स्टॉक वायर

41% उछाल के बाद भी हैं सस्ते ये 3 लार्ज कैप स्टॉक्स

वैल्यू रिसर्च के स्टॉक रेटिंग्स का इस्तेमाल करके, हमने तीन ऐसी कंपनियों को खोजा, जिनका वैल्यूएशन स्कोर 7 या उससे ज़्यादा है

वैल्यू रिसर्च के स्टॉक रेटिंग्स का इस्तेमाल करके, हमने तीन ऐसी कंपनियों को खोजा, जिनका वैल्यूएशन स्कोर 7 या उससे ज़्यादा है Aditya Roy/AI-Generated Image

लार्ज कैप कंपनियां अक्सर महंगे दामों के साथ आती हैं. आखिरकार, बाज़ार में दबदबा और फंडामेंटल सस्ते में तो मिलते नहीं. लेकिन अगर हम आपको बताएं कि इनमें से कुछ दिग्गज कंपनियां, पिछले तीन साल में शानदार रिटर्न देने के बावजूद, अभी भी आकर्षक वैल्यूएशन पर कारोबार कर रही हैं, तो क्या आप भरोसा करेंगे?

वैल्यू रिसर्च के स्टॉक रेटिंग्स का इस्तेमाल करके, हमने तीन ऐसी कंपनियों को खोजा, जिनका वैल्यूएशन स्कोर 7 या उससे ज़्यादा है. इन शेयरों ने पिछले तीन साल में 41 प्रतिशत तक का शानदार रिटर्न दिया है और अभी भी इनमें बढ़ने की गुंजाइश है. ये कंपनियां बड़ी हैं, उम्मीदों पर खरी उतरी हैं और हैरानी की बात ये है कि ये अभी भी ज़्यादा महंगी नहीं हैं. आइए, इन पर एक नज़र डालते हैं.

1) एक्सिस बैंक

भारत के तीसरे सबसे बड़े प्राइवेट बैंक, एक्सिस बैंक ने सिटी बैंक के एसेट्स के अधिग्रहण के साथ प्रीमियम सेगमेंट पर अपना ध्यान केंद्रित किया है, जिससे क्रेडिट कार्ड बाज़ार में उसकी स्थिति मज़बूत हुई है. इस अधिग्रहण और अपने मुख्य बिज़नेस में ग्रोथ के परिणामस्वरूप, इसकी लोन बुक 2020 में ₹5.8 लाख करोड़ से बढ़कर फ़ाइनेंशियल ईयर 25 में ₹10.8 लाख करोड़ हो गया. हालांकि बैंक का नेट इंटरेस्ट मार्जिन (NIM) उसके जैसे दूसरे बैंकों के बराबर है, लेकिन रिटर्न ऑन असेट्स के मामले में ये काफ़ी पीछे है.

स्टॉक 3 साल का रिटर्न (% सालाना) P/B 5 साल की बुक वैल्यू ग्रोथ (% सालाना)
एक्सिस बैंक 24.84 2.06 13.92

2) भारत पेट्रोलियम

एक सरकारी तेल रिफ़ाइनिंग और मार्केटिंग दिग्गज, भारत पेट्रोलियम (BPCL) की प्रोसेस्ड क्रूड ऑयल उत्पादन क्षमता 14 मिलियन मीट्रिक टन है, जो सभी सरकारी तेल विपणन कंपनियों (OMC) में सबसे ज़्यादा है. इसके हालिया बेहतर प्रदर्शन का कारण क्षमता के इस्तेमाल में बढ़ोतरी और बेहतर कमाई है. कंपनी भविष्य की ग्रोथ को सुरक्षित करने के लिए रिफ़ाइनिंग, पेट्रोकेमिकल्स, गैस और ग्रीन एनर्जी पर ₹1.7 लाख करोड़ का निवेश करने की योजना बना रही है.

