका फोकस वैल्यू स्ट्रैटेजी पर होता है।
मुकुल अगले दो तीन माह अपना सरप्लस इकठ्ठा करके इसमें डेट फंड में रखी 1.12 लाख रुपए की रकम मिला सकते हैं। इससे वे नए खरीदे गए घर के लिए रजिस्ट्रेशन का शुल्क चुका सकते हैं। और उनको घर के इंटीरियर को लेकर ज्यादा महत्वाकांक्षी होने की जरूरत नहीं है। वैसे भी वे इस घर को रेंट पर देने वाले हैं।
क्या करें
लार्ज फंड से अपना निवेश निकाल कर मल्टी कैप फंड में लगाएं।
इन बातों का रखें ख्याल
-इमरजेंसी फंड छह माह के मासिक खर्च के बराबर होना चाहिए।
-इन्श्योरेंस और निवेश को अलग रखें। ऐसे हाइब्रिड पोडक्ट से बचें जो इन्श्योरेंस ऑफर करता है।
-लाइफ इन्श्योरेंस के लिए टर्म प्लान खरीदें।
-इक्विटी फंड लंबी अवधि में पीपीएफ से ज्यादा रिटर्न देता है।
-अपनी एसटीपी सरल रखें।
-इक्विटी फंड में मल्टी कैप फंड सबसे बेहतर हैं क्योंकि ये सभी साइज की -- कंपनियों में निवेश कर सकता है।
-लंबी अवधि का गोल करीब आने पर रकम डेट फंड में ट्रांसफर करना शुरू कर दें।
इन्श्योरेंस में सरलता अहम
स्टोरी कोड: 46426
मुकुल को लाइफ इन्श्योरेंस और हेल्थ इन्श्योरेंस दोनों को लेकर अपनी पॉलिसी च्वाइस में बदलाव करने की जरूरत है
मुकुल की उम्र 40 साल है। मुकुल बतौर मैनेजर काम कर रहे हैं और उनकी मंथली सैलरी 1.19 लाख रुपए है। उनकी एक तीन साल की बेटी है। मुकुल की वाइफ बॉयोटेक्नोलॉजिस्ट हैं और उनकी मंथली सैलरी 30,000 रुपए है।
मुकुल रेंट पर रहते हैं मासिक रेंट 17,000 रुपए है। हालांकि उन्होंने हाल में एक फ्लैट खरीदा है लेकिन लोकेशन से जुड़ी दिक्कतों की वजह से वे उस फ्लैट में नहीं रहने जा रहे हैं। इसके बजाए उनकी योजना अगले छह माह में इसे रेंट पर देने की है। इसके अलावा मुकुल ने 36.67 लाख रुपए इक्विटी में और लगभग 20 लाख रुपए पब्किल प्रॉविडेंट फंड यानी पीपीएफ में जमा किया है। उन्होंने 3.55 लाख रुपए डेट म्युचुअल फंड में जमा किया है।
मुकुल रिटायरमेंट के बाद की जरूरतों को पूरा करने लायक रिटायरमेंट कॉर्पस बनाना चाहते हैं। इसके अलावा वे बेटी की एजुकेशन और शादी के लिए भी कॉर्पस बनाना चाहते हैं। इसके अलावा उनको नए खरीदे गए घर के रजिस्ट्रेशन और इंटीरियर से जुड़े काम के लिए अगले तीन माह में कुछ लाख रुपयों की जरूरत होगी।
इमरजेंसी फंड
किसी के लिए भी छह माह के खर्च के बराबर रकम का इमरजेंसी फंड बनाना चाहिए। मुकुल के पास 1 47 लाख रुपए का इमरजेंसी फंड है। मुकुल ने यह रकम अल्ट्रा शार्ट ड्यूरेशन फंड में रखी है। उनका मासिक खर्च 65,000 रुपए है। ऐसे मे उनको अपना इमरजेंसी फंड 3.90 लाख रुपए तक बढ़ाना चाहिए। इसके लिए वे अपने डेट फंड के कॉर्पस का इस्तेमाल कर सकते हैं।
मुकुल ने समझदारी दिखाई और इमरजेंसी फंड की रकम अल्ट्रा शार्ट ड्यूरेशन डेट फंड में रखा है। इससे उनको लिक्विडिटी से समझौता किए बिना ऊंचा रिटर्न हासिल करने में मदद मिलेगी। लेकिन उनको इस बात का ध्यान रखना होगा कि अल्ट्रा शार्ट ड्यूरेशन डेट फंड भुनाने के बाद अकाउंट में आने में दो दिन का समय लगता है। यह रकम तुरंत बैंक अकाउंट में नहीं आती है। ऐसे में उनको इमरजेंसी कॉर्पस का कुछ हिस्सा स्वीप इन फिक्स्ड डिपॉजिट और सेविंग बैंक अकाउंट में रखना चाहिए।
क्या करें
इमरजेंसी फंड की रकम बढ़ा कर 3.90 लाख रुपए करनी चाहिए।
हेल्थ इन्श्योरेंस
मुकुल के पास 3 लाख रुपए का हेल्थ कवर है। लेकिन यह यूनिट लिंक्ड इन्श्योरेंस प्लान के साथ है। हाइब्रिड प्रोडक्ट से बचना चाहिए क्योंकि ये जरूरत पूरी करने लायक इन्श्योरेंस भी नहीं देते हैं और काफी महंगे भी होते हैं। दुर्भाग्य इस पॉलिसी में सरेंडर का ऑप्श्न नहीं है। ऐसे में या तो वे पॉलिसी जारी रखें या पॉलिसी को लैप्स हो जाने दें और नुकसान का बर्दाश्त करें।
मुकुल को कम से कम 3 लाख रुपए का हेल्थ कवर लेना चाहिए जिसमें वे खुद उनकी बेटी और वाइफ कवर हों। इसके लिए उनको लगभग 11,000 रुपए का सालाना प्रीमियम देना होगा।
क्या करें
अपनी फैमिली के लिए प्योर हेल्थ कवर खरीदें।
लाइफ इन्श्योरेंस
मुकुल के पास 1.84 करोड़ रुपए का टर्म प्लान है। इसके अलावा उनके पास और भी पारंपरिक जीवन बीमा प्लान हैं जो कुल मिला कर 5 लाख रुपए का बीमा कवर मुहैया कराते हैं। हमने पहले भी बताया है कि किसी को भी पांरपरिक जीवन बीमा प्लान या हाइब्रिड प्रोडक्ट में निवेश से बचना है। ऐसे प्लान में निवेश और बीमा दोनों कंपोनेंट होते हैं। लेकिन ये प्लान न तो जरूरत भर का बीमा कवर ही मुहैया कराते हैं और न ही निवेश पर अच्छा रिटर्न देते हैं। मुकुल को पांरपरिक जीवन प्लान को सरेंडर करने पर विचार करना चाहिए और इससे मिलने वाली रकम को इक्विटी में निवेश करना चाहिए। इक्विटी लंबी में अवधि में ऊंचा रिटर्न दे सकती है।
इसके अलावा उनको टर्म लाइफ कवर 1 करोड़ रुपए बढ़ाने पर विचार करना चाहिए क्योंकि मुकुल का टर्म कवर उनके न रहने पर परिवार की जरूरतों को पूरा करने के लिए शायद काफी न हो।
क्या करें
पारंपरिक जीवन बीमा प्लान को सरेंडर करें और मिलने वाली रकम इक्विटी में निवेश करें।
बेटियों की एजुकेशन और शादी
मुकुल बेटियों की हायर एजुकेशन पर 30 लाख रुपए और शादी पर 15 लाख रुपए खर्च करना चाहते हैं। अगर महंगाई दर 8 फीसदी मान लें तो जब तक इस रकम की जरूरत होगी तो यह रकम बढ़ कर 95.17 लाख रुपए और 81.55 लाख रुपए हो जाएगी।
इसके लिए वे इक्विटी में रखी रकम में से 24.13 लाख रुपए अलग कर सकते हैं। अगर अनुमानित सालाना रिटर्न 12 फीसदी मान लें तो उनकी जरूरत के लिए रकम का इंतजाम हो जाएगा। इसके विकल्प के तौर पर वे मल्टी कैप फंड में 16,000 रुपए की एसआईपी शुरू कर सकते हैं और एसआईपी की रकम सालाना 10 फीसदी तक बढ़ा सकते हैं।
इसके अलावा जब मुकुल का गोल पूरा होने वाला हो तो उनको 12 से 18 माह पहले रकम को इक्विटी से डेट फंड में ट्रांसफर करना शुरू कर देना चाहिए। इससे उनको अपना मुनाफा बाजार में अचानक गिरावट आने की सूरत में बचाने में मदद मिलेगी।
क्या करें
इक्विटी में 24.13 लाख रुपए अलग करें।
रिटायरमेंट
मुकुल की मौजूदा जीवन शैली को आधार बनाएं तो उनको रिटायरमेंट के बाद की जरूरतों के लिए 9.29 करोड़ रुपए की जरूरत होगी। मुकुल का ईपीएफ कंट्रीब्यूशन में अगर 10 फीसदी सालाना इजाफा मान लें तो इससे उनको रिटायरमेंट तक 1.81 करोड़ रुपए मिल जाएंगे। ईपीएफ का औसत रिटर्न सालना 8 फीसदी माना गया है।
मुकुल का पीपीएफ में निवेश अगले साल मैच्योर होने वाला है। इससे उनको 23.4 लाख रुपए मिलेंगे। उनको इस रकम को फैला कर 12 से 18 माह में इक्विटी फंड में निवेश करना चाहिए। इससे मुकुल को लंबी अवधि में पीपीएफ से ज्यादा रिटर्न मिलेगा। 12 फीसदी रिटर्न मान लें तो इससे उनको रिटायरमेंट तक 2.02 करोड़ की रकम मिलेगी। बाकी रकम का इंतजाम करने के लिए उनको 31,000 रुपए की मासिक एसआईपी शुरू करनी होगी। और एसआईपी की रकम में सालाना 10 फीसदी का इजाफा भी करना होगा।
क्या करें
31,000 रुपए की मासिक एसआईपी शुरू करें
पोर्टफोलियो
मुकुल के पास 11.55 लाख रुपए का कॉर्पस इक्विटी म्युचुअल फंड में 19.12 लाख रुपए स्टॉक में है। उनको सीधे स्टॉक में तभी निवेश करना चाहिए जब वे कंपनियों के बारे में रिसर्च कर सकें ओर समय समय पर स्टॉक के प्रदर्शन की समीक्षा कर सकें। अगर ऐसा नहीं कर सकते हैं स्टॉक से रकम निकाल कर इक्विटी फंड में निवेश कर देना चाहिए।
मुकुल की हर माह सरप्लस डेट फंड में जमा करने और इसके बाद इक्विटी फंड के लिए वीकली सिस्टमेटिक ट्रांसफर प्लान यानी एसटीपी सेटअप करने की आदत है। इस कैटेगरी में निवेश करने का कोई खास फायदा नहीं है और इससे प्रक्रिया से जुड़ी दिक्कतें और टैक्स के मसले पैदा होते हैं। और मुनाफा बहुत कम। इसके बजाए उनको बैंक अकाउंट से सीधे एसटीपी सेटअप करना चाहिए।
उनके सभी गोल 15 साल दूर हैं। इतनी लंबी अवधि के लिए मल्टी कैप फंड बहुत अच्छी तरह काम करते हैं। मल्टी कैप फंड अलग अलग साइज की और अलग अलग सेक्टर की कंपनियों में निवेश कर सकते हैं। उनकी मौजूदा म्युचुअल फंड पोर्टफोलियो में लगभग 50 फीसदी वैल्यू ओरिएंटेड फंड हैं। 25 फीसदी मल्टी कैप फंड में और 25 फीसदी लार्ज कैप फंड में। उनको लार्ज कैप निवेश को मल्टी कैप फंड में ट्रांसफर कर देना चाहिए। निवेश की लंबी अवधि को देखते हुए इस बात की अच्छी संभावना है कि मल्टी कैप फंड लार्ज कैप फंड से ज्यादा रिटर्न देंगे। वैल्यू फंड मल्टी कैप फंड की तरह हैं। इनका फोकस वैल्यू स्ट्रैटेजी पर होता है।
मुकुल अगले दो तीन माह अपना सरप्लस इकठ्ठा करके इसमें डेट फंड में रखी 1.12 लाख रुपए की रकम मिला सकते हैं। इससे वे नए खरीदे गए घर के लिए रजिस्ट्रेशन का शुल्क चुका सकते हैं। और उनको घर के इंटीरियर को लेकर ज्यादा महत्वाकांक्षी होने की जरूरत नहीं है। वैसे भी वे इस घर को रेंट पर देने वाले हैं।
क्या करें
लार्ज फंड से अपना निवेश निकाल कर मल्टी कैप फंड में लगाएं।
इन बातों का रखें ख्याल
-इमरजेंसी फंड छह माह के मासिक खर्च के बराबर होना चाहिए।
-इन्श्योरेंस और निवेश को अलग रखें। ऐसे हाइब्रिड पोडक्ट से बचें जो इन्श्योरेंस ऑफर करता है।
-लाइफ इन्श्योरेंस के लिए टर्म प्लान खरीदें।
-इक्विटी फंड लंबी अवधि में पीपीएफ से ज्यादा रिटर्न देता है।
-अपनी एसटीपी सरल रखें।
-इक्विटी फंड में मल्टी कैप फंड सबसे बेहतर हैं क्योंकि ये सभी साइज की -- कंपनियों में निवेश कर सकता है।
-लंबी अवधि का गोल करीब आने पर रकम डेट फंड में ट्रांसफर करना शुरू कर दें।
इन्श्योरेंस में सरलता अहम
स्टोरी कोड: 46426
