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Waaree Energies IPO: क्या आपके लिए निवेश का मौक़ा है?

निवेश से पहले वारी एनर्जीज़ के IPO की हर ज़रूरी जानकारी पढ़ें

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Waaree Energies IPO: वारी एनर्जीज़ का IPO (इनिशियल पब्लिक ऑफ़रिंग) 21 अक्तूबर 2024 को सब्सक्रिप्शन के लिए खुल गया. इसकी आख़िरी तारीख़ 23 अक्तूबर 2024 है.

निवेश का फ़ैसला लेने में निवेशकों की मदद के लिए, यहां हम सोलर पैनल बनाने वाली इस कंपनी की ताक़त, कमज़ोरियों और ग्रोथ की संभावनाओं के बारे में बता रहे हैं.

Waaree Energies IPO: संक्षेप में

  • क्वालिटी: FY2022 और 2024 के बीच,कंपनी ने लगभग 34 और 30 फ़ीसदी का एवरेज रिटर्न ऑन इक्विटी (ROE) और रिटर्न ऑन कैपिटल एम्प्लॉयड (ROCE) दर्ज़ किया.
  • ग्रोथ: FY22-24 के दौरान, कंपनी का रेवेन्यू और नेट प्रॉफ़िट क्रमशः 100 और 300 फ़ीसदी सालाना बढ़ा.
  • वैल्यूएशन: IPO के बाद, कंपनी का स्टॉक क्रमशः 32 और 5 गुना के P/E (प्राइस -टू-अर्निंग रेशियो) और P/B (प्राइस-टू-बुक रेशियो) पर कारोबार करेगा.
  • मार्केट में कंपनी की स्थिति: नेशनल इंस्टिट्यूट ऑफ़ सोलर एनर्जी के अनुसार, इस समय भारत की सोलर एनर्जी प्रोडक्शन क्षमता 89 गीगावॉट है, और ये 750 गीगावॉट तक पहुंच सकती है. भारत का लक्ष्य 2030 तक अपनी सोलर मॉड्यूल मैन्युफैक्चरिंग क्षमता को 70 गीगावॉट तक बढ़ाना है. देश के सबसे बड़े PV मॉड्यूल मैन्युफैक्चरर के रूप में, वारी एनर्जीज़ को इस ग्रोथ से फ़ायदा होगा. हालांकि, संगठित खिलाड़ियों से मिलने वाली प्रतिस्पर्धा इसकी मार्केट स्थिति को चुनौती दे सकती है.

Waaree Energies के बारे में

वारी एनर्जीज़ भारत की सबसे बड़ी सोलर PV मॉड्यूल मैन्युफ़ैक्चरर है, जिसकी इन्सटाल्ड कैपेसिटी 30 जून 2024 तक 12 गीगावॉट थी. कंपनी पूरे भारत में पांच मैन्युफ़ैक्चरिंग फैसिलिटी चलाती है, जो लगभग 143 एकड़ में फैली हुई हैं (FY24 में 45 फ़ीसदी के एवरेज कैपेसिटी युटीलाइज़ेसन के साथ). टोटल एनलिस्टेड कैपेसिटी के आधार पर, इसका भारत के फ़ोटोवोल्टिक मॉड्यूल मार्केट में 21 फ़ीसदी से ज़्यादा शेयर है. इस समय, वारी की सोलर PV मॉड्यूल की ऑर्डर बुक 16.6 गीगावॉट है, जिसमें डॉमेस्टिक, एक्सपोर्ट, और फ्रेंचाइजी आर्डर शामिल हैं, साथ ही इसकी अमेरिकी सब्सिडरी के लिए 3.75 गीगावॉट भी शामिल है.

