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सारांश: हर अच्छा फ़ंड कभी न कभी मुश्किल दौर से गुज़रता है. जो निवेशक ग़लत वक़्त पर बाहर निकल गया, उसे फ़ंड की फ़ीस से कहीं ज़्यादा नुक़सान हुआ. असली सवाल यह नहीं है कि कब बेचें - बल्कि यह है कि अंडरपरफ़ॉर्मेंस आपको क्या बता रही है, उसे सही तरह से पढ़ें.
सारांश: हर अच्छा फ़ंड कभी न कभी मुश्किल दौर से गुज़रता है. जो निवेशक ग़लत वक़्त पर बाहर निकल गया, उसे फ़ंड की फ़ीस से कहीं ज़्यादा नुक़सान हुआ. असली सवाल यह नहीं है कि कब बेचें - बल्कि यह है कि अंडरपरफ़ॉर्मेंस आपको क्या बता रही है, उसे सही तरह से पढ़ें. पिछले महीने के लाइव सेशन में दो सब्सक्राइबर्स ने एक ही सवाल पूछा. दोनों के पास Parag Parikh Flexi Cap सबसे बड़ी इक्विटी होल्डिंग के तौर पर था. दोनों ने देखा था कि यह फ़ंड कुछ समय से बेंचमार्क से पीछे चल रहा है. और, दोनों का सवाल एक ही था: बने रहें, थोड़ा घटाएं या स्विच कर लें? म्यूचुअल फ़ंड निवेश में यह सबसे मुश्किल सवाल है. और इसका जवाब लगभग कभी वो नहीं होता जो सब्सक्राइबर सुनना चाहता है. हर अच्छा फ़ंड कभी न कभी ऐसे दौर से
ये लेख पहली बार अप्रैल 27, 2026 को पब्लिश हुआ.
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