मुकुल को लाइफ इन्श्योरेंस और हेल्थ इन्श्योरेंस दोनों को लेकर अपनी पॉलिसी च्वाइस में बदलाव करने की जरूरत है
मुकुल की उम्र 40 साल है। मुकुल बतौर मैनेजर काम कर रहे हैं और उनकी मंथली सैलरी 1.19 लाख रुपए है। उनकी एक तीन साल की बेटी है। मुकुल की वाइफ बॉयोटेक्नोलॉजिस्ट हैं और उनकी मंथली सैलरी 30,000 रुपए है।
मुकुल रेंट पर रहते हैं मासिक रेंट 17,000 रुपए है। हालांकि उन्होंने हाल में एक फ्लैट खरीदा है लेकिन लोकेशन से जुड़ी दिक्कतों की वजह से वे उस फ्लैट में नहीं रहने जा रहे हैं। इसके बजाए उनकी योजना अगले छह माह में इसे रेंट पर देने की है। इसके अलावा मुकुल ने 36.67 लाख रुपए इक्विटी में और लगभग 20 लाख रुपए पब्किल प्रॉविडेंट फंड यानी पीपीएफ में जमा किया है। उन्होंने 3.55 लाख रुपए डेट म्युचुअल फंड में जमा किया है।
मुकुल रिटायरमेंट के बाद की जरूरतों को पूरा करने लायक रिटायरमेंट कॉर्पस बनाना चाहते हैं। इसके अलावा वे बेटी की एजुकेशन और शादी के लिए भी कॉर्पस बनाना चाहते हैं। इसके अलावा उनको नए खरीदे गए घर के रजिस्ट्रेशन और इंटीरियर से जुड़े काम के लिए अगले तीन माह में कुछ लाख रुपयों की जरूरत होगी।
इमरजेंसी फंड
किसी के लिए भी छह माह के खर्च के बराबर रकम का इमरजेंसी फंड बनाना चाहिए। मुकुल के पास 1 47 लाख रुपए का इमरजेंसी फंड है। मुकुल ने यह रकम अल्ट्रा शार्ट ड्यूरेशन फंड में रखी है। उनका मासिक खर्च 65,000 रुपए है। ऐसे मे उनको अपना इमरजेंसी फंड 3.90 लाख रुपए तक बढ़ाना चाहिए। इसके लिए वे अपने डेट फंड के कॉर्पस का इस्तेमाल कर सकते हैं।
मुकुल ने समझदारी दिखाई और इमरजेंसी फंड की रकम अल्ट्रा शार्ट ड्यूरेशन डेट फंड में रखा है। इससे उनको लिक्विडिटी से समझौता किए बिना ऊंचा रिटर्न हासिल करने में मदद मिलेगी। लेकिन उनको इस बात का ध्यान रखना होगा कि अल्ट्रा शार्ट ड्यूरेशन डेट फंड भुनाने के बाद अकाउंट में आने में दो दिन का समय लगता है। यह रकम तुरंत बैंक अकाउंट में नहीं आती है। ऐसे में उनको इमरजेंसी कॉर्पस का कुछ हिस्सा स्वीप इन फिक्स्ड डिपॉजिट और सेविंग बैंक अकाउंट में रखना चाहिए।
क्या करें
इमरजेंसी फंड की रकम बढ़ा कर 3.90 लाख रुपए करनी चाहिए।
हेल्थ इन्श्योरेंस
मुकुल के पास 3 लाख रुपए का हेल्थ कवर है। लेकिन यह यूनिट लिंक्ड इन्श्योरेंस प्लान के साथ है। हाइब्रिड प्रोडक्ट से बचना चाहिए क्योंकि ये जरूरत पूरी करने लायक इन्श्योरेंस भी नहीं देते हैं और काफी महंगे भी होते हैं। दुर्भाग्य इस पॉलिसी में सरेंडर का ऑप्श्न नहीं है। ऐसे में या तो वे पॉलिसी जारी रखें या पॉलिसी को लैप्स हो जाने दें और नुकसान का बर्दाश्त करें।
मुकुल को कम से कम 3 लाख रुपए का हेल्थ कवर लेना चाहिए जिसमें वे खुद उनकी बेटी और वाइफ कवर हों। इसके लिए उनको लगभग 11,000 रुपए का सालाना प्रीमियम देना होगा।
क्या करें
अपनी फैमिली के लिए प्योर हेल्थ कवर खरीदें।
लाइफ इन्श्योरेंस
मुकुल के पास 1.84 करोड़ रुपए का टर्म प्लान है। इसके अलावा उनके पास और भी पारंपरिक जीवन बीमा प्लान हैं जो कुल मिला कर 5 लाख रुपए का बीमा कवर मुहैया कराते हैं। हमने पहले भी बताया है कि किसी को भी पांरपरिक जीवन बीमा प्लान या हाइब्रिड प्रोडक्ट में निवेश से बचना है। ऐसे प्लान में निवेश और बीमा दोनों कंपोनेंट होते हैं। लेकिन ये प्लान न तो जरूरत भर का बीमा कवर ही मुहैया कराते हैं और न ही निवेश पर अच्छा रिटर्न देते हैं। मुकुल को पांरपरिक जीवन प्लान को सरेंडर करने पर विचार करना चाहिए और इससे मिलने वाली रकम को इक्विटी में निवेश करना चाहिए। इक्विटी लंबी में अवधि में ऊंचा रिटर्न दे सकती है।
इसके अलावा उनको टर्म लाइफ कवर 1 करोड़ रुपए बढ़ाने पर विचार करना चाहिए क्योंकि मुकुल का टर्म कवर उनके न रहने पर परिवार की जरूरतों को पूरा करने के लिए शायद काफी न हो।
क्या करें
पारंपरिक जीवन बीमा प्लान को सरेंडर करें और मिलने वाली रकम इक्विटी में निवेश करें।
बेटियों की एजुकेशन और शादी
मुकुल बेटियों की हायर एजुकेशन पर 30 लाख रुपए और शादी पर 15 लाख रुपए खर्च करना चाहते हैं। अगर महंगाई दर 8 फीसदी मान लें तो जब तक इस रकम की जरूरत होगी तो यह रकम बढ़ कर 95.17 लाख रुपए और 81.55 लाख रुपए हो जाएगी।
इसके लिए वे इक्विटी में रखी रकम में से 24.13 लाख रुपए अलग कर सकते हैं। अगर अनुमानित सालाना रिटर्न 12 फीसदी मान लें तो उनकी जरूरत के लिए रकम का इंतजाम हो जाएगा। इसके विकल्प के तौर पर वे मल्टी कैप फंड में 16,000 रुपए की एसआईपी शुरू कर सकते हैं और एसआईपी की रकम सालाना 10 फीसदी तक बढ़ा सकते हैं।
इसके अलावा जब मुकुल का गोल पूरा होने वाला हो तो उनको 12 से 18 माह पहले रकम को इक्विटी से डेट फंड में ट्रांसफर करना शुरू कर देना चाहिए। इससे उनको अपना मुनाफा बाजार में अचानक गिरावट आने की सूरत में बचाने में मदद मिलेगी।
क्या करें
इक्विटी में 24.13 लाख रुपए अलग करें।
रिटायरमेंट
मुकुल की मौजूदा जीवन शैली को आधार बनाएं तो उनको रिटायरमेंट के बाद की जरूरतों के लिए 9.29 करोड़ रुपए की जरूरत होगी। मुकुल का ईपीएफ कंट्रीब्यूशन में अगर 10 फीसदी सालाना इजाफा मान लें तो इससे उनको रिटायरमेंट तक 1.81 करोड़ रुपए मिल जाएंगे। ईपीएफ का औसत रिटर्न सालना 8 फीसदी माना गया है।
मुकुल का पीपीएफ में निवेश अगले साल मैच्योर होने वाला है। इससे उनको 23.4 लाख रुपए मिलेंगे। उनको इस रकम को फैला कर 12 से 18 माह में इक्विटी फंड में निवेश करना चाहिए। इससे मुकुल को लंबी अवधि में पीपीएफ से ज्यादा रिटर्न मिलेगा। 12 फीसदी रिटर्न मान लें तो इससे उनको रिटायरमेंट तक 2.02 करोड़ की रकम मिलेगी। बाकी रकम का इंतजाम करने के लिए उनको 31,000 रुपए की मासिक एसआईपी शुरू करनी होगी। और एसआईपी की रकम में सालाना 10 फीसदी का इजाफा भी करना होगा।
क्या करें
31,000 रुपए की मासिक एसआईपी शुरू करें
पोर्टफोलियो
मुकुल के पास 11.55 लाख रुपए का कॉर्पस इक्विटी म्युचुअल फंड में 19.12 लाख रुपए स्टॉक में है। उनको सीधे स्टॉक में तभी निवेश करना चाहिए जब वे कंपनियों के बारे में रिसर्च कर सकें ओर समय समय पर स्टॉक के प्रदर्शन की समीक्षा कर सकें। अगर ऐसा नहीं कर सकते हैं स्टॉक से रकम निकाल कर इक्विटी फंड में निवेश कर देना चाहिए।
मुकुल की हर माह सरप्लस डेट फंड में जमा करने और इसके बाद इक्विटी फंड के लिए वीकली सिस्टमेटिक ट्रांसफर प्लान यानी एसटीपी सेटअप करने की आदत है। इस कैटेगरी में निवेश करने का कोई खास फायदा नहीं है और इससे प्रक्रिया से जुड़ी दिक्कतें और टैक्स के मसले पैदा होते हैं। और मुनाफा बहुत कम। इसके बजाए उनको बैंक अकाउंट से सीधे एसटीपी सेटअप करना चाहिए।
उनके सभी गोल 15 साल दूर हैं। इतनी लंबी अवधि के लिए मल्टी कैप फंड बहुत अच्छी तरह काम करते हैं। मल्टी कैप फंड अलग अलग साइज की और अलग अलग सेक्टर की कंपनियों में निवेश कर सकते हैं। उनकी मौजूदा म्युचुअल फंड पोर्टफोलियो में लगभग 50 फीसदी वैल्यू ओरिएंटेड फंड हैं। 25 फीसदी मल्टी कैप फंड में और 25 फीसदी लार्ज कैप फंड में। उनको लार्ज कैप निवेश को मल्टी कैप फंड में ट्रांसफर कर देना चाहिए। निवेश की लंबी अवधि को देखते हुए इस बात की अच्छी संभावना है कि मल्टी कैप फंड लार्ज कैप फंड से ज्यादा रिटर्न देंगे। वैल्यू फंड मल्टी कैप फंड की तरह हैं। इनका फोकस वैल्यू स्ट्रैटेजी पर होता है।
मुकुल अगले दो तीन माह अपना सरप्लस इकठ्ठा करके इसमें डेट फंड में रखी 1.12 लाख रुपए की रकम मिला सकते हैं। इससे वे नए खरीदे गए घर के लिए रजिस्ट्रेशन का शुल्क चुका सकते हैं। और उनको घर के इंटीरियर को लेकर ज्यादा महत्वाकांक्षी होने की जरूरत नहीं है। वैसे भी वे इस घर को रेंट पर देने वाले हैं।
क्या करें
लार्ज फंड से अपना निवेश निकाल कर मल्टी कैप फंड में लगाएं।
इन बातों का रखें ख्याल
-इमरजेंसी फंड छह माह के मासिक खर्च के बराबर होना चाहिए।
-इन्श्योरेंस और निवेश को अलग रखें। ऐसे हाइब्रिड पोडक्ट से बचें जो इन्श्योरेंस ऑफर करता है।
-लाइफ इन्श्योरेंस के लिए टर्म प्लान खरीदें।
-इक्विटी फंड लंबी अवधि में पीपीएफ से ज्यादा रिटर्न देता है।
-अपनी एसटीपी सरल रखें।
-इक्विटी फंड में मल्टी कैप फंड सबसे बेहतर हैं क्योंकि ये सभी साइज की -- कंपनियों में निवेश कर सकता है।
-लंबी अवधि का गोल करीब आने पर रकम डेट फंड में ट्रांसफर करना शुरू कर दें।
इन्श्योरेंस में सरलता अहम
स्टोरी कोड: 46426
मुकुल को लाइफ इन्श्योरेंस और हेल्थ इन्श्योरेंस दोनों को लेकर अपनी पॉलिसी च्वाइस में बदलाव करने की जरूरत है
मुकुल की उम्र 40 साल है। मुकुल बतौर मैनेजर काम कर रहे हैं और उनकी मंथली सैलरी 1.19 लाख रुपए है। उनकी एक तीन साल की बेटी है। मुकुल की वाइफ बॉयोटेक्नोलॉजिस्ट हैं और उनकी मंथली सैलरी 30,000 रुपए है।
मुकुल रेंट पर रहते हैं मासिक रेंट 17,000 रुपए है। हालांकि उन्होंने हाल में एक फ्लैट खरीदा है लेकिन लोकेशन से जुड़ी दिक्कतों की वजह से वे उस फ्लैट में नहीं रहने जा रहे हैं। इसके बजाए उनकी योजना अगले छह माह में इसे रेंट पर देने की है। इसके अलावा मुकुल ने 36.67 लाख रुपए इक्विटी में और लगभग 20 लाख रुपए पब्किल प्रॉविडेंट फंड यानी पीपीएफ में जमा किया है। उन्होंने 3.55 लाख रुपए डेट म्युचुअल फंड में जमा किया है।
मुकुल रिटायरमेंट के बाद की जरूरतों को पूरा करने लायक रिटायरमेंट कॉर्पस बनाना चाहते हैं। इसके अलावा वे बेटी की एजुकेशन और शादी के लिए भी कॉर्पस बनाना चाहते हैं। इसके अलावा उनको नए खरीदे गए घर के रजिस्ट्रेशन और इंटीरियर से जुड़े काम के लिए अगले तीन माह में कुछ लाख रुपयों की जरूरत होगी।
