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60 के बाद खर्च के लिए चाहिए कितनी रकम

रिटायरमेंट प्‍लानिंग करने के लिए सबसे पहले आपको यह कैलकुलेट करना होता है कि रिटयरमेंट के बाद कितनी रकम की जरूरत होगी

रिटायरमेंट प्‍लानिंग करने के लिए सबसे पहले आपको यह कैलकुलेट करना होता है कि रिटयरमेंट के बाद कितनी रकम की जरूरत होगी

रिटायरमेंट प्‍लानिंग। यानी रिटायरमेंट के बाद की जरूरतों को पूरा करने लायक रकम का इंतजाम करना। कुछ लोग रिटायरमेंट प्‍लानिंग के नाम पर कुछ हजार रुपयों की एसआईपी शुरू कर देते हैं और यह समझ लेते हैं कि इससे लंबी अवधि में जरूरी रकम का इंतजाम हो जाएगा। और कुछ लोग ऐसे होते हैं जिनको बहुत देर से यानी 40 या 50 साल की उम्र में रिटायरमेंट के बाद की जरूरतों का ख्‍याल आता है। ऐसे लोग जब जरूरी रिटायरमेंट फंड का हिसाब लगाते हैं तो पता चलता है कि‍ जितनी रकम चाहिए उतनी रकम बचाने का समय ही उनके पास नहीं बचा है और वे सरेंडर कर देते हैं। सोचते हैं जो होगा देखा जाएगा। रिटायरमेंट प्‍लानिंग के लिए यह दोनों ही तरीके सही नहीं हैं। रिटायरमेंट प्‍लानिंग करने के लिए सबसे पहले यह पता करना जरूरी है कि रिटायरमेंट के बाद की जरूरतों के लिए कितनी रकम की जरूरत होगी। यानी रिटायरमेंट कॉर्पस कितना होना चाहिए।
रिटायरमेंट कॉर्पस कैलकुलेट करने का पारंपरिक तरीका
मौजूदा समय में कई पारंप‍रिक फाइनेंशियल कैलकुलेटर उपलब्‍ध हैं जिनके जरिए यह पता लगाया जा सकता है कि किसी को रिटायरमेंट के बाद की जरूरतों को पूरा करने के लिए कितनी रकम की जरूरत होगी। ये फाइनेंशियल कैलकुलेटर कई आंकड़ों और अनुमान के आधार पर रिटायरमेंट कॉर्पस तय करते हैं। आम तौर पर ये कैलकुलेटर्स मौजूदा उम्र और टैक्‍स चुकाने के बाद बचने वाली आय से शुरूआत करते हैं और फिर आय में ग्रोथ का अनुमान लगाते हैं। इसके बाद वे आपकी जीवनशैली के आधार पर आय की एक तय फीसदी रकम खर्च के तौर पर लेते हैं और इसके आधार पर रिटायरमेंट के पहले और रिटायरमेंट के बाद के खर्च का अनुमान लगाते हैं। इसके अलावा ये एक आपके काम करने के दौरान और रिटायरमेंट के सालों के लिए अनुमानित महंगाई दर और निवेश पर अनुमानित रिटर्न लेते हैं। इसके आधार यह तय होता है कि आपका रिटायरमेंट कॉर्पस कितना होना चाहिए। यह तो हो गया पारंपरिक फाइनेंशियल कैलकुलेटर से रिटायरमेंट कॉर्पस कैलकुलेट करने का तरीका। अब हम आपको रिटायरमेंट कॉर्पस कैलकुलेट करने का आसान तरीका बता रहे हैं। इसके लिए सिर्फ चार प्‍वाइंट में जानकारी चाहिए। आपका मौजूदा खर्च, अनुमानित महंगाई दर, संभावित जीवन प्रत्‍याशा और रिटायरमेंट के बाद निवेश पर टैक्‍स चुकाने के बाद मिला रिटर्न।
सोनिया का रिटायरमेंट कॉर्पस
हम यहां 25 साल की प्रोफेशनल सोनिया का उदाहरण लेते हैं। उसकी आय और बचत की चिंता करने के बजाए हम सीधे उसके मौजूदा खर्च से शुरूआत करते हैं। सोनिया का मौजूदा खर्च सालाना 6 लाख रुपए है। सोनिया को रिटायरमेंट के लिए कितने कॉर्पस की जरूरत होगी यह पता लगाने के लिए हमें पहले यह जानना होगा कि रिटायरमेंट के बाद उसका खर्च कितना होगा। ऐसा करने के लिए हमें महंगाई दर का भी ध्‍यान रखना होगा।
वैल्‍यू रिसर्च मौजूदा समय में ऐसे कैलकुलेशन के 6 फीसदी महंगाई दर का इस्‍तेमाल कर रहा है। सोनिया के मौजूदा खर्च सालाना 6 लाख रुपए को अगले 35 साल में 6 फीसदी महंगाई दर के हिसाब से कैलकुलेट करने पर हमें पता चलता है कि सोनिया को 60 साल की उम्र में अपनी मौजूदा जीवनशैली को बनाए रखने के लिए सालाना 46.11 लाख रुपयों की जरूरत होगी।
हम सोनिया के लिए रिटायरमेंट कॉर्पस कैलकुलेट करने से पहले हम यह मान लेते हैं कि उसने रिटायरमेंट के लिए 2 करोड़ रुपए बचाए हैं। बहुत से लोग कहेंगे यह तो अच्‍छी रकम है। लेकिन रिटायरमेंट के लिए यह अच्‍छी रकम नहीं है। हम बता रहे हैं कि ऐसा क्‍यों है।

