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ग्रोथ फ़ंड: बढ़ने की रफ़्तार बरक़रार

जानिए, 2024 में अब तक प्रमुख इक्विटी कैटेगरी ने कैसा प्रदर्शन किया

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वैल्यू रिसर्च धनक में हम, 'ग्रोथ' कैटेगरी में फ़्लेक्सी-कैप, लार्ज और मिड-कैप, वैल्यू-ओरिएंटेड और मल्टी-कैप फ़ंड्स रखते हैं. ये फ़ंड 'आपके इक्विटी पोर्टफ़ोलियो की रीढ़' हैं और लंबे समय में पूंजी बनाने के लिए आदर्श होते हैं. जब आप ग्रोथ फ़ंड्स में निवेश करते हैं, तो आप भारत की टॉप 500 कंपनियों तक पहुंच पा जाते हैं. इन फ़ंड्स का लगभग 64 फ़ीसदी पोर्टफ़ोलियो लार्ज-कैप स्टॉक में निवेशित होता है, जबकि 18 फ़ीसदी मिड-कैप और एक छोटा हिस्सा स्मॉल-कैप में होता है. ग्रोथ फ़ंड्स आमतौर पर 'ग्रोथ' स्टॉक (मज़बूत ग्रोथ क्षमता वाली कंपनियां) और 'वैल्यू' स्टॉक (आकर्षक वैल्यूएशन पर कारोबार करने वाली कंपनियां) के मिश्रण में निवेश करते हैं, फिर चाहे उनकी कैटेगरी कुछ भी हो. हरेक निवेश शैली (इन्वेस्टमेंट स्टाइल) का प्रदर्शन समय के साथ अलग-अलग रहता है. ख़ासतौर पर, वैल्यू इन्वेस्टमेंट (जिसकी लोकप्रियता 2018 और 2020 के बीच कम हो गयी थी) ने स्मार्ट-बीटा फ़ैक्टर की धमक के बावज़ूद, इस साल अपना प्रभावशाली प्रदर्शन बनाए रखा है. मुख्य बातें और ट्रेंड प्रदर्शन : ग्रोथ फ़ंड्स ने BSE 500 से काफ़ी बेहतर प्रदर्शन किया है और इसका नेतृत्व मल्टी-कैप फ़ंड्स ने किया है, जिन्होंने मिड- और स्मॉल-कैप शेयरों में आई मज़बूत रैली की वजह से इंडेक्स को 6.77 फ़ीसदी से पीछे छोड़ दिया. इनके बाद, लार्ज और मिड-कैप और वैल्यू फ़ंड्स का प्रदर्शन मज़बूत रहा. वैसे तो फ़्लेक्सी-कैप फ़ंड्स ने भी इंडेक्स को पीछे छोड़ दिया, लेकिन इन्होंने 3.31 फ़ीसदी का मामूली अल्फ़ा पोस्ट किया. सेक्टोरल बदलाव: फ़ाइनेंशियल सर्विस सेक्टर में लंबे समय से मंदी के कारण, ग्रोथ फ़ंड्स ने इनमें अपना एक्सपोज़र कम कर दिया है. दूसरी ओर, इस साल एनर्जी और सर्विस सेक्टरों में होल्डिंग्स में लगातार बढ़ोतरी देखी गई है. ग्रोथ फ़ंड्स का एक बड़ा हिस्सा लार्ज कैप में बना हुआ है, और उनका इस सेगमेंट की ओर झुकाव लगातार बना हुआ हैं. इनफ़्लो में बढ़ोतरी: हाल के दिनों में, ग्रोथ फ़ंड्स में बड़ा इनफ़्लो आया है. सितंबर 2023 से, मल्टी-कैप फ़ंड्स ने लगभग ₹40,000 करोड़ का इनफ़्लो आकर्षित किया, जिसमें से ₹7,000 करोड़ अकेले छह NFOs से आए. और इस साल सितंबर में, लार्ज और मिड-कैप फ़ंड्स में भी निवेश में तेज़ी आई, जो महीने के लिए ₹34,000 करोड़ के कुल इक्विटी नेट फ़्लो का 10 फ़ीसदी था. इस बीच, वैल्यू-ओरिएंटेड और फ्लेक

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