इमरजेंसी फंड
किसी के लिए भी छह माह के खर्च के बराबर रकम का इमरजेंसी फंड बनाना चाहिए। मुकुल के पास 1 47 लाख रुपए का इमरजेंसी फंड है। मुकुल ने यह रकम अल्ट्रा शार्ट ड्यूरेशन फंड में रखी है। उनका मासिक खर्च 65,000 रुपए है। ऐसे मे उनको अपना इमरजेंसी फंड 3.90 लाख रुपए तक बढ़ाना चाहिए। इसके लिए वे अपने डेट फंड के कॉर्पस का इस्तेमाल कर सकते हैं।
मुकुल ने समझदारी दिखाई और इमरजेंसी फंड की रकम अल्ट्रा शार्ट ड्यूरेशन डेट फंड में रखा है। इससे उनको लिक्विडिटी से समझौता किए बिना ऊंचा रिटर्न हासिल करने में मदद मिलेगी। लेकिन उनको इस बात का ध्यान रखना होगा कि अल्ट्रा शार्ट ड्यूरेशन डेट फंड भुनाने के बाद अकाउंट में आने में दो दिन का समय लगता है। यह रकम तुरंत बैंक अकाउंट में नहीं आती है। ऐसे में उनको इमरजेंसी कॉर्पस का कुछ हिस्सा स्वीप इन फिक्स्ड डिपॉजिट और सेविंग बैंक अकाउंट में रखना चाहिए।
क्या करें
इमरजेंसी फंड की रकम बढ़ा कर 3.90 लाख रुपए करनी चाहिए।
हेल्थ इन्श्योरेंस
मुकुल के पास 3 लाख रुपए का हेल्थ कवर है। लेकिन यह यूनिट लिंक्ड इन्श्योरेंस प्लान के साथ है। हाइब्रिड प्रोडक्ट से बचना चाहिए क्योंकि ये जरूरत पूरी करने लायक इन्श्योरेंस भी नहीं देते हैं और काफी महंगे भी होते हैं। दुर्भाग्य इस पॉलिसी में सरेंडर का ऑप्श्न नहीं है। ऐसे में या तो वे पॉलिसी जारी रखें या पॉलिसी को लैप्स हो जाने दें और नुकसान का बर्दाश्त करें।
मुकुल को कम से कम 3 लाख रुपए का हेल्थ कवर लेना चाहिए जिसमें वे खुद उनकी बेटी और वाइफ कवर हों। इसके लिए उनको लगभग 11,000 रुपए का सालाना प्रीमियम देना होगा।
क्या करें
अपनी फैमिली के लिए प्योर हेल्थ कवर खरीदें।
लाइफ इन्श्योरेंस
मुकुल के पास 1.84 करोड़ रुपए का टर्म प्लान है। इसके अलावा उनके पास और भी पारंपरिक जीवन बीमा प्लान हैं जो कुल मिला कर 5 लाख रुपए का बीमा कवर मुहैया कराते हैं। हमने पहले भी बताया है कि किसी को भी पांरपरिक जीवन बीमा प्लान या हाइब्रिड प्रोडक्ट में निवेश से बचना है। ऐसे प्लान में निवेश और बीमा दोनों कंपोनेंट होते हैं। लेकिन ये प्लान न तो जरूरत भर का बीमा कवर ही मुहैया कराते हैं और न ही निवेश पर अच्छा रिटर्न देते हैं। मुकुल को पांरपरिक जीवन प्लान को सरेंडर करने पर विचार करना चाहिए और इससे मिलने वाली रकम को इक्विटी में निवेश करना चाहिए। इक्विटी लंबी में अवधि में ऊंचा रिटर्न दे सकती है।
इसके अलावा उनको टर्म लाइफ कवर 1 करोड़ रुपए बढ़ाने पर विचार करना चाहिए क्योंकि मुकुल का टर्म कवर उनके न रहने पर परिवार की जरूरतों को पूरा करने के लिए शायद काफी न हो।
क्या करें
पारंपरिक जीवन बीमा प्लान को सरेंडर करें और मिलने वाली रकम इक्विटी में निवेश करें।
बेटियों की एजुकेशन और शादी
मुकुल बेटियों की हायर एजुकेशन पर 30 लाख रुपए और शादी पर 15 लाख रुपए खर्च करना चाहते हैं। अगर महंगाई दर 8 फीसदी मान लें तो जब तक इस रकम की जरूरत होगी तो यह रकम बढ़ कर 95.17 लाख रुपए और 81.55 लाख रुपए हो जाएगी।
इसके लिए वे इक्विटी में रखी रकम में से 24.13 लाख रुपए अलग कर सकते हैं। अगर अनुमानित सालाना रिटर्न 12 फीसदी मान लें तो उनकी जरूरत के लिए रकम का इंतजाम हो जाएगा। इसके विकल्प के तौर पर वे मल्टी कैप फंड में 16,000 रुपए की एसआईपी शुरू कर सकते हैं और एसआईपी की रकम सालाना 10 फीसदी तक बढ़ा सकते हैं।
इसके अलावा जब मुकुल का गोल पूरा होने वाला हो तो उनको 12 से 18 माह पहले रकम को इक्विटी से डेट फंड में ट्रांसफर करना शुरू कर देना चाहिए। इससे उनको अपना मुनाफा बाजार में अचानक गिरावट आने की सूरत में बचाने में मदद मिलेगी।
क्या करें
इक्विटी में 24.13 लाख रुपए अलग करें।
रिटायरमेंट
मुकुल की मौजूदा जीवन शैली को आधार बनाएं तो उनको रिटायरमेंट के बाद की जरूरतों के लिए 9.29 करोड़ रुपए की जरूरत होगी। मुकुल का ईपीएफ कंट्रीब्यूशन में अगर 10 फीसदी सालाना इजाफा मान लें तो इससे उनको रिटायरमेंट तक 1.81 करोड़ रुपए मिल जाएंगे। ईपीएफ का औसत रिटर्न सालना 8 फीसदी माना गया है।
मुकुल का पीपीएफ में निवेश अगले साल मैच्योर होने वाला है। इससे उनको 23.4 लाख रुपए मिलेंगे। उनको इस रकम को फैला कर 12 से 18 माह में इक्विटी फंड में निवेश करना चाहिए। इससे मुकुल को लंबी अवधि में पीपीएफ से ज्यादा रिटर्न मिलेगा। 12 फीसदी रिटर्न मान लें तो इससे उनको रिटायरमेंट तक 2.02 करोड़ की रकम मिलेगी। बाकी रकम का इंतजाम करने के लिए उनको 31,000 रुपए की मासिक एसआईपी शुरू करनी होगी। और एसआईपी की रकम में सालाना 10 फीसदी का इजाफा भी करना होगा।
क्या करें
31,000 रुपए की मासिक एसआईपी शुरू करें
पोर्टफोलियो
मुकुल के पास 11.55 लाख रुपए का कॉर्पस इक्विटी म्युचुअल फंड में 19.12 लाख रुपए स्टॉक में है। उनको सीधे स्टॉक में तभी निवेश करना चाहिए जब वे कंपनियों के बारे में रिसर्च कर सकें ओर समय समय पर स्टॉक के प्रदर्शन की समीक्षा कर सकें। अगर ऐसा नहीं कर सकते हैं स्टॉक से रकम निकाल कर इक्विटी फंड में निवेश कर देना चाहिए।
मुकुल की हर माह सरप्लस डेट फंड में जमा करने और इसके बाद इक्विटी फंड के लिए वीकली सिस्टमेटिक ट्रांसफर प्लान यानी एसटीपी सेटअप करने की आदत है। इस कैटेगरी में निवेश करने का कोई खास फायदा नहीं है और इससे प्रक्रिया से जुड़ी दिक्कतें और टैक्स के मसले पैदा होते हैं। और मुनाफा बहुत कम। इसके बजाए उनको बैंक अकाउंट से सीधे एसटीपी सेटअप करना चाहिए।
उनके सभी गोल 15 साल दूर हैं। इतनी लंबी अवधि के लिए मल्टी कैप फंड बहुत अच्छी तरह काम करते हैं। मल्टी कैप फंड अलग अलग साइज की और अलग अलग सेक्टर की कंपनियों में निवेश कर सकते हैं। उनकी मौजूदा म्युचुअल फंड पोर्टफोलियो में लगभग 50 फीसदी वैल्यू ओरिएंटेड फंड हैं। 25 फीसदी मल्टी कैप फंड में और 25 फीसदी लार्ज कैप फंड में। उनको लार्ज कैप निवेश को मल्टी कैप फंड में ट्रांसफर कर देना चाहिए। निवेश की लंबी अवधि को देखते हुए इस बात की अच्छी संभावना है कि मल्टी कैप फंड लार्ज कैप फंड से ज्यादा रिटर्न देंगे। वैल्यू फंड मल्टी कैप फंड की तरह हैं। इनका फोकस वैल्यू स्ट्रैटेजी पर होता है।
मुकुल अगले दो तीन माह अपना सरप्लस इकठ्ठा करके इसमें डेट फंड में रखी 1.12 लाख रुपए की रकम मिला सकते हैं। इससे वे नए खरीदे गए घर के लिए रजिस्ट्रेशन का शुल्क चुका सकते हैं। और उनको घर के इंटीरियर को लेकर ज्यादा महत्वाकांक्षी होने की जरूरत नहीं है। वैसे भी वे इस घर को रेंट पर देने वाले हैं।
क्या करें
लार्ज फंड से अपना निवेश निकाल कर मल्टी कैप फंड में लगाएं।
इन बातों का रखें ख्याल
-इमरजेंसी फंड छह माह के मासिक खर्च के बराबर होना चाहिए।
-इन्श्योरेंस और निवेश को अलग रखें। ऐसे हाइब्रिड पोडक्ट से बचें जो इन्श्योरेंस ऑफर करता है।
-लाइफ इन्श्योरेंस के लिए टर्म प्लान खरीदें।
-इक्विटी फंड लंबी अवधि में पीपीएफ से ज्यादा रिटर्न देता है।
-अपनी एसटीपी सरल रखें।
-इक्विटी फंड में मल्टी कैप फंड सबसे बेहतर हैं क्योंकि ये सभी साइज की -- कंपनियों में निवेश कर सकता है।
-लंबी अवधि का गोल करीब आने पर रकम डेट फंड में ट्रांसफर करना शुरू कर दें।
इन्श्योरेंस में सरलता अहम
स्टोरी कोड: 46426
मुकुल को लाइफ इन्श्योरेंस और हेल्थ इन्श्योरेंस दोनों को लेकर अपनी पॉलिसी च्वाइस में बदलाव करने की जरूरत है
मुकुल की उम्र 40 साल है। मुकुल बतौर मैनेजर काम कर रहे हैं और उनकी मंथली सैलरी 1.19 लाख रुपए है। उनकी एक तीन साल की बेटी है। मुकुल की वाइफ बॉयोटेक्नोलॉजिस्ट हैं और उनकी मंथली सैलरी 30,000 रुपए है।
मुकुल रेंट पर रहते हैं मासिक रेंट 17,000 रुपए है। हालांकि उन्होंने हाल में एक फ्लैट खरीदा है लेकिन लोकेशन से जुड़ी दिक्कतों की वजह से वे उस फ्लैट में नहीं रहने जा रहे हैं। इसके बजाए उनकी योजना अगले छह माह में इसे रेंट पर देने की है। इसके अलावा मुकुल ने 36.67 लाख रुपए इक्विटी में और लगभग 20 लाख रुपए पब्किल प्रॉविडेंट फंड यानी पीपीएफ में जमा किया है। उन्होंने 3.55 लाख रुपए डेट म्युचुअल फंड में जमा किया है।
मुकुल रिटायरमेंट के बाद की जरूरतों को पूरा करने लायक रिटायरमेंट कॉर्पस बनाना चाहते हैं। इसके अलावा वे बेटी की एजुकेशन और शादी के लिए भी कॉर्पस बनाना चाहते हैं। इसके अलावा उनको नए खरीदे गए घर के रजिस्ट्रेशन और इंटीरियर से जुड़े काम के लिए अगले तीन माह में कुछ लाख रुपयों की जरूरत होगी।
इमरजेंसी फंड
किसी के लिए भी छह माह के खर्च के बराबर रकम का इमरजेंसी फंड बनाना चाहिए। मुकुल के पास 1 47 लाख रुपए का इमरजेंसी फंड है। मुकुल ने यह रकम अल्ट्रा शार्ट ड्यूरेशन फंड में रखी है। उनका मासिक खर्च 65,000 रुपए है। ऐसे मे उनको अपना इमरजेंसी फंड 3.90 लाख रुपए तक बढ़ाना चाहिए। इसके लिए वे अपने डेट फंड के कॉर्पस का इस्तेमाल कर सकते हैं।
मुकुल ने समझदारी दिखाई और इमरजेंसी फंड की रकम अल्ट्रा शार्ट ड्यूरेशन डेट फंड में रखा है। इससे उनको लिक्विडिटी से समझौता किए बिना ऊंचा रिटर्न हासिल करने में मदद मिलेगी। लेकिन उनको इस बात का ध्यान रखना होगा कि अल्ट्रा शार्ट ड्यूरेशन डेट फंड भुनाने के बाद अकाउंट में आने में दो दिन का समय लगता है। यह रकम तुरंत बैंक अकाउंट में नहीं आती है। ऐसे में उनको इमरजेंसी कॉर्पस का कुछ हिस्सा स्वीप इन फिक्स्ड डिपॉजिट और सेविंग बैंक अकाउंट में रखना चाहिए।
क्या करें
इमरजेंसी फंड की रकम बढ़ा कर 3.90 लाख रुपए करनी चाहिए।
