फंड वायर

Mutual Funds जो लंबे समय के दांव लगाने से डरते नहीं

हमने म्यूचुअल फ़ंड द्वारा सबसे लंबे समय तक होल्ड किए गए स्टॉक्स और उनके परफ़ॉर्मेंस की स्टडी की है

हमने म्यूचुअल फ़ंड द्वारा सबसे लंबे समय तक होल्ड किए गए स्टॉक्स और उनके परफ़ॉर्मेंस की स्टडी की है

back back back
3:13

दुनिया के दिग्गज इन्वेस्टर्स में से एक वॉरेन बफ़े (Warren Buffett) ने एक बार कहा था, "हमारी पसंदीदा होल्डिंग की समय-सीमा हमेशा के लिए होती है. ये फ़िलॉसफ़ी कोका-कोला और अमेरिकन एक्सप्रेस जैसे उनके लंबे समय के निवेश में स्पष्ट नजर आती है, जो उनके पास तीन दशकों से ज़्यादा समय से हैं. वैल्यू रिसर्च के तौर पर हम भी लंबे समय के निवेश की उनकी सलाह को ही दोहराते हैं.

लेकिन भारतीय म्यूचुअल फ़ंड के बारे में क्या? क्या ऐसे कोई फ़ंड हैं जिन्होंने कई साल तक किसी स्टॉक पर भरोसा बनाए रखा है? आइए जानते हैं.

चयन का तरीक़ा


  • हम ऐसे फ़ंड्स की तलाश कर रहे हैं जो कम से कम 15 वर्षों से स्टॉक के साथ बहुत मजबूती के साथ चल रहे हों.
  • म्यूचुअल फ़ंड-स्टॉक का संबंध हर समय स्थिर यानी एक जैसा रहना चाहिए. बीच में किसी तरह से संबंध खत्म नहीं होना चाहिए.
  • म्यूचुअल फ़ंड अभी भी स्टॉक के साथ बना हुआ है.
  • म्यूचुअल फ़ंड के पोर्टफ़ोलियो में ख़ासा ज़्यादा एलोकेशन है (औसतन 2 फ़ीसदी या ज़्यादा).
  • यहां केवल डायवर्सिफ़ाइड इक्विटी ओरिएंटेड फ़ंड पर विचार किया गया है, जिसमें एग्रेसिव हाइब्रिड और डायनैमिक एसेट एलोकेशन फ़ंड जैसे हाइब्रिड फ़ंड शामिल हैं.

क्या नतीजा निकला

रिसर्च दिलचस्प है : हमें केवल 18 स्टॉक और 28 म्यूचुअल फ़ंड मिले जो मुश्किल दौर और अच्छे दोनों हालात में समय की कसौटी पर ख़रे उतरे.

ये भी पढ़िए- Regular Funds vs Direct Funds: क्या स्विच करना सही?

प्रदर्शन पर बात करते हैं

कोई ये मान सकता है कि म्यूचुअल फ़ंड्स को जल्दबाजी में अपनाने के अच्छे नतीजे मिले होंगे. वास्तव में ये बात सही है, लेकिन इससे पहले बताने के लिए अभी बहुत कुछ बाकी है.

आंकड़ों पर नजर डालते हुए, हमने इन स्टॉक्स के प्रदर्शन की तुलना उनके संबंधित बेंचमार्क (बेंचमार्क से पहले के निवेशों के लिए BSE सेंसेक्स TRI) से की.

रिसर्च से पता चलता है कि 39 बेहतर प्रदर्शन करने वालों में से 35 ने 1 फ़ीसदी ज़्यादा बेहतर प्रदर्शन किया है, और 15 ख़राब प्रदर्शन करने वालों में से 14 एक फ़ीसदी से ज़्यादा पीछे रहे हैं.

