इनसाइट

Investment Portfolio 2: क़ामयाबी का बेहतरीन रास्ता

निवेश पोर्टफ़ोलियो की 5 पार्ट सीरीज़ का ये दूसरा पार्ट है, और इसमें हम बता रहे हैं 35-50 साल के लोगों के लिए मॉडल पोर्टफ़ोलियो

the-main-course-for-success

मॉडल इन्वेस्टमेंट पोर्टफ़ोलियो की हमारी सीरीज़ के पिछले पार्ट में, हमने 25-35 साल की उम्र वाले लोगों के लिए ख़ास तौर से तैयार की गई निवेश की स्ट्रैटजी बताई थी. इस बार, हम 35-50 साल की उम्र वाले के लोगों के लिए डिज़ाइन किए गए फ़ाइनेंशियल आइडिया और मॉडल पोर्टफ़ोलियो आपके लिए लाए हैं. 35-50 साल के लोगों के लिए मॉडल पोर्टफ़ोलियो मेहर और करण, दोनों 35 साल के आसपास हैं. वो मिड लेवल मैनेजर के तौर पर नौकरी करते हैं, और हर महीने ₹3 लाख की सैलरी पाते हैं. उनके दो छोटे बच्चे हैं और दोनों पति-पत्नी मां-बाप की देखभाल भी करते हैं. किसी भी महत्वाकांक्षी जोड़े की तरह, वो एक घर ख़रीदना चाहते हैं. उन्हें अपने रिटायरमेंट के लिए अच्छा-ख़ासा पैसा इकट्ठा करना है, और साथ ही अपने बच्चों को बढ़िया शिक्षा भी दिलाना चाहते हैं. ख़ुशकिस्मती से, दोनों पति-पत्नी इस बात को समझते हैं कि कैसे महंगाई दर, हर गुज़रते साल के साथ पैसे की वैल्यू को कमज़ोर करती है. इसलिए, वो समझते हैं कि केवल बैंक के सेविंग अकाउंट में पैसा जमा करने से या तिजोरी में पैसे रखने से काम नहीं चलेगा. उन्हें अपने जीवन के मक़सद को पूरा करने के लिए अलग-अलग फ़ंड में निवेश करने की ज़रूरत पड़ेगी. इसलिए, उनके (और आपके) हित में, हमने इस स्टोरी में एक "राजस्थानी थाली" पेश करने का फ़ैसला किया क्योंकि दावत और फ़ाइनेंशियल प्लान, कई मायनों में एक जैसे ही होते हैं. हर महीने का ख़र्च जैसे कि किराया, यूटिलिटी बिल, खाने का ख़र्च और बच्चों के स्कूल की फ़ीस, इस "राजस्थानी थाली" में "बाटी" की तरह अहमियत रखती हैं. हालांकि मेहर और करण अपने माता-पिता से दूर एक बड़े शहर में रहते हैं, इसलिए उनका ये फ़िक्स्ड ख़र्च कुछ ज़्यादा है. आपमें से जो लोग अपने घर में या छोटे शहरों में रहते हैं, उनके लिए ये ख़र्च कम भी हो सकता है. इस हालत में, अपने दूसरे मक़सद को पूरा करने के लिए बेझिझक अपना एलोकेशन आपको बढ़ा लेना चाहिए. प्राथमिकता: काफ़ी ज़्यादा. निवेश की अवधि: ये जीवन भर चलने वाला काम है. आप क्या करें: अपना पैसा बैंक बचत खाते में रखें. इस उम्र के कई लोगों की तरह, माता-पिता का स्वास्थ्य और

फ़ंड एडवाइज़र

खरीदें, होल्ड करें या बदलें। सही सलाह पाएं।

मेरा पोर्टफोलियो कैसा चल रहा है? मुझे क्या सुधार करना चाहिए? मुझे आगे कहाँ निवेश करना चाहिए? फंड एडवाइज़र इन सभी सवालों के जवाब देता है। हर शनिवार एडवाइज़र नोट। हर दूसरे शनिवार धीरेंद्र कुमार के साथ लाइव सत्र।

कोई कमीशन नहीं। कोई टकराव नहीं। 1991 से।

प्लान देखें right-arrow

टॉप पिक

स्मॉल कैप के लिए मुश्क़िल रहा साल, फिर कैसे इस फ़ंड ने दिया 20% का रिटर्न?

पढ़ने का समय 4 मिनटचिराग मदिया

आपके पास ₹50 लाख हैं. यह ग़लती बिल्कुल नहीं करना

पढ़ने का समय 6 मिनटउज्ज्वल दास

IEX का शेयर अपने पीक से 65% गिरा, क्या सबसे बुरा दौर बीत गया है?

पढ़ने का समय 5 मिनटसत्यजीत सेन

साल भर में 252% रिटर्न, लेकिन नए निवेशक नहीं लगा सकते पैसा, क्यों?

पढ़ने का समय 5 मिनटउज्ज्वल दास

एक एलॉय बनाने वाली कंपनी जो मेटल से ज़्यादा मार्केट से कमाती है

पढ़ने का समय 5 मिनटसत्यजीत सेन

म्यूचुअल फंड पॉडकास्ट

updateनए एपिसोड हर शुक्रवार

नाम में क्या रखा है!

नाम में क्या रखा है!

जब एक लेबल सब बताए और कुछ न बताए

These are advertorial stories which keeps Value Research free for all. Click here to mark your interest for an ad-free experience in a paid plan

दूसरी कैटेगरी