हेल्थ इन्श्योरेंस
मुकुल के पास 3 लाख रुपए का हेल्थ कवर है। लेकिन यह यूनिट लिंक्ड इन्श्योरेंस प्लान के साथ है। हाइब्रिड प्रोडक्ट से बचना चाहिए क्योंकि ये जरूरत पूरी करने लायक इन्श्योरेंस भी नहीं देते हैं और काफी महंगे भी होते हैं। दुर्भाग्य इस पॉलिसी में सरेंडर का ऑप्श्न नहीं है। ऐसे में या तो वे पॉलिसी जारी रखें या पॉलिसी को लैप्स हो जाने दें और नुकसान का बर्दाश्त करें।
मुकुल को कम से कम 3 लाख रुपए का हेल्थ कवर लेना चाहिए जिसमें वे खुद उनकी बेटी और वाइफ कवर हों। इसके लिए उनको लगभग 11,000 रुपए का सालाना प्रीमियम देना होगा।
क्या करें
अपनी फैमिली के लिए प्योर हेल्थ कवर खरीदें।
लाइफ इन्श्योरेंस
मुकुल के पास 1.84 करोड़ रुपए का टर्म प्लान है। इसके अलावा उनके पास और भी पारंपरिक जीवन बीमा प्लान हैं जो कुल मिला कर 5 लाख रुपए का बीमा कवर मुहैया कराते हैं। हमने पहले भी बताया है कि किसी को भी पांरपरिक जीवन बीमा प्लान या हाइब्रिड प्रोडक्ट में निवेश से बचना है। ऐसे प्लान में निवेश और बीमा दोनों कंपोनेंट होते हैं। लेकिन ये प्लान न तो जरूरत भर का बीमा कवर ही मुहैया कराते हैं और न ही निवेश पर अच्छा रिटर्न देते हैं। मुकुल को पांरपरिक जीवन प्लान को सरेंडर करने पर विचार करना चाहिए और इससे मिलने वाली रकम को इक्विटी में निवेश करना चाहिए। इक्विटी लंबी में अवधि में ऊंचा रिटर्न दे सकती है।
इसके अलावा उनको टर्म लाइफ कवर 1 करोड़ रुपए बढ़ाने पर विचार करना चाहिए क्योंकि मुकुल का टर्म कवर उनके न रहने पर परिवार की जरूरतों को पूरा करने के लिए शायद काफी न हो।
क्या करें
पारंपरिक जीवन बीमा प्लान को सरेंडर करें और मिलने वाली रकम इक्विटी में निवेश करें।
बेटियों की एजुकेशन और शादी
मुकुल बेटियों की हायर एजुकेशन पर 30 लाख रुपए और शादी पर 15 लाख रुपए खर्च करना चाहते हैं। अगर महंगाई दर 8 फीसदी मान लें तो जब तक इस रकम की जरूरत होगी तो यह रकम बढ़ कर 95.17 लाख रुपए और 81.55 लाख रुपए हो जाएगी।
इसके लिए वे इक्विटी में रखी रकम में से 24.13 लाख रुपए अलग कर सकते हैं। अगर अनुमानित सालाना रिटर्न 12 फीसदी मान लें तो उनकी जरूरत के लिए रकम का इंतजाम हो जाएगा। इसके विकल्प के तौर पर वे मल्टी कैप फंड में 16,000 रुपए की एसआईपी शुरू कर सकते हैं और एसआईपी की रकम सालाना 10 फीसदी तक बढ़ा सकते हैं।
इसके अलावा जब मुकुल का गोल पूरा होने वाला हो तो उनको 12 से 18 माह पहले रकम को इक्विटी से डेट फंड में ट्रांसफर करना शुरू कर देना चाहिए। इससे उनको अपना मुनाफा बाजार में अचानक गिरावट आने की सूरत में बचाने में मदद मिलेगी।
क्या करें
इक्विटी में 24.13 लाख रुपए अलग करें।
रिटायरमेंट
मुकुल की मौजूदा जीवन शैली को आधार बनाएं तो उनको रिटायरमेंट के बाद की जरूरतों के लिए 9.29 करोड़ रुपए की जरूरत होगी। मुकुल का ईपीएफ कंट्रीब्यूशन में अगर 10 फीसदी सालाना इजाफा मान लें तो इससे उनको रिटायरमेंट तक 1.81 करोड़ रुपए मिल जाएंगे। ईपीएफ का औसत रिटर्न सालना 8 फीसदी माना गया है।
मुकुल का पीपीएफ में निवेश अगले साल मैच्योर होने वाला है। इससे उनको 23.4 लाख रुपए मिलेंगे। उनको इस रकम को फैला कर 12 से 18 माह में इक्विटी फंड में निवेश करना चाहिए। इससे मुकुल को लंबी अवधि में पीपीएफ से ज्यादा रिटर्न मिलेगा। 12 फीसदी रिटर्न मान लें तो इससे उनको रिटायरमेंट तक 2.02 करोड़ की रकम मिलेगी। बाकी रकम का इंतजाम करने के लिए उनको 31,000 रुपए की मासिक एसआईपी शुरू करनी होगी। और एसआईपी की रकम में सालाना 10 फीसदी का इजाफा भी करना होगा।
क्या करें
31,000 रुपए की मासिक एसआईपी शुरू करें
पोर्टफोलियो
मुकुल के पास 11.55 लाख रुपए का कॉर्पस इक्विटी म्युचुअल फंड में 19.12 लाख रुपए स्टॉक में है। उनको सीधे स्टॉक में तभी निवेश करना चाहिए जब वे कंपनियों के बारे में रिसर्च कर सकें ओर समय समय पर स्टॉक के प्रदर्शन की समीक्षा कर सकें। अगर ऐसा नहीं कर सकते हैं स्टॉक से रकम निकाल कर इक्विटी फंड में निवेश कर देना चाहिए।
मुकुल की हर माह सरप्लस डेट फंड में जमा करने और इसके बाद इक्विटी फंड के लिए वीकली सिस्टमेटिक ट्रांसफर प्लान यानी एसटीपी सेटअप करने की आदत है। इस कैटेगरी में निवेश करने का कोई खास फायदा नहीं है और इससे प्रक्रिया से जुड़ी दिक्कतें और टैक्स के मसले पैदा होते हैं। और मुनाफा बहुत कम। इसके बजाए उनको बैंक अकाउंट से सीधे एसटीपी सेटअप करना चाहिए।
उनके सभी गोल 15 साल दूर हैं। इतनी लंबी अवधि के लिए मल्टी कैप फंड बहुत अच्छी तरह काम करते हैं। मल्टी कैप फंड अलग अलग साइज की और अलग अलग सेक्टर की कंपनियों में निवेश कर सकते हैं। उनकी मौजूदा म्युचुअल फंड पोर्टफोलियो में लगभग 50 फीसदी वैल्यू ओरिएंटेड फंड हैं। 25 फीसदी मल्टी कैप फंड में और 25 फीसदी लार्ज कैप फंड में। उनको लार्ज कैप निवेश को मल्टी कैप फंड में ट्रांसफर कर देना चाहिए। निवेश की लंबी अवधि को देखते हुए इस बात की अच्छी संभावना है कि मल्टी कैप फंड लार्ज कैप फंड से ज्यादा रिटर्न देंगे। वैल्यू फंड मल्टी कैप फंड की तरह हैं। इनका फोकस वैल्यू स्ट्रैटेजी पर होता है।
मुकुल अगले दो तीन माह अपना सरप्लस इकठ्ठा करके इसमें डेट फंड में रखी 1.12 लाख रुपए की रकम मिला सकते हैं। इससे वे नए खरीदे गए घर के लिए रजिस्ट्रेशन का शुल्क चुका सकते हैं। और उनको घर के इंटीरियर को लेकर ज्यादा महत्वाकांक्षी होने की जरूरत नहीं है। वैसे भी वे इस घर को रेंट पर देने वाले हैं।
क्या करें
लार्ज फंड से अपना निवेश निकाल कर मल्टी कैप फंड में लगाएं।
इन बातों का रखें ख्याल
-इमरजेंसी फंड छह माह के मासिक खर्च के बराबर होना चाहिए।
-इन्श्योरेंस और निवेश को अलग रखें। ऐसे हाइब्रिड पोडक्ट से बचें जो इन्श्योरेंस ऑफर करता है।
-लाइफ इन्श्योरेंस के लिए टर्म प्लान खरीदें।
-इक्विटी फंड लंबी अवधि में पीपीएफ से ज्यादा रिटर्न देता है।
-अपनी एसटीपी सरल रखें।
-इक्विटी फंड में मल्टी कैप फंड सबसे बेहतर हैं क्योंकि ये सभी साइज की -- कंपनियों में निवेश कर सकता है।
-लंबी अवधि का गोल करीब आने पर रकम डेट फंड में ट्रांसफर करना शुरू कर दें।
इन्श्योरेंस में सरलता अहम
स्टोरी कोड: 46426
मुकुल को लाइफ इन्श्योरेंस और हेल्थ इन्श्योरेंस दोनों को लेकर अपनी पॉलिसी च्वाइस में बदलाव करने की जरूरत है
मुकुल की उम्र 40 साल है। मुकुल बतौर मैनेजर काम कर रहे हैं और उनकी मंथली सैलरी 1.19 लाख रुपए है। उनकी एक तीन साल की बेटी है। मुकुल की वाइफ बॉयोटेक्नोलॉजिस्ट हैं और उनकी मंथली सैलरी 30,000 रुपए है।
मुकुल रेंट पर रहते हैं मासिक रेंट 17,000 रुपए है। हालांकि उन्होंने हाल में एक फ्लैट खरीदा है लेकिन लोकेशन से जुड़ी दिक्कतों की वजह से वे उस फ्लैट में नहीं रहने जा रहे हैं। इसके बजाए उनकी योजना अगले छह माह में इसे रेंट पर देने की है। इसके अलावा मुकुल ने 36.67 लाख रुपए इक्विटी में और लगभग 20 लाख रुपए पब्किल प्रॉविडेंट फंड यानी पीपीएफ में जमा किया है। उन्होंने 3.55 लाख रुपए डेट म्युचुअल फंड में जमा किया है।
मुकुल रिटायरमेंट के बाद की जरूरतों को पूरा करने लायक रिटायरमेंट कॉर्पस बनाना चाहते हैं। इसके अलावा वे बेटी की एजुकेशन और शादी के लिए भी कॉर्पस बनाना चाहते हैं। इसके अलावा उनको नए खरीदे गए घर के रजिस्ट्रेशन और इंटीरियर से जुड़े काम के लिए अगले तीन माह में कुछ लाख रुपयों की जरूरत होगी।
इमरजेंसी फंड
किसी के लिए भी छह माह के खर्च के बराबर रकम का इमरजेंसी फंड बनाना चाहिए। मुकुल के पास 1 47 लाख रुपए का इमरजेंसी फंड है। मुकुल ने यह रकम अल्ट्रा शार्ट ड्यूरेशन फंड में रखी है। उनका मासिक खर्च 65,000 रुपए है। ऐसे मे उनको अपना इमरजेंसी फंड 3.90 लाख रुपए तक बढ़ाना चाहिए। इसके लिए वे अपने डेट फंड के कॉर्पस का इस्तेमाल कर सकते हैं।
मुकुल ने समझदारी दिखाई और इमरजेंसी फंड की रकम अल्ट्रा शार्ट ड्यूरेशन डेट फंड में रखा है। इससे उनको लिक्विडिटी से समझौता किए बिना ऊंचा रिटर्न हासिल करने में मदद मिलेगी। लेकिन उनको इस बात का ध्यान रखना होगा कि अल्ट्रा शार्ट ड्यूरेशन डेट फंड भुनाने के बाद अकाउंट में आने में दो दिन का समय लगता है। यह रकम तुरंत बैंक अकाउंट में नहीं आती है। ऐसे में उनको इमरजेंसी कॉर्पस का कुछ हिस्सा स्वीप इन फिक्स्ड डिपॉजिट और सेविंग बैंक अकाउंट में रखना चाहिए।
क्या करें
इमरजेंसी फंड की रकम बढ़ा कर 3.90 लाख रुपए करनी चाहिए।
हेल्थ इन्श्योरेंस
मुकुल के पास 3 लाख रुपए का हेल्थ कवर है। लेकिन यह यूनिट लिंक्ड इन्श्योरेंस प्लान के साथ है। हाइब्रिड प्रोडक्ट से बचना चाहिए क्योंकि ये जरूरत पूरी करने लायक इन्श्योरेंस भी नहीं देते हैं और काफी महंगे भी होते हैं। दुर्भाग्य इस पॉलिसी में सरेंडर का ऑप्श्न नहीं है। ऐसे में या तो वे पॉलिसी जारी रखें या पॉलिसी को लैप्स हो जाने दें और नुकसान का बर्दाश्त करें।
मुकुल को कम से कम 3 लाख रुपए का हेल्थ कवर लेना चाहिए जिसमें वे खुद उनकी बेटी और वाइफ कवर हों। इसके लिए उनको लगभग 11,000 रुपए का सालाना प्रीमियम देना होगा।
क्या करें
अपनी फैमिली के लिए प्योर हेल्थ कवर खरीदें।
लाइफ इन्श्योरेंस