स्टॉक 3 साल का रिटर्न (% सालाना) P/E 5 साल की बुक वैल्यू ग्रोथ (% सालाना)
BPCL 28.95 10.72 27.33

3) श्रीराम फाइनेंस

भारत की सबसे बड़ी रिटेल NBFC, श्रीराम फ़ाइनांस उन लोगों को लोन देती है जो आमतौर पर कम सर्विसेज से जूझ रहे होते हैं. इसमें ख़ासकर कमर्शियल वाहन मालिक शामिल हैं, जिनकी कुल लोन बुक में 45 प्रतिशत हिस्सेदारी है. इसके बाद पैसेंजर व्हीकल 21 प्रतिशत हैं. इस लेंडर की 3,220 ब्रांच हैं, जिनमें से 55 प्रतिशत ग्रामीण क्षेत्रों में हैं. तमिलनाडु में सबसे ज़्यादा 775 ब्रांच हैं. कंपनी मुख्य रूप से पब्लिक डिपॉज़िट के तौर पर उधार लेती है, जो कुल उधार का 24 प्रतिशत है. इसके बाद टर्म लोन की हिस्सेदारी 21 प्रतिशत है.

स्टॉक 3 साल का रिटर्न (% सालाना) P/B 5 साल की बुक वैल्यू ग्रोथ (% सालाना)
श्रीराम फ़ाइनांस 41.35 2.35 14

किसको कितनी मिली है रेटिंग

कंपनी स्टॉक रेटिंग क्वालिटी स्कोर ग्रोथ स्कोर वैल्यूएशन स्कोर मोमेंटम स्कोर
एक्सिस बैंक ★★★★★ 6 8 7 7
BPCL ★★★★★ 7 6 8 7
श्रीराम फ़ाइनांस ★★★★★ 9 4 7 8
रेटिंग रोजाना अपडेट की जाती है.

इसी तरह, क्या आप उन मिड-कैप शेयरों को चुनना चाहते हैं जो बाज़ार में मज़बूत समर्थन के बावजूद अभी भी कम क़ीमत पर कारोबार कर रहे हैं? तो, हमारी स्क्रीनर लिस्ट को एक्सप्लोर करें और वैल्यूएशन व मोमेंटम का वो कॉम्बिनेशन खोजें जो आपकी ज़रूरतों के हिसाब से हो.

ये भी पढ़ेंः मुनाफ़े में बढ़ोतरी के बावजूद 1% रिटर्न: क्यों मुश्किल में है HUL

वैल्यू रिसर्च से पूछें aks value research information

कोई सवाल छोटा नहीं होता. पर्सनल फ़ाइनांस, म्यूचुअल फ़ंड्स, या फिर स्टॉक्स पर बेझिझक अपने सवाल पूछिए, और हम आसान भाषा में आपको जवाब देंगे.


टॉप पिक

ज़्यादातर इंटरनेशनल फ़ंड बंद, लेकिन ये 12 अभी भी SIP ले रहे हैं

पढ़ने का समय 5 मिनटआकार रस्तोगी

ऐसे ही पड़े हैं ₹1 लाख, तो सेविंग अकाउंट से बेहतर है यह विकल्प

पढ़ने का समय 3 मिनटख्याति सिमरन नंदराजोग

साइज़ बढ़ा लेकिन कम हुआ रिटर्न, स्मॉल-कैप फ़ंड्स के साथ ऐसा क्यों हुआ?

पढ़ने का समय 6 मिनटसिद्धांत माधव जोशी

Rajesh Exports की ₹15 लाख करोड़ वाली मुसीबत

पढ़ने का समय 4 मिनटउदयप्रकाश

पुरानी फ़ाइल, नई कंपनी

पढ़ने का समय 4 मिनटधीरेंद्र कुमार

स्टॉक पॉडकास्ट

updateनए एपिसोड हर शुक्रवार

इस बार जल्द ख़त्म नहीं होगा मुश्किल दौर!

इस बार जल्द ख़त्म नहीं होगा मुश्किल दौर!

पिछले 30 साल से, मैं पाठकों से हर संकट का डटकर सामना करने के लिए कहता आया हूं. लेकिन अमेरिका-ईरान युद्ध इसका अपवाद है, और यहां ख़बर से ज़्यादा उसका कारण मायने रखता है.

These are advertorial stories which keeps Value Research free for all. Click here to mark your interest for an ad-free experience in a paid plan

दूसरी कैटेगरी