
Wipro Share Buyback: भारत की तीसरी बड़ी सॉफ़्टवेयर एक्सपोर्टर कंपनी विप्रो ने ₹12,000 करोड़ के शेयर बायबैक का ऐलान किया है. कंपनी ने इसके लिए 16 जून, 2023 की रिकॉर्ड डेट तय की है. इसका मतलब है कि जिन शेयर-होल्डर्स के डीमैट अकाउंट में इस तारीख़ तक विप्रो के शेयर आ चुके होंगे, वे इस बायबैक ऑफ़र में हिस्सा ले सकेंगे.
IT कंपनी की इसके ज़रिये, अधिकतम ₹445 प्रति शेयर के हिसाब से लगभग 27 करोड़ शेयर ख़रीदने की योजना है. कंपनी टेंडर ऑफ़र रूट के ज़रिए ये बायबैक करेगी, जिसमें मौजूदा शेयर-होल्डर्स अपने शेयर, कंपनी को बेचने या अपने पास रखने का विकल्प चुन सकते हैं.
विप्रो के पिछले बायबैक
| साल | शेयरों की संख्या (करोड़ में) | ख़रीद मूल्य (₹) |
|---|---|---|
| 2021 | 23.75 | 400 |
| 2019 | 32.30 | 325 |
| 2017 | 34.37 | 320 |
| 2016 | 3.99 | 625 |
इससे कंपनी को क्या मिलेगा
वर्ष 2016 के बाद ये विप्रो का 5वां बायबैक ऑफ़र होगा. इस बायबैक के बाद कंपनी के आउटस्टैंडिंग शेयरों की संख्या 549 करोड़ से घटकर 522 करोड़ रह जाएगी. प्रस्तावित बायबैक पर कंपनी के कुल कैश बैलेंस ₹43,111 करोड़ का करीब 27 फ़ीसदी ख़र्च होगा.
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बायबैक कंपनी के प्रति शेयर मीट्रिक्स (प्रति शेयर अर्निंग, प्राइस-टु-अर्निंग रेश्यो आदि) को मज़बूती मिलेगी, क्योंकि इससे आउटस्टैंडिंग शेयरों की संख्या घट जाएगी.
निवेशकों का फ़ायदा
कंपनियां अक्सर अपने शेयर-होल्डर्स को रिवार्ड देने के लिए टेंडर ऑफ़र के ज़रिये बायबैक करती हैं. कंपनी बायबैक में मार्केट प्राइस की तुलना में शेयर के लिए ज़्यादा क़ीमत ऑफ़र कर रही है, इसलिए शेयरहोल्डर प्रीमियम पर अपनी होल्डिंग बेच सकते हैं. इसी तरह, जो शेयरहोल्डर शेयरों को अपने पास बनाए रखना चाहते हैं, उन्हें कंपनी की अर्निंग में से एक बड़े हिस्से पर अधिकार मिलेगा. दरअसल, इस बायबैक के बाद उसके आउटस्टैंडिंग शेयरों की संख्या कम हो जाएगी.
₹445 प्रति शेयर का बायबैक ऑफ़र 2 जून, 2023 (जब बायबैक की तारीख़ तय की गई थी) के क्लोज़िंग प्राइस (₹404.80) की तुलना में लगभग 10 फ़ीसदी के प्रीमियम पर है.
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