मुकुल के पास 1.84 करोड़ रुपए का टर्म प्लान है। इसके अलावा उनके पास और भी पारंपरिक जीवन बीमा प्लान हैं जो कुल मिला कर 5 लाख रुपए का बीमा कवर मुहैया कराते हैं। हमने पहले भी बताया है कि किसी को भी पांरपरिक जीवन बीमा प्लान या हाइब्रिड प्रोडक्ट में निवेश से बचना है। ऐसे प्लान में निवेश और बीमा दोनों कंपोनेंट होते हैं। लेकिन ये प्लान न तो जरूरत भर का बीमा कवर ही मुहैया कराते हैं और न ही निवेश पर अच्छा रिटर्न देते हैं। मुकुल को पांरपरिक जीवन प्लान को सरेंडर करने पर विचार करना चाहिए और इससे मिलने वाली रकम को इक्विटी में निवेश करना चाहिए। इक्विटी लंबी में अवधि में ऊंचा रिटर्न दे सकती है।
इसके अलावा उनको टर्म लाइफ कवर 1 करोड़ रुपए बढ़ाने पर विचार करना चाहिए क्योंकि मुकुल का टर्म कवर उनके न रहने पर परिवार की जरूरतों को पूरा करने के लिए शायद काफी न हो।
क्या करें
पारंपरिक जीवन बीमा प्लान को सरेंडर करें और मिलने वाली रकम इक्विटी में निवेश करें।
बेटियों की एजुकेशन और शादी
मुकुल बेटियों की हायर एजुकेशन पर 30 लाख रुपए और शादी पर 15 लाख रुपए खर्च करना चाहते हैं। अगर महंगाई दर 8 फीसदी मान लें तो जब तक इस रकम की जरूरत होगी तो यह रकम बढ़ कर 95.17 लाख रुपए और 81.55 लाख रुपए हो जाएगी।
इसके लिए वे इक्विटी में रखी रकम में से 24.13 लाख रुपए अलग कर सकते हैं। अगर अनुमानित सालाना रिटर्न 12 फीसदी मान लें तो उनकी जरूरत के लिए रकम का इंतजाम हो जाएगा। इसके विकल्प के तौर पर वे मल्टी कैप फंड में 16,000 रुपए की एसआईपी शुरू कर सकते हैं और एसआईपी की रकम सालाना 10 फीसदी तक बढ़ा सकते हैं।
इसके अलावा जब मुकुल का गोल पूरा होने वाला हो तो उनको 12 से 18 माह पहले रकम को इक्विटी से डेट फंड में ट्रांसफर करना शुरू कर देना चाहिए। इससे उनको अपना मुनाफा बाजार में अचानक गिरावट आने की सूरत में बचाने में मदद मिलेगी।
क्या करें
इक्विटी में 24.13 लाख रुपए अलग करें।
रिटायरमेंट
मुकुल की मौजूदा जीवन शैली को आधार बनाएं तो उनको रिटायरमेंट के बाद की जरूरतों के लिए 9.29 करोड़ रुपए की जरूरत होगी। मुकुल का ईपीएफ कंट्रीब्यूशन में अगर 10 फीसदी सालाना इजाफा मान लें तो इससे उनको रिटायरमेंट तक 1.81 करोड़ रुपए मिल जाएंगे। ईपीएफ का औसत रिटर्न सालना 8 फीसदी माना गया है।
मुकुल का पीपीएफ में निवेश अगले साल मैच्योर होने वाला है। इससे उनको 23.4 लाख रुपए मिलेंगे। उनको इस रकम को फैला कर 12 से 18 माह में इक्विटी फंड में निवेश करना चाहिए। इससे मुकुल को लंबी अवधि में पीपीएफ से ज्यादा रिटर्न मिलेगा। 12 फीसदी रिटर्न मान लें तो इससे उनको रिटायरमेंट तक 2.02 करोड़ की रकम मिलेगी। बाकी रकम का इंतजाम करने के लिए उनको 31,000 रुपए की मासिक एसआईपी शुरू करनी होगी। और एसआईपी की रकम में सालाना 10 फीसदी का इजाफा भी करना होगा।
क्या करें
31,000 रुपए की मासिक एसआईपी शुरू करें
पोर्टफोलियो
मुकुल के पास 11.55 लाख रुपए का कॉर्पस इक्विटी म्युचुअल फंड में 19.12 लाख रुपए स्टॉक में है। उनको सीधे स्टॉक में तभी निवेश करना चाहिए जब वे कंपनियों के बारे में रिसर्च कर सकें ओर समय समय पर स्टॉक के प्रदर्शन की समीक्षा कर सकें। अगर ऐसा नहीं कर सकते हैं स्टॉक से रकम निकाल कर इक्विटी फंड में निवेश कर देना चाहिए।
मुकुल की हर माह सरप्लस डेट फंड में जमा करने और इसके बाद इक्विटी फंड के लिए वीकली सिस्टमेटिक ट्रांसफर प्लान यानी एसटीपी सेटअप करने की आदत है। इस कैटेगरी में निवेश करने का कोई खास फायदा नहीं है और इससे प्रक्रिया से जुड़ी दिक्कतें और टैक्स के मसले पैदा होते हैं। और मुनाफा बहुत कम। इसके बजाए उनको बैंक अकाउंट से सीधे एसटीपी सेटअप करना चाहिए।
उनके सभी गोल 15 साल दूर हैं। इतनी लंबी अवधि के लिए मल्टी कैप फंड बहुत अच्छी तरह काम करते हैं। मल्टी कैप फंड अलग अलग साइज की और अलग अलग सेक्टर की कंपनियों में निवेश कर सकते हैं। उनकी मौजूदा म्युचुअल फंड पोर्टफोलियो में लगभग 50 फीसदी वैल्यू ओरिएंटेड फंड हैं। 25 फीसदी मल्टी कैप फंड में और 25 फीसदी लार्ज कैप फंड में। उनको लार्ज कैप निवेश को मल्टी कैप फंड में ट्रांसफर कर देना चाहिए। निवेश की लंबी अवधि को देखते हुए इस बात की अच्छी संभावना है कि मल्टी कैप फंड लार्ज कैप फंड से ज्यादा रिटर्न देंगे। वैल्यू फंड मल्टी कैप फंड की तरह हैं। इनका फोकस वैल्यू स्ट्रैटेजी पर होता है।
मुकुल अगले दो तीन माह अपना सरप्लस इकठ्ठा करके इसमें डेट फंड में रखी 1.12 लाख रुपए की रकम मिला सकते हैं। इससे वे नए खरीदे गए घर के लिए रजिस्ट्रेशन का शुल्क चुका सकते हैं। और उनको घर के इंटीरियर को लेकर ज्यादा महत्वाकांक्षी होने की जरूरत नहीं है। वैसे भी वे इस घर को रेंट पर देने वाले हैं।
क्या करें
लार्ज फंड से अपना निवेश निकाल कर मल्टी कैप फंड में लगाएं।
इन बातों का रखें ख्याल
-इमरजेंसी फंड छह माह के मासिक खर्च के बराबर होना चाहिए।
-इन्श्योरेंस और निवेश को अलग रखें। ऐसे हाइब्रिड पोडक्ट से बचें जो इन्श्योरेंस ऑफर करता है।
-लाइफ इन्श्योरेंस के लिए टर्म प्लान खरीदें।
-इक्विटी फंड लंबी अवधि में पीपीएफ से ज्यादा रिटर्न देता है।
-अपनी एसटीपी सरल रखें।
-इक्विटी फंड में मल्टी कैप फंड सबसे बेहतर हैं क्योंकि ये सभी साइज की -- कंपनियों में निवेश कर सकता है।
-लंबी अवधि का गोल करीब आने पर रकम डेट फंड में ट्रांसफर करना शुरू कर दें।
इन्श्योरेंस में सरलता अहम
स्टोरी कोड: 46426
मुकुल को लाइफ इन्श्योरेंस और हेल्थ इन्श्योरेंस दोनों को लेकर अपनी पॉलिसी च्वाइस में बदलाव करने की जरूरत है
मुकुल की उम्र 40 साल है। मुकुल बतौर मैनेजर काम कर रहे हैं और उनकी मंथली सैलरी 1.19 लाख रुपए है। उनकी एक तीन साल की बेटी है। मुकुल की वाइफ बॉयोटेक्नोलॉजिस्ट हैं और उनकी मंथली सैलरी 30,000 रुपए है।
मुकुल रेंट पर रहते हैं मासिक रेंट 17,000 रुपए है। हालांकि उन्होंने हाल में एक फ्लैट खरीदा है लेकिन लोकेशन से जुड़ी दिक्कतों की वजह से वे उस फ्लैट में नहीं रहने जा रहे हैं। इसके बजाए उनकी योजना अगले छह माह में इसे रेंट पर देने की है। इसके अलावा मुकुल ने 36.67 लाख रुपए इक्विटी में और लगभग 20 लाख रुपए पब्किल प्रॉविडेंट फंड यानी पीपीएफ में जमा किया है। उन्होंने 3.55 लाख रुपए डेट म्युचुअल फंड में जमा किया है।
मुकुल रिटायरमेंट के बाद की जरूरतों को पूरा करने लायक रिटायरमेंट कॉर्पस बनाना चाहते हैं। इसके अलावा वे बेटी की एजुकेशन और शादी के लिए भी कॉर्पस बनाना चाहते हैं। इसके अलावा उनको नए खरीदे गए घर के रजिस्ट्रेशन और इंटीरियर से जुड़े काम के लिए अगले तीन माह में कुछ लाख रुपयों की जरूरत होगी।
इमरजेंसी फंड
किसी के लिए भी छह माह के खर्च के बराबर रकम का इमरजेंसी फंड बनाना चाहिए। मुकुल के पास 1 47 लाख रुपए का इमरजेंसी फंड है। मुकुल ने यह रकम अल्ट्रा शार्ट ड्यूरेशन फंड में रखी है। उनका मासिक खर्च 65,000 रुपए है। ऐसे मे उनको अपना इमरजेंसी फंड 3.90 लाख रुपए तक बढ़ाना चाहिए। इसके लिए वे अपने डेट फंड के कॉर्पस का इस्तेमाल कर सकते हैं।
मुकुल ने समझदारी दिखाई और इमरजेंसी फंड की रकम अल्ट्रा शार्ट ड्यूरेशन डेट फंड में रखा है। इससे उनको लिक्विडिटी से समझौता किए बिना ऊंचा रिटर्न हासिल करने में मदद मिलेगी। लेकिन उनको इस बात का ध्यान रखना होगा कि अल्ट्रा शार्ट ड्यूरेशन डेट फंड भुनाने के बाद अकाउंट में आने में दो दिन का समय लगता है। यह रकम तुरंत बैंक अकाउंट में नहीं आती है। ऐसे में उनको इमरजेंसी कॉर्पस का कुछ हिस्सा स्वीप इन फिक्स्ड डिपॉजिट और सेविंग बैंक अकाउंट में रखना चाहिए।
क्या करें
इमरजेंसी फंड की रकम बढ़ा कर 3.90 लाख रुपए करनी चाहिए।
हेल्थ इन्श्योरेंस
मुकुल के पास 3 लाख रुपए का हेल्थ कवर है। लेकिन यह यूनिट लिंक्ड इन्श्योरेंस प्लान के साथ है। हाइब्रिड प्रोडक्ट से बचना चाहिए क्योंकि ये जरूरत पूरी करने लायक इन्श्योरेंस भी नहीं देते हैं और काफी महंगे भी होते हैं। दुर्भाग्य इस पॉलिसी में सरेंडर का ऑप्श्न नहीं है। ऐसे में या तो वे पॉलिसी जारी रखें या पॉलिसी को लैप्स हो जाने दें और नुकसान का बर्दाश्त करें।
मुकुल को कम से कम 3 लाख रुपए का हेल्थ कवर लेना चाहिए जिसमें वे खुद उनकी बेटी और वाइफ कवर हों। इसके लिए उनको लगभग 11,000 रुपए का सालाना प्रीमियम देना होगा।
क्या करें
अपनी फैमिली के लिए प्योर हेल्थ कवर खरीदें।
लाइफ इन्श्योरेंस
मुकुल के पास 1.84 करोड़ रुपए का टर्म प्लान है। इसके अलावा उनके पास और भी पारंपरिक जीवन बीमा प्लान हैं जो कुल मिला कर 5 लाख रुपए का बीमा कवर मुहैया कराते हैं। हमने पहले भी बताया है कि किसी को भी पांरपरिक जीवन बीमा प्लान या हाइब्रिड प्रोडक्ट में निवेश से बचना है। ऐसे प्लान में निवेश और बीमा दोनों कंपोनेंट होते हैं। लेकिन ये प्लान न तो जरूरत भर का बीमा कवर ही मुहैया कराते हैं और न ही निवेश पर अच्छा रिटर्न देते हैं। मुकुल को पांरपरिक जीवन प्लान को सरेंडर करने पर विचार करना चाहिए और इससे मिलने वाली रकम को इक्विटी में निवेश करना चाहिए। इक्विटी लंबी में अवधि में ऊंचा रिटर्न दे सकती है।
इसके अलावा उनको टर्म लाइफ कवर 1 करोड़ रुपए बढ़ाने पर विचार करना चाहिए क्योंकि मुकुल का टर्म कवर उनके न रहने पर परिवार की जरूरतों को पूरा करने के लिए शायद काफी न हो।
क्या करें
पारंपरिक जीवन बीमा प्लान को सरेंडर करें और मिलने वाली रकम इक्विटी में निवेश करें।
बेटियों की एजुकेशन और शादी
मुकुल बेटियों की हायर एजुकेशन पर 30 लाख रुपए और शादी पर 15 लाख रुपए खर्च करना चाहते हैं। अगर महंगाई दर 8 फीसदी मान लें तो जब तक इस रकम की जरूरत होगी तो यह रकम बढ़ कर 95.17 लाख रुपए और 81.55 लाख रुपए हो जाएगी।
