वैल्यू रिसर्च से पूछें

क्‍या SGB के बदले गोल्‍ड मिल सकता है?

आइये जानते हैं कि क्‍या सॉवरेन गोल्‍ड बॉन्‍ड मैच्‍योर होने पर निवेशक फिजिकल गोल्‍ड क्‍लेम कर सकता है

आइये जानते हैं कि क्‍या सॉवरेन गोल्‍ड बॉन्‍ड मैच्‍योर होने पर निवेशक फिजिकल गोल्‍ड क्‍लेम कर सकता है

मेरे पास 2016-17 से सॅवरेन गोल्‍ड बॉन्‍ड (Sovereign Gold Bond) की 20 यूनिट हैं. ये नवंबर, 2024 को मैच्‍योर होंगी.क्‍या इसके बदले मुझे कैश के अलावा 20 ग्राम फिजिकल गोल्‍ड मिल सकता है? - एक पाठक 

नहीं. निवेशक अपना सॉवरेन गोल्‍ड बॉन्‍ड मैच्‍योर होने के समय फिजिकल गोल्‍ड क्‍लेम नहीं कर सकता.

सॉवरेन गोल्‍ड बॉन्‍ड फिजिकल गोल्‍ड अपने पास न रखने का विकल्‍प देता है. यहां निवेशक इश्‍यू प्राइस मॉनेटरी टर्म में चुकाता है और बॉन्‍ड मैच्‍योर होने पर मॉनेटरी टर्म में ही रिडीम करता है. SGB को बॉन्‍ड की इश्‍यू डेट से 5 साल के बाद लॉक इन पीरियड पूरा होने पर समय से पहले भी रिडीम किया जा सकता है.

SGB की मैच्‍योरिटी पर रिडेम्‍शन प्राइस 24 कैरेट गोल्‍ड की पिछले तीन कारोबारी दिन के औसत क्‍लोजिंग प्राइस के आधार पर तय किया जाता है.ये प्राइस इंडिया बुलियन एवं ज्‍वैलर्स एसोसिएशन लिमिटेड द्वारा जारी किया जाता है. इसी तरह से समय से पहले रिडीम करने के लिए रिडेम्‍शन डेट से पहले तीन कारोबारी दिन के औसत क्‍लोजिंग प्राइस के आधार पर रिडेम्‍शन प्राइस तय किया जाता है.

यह भी पढ़ेंः अनक्लेम्ड शेयर कहां जाते हैं?

रिडेम्‍शन की रकम निवेशक के बैंक अकाउंट में क्रेडिट की जाती है. निवेशक को बॉन्‍ड खरीदते समय अपना बैंक अकाउंट नंबर देना होता है और रिडेम्‍शन की रक़म इसी बैंक अकाउंट में क्रेडिट होती है.

समय से पहले रिडीम करने के लिए निवेशक के पास कूपन पेमेंट डेट से पिछले 30 दिन की विंडो होती है. इन 30 दिनों के अंदर निवेशक को संबंधित बैंक/SHCIL ऑफिस /पोस्‍ट ऑफिस/ एजेंट के पास रिक्‍वेस्‍ट सबमिट करनी होती है. ये याद रखना जरूरी है कि SGB के प्रीमैच्‍योर रिडेम्‍शन या एनकैशमेंट पर होने वाला कैपिटल गेन टैक्‍सेबल होगा.

देखिए काम का वीडियो- क्या नाती-पोतों को गिफ़्ट कर सकते हैं म्यूचुअल फ़ंड?

ये लेख पहली बार अप्रैल 21, 2023 को पब्लिश हुआ, और जून 18, 2026 को अपडेट किया गया.

वैल्यू रिसर्च से पूछें aks value research information

कोई सवाल छोटा नहीं होता. पर्सनल फ़ाइनांस, म्यूचुअल फ़ंड्स, या फिर स्टॉक्स पर बेझिझक अपने सवाल पूछिए, और हम आसान भाषा में आपको जवाब देंगे.


टॉप पिक

UPI फ़ीस नहीं, आपकी समस्या एक्सपेंस रेशियो है

पढ़ने का समय 3 मिनटआकार रस्तोगी

NSE IPO: ऐसा बिज़नेस जिसमें कोई कमी निकालना मुश्किल है

पढ़ने का समय 6 मिनटLekisha Katyal

Hero Motors IPO: EV कारोबार बढ़ रहा है, लेकिन क्या इतनी क़ीमत चुकाना सही है?

पढ़ने का समय 7 मिनटसत्यजीत सेन

बिड़ला की एंट्री से केबल कंपनियों के शेयर दहल गए हैं?

पढ़ने का समय 6 मिनटLekisha Katyal

प्रीमियम जो मेरे पिता ने बेच दिया

पढ़ने का समय 5 मिनटधीरेंद्र कुमार

वैल्यू रिसर्च हिंदी पॉडकास्ट

updateनए एपिसोड हर शुक्रवार

सोने की क़ीमत दोगुनी होना अच्छी बात नहीं, समस्या है

क़ीमतों में भारी उछाल ने आपके पोर्टफ़ोलियो का बैलेंस ग़लत दिशा में बदल दिया है. यहां इसे ठीक करने का तरीक़ा बताया गया है.

अन्य एपिसोड

These are advertorial stories which keeps Value Research free for all. Click here to mark your interest for an ad-free experience in a paid plan

दूसरी कैटेगरी