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PB Fintech के हॉस्पिटल कारोबार में उतरने के मायने क्या हैं?

पॉलिसीबाज़ार की पैरेंट कंपनी PB फ़िनटेक भारत का पहला हेल्थ मेंटेनेंस ऑर्गेनाइज़ेशन मॉडल बनाने की योजना बना रही है. जानिए, इसका क्या मतलब है

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जरा इस बात की कल्पना करें: आपने एक एसेट-लाइट टेक बिज़नस में निवेश किया है, लेकिन वो अचानक 180 डिग्री यानी पूरी तरह बदल जाती है और ये भारी कैपिटल और एसेट-हैवी वेंचर में बदल जाती है. पॉलिसीबाजार की पैरेंट कंपनी PB फ़िनटेक के निवेशक आपको ये बता सकते हैं कि ऐसा होना कैसा लगता है. कुछ ख़बरों में दावा किया गया कि ये डिजिटल इंश्योरेंस प्लेटफॉर्म कंपनी अब अस्पताल बनाएगी, जिसके बाद पांच दिनों (24-30 सितंबर) में स्टॉक 15 फ़ीसदी से ज़्यादा गिर गया. मैनेजमेंट द्वारा सफ़ाई पेश किए जाने के बाद ही स्टॉक में सुधार देखने को मिला. हम आपको बताएंगे कि इसके नए बिज़नस का क्या मतलब है और इसका कंज्यूमर और कंपनी पर क्या असर होगा:

क्या है डील?

ऑनलाइन इंश्योरेंस सेलर ने साफ़ किया है कि वो हेल्थ मेंटेनेंस ऑर्गेनाइज़ेशन या HMO मॉडल के तहत अस्पतालों को चलाने के लिए एक एंटिटी स्थापित करेगी. अगर ये कदम सफल रहा, तो ये भारत का अपनी तरह का पहला हॉस्पिटल नेटवर्क होगा. HMO मॉडल के तहत, इंश्योरेंस कंपनियां अस्पताल स्थापित करती हैं जहां उनके पॉलिसी-होल्डर ग्राहकों का इलाज़ होता है. इससे इंश्योरेंस कंपनी (अस्पताल मालिक) के लिए ट्रीटमेंट ख़र्च घट जाता है और वो अपने क्लेम डिस्बर्सल को कम कर सकती है.

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PB फ़िनटेक 20 से 30 फ़ीसदी हिस्सेदारी लेने के लिए एंटिटी में लगभग ₹700-800 करोड़ का निवेश करेगी. ये अपने ग्राहकों यानी इंश्योरेंस कंपनियों को बाक़ी हिस्सेदारी लेने के लिए बाध्य करेगी. ये नई हेल्थकेयर एंटिटी शुरू में दिल्ली NCR क्षेत्र में छह से आठ अस्पताल बनाएगी.

इसका कंपनी पर क्या असर पड़ेगा

PB फ़िनटेक की बैलेंस शीट में निवेश के लिए पर्याप्त कैश है, जो उसकी मार्केट कैप का एक फ़ीसदी से भी कम है. इसके अलावा, कंपनी ने साफ़ किया है कि ये निवेश नॉन-रिकरिंग है. इस तरह, कंपनी सिर्फ़ अस्पतालों का मैनेजमेंट करके अपने एसेट-लाइट मॉडल को जारी रखेगी. इसलिए, भले ही बिज़नस नाकाम हो जाए, लेकिन इसे बहुत बड़ा झटका लगने की संभावना नहीं है.

HMO मॉडल कंज्यूमर्स द्वारा हेल्थकेयर सर्विसेज का इस्तेमाल करने के तरीक़े में क्रांतिकारी बदलाव ला सकता है. सफलता मिलने की स्थिति में ये मॉडल इंश्योरेंस कंपनियों को ग्राहकों से कम प्रीमियम चार्ज करने और कम क्लेम राशि के कारण वॉल्यूम बढ़ाने में मदद करेगा. इससे PB फ़िनटेक को अच्छा कमीशन भी मिलेगा. कुल मिलाकर, इस कदम से तीनों स्टेकहोल्डर - इंश्योरेंस कंपनियों, पेशेंट और PB फ़िनटेक को फ़ायदा हो सकता है.

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Disclaimer: यह कंटेंट सिर्फ़ जानकारी के लिए है और इसे निवेश सलाह या रेकमेंडेशन नहीं मानना चाहिए.

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