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Charlie Munger: निवेश के 6 मंत्र

चार्ली मंगर (जनवरी 1, 1924 - नवंबर 28, 2023): निवेश के ज्ञान और हाज़िर जवाबी की अद्भुत प्रतिभा वाले दुनिया के दिग्गज निवेशक की बातचीत के कुछ अंश.

चार्ली मंगर (जनवरी 1, 1924 - नवंबर 28, 2023): निवेश के ज्ञान और हाज़िर जवाबी की अद्भुत प्रतिभा वाले दुनिया के दिग्गज निवेशक की बातचीत के कुछ अंश.Anand Kumar

Charlie Munger quotes: चार्ली मंगर, वॉरेन बफ़े (Warren Buffett) के पार्टनर हैं और बर्कशायर हैथवे के वाइस-चेयरमैन. अक्सर मंगर को, बफ़े के निवेश से जुड़े नज़रिये को बदलने का श्रेय दिया जाता है. बफ़े पर उनके प्रभाव से जुड़े दो पहलुओं की अक़्सर चर्चा होती है. पहला, ऐसे स्टॉक को ख़रीदना जो सस्ते में मिल रहे हों और दूसरा, उन क्वालिटी स्टॉक को लेना जो सही वैल्यू पर ट्रेड हो रहे हों. मंगर अपनी सोचने और समझने की बेहतरीन क्षमता के लिए जाने जाते हैं. आज हम बात करेंगे कुछ ऐसे विषयों की, जिनका ज़िक्र चार्ली मंगर ने 1995 की अपनी हार्वर्ड लॉ स्कूल स्पीच में किया था. इस स्पीच में उनका विषय था - गलत फैसलों के पीछे का इंसानी मनोविज्ञान (https://bit.ly/3cUPHJQ).

इंसेंटिव की ताकत

इंसेंटिव, किसी परिस्थिति के नतीजे को समझने का एक ताक़तवर साधन है. इसके महत्व को समझाते हुए मंगर ने कहा, "मैं समझता हूं कि मैं सारी ज़िंदगी अपनी उम्र के लोगों में टॉप 5 फ़ीसदी में रहा हूं जो इंसेंटिव की ताकत को समझते हैं और अपना पूरा जीवन मैंने इसे कम ही कर के आंका." जब हम बैंक जाते हैं और एक रिलेशनशिप मैनेजर को देखते हैं तो हमारा अनुभव ये साफ़ कर देता है कि हम गलत क़िस्म के इंसेंटिव के लिए काम कर रहे हैं, क्योंकि उन्हें इस आधार पर पैसे दिए जाते हैं कि उन्होंने कितने प्रोडक्ट बेचे. लेकिन इसके चलते मिस-सेलिंग यानी गुमराह या झूठ बोलकर बेचने को बढ़ावा मिलता है.

सच को स्वीकार न करना

सच्चाई से सामना न कर पाना और उससे खारिज करते रहने से हमें बड़ा नुक़्सान हो सकता है. मंगर बताते हैं कि हम ऐसा करते क्यों हैं, "50 फ़ीसदी से ज़्यादा की गिरावट के बाद भी हम अपने स्टॉक से चिपके रहते हैं. ऐसा उस स्थिति में भी होता है, जब कंपनी में गवर्नेंस को लेकर चल रहे मसले हमारी नज़रों के ठीक सामने होते हैं." पुराने स्टॉक का मोह हो या और कोई भी वजह, जब फ़ैक्ट सामने हों तो उन्हें नज़रअंदाज़ नहीं करना चाहिए.

नज़रिए को बदलना

इंसान के तौर पर, हम ख़ुद के तय किए निष्कर्षों पर उस वक्त भी कायम रहते हैं, जब हमारी सोच के ठीक उलट जानकारी भी हमारे सामने आ जाती है. मंगर इस संबंध में एक दिलचस्प उदाहरण देते हुए कहते हैं, "इंसान का दिमाग, ह्यूमन ऐग जैसा है. वो ह्यूमन ऐग जिसमें बंद करने की एक डिवाइस मौजूद है. जब एक स्पर्म प्रवेश कर लेता है, तो उसके बाद वो रास्ते को बंद कर देता है, ताकि दूसरा भीतर न आ सके. इसांनी दिमाग की फ़ितरत कुछ इसी तरह की है." अपनी निवेश की थीसिस को लगातार नई जानकारियों से अपडेट करने से, आपको एक बेहतर निवेशक बनने में मदद मिल सकती है.

आप किसके साथ जुड़ते हैं, ये मायने रखता है

चाहे वो कोई कंपनी हो, ब्रांड हो, या कोई व्यक्ति. हम अच्छी चीज़ों या लोगों का ही साथ चाहते हैं. मंगर के मुताबिक, "मैं तो कहूंगा कि तीन-चौथाई विज्ञापन तो प्योर पावलोव (क्लासिकल कंडिशनिंग) थ्योरी के आधार पर काम करते हैं. सोचिए कि किसी से जुड़ना, पूरी तरह जुड़ना आपको कैसे प्रभावित करता है. कोका-कोला कंपनी (हम उसके सबसे बड़े शेयरहोल्डर हैं) को ही लीजिए. वो हर खूबसूरत चीज़ के साथ जुड़ना चाहते हैं." शायद यही वजह है कि मैगी का नया एड इन्सटेंट नूडल्स के साथ जुड़ा है, बॉर्नवीटा मातृत्व के साथ और कोक खुशी की भावना के साथ.

निवेश में समझदारी बनाकर रखें

दूसरों के प्रति ईर्ष्या की भावना, सबसे ज़्यादा नुक़्सान पहुंचाने वाली और विवेकहीन सोच को पैदा करने वाली हो सकती है. मंगर, प्रतिस्पर्धा से जुड़े बफ़े के विचार पर कहते हैं, "मैंने वॉरेन को आधा-दर्जन बार कहते सुना है, कि दुनिया को लालच नहीं बल्कि प्रतिस्पर्धा चलाती है." क्या ऐसा नहीं है कि अपने दोस्तों/ सह-कर्मियों के प्रति हमारी प्रतिस्पर्धा की भावना के चलते हम ट्रेडिंग में, वैल्यू-इन्वेस्टिंग की अपनी ही बुनियादी बातों को भूल जाते हैं?

परिस्थिति के हिसाब से सही फ़ैसला

मान लीजिए कि आप एक कंपनी में निवेश करते हैं और उसके बाद आपको पता चलता है कि कंपनी ने कुछ ऐसे फैसले लिए हैं, जो छोटे शेयरहोल्डर्स के हितों के ख़िलाफ़ हैं. इस संबंध में पूछने पर मैनेजमेंट अफ़सोस जताता है और ज़ोर देकर कहता है कि ये दोबारा नहीं होगा. इतनी जानकारी पाने के बाद, क्या आप उस कंपनी में निवेश जारी रखेंगे? अगर आप मंगर हैं तो जवाब होगा-नहीं. उनका मानना है, "सी कैंडी कंपनी में उन्होंने हमेशा कहा- मैंने ये पहले कभी नहीं किया और मैं ये दोबारा कभी नहीं करूंगा. और हमने उन्हें हटा दिया. ऐसा न करना बेहद गलत होता क्योंकि ख़राब व्यवहार आगे बढ़ता ही जाता है."

ये भी पढ़िए- STOCK INVESTING: पीटर लिंच की तरह कैसे करें निवेश?

ये लेख पहली बार अगस्त 27, 2021 को पब्लिश हुआ, और नवंबर 29, 2023 को अपडेट किया गया.

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