इसके लिए वे इक्विटी में रखी रकम में से 24.13 लाख रुपए अलग कर सकते हैं। अगर अनुमानित सालाना रिटर्न 12 फीसदी मान लें तो उनकी जरूरत के लिए रकम का इंतजाम हो जाएगा। इसके विकल्प के तौर पर वे मल्टी कैप फंड में 16,000 रुपए की एसआईपी शुरू कर सकते हैं और एसआईपी की रकम सालाना 10 फीसदी तक बढ़ा सकते हैं।
इसके अलावा जब मुकुल का गोल पूरा होने वाला हो तो उनको 12 से 18 माह पहले रकम को इक्विटी से डेट फंड में ट्रांसफर करना शुरू कर देना चाहिए। इससे उनको अपना मुनाफा बाजार में अचानक गिरावट आने की सूरत में बचाने में मदद मिलेगी।
क्या करें
इक्विटी में 24.13 लाख रुपए अलग करें।
रिटायरमेंट
मुकुल की मौजूदा जीवन शैली को आधार बनाएं तो उनको रिटायरमेंट के बाद की जरूरतों के लिए 9.29 करोड़ रुपए की जरूरत होगी। मुकुल का ईपीएफ कंट्रीब्यूशन में अगर 10 फीसदी सालाना इजाफा मान लें तो इससे उनको रिटायरमेंट तक 1.81 करोड़ रुपए मिल जाएंगे। ईपीएफ का औसत रिटर्न सालना 8 फीसदी माना गया है।
मुकुल का पीपीएफ में निवेश अगले साल मैच्योर होने वाला है। इससे उनको 23.4 लाख रुपए मिलेंगे। उनको इस रकम को फैला कर 12 से 18 माह में इक्विटी फंड में निवेश करना चाहिए। इससे मुकुल को लंबी अवधि में पीपीएफ से ज्यादा रिटर्न मिलेगा। 12 फीसदी रिटर्न मान लें तो इससे उनको रिटायरमेंट तक 2.02 करोड़ की रकम मिलेगी। बाकी रकम का इंतजाम करने के लिए उनको 31,000 रुपए की मासिक एसआईपी शुरू करनी होगी। और एसआईपी की रकम में सालाना 10 फीसदी का इजाफा भी करना होगा।
क्या करें
31,000 रुपए की मासिक एसआईपी शुरू करें
पोर्टफोलियो
मुकुल के पास 11.55 लाख रुपए का कॉर्पस इक्विटी म्युचुअल फंड में 19.12 लाख रुपए स्टॉक में है। उनको सीधे स्टॉक में तभी निवेश करना चाहिए जब वे कंपनियों के बारे में रिसर्च कर सकें ओर समय समय पर स्टॉक के प्रदर्शन की समीक्षा कर सकें। अगर ऐसा नहीं कर सकते हैं स्टॉक से रकम निकाल कर इक्विटी फंड में निवेश कर देना चाहिए।
मुकुल की हर माह सरप्लस डेट फंड में जमा करने और इसके बाद इक्विटी फंड के लिए वीकली सिस्टमेटिक ट्रांसफर प्लान यानी एसटीपी सेटअप करने की आदत है। इस कैटेगरी में निवेश करने का कोई खास फायदा नहीं है और इससे प्रक्रिया से जुड़ी दिक्कतें और टैक्स के मसले पैदा होते हैं। और मुनाफा बहुत कम। इसके बजाए उनको बैंक अकाउंट से सीधे एसटीपी सेटअप करना चाहिए।
उनके सभी गोल 15 साल दूर हैं। इतनी लंबी अवधि के लिए मल्टी कैप फंड बहुत अच्छी तरह काम करते हैं। मल्टी कैप फंड अलग अलग साइज की और अलग अलग सेक्टर की कंपनियों में निवेश कर सकते हैं। उनकी मौजूदा म्युचुअल फंड पोर्टफोलियो में लगभग 50 फीसदी वैल्यू ओरिएंटेड फंड हैं। 25 फीसदी मल्टी कैप फंड में और 25 फीसदी लार्ज कैप फंड में। उनको लार्ज कैप निवेश को मल्टी कैप फंड में ट्रांसफर कर देना चाहिए। निवेश की लंबी अवधि को देखते हुए इस बात की अच्छी संभावना है कि मल्टी कैप फंड लार्ज कैप फंड से ज्यादा रिटर्न देंगे। वैल्यू फंड मल्टी कैप फंड की तरह हैं। इनका फोकस वैल्यू स्ट्रैटेजी पर होता है।
मुकुल अगले दो तीन माह अपना सरप्लस इकठ्ठा करके इसमें डेट फंड में रखी 1.12 लाख रुपए की रकम मिला सकते हैं। इससे वे नए खरीदे गए घर के लिए रजिस्ट्रेशन का शुल्क चुका सकते हैं। और उनको घर के इंटीरियर को लेकर ज्यादा महत्वाकांक्षी होने की जरूरत नहीं है। वैसे भी वे इस घर को रेंट पर देने वाले हैं।
क्या करें
लार्ज फंड से अपना निवेश निकाल कर मल्टी कैप फंड में लगाएं।
इन बातों का रखें ख्याल
-इमरजेंसी फंड छह माह के मासिक खर्च के बराबर होना चाहिए।
-इन्श्योरेंस और निवेश को अलग रखें। ऐसे हाइब्रिड पोडक्ट से बचें जो इन्श्योरेंस ऑफर करता है।
-लाइफ इन्श्योरेंस के लिए टर्म प्लान खरीदें।
-इक्विटी फंड लंबी अवधि में पीपीएफ से ज्यादा रिटर्न देता है।
-अपनी एसटीपी सरल रखें।
-इक्विटी फंड में मल्टी कैप फंड सबसे बेहतर हैं क्योंकि ये सभी साइज की -- कंपनियों में निवेश कर सकता है।
-लंबी अवधि का गोल करीब आने पर रकम डेट फंड में ट्रांसफर करना शुरू कर दें।
इन्श्योरेंस में सरलता अहम
स्टोरी कोड: 46426
मुकुल को लाइफ इन्श्योरेंस और हेल्थ इन्श्योरेंस दोनों को लेकर अपनी पॉलिसी च्वाइस में बदलाव करने की जरूरत है
मुकुल की उम्र 40 साल है। मुकुल बतौर मैनेजर काम कर रहे हैं और उनकी मंथली सैलरी 1.19 लाख रुपए है। उनकी एक तीन साल की बेटी है। मुकुल की वाइफ बॉयोटेक्नोलॉजिस्ट हैं और उनकी मंथली सैलरी 30,000 रुपए है।
मुकुल रेंट पर रहते हैं मासिक रेंट 17,000 रुपए है। हालांकि उन्होंने हाल में एक फ्लैट खरीदा है लेकिन लोकेशन से जुड़ी दिक्कतों की वजह से वे उस फ्लैट में नहीं रहने जा रहे हैं। इसके बजाए उनकी योजना अगले छह माह में इसे रेंट पर देने की है। इसके अलावा मुकुल ने 36.67 लाख रुपए इक्विटी में और लगभग 20 लाख रुपए पब्किल प्रॉविडेंट फंड यानी पीपीएफ में जमा किया है। उन्होंने 3.55 लाख रुपए डेट म्युचुअल फंड में जमा किया है।
मुकुल रिटायरमेंट के बाद की जरूरतों को पूरा करने लायक रिटायरमेंट कॉर्पस बनाना चाहते हैं। इसके अलावा वे बेटी की एजुकेशन और शादी के लिए भी कॉर्पस बनाना चाहते हैं। इसके अलावा उनको नए खरीदे गए घर के रजिस्ट्रेशन और इंटीरियर से जुड़े काम के लिए अगले तीन माह में कुछ लाख रुपयों की जरूरत होगी।
इमरजेंसी फंड
किसी के लिए भी छह माह के खर्च के बराबर रकम का इमरजेंसी फंड बनाना चाहिए। मुकुल के पास 1 47 लाख रुपए का इमरजेंसी फंड है। मुकुल ने यह रकम अल्ट्रा शार्ट ड्यूरेशन फंड में रखी है। उनका मासिक खर्च 65,000 रुपए है। ऐसे मे उनको अपना इमरजेंसी फंड 3.90 लाख रुपए तक बढ़ाना चाहिए। इसके लिए वे अपने डेट फंड के कॉर्पस का इस्तेमाल कर सकते हैं।
मुकुल ने समझदारी दिखाई और इमरजेंसी फंड की रकम अल्ट्रा शार्ट ड्यूरेशन डेट फंड में रखा है। इससे उनको लिक्विडिटी से समझौता किए बिना ऊंचा रिटर्न हासिल करने में मदद मिलेगी। लेकिन उनको इस बात का ध्यान रखना होगा कि अल्ट्रा शार्ट ड्यूरेशन डेट फंड भुनाने के बाद अकाउंट में आने में दो दिन का समय लगता है। यह रकम तुरंत बैंक अकाउंट में नहीं आती है। ऐसे में उनको इमरजेंसी कॉर्पस का कुछ हिस्सा स्वीप इन फिक्स्ड डिपॉजिट और सेविंग बैंक अकाउंट में रखना चाहिए।
क्या करें
इमरजेंसी फंड की रकम बढ़ा कर 3.90 लाख रुपए करनी चाहिए।
हेल्थ इन्श्योरेंस
मुकुल के पास 3 लाख रुपए का हेल्थ कवर है। लेकिन यह यूनिट लिंक्ड इन्श्योरेंस प्लान के साथ है। हाइब्रिड प्रोडक्ट से बचना चाहिए क्योंकि ये जरूरत पूरी करने लायक इन्श्योरेंस भी नहीं देते हैं और काफी महंगे भी होते हैं। दुर्भाग्य इस पॉलिसी में सरेंडर का ऑप्श्न नहीं है। ऐसे में या तो वे पॉलिसी जारी रखें या पॉलिसी को लैप्स हो जाने दें और नुकसान का बर्दाश्त करें।
मुकुल को कम से कम 3 लाख रुपए का हेल्थ कवर लेना चाहिए जिसमें वे खुद उनकी बेटी और वाइफ कवर हों। इसके लिए उनको लगभग 11,000 रुपए का सालाना प्रीमियम देना होगा।
क्या करें
अपनी फैमिली के लिए प्योर हेल्थ कवर खरीदें।
लाइफ इन्श्योरेंस
मुकुल के पास 1.84 करोड़ रुपए का टर्म प्लान है। इसके अलावा उनके पास और भी पारंपरिक जीवन बीमा प्लान हैं जो कुल मिला कर 5 लाख रुपए का बीमा कवर मुहैया कराते हैं। हमने पहले भी बताया है कि किसी को भी पांरपरिक जीवन बीमा प्लान या हाइब्रिड प्रोडक्ट में निवेश से बचना है। ऐसे प्लान में निवेश और बीमा दोनों कंपोनेंट होते हैं। लेकिन ये प्लान न तो जरूरत भर का बीमा कवर ही मुहैया कराते हैं और न ही निवेश पर अच्छा रिटर्न देते हैं। मुकुल को पांरपरिक जीवन प्लान को सरेंडर करने पर विचार करना चाहिए और इससे मिलने वाली रकम को इक्विटी में निवेश करना चाहिए। इक्विटी लंबी में अवधि में ऊंचा रिटर्न दे सकती है।
इसके अलावा उनको टर्म लाइफ कवर 1 करोड़ रुपए बढ़ाने पर विचार करना चाहिए क्योंकि मुकुल का टर्म कवर उनके न रहने पर परिवार की जरूरतों को पूरा करने के लिए शायद काफी न हो।
क्या करें
पारंपरिक जीवन बीमा प्लान को सरेंडर करें और मिलने वाली रकम इक्विटी में निवेश करें।
बेटियों की एजुकेशन और शादी
मुकुल बेटियों की हायर एजुकेशन पर 30 लाख रुपए और शादी पर 15 लाख रुपए खर्च करना चाहते हैं। अगर महंगाई दर 8 फीसदी मान लें तो जब तक इस रकम की जरूरत होगी तो यह रकम बढ़ कर 95.17 लाख रुपए और 81.55 लाख रुपए हो जाएगी।
इसके लिए वे इक्विटी में रखी रकम में से 24.13 लाख रुपए अलग कर सकते हैं। अगर अनुमानित सालाना रिटर्न 12 फीसदी मान लें तो उनकी जरूरत के लिए रकम का इंतजाम हो जाएगा। इसके विकल्प के तौर पर वे मल्टी कैप फंड में 16,000 रुपए की एसआईपी शुरू कर सकते हैं और एसआईपी की रकम सालाना 10 फीसदी तक बढ़ा सकते हैं।
इसके अलावा जब मुकुल का गोल पूरा होने वाला हो तो उनको 12 से 18 माह पहले रकम को इक्विटी से डेट फंड में ट्रांसफर करना शुरू कर देना चाहिए। इससे उनको अपना मुनाफा बाजार में अचानक गिरावट आने की सूरत में बचाने में मदद मिलेगी।
क्या करें
इक्विटी में 24.13 लाख रुपए अलग करें।
रिटायरमेंट
मुकुल की मौजूदा जीवन शैली को आधार बनाएं तो उनको रिटायरमेंट के बाद की जरूरतों के लिए 9.29 करोड़ रुपए की जरूरत होगी। मुकुल का ईपीएफ कंट्रीब्यूशन में अगर 10 फीसदी सालाना इजाफा मान लें तो इससे उनको रिटायरमेंट तक 1.81 करोड़ रुपए मिल जाएंगे। ईपीएफ का औसत रिटर्न सालना 8 फीसदी माना गया है।
