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बाज़ार पर दबाव के बीच इन 5 मिड-कैप स्टॉक्स ने दिखाया दम, 5 साल के हाई के क़रीब पहुंचे

मिड-कैप इंडेक्स पिछले कुछ हफ़्तों से सुस्त पड़ा है, लेकिन ये पांच शेयर अपने पांच साल के हाई से महज़ 1.5 से 4.5% दूर हैं, जानिए इनका कारोबार, रिटर्न, वैल्यूएशन और रेटिंग क्या कह रही है

मिड-कैप इंडेक्स पिछले कुछ हफ़्तों से सुस्त पड़ा है, लेकिन ये पांच शेयर अपने पांच साल के हाई से महज़ 1.5 से 4.5% दूर हैं, जानिए इनका कारोबार, रिटर्न, वैल्यूएशन और रेटिंग क्या कह रही हैSakshi/AI-Generated Image

सारांशः मिड-कैप शेयरों में इस वक़्त थकान साफ़ दिख रही है. पिछले कुछ कारोबारी सत्रों से इंडेक्स नीचे है और चढ़ने वाले शेयरों के मुक़ाबले गिरने वाले शेयर ज़्यादा हैं. इसी माहौल में पांच मिड-कैप शेयर ऐसे हैं, जो अपने पांच साल के हाई से सिर्फ़ 1.5 से 4.5 प्रतिशत नीचे कारोबार कर रहे हैं. इनमें तीन फ़ार्मा कंपनियां, एक ऑटो कंपोनेंट कंपनी और एक इलेक्ट्रिकल इक्विपमेंट कंपनी है. हमने पांचों के कारोबार, रिटर्न, P/E और वैल्यू रिसर्च रेटिंग को एक जगह रखा है, ताकि आप ख़ुद तय कर सकें कि यहां मौक़ा है या जोखिम.

जब पूरा बाज़ार ठंडा पड़ रहा हो और ज़्यादातर शेयर लाल निशान में हों, तब कुछ मिड-कैप शेयरों का अपने पांच साल के सबसे ऊंचे स्तर के पास टिके रहना ध्यान खींचता है. इसका मतलब यह हो सकता है कि इनके पीछे कोई मज़बूत कारोबारी वजह है - या फिर यह भी हो सकता है कि भाव कारोबार की रफ़्तार से आगे निकल चुका है. दोनों ही सूरत में, ख़रीदने से पहले आंकड़े देखना ज़रूरी है.

एक नज़र में पांचों शेयर

शेयर सेक्टर भाव (₹) 5 साल का हाई (₹) हाई से दूरी मार्केट कैप (₹ करोड़) P/E 1 महीना 1 साल 3 साल* रेटिंग  
Aurobindo Pharma हेल्थकेयर 1,690 1,717 1.60% 97,176 26.2 4.20% 54.80% 23.40% ★★★★  
Laurus Labs हेल्थकेयर 1,948.10 1,981.80 1.70% 1,05,523 96.5 9.00% 117.70% 69.40% ★★★  
Ipca Labs हेल्थकेयर 1,975 2,014 1.90% 49,703 37.9 13.90% 50.60% 28.50% ★★★★  
Apar Industries डायवर्सिफ़ाइड 17,710 18,465 4.10% 73,486 62.2 6.10% 105.20% 50.50% ★★★★  
Bosch ऑटो कंपोनेंट 47,735 50,000 4.50% 1,41,080 59.7 1.30% 19.60% 34.40% ★★★★  
डेटा: वैल्यू रिसर्च, 17 सितंबर 2026. *3 साल का रिटर्न सालाना आधार पर. पांचों को वैल्यू रिसर्च मिड-कैप कैटेगरी में रखती है.

Aurobindo Pharma: सबसे सस्ता वैल्यूएशन, पर रेगुलेटरी जोखिम

जेनेरिक दवाओं की यह बड़ी एक्सपोर्टर अपने पांच साल के हाई से सिर्फ़ 1.6 प्रतिशत दूर है. एक साल में 55 प्रतिशत रिटर्न मिला है.

पिछले कुछ महीनों की ख़बरें मिलीजुली रही हैं. जून 2026 में कंपनी की अमेरिकी इकाई को Lannett के 25 करोड़ डॉलर के अधिग्रहण के लिए FTC की मंज़ूरी मिली और सितंबर में अमेरिका में अस्थमा व COPD की दवा Advair Diskus का जेनेरिक वर्ज़न उतरा. लेकिन अगस्त में सहयोगी कंपनी Eugia Pharma की तेलंगाना यूनिट को USFDA से वॉर्निंग लेटर मिला - अमेरिका पर टिके कारोबार के लिए यह हल्की बात नहीं है.

26.2 का P/E इस लिस्ट में सबसे कम है, लेकिन क्वालिटी स्कोर 6/10 भी सबसे नीचे है. रेटिंग 4-स्टार है.

Laurus Labs: सबसे तेज़ रिटर्न, सबसे महंगा भाव

एक साल में 118 प्रतिशत और तीन साल में सालाना 69 प्रतिशत -रिटर्न के मामले में यह पांचों में सबसे आगे है. जुलाई 2026 में इसका मार्केट कैप डॉ. रेड्डीज़ से भी ऊपर निकल गया था.

इसके पीछे कंपनी का CDMO कारोबार है, यानी दूसरी दवा कंपनियों के लिए दवा बनाना और डेवलप करना. FY26 में कंपनी की आमदनी 23 प्रतिशत बढ़कर ₹6,813 करोड़ और EBITDA 64 प्रतिशत बढ़कर ₹1,826 करोड़ रहा.