रिटायरमेंट के बाद पहले साल सोनिया को अपने खर्च के लिए 48.8 लाख रुपए निकालने होंगे। हमने सोनिया का रिटायरमेंट के बाद का सालाना खर्च 46.1 लाख रुपए कैलकुलेट किया था। अब इसमें 6 फीसदी महंगाई जोड़ने पर खर्च की रकम 48.8 लाख रुपए हो गई। पहले साल के अंत में सोनिया के पास 1.51 करोड़ रुपए बचेंगे। अब यह मान लेते हैं कि वह इस रकम को निवेश कर देती है और इस रकम पर 7 फीसदी सालाना रिटर्न मिलता है। तो साल के अंत उसका कॉर्पस 1.62 करोड़ रुपए हो जाएगा। लेकिन दूसरे साल 6 फीसदी महंगाई की वजह से उसे सालाना खर्च के लिए 51.8 लाख रुपए की जरूरत होगी। ऐसे में साल के अंत में उसके पास सिर्फ 1.09 करोड़ रुपए बचेंगे। अब इस रकम को फिर से 7 फीसदी रिटर्न पर निवेश करने से तीसरे साल के अंत में उसके पास 1.17 करोड़ रुपए हो जाएंगे। लेकिन तीसरे साल तक उसका खर्च बढ़ कर सालाना 54.9 लाख रुपए हो चुका होगा।
इस उदाहरण से साफ पता चलता है कि 2 करोड़ रुपए के रिटायरमेंट कॉर्पस से सोनिया को रिटायरमेंट के बाद पहले साल से ही निवेश पर मिलने वाले रिटर्न की मुलना में बहुत ज्‍यादा पैसा खर्च के लिए निकालना होगा। इस तरह से पैसा निकालने पर सोनिया का पैसा रिटायरमेंट के बाद सिर्फ चार पांच साल में ही खत्‍म हो जाएगा।
सोनिया के पास रिटायरमेंट के बाद इतना कॉर्पस होना चाहिए जो कम से कम इतना रिटर्न दे सके जो उसके खर्च की रकम की रकम की भरपाई कर सके। अहम बात यह है कि महंगाई की वजह से उसका खर्च हर सरल बढ़ता भी रहेगा। इस कैलकुलेशन में सोनिया की संभावित जिंदगी का भी ध्‍यान रखा जाना चाहिए। सोनिया की जिंदगी जितनी लंबी होगी उसे अपने रिटायरमेंट कॉर्पस से उतना ही ज्‍यादा पैसा खर्च के लिए निकालना होगा। मान लेते हैं कि सोनिया की जिंदगी 90 साल की उम्र तक होगी। ऐसे में उसे अपने रिटायरमेंट फंड से 30 साल तक खर्च चलाना होगा।
अब अगर हम एक्‍सेल में व्‍हाट इफ एक्‍सेल फंक्‍शन में कैलकुलेट करें तो सोनिया के लिए रिटायरमेंट कॉर्पस की रकम आ जाएगी। यह रकम इतनी होगी कि हर साल खर्च के लिए एक तय रकम निकालने के बाद भी 90 साल की उम्र तक उसका कॉर्पस खत्‍म नहीं होगा। अगर सोनिया के रिटायरमेंट के बाद महंगाई दर 6 फीसदी और टैक्‍स चुकाने के बाद रिटर्न 7 फीसदी मान लिया जाए तो उसे रिटायरमेंट कॉर्पस के तौर पर 12.5 करोड़ रुपए की जरूरत होगी। इससे सोनिया 90 साल की उम्र तक आराम से अपना खर्च चला सकेगी। यह रकम 60 साल की उम्र में सोनिया के सालाना खर्च का 27 गुना है।

ये लेख पहली बार सितंबर 23, 2019 को पब्लिश हुआ.

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