सबसे ज़्यादा रिटर्न देने वाली लंबे समय की होल्डिंग

कंपनी होल्ड करने वाला फ़ंड कितने समय तक होल्ड किया फ़ंड में एवरेज एलोकेशन (%) रिटर्न (%) बेंचमार्क रिटर्न (%)
लार्सन एंड टुब्रो आदित्य बिड़ला सन लाइफ़ फ़ोकस्ड 18 साल 1 महीना 3.1 116.3 13.7
रिलायंस इंडस्ट्रीज़ आदित्य बिड़ला सन लाइफ़ फ़ोकस्ड 18 साल 1 महीना 4.8 35.6 15.1
रिलायंस इंडस्ट्रीज़ बंधन लार्ज कैप 17 साल 3 महीने 7.1 29.4 15
इंफ़ोसिस फ्रैंकलिन इंडिया फ़्लेक्सी कैप 27 साल 8 महीने 6.3 17.1 7.8
HDFC बैंक HSBC लार्ज कैप 17 साल 7 महीने 6.6 25.8 14.1
नोट: रिटर्न और बेंचमार्क रिटर्न 31 अक्तूबर , 2023 तक मंथली पोर्टफ़ोलियो डिस्क्लोजर के आधार पर वैल्यू रिसर्च का अनुमान है.

लंबे समय की सबसे सुस्त होल्डिंग

कंपनी होल्ड करने वाला फ़ंड कितने समय तक होल्ड किया फ़ंड में एवरेज एलोकेशन (%) रिटर्न (%) बेंचमार्क रिटर्न (%)
स्टेट बैंक ऑफ इंडिया HDFC टॉप 100 22 साल 5 महीने 5.9 9 13.5
ITC ICICI प्रू ब्लूचिप 15 साल 5 महीने 4.2 8.7 14.7
इंफ़ोसिस सुंदरम फ़ोकस्ड 18 साल 5.1 12.4 16.6
स्टेट बैंक ऑफ इंडिया निप्पॉन इंडिया मल्टी कैप 18 साल 8 महीने 4.7 13 16.2
ITC SBI ब्लूचिप 17 साल 8 महीने 3.3 9.6 14.2
नोट: रिटर्न और बेंचमार्क रिटर्न 31 अक्तूबर , 2023 तक मंथली पोर्टफ़ोलियो डिस्क्लोजर के आधार पर वैल्यू रिसर्च का अनुमान है.

मुख्य बातें

यहां बताए गए फ़ंड्स को इन्वेस्टमेंट रिकमेंडेशन के रूप में नहीं समझा जाना चाहिए. फ़ंड्स की तैयार की गई लिस्ट के लिए, हमारे 'एनेलिस्ट की पसंद' सेक्शन पर जाएं. अपने गोल के हिसाब से एक फ़ंड चुनें और इन्वेस्टमेंट शुरू करें.

ये भी पढ़िए- लॉन्ग-टर्म इन्वेस्टिंग क्या है: कितना लंबा निवेश सुरक्षित?

वैल्यू रिसर्च से पूछें aks value research information

कोई सवाल छोटा नहीं होता. पर्सनल फ़ाइनांस, म्यूचुअल फ़ंड्स, या फिर स्टॉक्स पर बेझिझक अपने सवाल पूछिए, और हम आसान भाषा में आपको जवाब देंगे.


टॉप पिक

इंटरनेशनल फ़ंड्स: एकमुश्त निवेश के लिए एक ही विकल्प बचा है

पढ़ने का समय 4 मिनटआकार रस्तोगी

क्या बड़ा कैपिटल गेन हुआ है? ऐसे लग सकता है कम टैक्स

पढ़ने का समय 5 मिनटआकार रस्तोगी

क्यों PPFAS के CIO को FII की बिक़वाली की चिंता नहीं है?

पढ़ने का समय 7 मिनटLekisha Katyal

सबसे ज़्यादा लोकप्रिय ग्लोबल फ़ंड्स में सबसे ज़्यादा रिस्क है

पढ़ने का समय 5 मिनटआकार रस्तोगी

सोने की क़ीमत दोगुनी होना अच्छी बात नहीं, समस्या है

पढ़ने का समय 5 मिनटधीरेंद्र कुमार

म्यूचुअल फंड पॉडकास्ट

updateनए एपिसोड हर शुक्रवार

SEBI का नया नियम ग़लत लोगों की मदद करता है

SEBI का नया नियम ग़लत लोगों की मदद करता है

जिन लोगों को थर्ड-पार्टी SIPs से सबसे ज़्यादा फ़ायदा होता, यह नियम उन लोगों के लिए नहीं बनाया गया है

These are advertorial stories which keeps Value Research free for all. Click here to mark your interest for an ad-free experience in a paid plan

दूसरी कैटेगरी