मुकुल का पीपीएफ में निवेश अगले साल मैच्योर होने वाला है। इससे उनको 23.4 लाख रुपए मिलेंगे। उनको इस रकम को फैला कर 12 से 18 माह में इक्विटी फंड में निवेश करना चाहिए। इससे मुकुल को लंबी अवधि में पीपीएफ से ज्यादा रिटर्न मिलेगा। 12 फीसदी रिटर्न मान लें तो इससे उनको रिटायरमेंट तक 2.02 करोड़ की रकम मिलेगी। बाकी रकम का इंतजाम करने के लिए उनको 31,000 रुपए की मासिक एसआईपी शुरू करनी होगी। और एसआईपी की रकम में सालाना 10 फीसदी का इजाफा भी करना होगा।
क्या करें
31,000 रुपए की मासिक एसआईपी शुरू करें
पोर्टफोलियो
मुकुल के पास 11.55 लाख रुपए का कॉर्पस इक्विटी म्युचुअल फंड में 19.12 लाख रुपए स्टॉक में है। उनको सीधे स्टॉक में तभी निवेश करना चाहिए जब वे कंपनियों के बारे में रिसर्च कर सकें ओर समय समय पर स्टॉक के प्रदर्शन की समीक्षा कर सकें। अगर ऐसा नहीं कर सकते हैं स्टॉक से रकम निकाल कर इक्विटी फंड में निवेश कर देना चाहिए।
मुकुल की हर माह सरप्लस डेट फंड में जमा करने और इसके बाद इक्विटी फंड के लिए वीकली सिस्टमेटिक ट्रांसफर प्लान यानी एसटीपी सेटअप करने की आदत है। इस कैटेगरी में निवेश करने का कोई खास फायदा नहीं है और इससे प्रक्रिया से जुड़ी दिक्कतें और टैक्स के मसले पैदा होते हैं। और मुनाफा बहुत कम। इसके बजाए उनको बैंक अकाउंट से सीधे एसटीपी सेटअप करना चाहिए।
उनके सभी गोल 15 साल दूर हैं। इतनी लंबी अवधि के लिए मल्टी कैप फंड बहुत अच्छी तरह काम करते हैं। मल्टी कैप फंड अलग अलग साइज की और अलग अलग सेक्टर की कंपनियों में निवेश कर सकते हैं। उनकी मौजूदा म्युचुअल फंड पोर्टफोलियो में लगभग 50 फीसदी वैल्यू ओरिएंटेड फंड हैं। 25 फीसदी मल्टी कैप फंड में और 25 फीसदी लार्ज कैप फंड में। उनको लार्ज कैप निवेश को मल्टी कैप फंड में ट्रांसफर कर देना चाहिए। निवेश की लंबी अवधि को देखते हुए इस बात की अच्छी संभावना है कि मल्टी कैप फंड लार्ज कैप फंड से ज्यादा रिटर्न देंगे। वैल्यू फंड मल्टी कैप फंड की तरह हैं। इनका फोकस वैल्यू स्ट्रैटेजी पर होता है।
मुकुल अगले दो तीन माह अपना सरप्लस इकठ्ठा करके इसमें डेट फंड में रखी 1.12 लाख रुपए की रकम मिला सकते हैं। इससे वे नए खरीदे गए घर के लिए रजिस्ट्रेशन का शुल्क चुका सकते हैं। और उनको घर के इंटीरियर को लेकर ज्यादा महत्वाकांक्षी होने की जरूरत नहीं है। वैसे भी वे इस घर को रेंट पर देने वाले हैं।
क्या करें
लार्ज फंड से अपना निवेश निकाल कर मल्टी कैप फंड में लगाएं।
इन बातों का रखें ख्याल
-इमरजेंसी फंड छह माह के मासिक खर्च के बराबर होना चाहिए।
-इन्श्योरेंस और निवेश को अलग रखें। ऐसे हाइब्रिड पोडक्ट से बचें जो इन्श्योरेंस ऑफर करता है।
-लाइफ इन्श्योरेंस के लिए टर्म प्लान खरीदें।
-इक्विटी फंड लंबी अवधि में पीपीएफ से ज्यादा रिटर्न देता है।
-अपनी एसटीपी सरल रखें।
-इक्विटी फंड में मल्टी कैप फंड सबसे बेहतर हैं क्योंकि ये सभी साइज की -- कंपनियों में निवेश कर सकता है।
-लंबी अवधि का गोल करीब आने पर रकम डेट फंड में ट्रांसफर करना शुरू कर दें।
इन्श्योरेंस में सरलता अहम
स्टोरी कोड: 46426
मुकुल को लाइफ इन्श्योरेंस और हेल्थ इन्श्योरेंस दोनों को लेकर अपनी पॉलिसी च्वाइस में बदलाव करने की जरूरत है
मुकुल की उम्र 40 साल है। मुकुल बतौर मैनेजर काम कर रहे हैं और उनकी मंथली सैलरी 1.19 लाख रुपए है। उनकी एक तीन साल की बेटी है। मुकुल की वाइफ बॉयोटेक्नोलॉजिस्ट हैं और उनकी मंथली सैलरी 30,000 रुपए है।
मुकुल रेंट पर रहते हैं मासिक रेंट 17,000 रुपए है। हालांकि उन्होंने हाल में एक फ्लैट खरीदा है लेकिन लोकेशन से जुड़ी दिक्कतों की वजह से वे उस फ्लैट में नहीं रहने जा रहे हैं। इसके बजाए उनकी योजना अगले छह माह में इसे रेंट पर देने की है। इसके अलावा मुकुल ने 36.67 लाख रुपए इक्विटी में और लगभग 20 लाख रुपए पब्किल प्रॉविडेंट फंड यानी पीपीएफ में जमा किया है। उन्होंने 3.55 लाख रुपए डेट म्युचुअल फंड में जमा किया है।
मुकुल रिटायरमेंट के बाद की जरूरतों को पूरा करने लायक रिटायरमेंट कॉर्पस बनाना चाहते हैं। इसके अलावा वे बेटी की एजुकेशन और शादी के लिए भी कॉर्पस बनाना चाहते हैं। इसके अलावा उनको नए खरीदे गए घर के रजिस्ट्रेशन और इंटीरियर से जुड़े काम के लिए अगले तीन माह में कुछ लाख रुपयों की जरूरत होगी।
इमरजेंसी फंड
किसी के लिए भी छह माह के खर्च के बराबर रकम का इमरजेंसी फंड बनाना चाहिए। मुकुल के पास 1 47 लाख रुपए का इमरजेंसी फंड है। मुकुल ने यह रकम अल्ट्रा शार्ट ड्यूरेशन फंड में रखी है। उनका मासिक खर्च 65,000 रुपए है। ऐसे मे उनको अपना इमरजेंसी फंड 3.90 लाख रुपए तक बढ़ाना चाहिए। इसके लिए वे अपने डेट फंड के कॉर्पस का इस्तेमाल कर सकते हैं।
मुकुल ने समझदारी दिखाई और इमरजेंसी फंड की रकम अल्ट्रा शार्ट ड्यूरेशन डेट फंड में रखा है। इससे उनको लिक्विडिटी से समझौता किए बिना ऊंचा रिटर्न हासिल करने में मदद मिलेगी। लेकिन उनको इस बात का ध्यान रखना होगा कि अल्ट्रा शार्ट ड्यूरेशन डेट फंड भुनाने के बाद अकाउंट में आने में दो दिन का समय लगता है। यह रकम तुरंत बैंक अकाउंट में नहीं आती है। ऐसे में उनको इमरजेंसी कॉर्पस का कुछ हिस्सा स्वीप इन फिक्स्ड डिपॉजिट और सेविंग बैंक अकाउंट में रखना चाहिए।
क्या करें
इमरजेंसी फंड की रकम बढ़ा कर 3.90 लाख रुपए करनी चाहिए।
हेल्थ इन्श्योरेंस
मुकुल के पास 3 लाख रुपए का हेल्थ कवर है। लेकिन यह यूनिट लिंक्ड इन्श्योरेंस प्लान के साथ है। हाइब्रिड प्रोडक्ट से बचना चाहिए क्योंकि ये जरूरत पूरी करने लायक इन्श्योरेंस भी नहीं देते हैं और काफी महंगे भी होते हैं। दुर्भाग्य इस पॉलिसी में सरेंडर का ऑप्श्न नहीं है। ऐसे में या तो वे पॉलिसी जारी रखें या पॉलिसी को लैप्स हो जाने दें और नुकसान का बर्दाश्त करें।
मुकुल को कम से कम 3 लाख रुपए का हेल्थ कवर लेना चाहिए जिसमें वे खुद उनकी बेटी और वाइफ कवर हों। इसके लिए उनको लगभग 11,000 रुपए का सालाना प्रीमियम देना होगा।
क्या करें
अपनी फैमिली के लिए प्योर हेल्थ कवर खरीदें।
लाइफ इन्श्योरेंस
मुकुल के पास 1.84 करोड़ रुपए का टर्म प्लान है। इसके अलावा उनके पास और भी पारंपरिक जीवन बीमा प्लान हैं जो कुल मिला कर 5 लाख रुपए का बीमा कवर मुहैया कराते हैं। हमने पहले भी बताया है कि किसी को भी पांरपरिक जीवन बीमा प्लान या हाइब्रिड प्रोडक्ट में निवेश से बचना है। ऐसे प्लान में निवेश और बीमा दोनों कंपोनेंट होते हैं। लेकिन ये प्लान न तो जरूरत भर का बीमा कवर ही मुहैया कराते हैं और न ही निवेश पर अच्छा रिटर्न देते हैं। मुकुल को पांरपरिक जीवन प्लान को सरेंडर करने पर विचार करना चाहिए और इससे मिलने वाली रकम को इक्विटी में निवेश करना चाहिए। इक्विटी लंबी में अवधि में ऊंचा रिटर्न दे सकती है।
इसके अलावा उनको टर्म लाइफ कवर 1 करोड़ रुपए बढ़ाने पर विचार करना चाहिए क्योंकि मुकुल का टर्म कवर उनके न रहने पर परिवार की जरूरतों को पूरा करने के लिए शायद काफी न हो।
क्या करें
पारंपरिक जीवन बीमा प्लान को सरेंडर करें और मिलने वाली रकम इक्विटी में निवेश करें।
बेटियों की एजुकेशन और शादी
मुकुल बेटियों की हायर एजुकेशन पर 30 लाख रुपए और शादी पर 15 लाख रुपए खर्च करना चाहते हैं। अगर महंगाई दर 8 फीसदी मान लें तो जब तक इस रकम की जरूरत होगी तो यह रकम बढ़ कर 95.17 लाख रुपए और 81.55 लाख रुपए हो जाएगी।
इसके लिए वे इक्विटी में रखी रकम में से 24.13 लाख रुपए अलग कर सकते हैं। अगर अनुमानित सालाना रिटर्न 12 फीसदी मान लें तो उनकी जरूरत के लिए रकम का इंतजाम हो जाएगा। इसके विकल्प के तौर पर वे मल्टी कैप फंड में 16,000 रुपए की एसआईपी शुरू कर सकते हैं और एसआईपी की रकम सालाना 10 फीसदी तक बढ़ा सकते हैं।
इसके अलावा जब मुकुल का गोल पूरा होने वाला हो तो उनको 12 से 18 माह पहले रकम को इक्विटी से डेट फंड में ट्रांसफर करना शुरू कर देना चाहिए। इससे उनको अपना मुनाफा बाजार में अचानक गिरावट आने की सूरत में बचाने में मदद मिलेगी।
क्या करें
इक्विटी में 24.13 लाख रुपए अलग करें।
रिटायरमेंट
मुकुल की मौजूदा जीवन शैली को आधार बनाएं तो उनको रिटायरमेंट के बाद की जरूरतों के लिए 9.29 करोड़ रुपए की जरूरत होगी। मुकुल का ईपीएफ कंट्रीब्यूशन में अगर 10 फीसदी सालाना इजाफा मान लें तो इससे उनको रिटायरमेंट तक 1.81 करोड़ रुपए मिल जाएंगे। ईपीएफ का औसत रिटर्न सालना 8 फीसदी माना गया है।
मुकुल का पीपीएफ में निवेश अगले साल मैच्योर होने वाला है। इससे उनको 23.4 लाख रुपए मिलेंगे। उनको इस रकम को फैला कर 12 से 18 माह में इक्विटी फंड में निवेश करना चाहिए। इससे मुकुल को लंबी अवधि में पीपीएफ से ज्यादा रिटर्न मिलेगा। 12 फीसदी रिटर्न मान लें तो इससे उनको रिटायरमेंट तक 2.02 करोड़ की रकम मिलेगी। बाकी रकम का इंतजाम करने के लिए उनको 31,000 रुपए की मासिक एसआईपी शुरू करनी होगी। और एसआईपी की रकम में सालाना 10 फीसदी का इजाफा भी करना होगा।
क्या करें
31,000 रुपए की मासिक एसआईपी शुरू करें
पोर्टफोलियो
मुकुल के पास 11.55 लाख रुपए का कॉर्पस इक्विटी म्युचुअल फंड में 19.12 लाख रुपए स्टॉक में है। उनको सीधे स्टॉक में तभी निवेश करना चाहिए जब वे कंपनियों के बारे में रिसर्च कर सकें ओर समय समय पर स्टॉक के प्रदर्शन की समीक्षा कर सकें। अगर ऐसा नहीं कर सकते हैं स्टॉक से रकम निकाल कर इक्विटी फंड में निवेश कर देना चाहिए।
मुकुल की हर माह सरप्लस डेट फंड में जमा करने और इसके बाद इक्विटी फंड के लिए वीकली सिस्टमेटिक ट्रांसफर प्लान यानी एसटीपी सेटअप करने की आदत है। इस कैटेगरी में निवेश करने का कोई खास फायदा नहीं है और इससे प्रक्रिया से जुड़ी दिक्कतें और टैक्स के मसले पैदा होते हैं। और मुनाफा बहुत कम। इसके बजाए उनको बैंक अकाउंट से सीधे एसटीपी सेटअप करना चाहिए।
