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स्मॉल और मिड-कैप फ़ंड और लोगों का ज़बरदस्त जोश

पर जोश में होश खोना ठीक नहीं क्योंकि ग़लतियों की गुंजाइश बढ़ जाती है.

पर जोश में होश खोना ठीक नहीं क्योंकि ग़लतियों की गुंजाइश बढ़ जाती है.

इस समय स्मॉल और मिड-कैप फ़ंड्स के लिए हर तरफ़ से अच्छी ख़बरें आ रही हैं और ये सही भी है. पिछले 12 महीनों में ही इन्होंने अपने निवेशकों को क्रमश: 28 फ़ीसदी और 24.8 फ़ीसदी का दमदार रिटर्न दिया है. आपको बता दें कि इसी दौरान, सेंसेक्स में भी 21.37 फ़ीसदी की मज़बूती देखने को मिली.

चूंकि, दमदार परफ़ॉर्मेंस ही निवेशकों को अपनी ओर खींचता है, इसलिए पिछले तीन महीनों में ही इन फ़ंड्स में ₹15,000 करोड़ से ज़्यादा का इनफ़्लो आया है. स्मॉल-कैप फ़ंड्स में ₹10,810 करोड़ और मिड-कैप फ़ंड्स में ₹4,770 करोड़ का निवेश किया गया है.

पैसा इतनी तेज़ी से बढ़ा है कि दो स्मॉल-कैप फ़ंड - टाटा स्मॉल कैप फ़ंड (Tata Small Cap Fund) और निप्पॉन इंडिया स्मॉल कैप फ़ंड (Nippon India Small Cap Fund) ने एकमुश्त निवेश स्वीकार करना बंद कर दिया है.

निप्पॉन इंडिया ने कहा: "स्मॉल-कैप स्पेस में हालिया तेज़ी और हाई टिकट निवेश के ज़रिये निवेशकों की बढ़ती भागीदारी को देखते हुए ये क़दम उठाना ज़रूरी है. ये फ़ैसला मौजूदा यूनिट होल्डर्स के हित में लिया गया है और ये उनके आगे के निवेशों के लिए बेहतर होगा."

भले ही ये दोनों म्यूचुअल फ़ंड कैटेगरी का तेज़ी का लुत्फ़ उठा रहे हैं और भारी इनफ़्लो इनके लिए एक समस्या बन गया है, लेकिन फ़्लेक्सी-कैप, लार्ज-कैप और टैक्स-सेविंग फ़ंड बस एक कोने में पड़ा महसूस कर रहे हैं. शायद, इन्हें जलन होती होगी, क्योंकि इन तीनों कैटेगरी में अप्रैल और जून के बीच ₹5,000 करोड़ से ज़्यादा का ऑउटफ़्लो देखने को मिला.

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स्मॉल और मिड-कैप फ़ंड और लोगों का ज़बरदस्त जोश

आपको क्या करना चाहिए
जब स्मॉल-कैप फ़ंड की बात आती है, तो ब्लॉकबस्टर साल के बाद क्या होता है, उसे लेकर सावधान रहें.

मिसाल के तौर पर, 2014 में एवरेज स्मॉल-कैप फ़ंड रिटर्न लगभग 87 फ़ीसदी था, इसके बाद 2015 और 2016 में क्रमशः 10.32 और 5.18 फ़ीसदी रहा था. 2017 में फिर स्मॉल-कैप फ़ंड्स ने 54.54 फ़ीसदी का रिटर्न दिया. लेकिन इसके बाद 2018 (-18.71 फ़ीसदी) और 2019 (-1.47 फ़ीसदी) में नेगेटिव रिटर्न मिला. इसी तरह 2021 में 63.13 फ़ीसदी और 2020 में 30.52 फ़ीसदी रिटर्न देने के बाद स्मॉल-कैप फ़ंड फिर 2022 में लाल निशान में रहे थे.

भले ही हम ये अंदाज़ा नहीं लगा रहे हैं कि 2024 में स्मॉल और मिड-कैप फ़ंड्स की क़िस्मत पलट जाएगी, लेकिन हम बस आप से सतर्क रहने के लिए कह रहे हैं. अगर आपके पास कम से कम पांच साल का समय है, तो केवल स्मॉल और मिड-कैप फ़ंड्स में निवेश करें.

आख़िरी लेकिन ज़रूरी बात, हमारा सुझाव है कि आप अपने पैसे का केवल 20 फ़ीसदी हिस्सा ही स्मॉल और मिड-कैप फ़ंड्स में निवेश करें. क्योंकि, वॉरेन बफ़े की मानें तो, "जब दूसरे लालची हो जाएं तो डरना चाहिए."

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