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Tata Technologies IPO: निवेश से पहले जानिए 10 बड़ी बातें

क़रीब दो दशकों बाद टाटा ग्रुप अपनी किसी कंपनी का शेयर लिस्ट कराने जा रहा है

क़रीब दो दशकों बाद टाटा ग्रुप अपनी किसी कंपनी का शेयर लिस्ट कराने जा रहा है

Tata Technologies IPO: टाटा ग्रुप लगभग दो दशकों के बाद, अपनी किसी कंपनी का IPO लॉन्च करने जा रहा है. इस कंपनी का नाम है टाटा टेक्नोलॉजीज़. इस कंपनी ने 22 नवंबर को ऑफ़र फ़ॉर सेल (OFS) के रूप में अपना इशू लॉन्च करने का ऐलान किया है. इससे पहले वर्ष 2004 में टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज़ (TCS) के सफल लॉन्च के बाद ये टाटा ग्रुप का पहला IPO होगा. हम यहां इससे जुड़ी 10 बड़ी बातें बता रहे हैं, जिन्हें पढ़कर आपके लिए निवेश से जुड़ा फैसला लेना आसान हो सकता है.

1. प्राइस बैंड

टाटा टेक्नोलॉजीज ने अपने IPO के लिए ₹475-500 प्रति शेयर का प्राइस बैंड तय किया है. इसका लॉट साइज़ 30 इक्विटी शेयरों का और उसके मल्टीपल में है.

2. सब्सक्रिप्शन डेट

सब्सक्रिप्शन के लिए ये ऑफ़र 22 नवंबर से 24 नवंबर तक खुला रहेगा. इस इशू के लिए 13 नवंबर, 2023 को कंपनी रजिस्ट्रार, महाराष्ट्र के पास इस बारे में रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (RHP) दाख़िल किया था.

इक्विटी शेयर डीमैट में 01 दिसंबर को क्रेडिट होंगे. कंपनी के इक्विटी शेयर 04 दिसंबर को BSE और NSE, दोनों पर लिस्ट होंगे.

3. कौन बेचेगा कितनी हिस्सेदारी

IPO में टाटा टेक्नोलॉजीज़ (Tata Technologies) की पेड-अप इक्विटी शेयर कैपिटल के 15 फ़ीसदी हिस्से के लिए 6 करोड़ से ज़्यादा शेयरों की पेशकश की जाएगी. IPO के तहत टाटा मोटर्स 11.4 फ़ीसदी, प्राइवेट इक्विटी फर्म अल्फ़ा TC होल्डिंग्स 2.4 फ़ीसदी और टाटा कैपिटल ग्रोथ फंड-1 1.2 फ़ीसदी हिस्सेदारी बेचेंगी.

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4. शेयरहोल्डिंग पैटर्न

शेयरहोल्डर प्री-ऑफ़र पेड अप इक्विटी शेयर कैपिटल (%)
टाटा मोटर्स 64.79
टाटा मोटर्स फ़ाइनांस 2
अल्फ़ा TC होल्डिंग्स 7.26
टाटा कैपिटल ग्रोथ फ़ंड 1 3.63
कुल 77.68

5. Tata Technologies का बिजनेस

Tata Technologies की स्थापना 33 साल पहले हुई थी. टाटा टेक्नोलॉजीज़ प्रोडक्ट इंजीनियरिंग और डिजिटल सर्विसेज़ क़ारोबार से जुड़ी हुई है. ये कंपनी ऑटोमोटिव, इंडस्ट्रियल हेवी मशीनरी और एयरोस्पेस सेक्टर्स को भी सर्विस मुहैया करती है. इसके अलावा कंपनी क़ारोबार के लिए ज़्यादातर TATA Group पर निर्भर करती है, जिसमें ख़ास तौर पर टाटा मोटर्स और जैगुआर लैंड रोवर शामिल हैं.

बता दें कि इस कंपनी की प्रतिद्विंदी Cyient, Infosys, KPIT Technologies और Persistent कंपनियां हैं.

6. कंपनी को नहीं मिलेगी कोई रक़म

चूंकि, ये इशू पूरी तरह OFS पर आधारित है. शेयरहोल्डर्स इसके ज़रिये पैसा बेच रहे हैं. इसलिए कंपनी को इस इशू से जुटाई गई पूंजी में से कोई हिस्सा नहीं मिलेगा.

7. किस कैटेगरी के लिए कितने शेयर रिज़र्व

इस इशू में टाटा टेक्नोलॉजीज़ ने 10 फ़ीसदी का कोटा टाटा मोटर्स के लिए एलिजेबल शेयरहोल्डर्स के लिए रिज़र्व किया है.

बाक़ी में से, लगभग 50 फ़ीसदी कोटा क्वालिफ़ाइड इंस्टीट्यूशनल बिडर्स के लिए, वहीं नॉन इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स के लिए 35 फ़ीसदी और रिटेल इन्वेस्टर्स के लिए 15 फ़ीसदी कोटा है.

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8. IPO साइज़

प्राइस बैंड के अपर-एंड पर ग़ौर करें तो IPO का साइज़ लगभग ₹3,043 करोड़ होने का अनुमान है. वहीं, लिस्टिंग के बाद कंपनी का मार्केट कैप लगभग ₹20,283 करोड़ रह सकता है. उसकी नेटवर्थ लगभग ₹2,853 करोड़ होगी. वहीं, लिस्टिंग के बाद कंपनी में प्रमोटर होल्डिंग 55.4 फ़ीसदी रह जाएगी.

9. शानदार नतीजे

टाटा टेक्नोलॉजीज़ ने पिछले वित्त-वर्ष में सालाना आधार पर रेवेन्यू में 46 फ़ीसदी की ग्रोथ दर्ज की थी, जो अब तक का उसका रिकॉर्ड है.

चालू वित्त वर्ष के शुरुआती नौ महीनों में कंपनी का रेवेन्यू और नेट प्रॉफ़िट बीते साल की समान अवधि की तुलना में डबल डिजिट में बढ़ा है. ऑपरेटिंग मार्जिन भी लगभग 300 बेसिस प्वाइंट्स बढ़कर 19.2 फ़ीसदी हो गया है.

10. मुख्य चिंताएं

  • बड़े क्लाइंट्स पर निर्भरता: कंपनी का ज़्यादातर रेवेन्यू उसके टॉप 5 क्लाइंट्स या विशेष रूप से बड़े क्लाइंट्स से आता है. ड्राफ़्ट प्रॉस्पेक्ट्स के अनुसार, टॉप 5 क्लाइंट्स में से किसी एक के खोने या उनकी वित्तीय स्थिति कमज़ोर होने से कंपनी के रेवेन्यू में भारी नुक़सान हो सकता है.
  • रुपये का रिस्क: टाटा टेक्नोलॉजीज़ का लगभग तीन-चौथाई रेवेन्यू अमेरिकी डॉलर, ब्रिटिश पाउंड, युआन, यूरो, सिंगापुर डॉलर और स्वीडिश क्रोना जैसी अन्य करेंसीज़ से आता है. पिछले साल के शुरुआती नौ महीनों में ये आंकड़ा 65.1 फ़ीसदी रहा था.

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