उनके सभी गोल 15 साल दूर हैं। इतनी लंबी अवधि के लिए मल्टी कैप फंड बहुत अच्छी तरह काम करते हैं। मल्टी कैप फंड अलग अलग साइज की और अलग अलग सेक्टर की कंपनियों में निवेश कर सकते हैं। उनकी मौजूदा म्युचुअल फंड पोर्टफोलियो में लगभग 50 फीसदी वैल्यू ओरिएंटेड फंड हैं। 25 फीसदी मल्टी कैप फंड में और 25 फीसदी लार्ज कैप फंड में। उनको लार्ज कैप निवेश को मल्टी कैप फंड में ट्रांसफर कर देना चाहिए। निवेश की लंबी अवधि को देखते हुए इस बात की अच्छी संभावना है कि मल्टी कैप फंड लार्ज कैप फंड से ज्यादा रिटर्न देंगे। वैल्यू फंड मल्टी कैप फंड की तरह हैं। इनका फोकस वैल्यू स्ट्रैटेजी पर होता है।
मुकुल अगले दो तीन माह अपना सरप्लस इकठ्ठा करके इसमें डेट फंड में रखी 1.12 लाख रुपए की रकम मिला सकते हैं। इससे वे नए खरीदे गए घर के लिए रजिस्ट्रेशन का शुल्क चुका सकते हैं। और उनको घर के इंटीरियर को लेकर ज्यादा महत्वाकांक्षी होने की जरूरत नहीं है। वैसे भी वे इस घर को रेंट पर देने वाले हैं।
क्या करें
लार्ज फंड से अपना निवेश निकाल कर मल्टी कैप फंड में लगाएं।
इन बातों का रखें ख्याल
-इमरजेंसी फंड छह माह के मासिक खर्च के बराबर होना चाहिए।
-इन्श्योरेंस और निवेश को अलग रखें। ऐसे हाइब्रिड पोडक्ट से बचें जो इन्श्योरेंस ऑफर करता है।
-लाइफ इन्श्योरेंस के लिए टर्म प्लान खरीदें।
-इक्विटी फंड लंबी अवधि में पीपीएफ से ज्यादा रिटर्न देता है।
-अपनी एसटीपी सरल रखें।
-इक्विटी फंड में मल्टी कैप फंड सबसे बेहतर हैं क्योंकि ये सभी साइज की -- कंपनियों में निवेश कर सकता है।
-लंबी अवधि का गोल करीब आने पर रकम डेट फंड में ट्रांसफर करना शुरू कर दें।
मुकुल की उम्र 40 साल है। मुकुल बतौर मैनेजर काम कर रहे हैं और उनकी मंथली सैलरी 1.19 लाख रुपए है। उनकी एक तीन साल की बेटी है। मुकुल की वाइफ बॉयोटेक्नोलॉजिस्ट हैं और उनकी मंथली सैलरी 30,000 रुपए है।
मुकुल रेंट पर रहते हैं मासिक रेंट 17,000 रुपए है। हालांकि उन्होंने हाल में एक फ्लैट खरीदा है लेकिन लोकेशन से जुड़ी दिक्कतों की वजह से वे उस फ्लैट में नहीं रहने जा रहे हैं। इसके बजाए उनकी योजना अगले छह माह में इसे रेंट पर देने की है। इसके अलावा मुकुल ने 36.67 लाख रुपए इक्विटी में और लगभग 20 लाख रुपए पब्किल प्रॉविडेंट फंड यानी पीपीएफ में जमा किया है। उन्होंने 3.55 लाख रुपए डेट म्युचुअल फंड में जमा किया है।
मुकुल रिटायरमेंट के बाद की जरूरतों को पूरा करने लायक रिटायरमेंट कॉर्पस बनाना चाहते हैं। इसके अलावा वे बेटियों की एजुकेशन और शादी के लिए भी कॉर्पस बनाना चाहते हैं। इसके अलावा उनको नए खरीदे गए घर के रजिस्ट्रेशन और इंटीरियर से जुड़े काम के लिए अगले तीन माह में कुछ लाख रुपयों की जरूरत होगी।
इमरजेंसी फंड
किसी के लिए भी छह माह के खर्च के बराबर रकम का इमरजेंसी फंड बनाना चाहिए। मुकुल के पास 1 47 लाख रुपए का इमरजेंसी फंड है। मुकुल ने यह रकम अल्ट्रा शार्ट ड्यूरेशन फंड में रखी है। उनका मासिक खर्च 65,000 रुपए है। ऐसे मे उनको अपना इमरजेंसी फंड 3.90 लाख रुपए तक बढ़ाना चाहिए। इसके लिए वे अपने डेट फंड के कॉर्पस का इस्तेमाल कर सकते हैं।
मुकुल ने समझदारी दिखाई और इमरजेंसी फंड की रकम अल्ट्रा शार्ट ड्यूरेशन डेट फंड में रखा है। इससे उनको लिक्विडिटी से समझौता किए बिना ऊंचा रिटर्न हासिल करने में मदद मिलेगी। लेकिन उनको इस बात का ध्यान रखना होगा कि अल्ट्रा शार्ट ड्यूरेशन डेट फंड भुनाने के बाद अकाउंट में आने में दो दिन का समय लगता है। यह रकम तुरंत बैंक अकाउंट में नहीं आती है। ऐसे में उनको इमरजेंसी कॉर्पस का कुछ हिस्सा स्वीप इन फिक्स्ड डिपॉजिट और सेविंग बैंक अकाउंट में रखना चाहिए।
क्या करें
इमरजेंसी फंड की रकम बढ़ा कर 3.90 लाख रुपए करनी चाहिए।
हेल्थ इन्श्योरेंस
मुकुल के पास 3 लाख रुपए का हेल्थ कवर है। लेकिन यह यूनिट लिंक्ड इन्श्योरेंस प्लान के साथ है। हाइब्रिड प्रोडक्ट से बचना चाहिए क्योंकि ये जरूरत पूरी करने लायक इन्श्योरेंस भी नहीं देते हैं और काफी महंगे भी होते हैं। दुर्भाग्य इस पॉलिसी में सरेंडर का ऑप्श्न नहीं है। ऐसे में या तो वे पॉलिसी जारी रखें या पॉलिसी को लैप्स हो जाने दें और नुकसान का बर्दाश्त करें।
मुकुल को कम से कम 3 लाख रुपए का हेल्थ कवर लेना चाहिए जिसमें वे खुद उनकी बेटी और वाइफ कवर हों। इसके लिए उनको लगभग 11,000 रुपए का सालाना प्रीमियम देना होगा।
क्या करें
अपनी फैमिली के लिए प्योर हेल्थ कवर खरीदें।
लाइफ इन्श्योरेंस
मुकुल के पास 1.84 करोड़ रुपए का टर्म प्लान है। इसके अलावा उनके पास और भी पारंपरिक जीवन बीमा प्लान हैं जो कुल मिला कर 5 लाख रुपए का बीमा कवर मुहैया कराते हैं। हमने पहले भी बताया है कि किसी को भी पांरपरिक जीवन बीमा प्लान या हाइब्रिड प्रोडक्ट में निवेश से बचना है। ऐसे प्लान में निवेश और बीमा दोनों कंपोनेंट होते हैं। लेकिन ये प्लान न तो जरूरत भर का बीमा कवर ही मुहैया कराते हैं और न ही निवेश पर अच्छा रिटर्न देते हैं। मुकुल को पांरपरिक जीवन प्लान को सरेंडर करने पर विचार करना चाहिए और इससे मिलने वाली रकम को इक्विटी में निवेश करना चाहिए। इक्विटी लंबी में अवधि में ऊंचा रिटर्न दे सकती है।
क्या करें
पारंपरिक जीवन बीमा प्लान को सरेंडर करें और मिलने वाली रकम इक्विटी में निवेश करें।
बेटियों की एजुकेशन और शादी
मुकुल बेटियों की हायर एजुकेशन पर 30 लाख रुपए और शादी पर 15 लाख रुपए खर्च करना चाहते हैं। अगर महंगाई दर 8 फीसदी मान लें तो जब तक इस रकम की जरूरत होगी तो यह रकम बढ़ कर 95.17 लाख रुपए और 81.55 लाख रुपए हो जाएगी।
इसके अलावा जब मुकुल का गोल पूरा होने वाला हो तो उनको 12 से 18 माह पहले रकम को इक्विटी से डेट फंड में ट्रांसफर करना शुरू कर देना चाहिए। इससे उनको अपना मुनाफा बाजार में अचानक गिरावट आने की सूरत में बचाने में मदद मिलेगी।
क्या करें
इक्विटी में 24.13 लाख रुपए अलग करें।
रिटायरमेंट
मुकुल की मौजूदा जीवन शैली को आधार बनाएं तो उनको रिटायरमेंट के बाद की जरूरतों के लिए 9.29 करोड़ रुपए की जरूरत होगी। मुकुल का ईपीएफ कंट्रीब्यूशन में अगर 10 फीसदी सालाना इजाफा मान लें तो इससे उनको रिटायरमेंट तक 1.81 करोड़ रुपए मिल जाएंगे। ईपीएफ का औसत रिटर्न सालना 8 फीसदी माना गया है।
मुकुल का पीपीएफ में निवेश अगले साल मैच्योर होने वाला है। इससे उनको 23.4 लाख रुपए मिलेंगे। उनको इस रकम को फैला कर 12 से 18 माह में इक्विटी फंड में निवेश करना चाहिए। इससे मुकुल को लंबी अवधि में पीपीएफ से ज्यादा रिटर्न मिलेगा। 12 फीसदी रिटर्न मान लें तो इससे उनको रिटायरमेंट तक 2.02 करोड़ की रकम मिलेगी। बाकी रकम का इंतजाम करने के लिए उनको 31,000 रुपए की मासिक एसआईपी शुरू करनी होगी। और एसआईपी की रकम में सालाना 10 फीसदी का इजाफा भी करना होगा।
क्या करें
31,000 रुपए की मासिक एसआईपी शुरू करें
पोर्टफोलियो
मुकुल के पास 11.55 लाख रुपए का कॉर्पस इक्विटी म्युचुअल फंड में 19.12 लाख रुपए स्टॉक में है। उनको सीधे स्टॉक में तभी निवेश करना चाहिए जब वे कंपनियों के बारे में रिसर्च कर सकें ओर समय समय पर स्टॉक के प्रदर्शन की समीक्षा कर सकें। अगर ऐसा नहीं कर सकते हैं स्टॉक से रकम निकाल कर इक्विटी फंड में निवेश कर देना चाहिए।
मुकुल की हर माह सरप्लस डेट फंड में जमा करने और इसके बाद इक्विटी फंड के लिए वीकली सिस्टमेटिक ट्रांसफर प्लान यानी एसटीपी सेटअप करने की आदत है। इस कैटेगरी में निवेश करने का कोई खास फायदा नहीं है और इससे प्रक्रिया से जुड़ी दिक्कतें और टैक्स के मसले पैदा होते हैं। और मुनाफा बहुत कम। इसके बजाए उनको बैंक अकाउंट से सीधे एसटीपी सेटअप करना चाहिए।
उनके सभी गोल 15 साल दूर हैं। इतनी लंबी अवधि के लिए मल्टी कैप फंड बहुत अच्छी तरह काम करते हैं। मल्टी कैप फंड अलग अलग साइज की और अलग अलग सेक्टर की कंपनियों में निवेश कर सकते हैं। उनकी मौजूदा म्युचुअल फंड पोर्टफोलियो में लगभग 50 फीसदी वैल्यू ओरिएंटेड फंड हैं। 25 फीसदी मल्टी कैप फंड में और 25 फीसदी लार्ज कैप फंड में। उनको लार्ज कैप निवेश को मल्टी कैप फंड में ट्रांसफर कर देना चाहिए। निवेश की लंबी अवधि को देखते हुए इस बात की अच्छी संभावना है कि मल्टी कैप फंड लार्ज कैप फंड से ज्यादा रिटर्न देंगे। वैल्यू फंड मल्टी कैप फंड की तरह हैं। इनका फोकस वैल्यू स्ट्रैटेजी पर होता है।
मुकुल अगले दो तीन माह अपना सरप्लस इकठ्ठा करके इसमें डेट फंड में रखी 1.12 लाख रुपए की रकम मिला सकते हैं। इससे वे नए खरीदे गए घर के लिए रजिस्ट्रेशन का शुल्क चुका सकते हैं। और उनको घर के इंटीरियर को लेकर ज्यादा महत्वाकांक्षी होने की जरूरत नहीं है। वैसे भी वे इस घर को रेंट पर देने वाले हैं।
क्या करें
लार्ज फंड से अपना निवेश निकाल कर मल्टी कैप फंड में लगाएं।
इन बातों का रखें ख्याल
-इमरजेंसी फंड छह माह के मासिक खर्च के बराबर होना चाहिए।
-इन्श्योरेंस और निवेश को अलग रखें। ऐसे हाइब्रिड पोडक्ट से बचें जो इन्श्योरेंस ऑफर करता है।
-लाइफ इन्श्योरेंस के लिए टर्म प्लान खरीदें।
-इक्विटी फंड लंबी अवधि में पीपीएफ से ज्यादा रिटर्न देता है।
-अपनी एसटीपी सरल रखें।
-इक्विटी फंड में मल्टी कैप फंड सबसे बेहतर हैं क्योंकि ये सभी साइज की कंपनियों में निवेश कर सकता है।
-लंबी अवधि का गोल करीब आने पर रकम डेट फंड में ट्रांसफर करना शुरू कर दें।
ये लेख पहली बार जुलाई 19, 2020 को पब्लिश हुआ.