पर यहीं सावधानी की बात है. 96.5 का P/E इस लिस्ट में सबसे ऊंचा है और वैल्यूएशन स्कोर सिर्फ़ 2/10. क्वालिटी स्कोर 6/10 है और रेटिंग 3-स्टार है, जो पांचों में सबसे कम है. यानी तेज़ रिटर्न के बावजूद मॉडल यहाँ सतर्क है.

Ipca Labs: एक महीने में सबसे तेज़ चाल

Ipca ने सितंबर में ₹2,014 का नया ऑल-टाइम हाई बनाया है. यानी इसके लिए पांच साल का हाई और अब तक का सबसे ऊंचा भाव एक ही है.

एक महीने में 13.9 प्रतिशत की तेज़ी पांचों में सबसे ज़्यादा है और एक साल का रिटर्न भी क़रीब 51 प्रतिशत है. कंपनी घरेलू फ़ॉर्मूलेशन और एक्सपोर्ट - दोनों में काम करती है, जिससे किसी एक बाज़ार पर निर्भरता Aurobindo या Laurus जितनी नहीं है.

क्वालिटी स्कोर 8/10 और ग्रोथ स्कोर 7/10 है. 37.9 का P/E तीनों फ़ार्मा कंपनियों में बीच का है. रेटिंग 4-स्टार है.

Apar Industries: पावर इंफ्रास्ट्रक्चर पर दांव

यह कंपनी कंडक्टर, केबल, ट्रांसफ़ॉर्मर ऑयल और स्पेशियलिटी ऑयल बनाती है -यानी इसका कारोबार सीधे बिजली के ढांचे और रिन्यूएबल एनर्जी पर टिका है. एल्युमिनियम अलॉय कंडक्टर बनाने वाली यह दुनिया की सबसे बड़ी कंपनी है.

एक साल में 105 प्रतिशत और तीन साल में सालाना 50 प्रतिशत रिटर्न मिला है. 52 हफ़्ते का निचला स्तर ₹6,801 रहा है, यानी शेयर वहां से कई गुना ऊपर आ चुका है. कंपनी ने FY26 के लिए ₹60 प्रति शेयर का डिविडेंड घोषित किया है.

क्वालिटी स्कोर 8/10 और ग्रोथ स्कोर 7/10 मज़बूत है, पर 62.2 के P/E के साथ वैल्यूएशन स्कोर 3/10 है. रेटिंग 4-स्टार है.

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Bosch: सबसे बेहतर क्वालिटी, सबसे ठंडी चाल

जर्मनी के Bosch Group की भारतीय इकाई इस लिस्ट की सबसे बड़ी कंपनी है और गाड़ियों के लिए फ़्यूल इंजेक्शन सिस्टम, ऑटो पार्ट्स व इंडस्ट्रियल टेक्नोलॉजी बनाती है.

अगस्त 2026 में शेयर ने ₹50,000 का स्तर छुआ था. आज यह उससे 4.5 प्रतिशत नीचे है - पांचों में हाई से सबसे ज़्यादा दूर है. एक साल का रिटर्न 19.6 प्रतिशत और एक महीने का सिर्फ़ 1.3 प्रतिशत है, यानी हाल की चाल सबसे सुस्त इसी की रही है.

क्वालिटी स्कोर 9/10 के साथ यह पांचों में सबसे मज़बूत कंपनी है. पर 59.7 का P/E और 2/10 का वैल्यूएशन स्कोर बताता है कि भाव सस्ता नहीं है. रेटिंग 4-स्टार है.

जहां सावधानी ज़रूरी है

पांच साल के हाई के पास होना अपने आप में न ख़रीदने का संकेत है, न बेचने का. तीन बातें ध्यान देने लायक़ हैं.

पहली, पांच में से तीन फ़ार्मा कंपनियां हैं. अगर आपका पोर्टफ़ोलियो पहले से फ़ार्मा-हैवी है, तो यहां से और जोड़ना जोखिम बढ़ाएगा. दूसरी, Laurus और Apar का एक साल का रिटर्न 100 प्रतिशत से ऊपर है - इतनी तेज़ चाल के बाद ठहराव या गिरावट असामान्य नहीं होती. तीसरी, वैल्यूएशन. पांचों में से किसी का वैल्यूएशन स्कोर 4/10 से ऊपर नहीं है, यानी वैल्यू रिसर्च के मॉडल के हिसाब से इनमें से कोई भी सस्ता नहीं है.

निवेशक क्या करें

अगर आप इनमें से किसी शेयर पर नज़र रख रहे हैं, तो भाव की ऊंचाई से नहीं, कंपनी की कमाई से शुरुआत कीजिए. देखिए कि बिक्री और मुनाफ़ा किस रफ़्तार से बढ़ रहा है, कर्ज़ कितना है और आज का P/E उस रफ़्तार के हिसाब से ठीक बैठता है या नहीं.

जिनके पास पहले से ये शेयर हैं, उनके लिए सवाल अलग है - क्या कारोबार में कुछ बिगड़ा है? अगर नहीं, तो सिर्फ़ इसलिए बेच देना कि भाव ऊंचा है, अक्सर महंगा पड़ता है. और अगर नया निवेश करना ही है, तो एक बार में पूरी रक़म लगाने के बजाय किश्तों में ख़रीदना ज़्यादा समझदारी होगी.

निवेश में मदद चाहिए?

अच्छे शेयर चुनना आसान नहीं है. वैल्यू रिसर्च स्टॉक एडवाइज़र आपको हमारी रिसर्च टीम की चुनी हुई कंपनियों की लिस्ट देता है, साथ में यह भी बताता है कि किस भाव पर ख़रीदना ठीक रहेगा और कब सावधान होना चाहिए.

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