बड़े सवाल

क्या आपको 10 साल की सरकारी सिक्योरिटी में निवेश करना चाहिए?

एक नए निवेशक को G-Sec मार्केट थोड़ा डरा सकता है

एक नए निवेशक को G-Sec मार्केट थोड़ा डरा सकता है

इसका सीधा जवाब है कि ये आप पर निर्भर है. एक तरफ़ आंकड़े हैं, और दूसरी तरफ़ पोर्टफ़ोलियो में स्थिरता लाने की इच्छा. तो आइए विस्तार से सभी फ़ैक्टर्स पर ग़ौर करते हैं.

आंकड़े क्या कहते हैं
RBI रिटेल डायरेक्ट (RBI-RD) के नवंबर 2021 में लॉन्च होने के बाद से मई 2022 तक, एक लाख से भी कम निवेशकों ने इसमें निवेश की दिलचस्पी दिखाई. इसका प्राइमरी मार्केट कुल ₹2,112.83 करोड़ का है और सेकेंडरी मार्केट में सिर्फ़ ₹351.58 करोड़ की ट्रेडिंग हुई.

इसके अलावा, मार्च 2023 में सरकार द्वारा डेट फ़ंड्स (debt funds) पर लगने वाले टैक्स में बदलावों की घोषणा के बाद से यील्ड (yield) लगातार गिर रही है. इसके बाद, 10 साल के बॉन्ड की यील्ड 7.41 फ़ीसदी से घटकर 7.32 फ़ीसदी रह गई.

सबसे ज़्यादा चौंकाने वाली बात ये है कि RBI ने रेपो रेट 6.5 फ़ीसदी के स्तर पर बरक़रार रखी है. इसका नतीजा है कि फ़िलहाल एक साल की बॉन्ड यील्ड 7.2 फ़ीसदी से घटकर 6.79 फ़ीसदी रह गई है.

साथ ही, इस साल मार्च की शुरुआत में 10 साल की सरकारी सिक्योरिटी (G-sec) के बेंचमार्क की यील्ड 7.35 फ़ीसदी से घटकर 7.02 फ़ीसदी रह गई.

वहीं, पांच साल के G-sec की यील्ड 7.4 फ़ीसदी से घटकर 6.9 फ़ीसदी रह गई है और एक्सपर्ट कह रहे हैं कि आने वाले वक़्त में यील्ड और कम होकर 6.5 फ़ीसदी रह जाएगी.

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इन बातों का ख़्याल रखें
ज़रा सोचिए जो निवेशक ऑनलाइन निवेश करने के लिहाज़ से टेक्नोलॉजी में उतने कुशल नहीं हैं, उनके लिए RBI के प्लेटफ़ॉर्म का इस्तेमाल करना ख़ासा मुश्किल होगा. भले ही, यूज़र के इस्तेमाल के लिए प्लेटफ़ॉर्म को सरल बनाया जा रहा है, लेकिन इस वजह से निवेशक जी-सेक में निवेश करने से कतराते हैं.

इसके अलावा, अगर सेकेंडरी मार्केट में ख़रीदार नहीं मिलते हैं, तो निवेशकों के लिए लिक्विडिटी एक चुनौती बन सकती है.

इसका क्या मतलब हुआ
अगर आप एक समझदार निवेशक हैं, जो ऑनलाइन निवेश और सरकारी सिक्योरिटी के मार्केट को समझते हैं, तो आप RBI-RD प्लेटफॉर्म के ज़रिए निवेश करके फ़ायदा उठा सकते हैं. हालांकि, अगर आप अनुभवी नहीं हैं तो आपको म्यूचुअल फ़ंड के (mutual funds) ज़रिए G-sec में निवेश करना चाहिए.

जी-सेक में किए गए निवेश से जहां बैंक FD के बराबर रिटर्न मिल सकता है, वहीं इससे आपके पोर्टफ़ोलियो में स्थिरता आ सकती है. अगर आप ऐसा चाहते हैं, तो यील्ड के संभावित रूप से बढ़ने का इंतज़ार न करें.

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एक्सपर्ट्स का मानना है कि जी-सेक के रेट्स क़रीब 7 फ़ीसदी के आसपास स्थिर हो सकते हैं. असल में, इसमें अभी और नरमी आ सकती है. इसलिए, अगर आपकी दिलचस्पी इन बॉन्ड्स में है, तो इनमें अभी निवेश करना ही सही होगा.

इसके अलावा, ये सलाह भी दी जाती है कि आपको 20-30 साल की मैच्योरिटी वाले लंबे समय के पेपर्स को अहमियत देनी चाहिए. अगर आप मेच्योरिटी तक इंतज़ार करने को तैयार हैं, तो आप 10 साल के समय वाली सरकारी सिक्योरिटी में निवेश करने के बारे में सोच सकते हैं.

क्या हैं दूसरे विकल्प
फ़िक्स्ड डिपॉज़िट (fixed deposits) भी एक विकल्प है, जहां बैंक इनके इंटरेस्ट रेट बढ़ा रहे हैं. उदाहरण के लिए, SBI फ़िलहाल अपनी कुछ FD पर 6.5-7.0 फ़ीसदी ब्याज दे रहा है. कई और बैंक भी इतना ही ब्याज दे रहे हैं.

हालांकि, पोस्ट ऑफिस भी इस मामले में पीछे नहीं हैं, जो पांच साल के डिपॉज़िट पर अभी 7.5 फ़ीसदी ब्याज दे रहे हैं. उसकी बराबरी ज़्यादातर बड़े बैंक भी नहीं कर पा रहे हैं.

वहीं, अगर आप लॉक-इन में दिलचस्पी रखते हैं और सरकारी सिक्योरिटी के बारे में आपको ज़्यादा जानकारी नहीं है, तो क्यों न निवेश और सेविंग के दूसरे विकल्प चुने जाएं?

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ये लेख पहली बार जून 09, 2023 को पब्लिश हुआ.

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