ताक़त

  • बैकवर्ड इंटीग्रेशन: वारी अपनी चिखली स्थित फ़ैसिलिटी में इन-हाउस सोलर सेल प्रोडक्शन शुरू करके अपनी कैपेसिटी को बढ़ा रहा है, और ये फैसिलिटी FY2025 तक ऑपरेशनल होने की उम्मीद है. ये कंपनी इनगॉट्स, वेफर्स, सोलर सेल, और सोलर PV मॉड्यूल्स के लिए पूरी तरह से इंटीग्रेटेड 6 गीगावॉट फैसिलिटी भी बना रही है, जिसके FY27 तक ऑपरेशनल होने की उम्मीद है.
  • मज़बूत फ़ाइनेंशियल: सोलर PV मैन्युफ़ैक्चरिंग में सबसे बड़े खिलाड़ी के रूप में, वारी के पास 8 फ़ीसदी का प्रभावशाली EBIT (अर्निंग बिफोर इंटरेस्ट एंड टैक्स) मार्जिन है. इस सफलता का कुछ श्रेय एक्सपोर्ट पर इसके फ़ोकस को दिया जा सकता है, जिसमें इसका FY2022 रेवेन्यू 23 फ़ीसदी से बढ़कर FY2024 में लगभग 58 फ़ीसदी हो गया.

कमज़ोरियां

  • प्राइसिंग का दबाव: PV मॉड्यूल और सेल सहित बाक़ी सोलर कॉम्पोनेन्ट की बहुत ज़्यादा सप्लाई (ख़ासकर चीन द्वारा), वारी सहित बाक़ी देशी कंपनियों को अपनी क़ीमतें तेज़ी से कम करने के लिए मज़बूर कर रही है. FY24 में सोलर मॉड्यूल की क़ीमतें 25 फ़ीसदी गिर गईं. ये ट्रेंड आगे भी ज़ारी रह सकता है, जिससे कंपनी की प्रॉफ़िटेबिलिटी पर ख़राब असर पड़ेगा.
  • सरकारी नीतियों पर निर्भरता: वारी एनर्जीज़ सरकारी नीतियों और इंसेंटिव पर बहुत ज़्यादा निर्भर रहती है, और ये नीतियां बदलती रहती हैं. इससे प्रोडक्शन प्लान में अनिश्चितता पैदा होती है और स्केलिंग एफिशिएंसी में बाधा आ सकती है.
  • इम्पोर्ट पर निर्भरता: वारी के मैटेरियल का एक बड़ा हिस्सा, ख़ास तौर से सोलर सेल, चीन से इम्पोर्ट किया जाता है. इस इम्पोर्ट मैटेरियल का ख़र्च कंपनी के कुल ख़रीद ख़र्च का 98 फ़ीसदी है, जिसमें से 54 फ़ीसदी अकेले चीन से आता है. इस तरह की भारी निर्भरता, कंपनी को ट्रेड रेस्ट्रिक्शन या जियोपॉलिटिकल टेंशन की स्थिति में जोख़िम में डाल सकती है.

Waaree Energies IPO की डिटेल

IPO का कुल साइज़ (करोड़ ₹) 4,321
ऑफर फॉर सेल (करोड़ ₹) 721
नए इशू (करोड़ ₹) 3,600
प्राइस बैंड (₹) 1,427 -1,503
सब्सक्रिप्शन की तारीख़ 21-23 अक्टूबर, 2024
उद्देश्य ऑफर फ़ॉर सेल, ओडिशा फैसिलिटी के ख़र्च की फ़ाइनेंसिंग के लिए

IPO के बाद

मार्केट कैप (करोड़ ₹) 43,178.7
नेट वर्थ (करोड़ ₹) 8,072.0
प्रमोटर होल्डिंग (%) 64.3
प्राइस/अर्निंग रेशियो (P/E) 33.3
प्राइस/बुक रेशियो (P/B) 5.3

फ़ाइनेंशियल हिस्ट्री

फ़ाइनेंशियल्स (करोड़ ₹) 2 साल का CAGR (%) TTM FY24 FY23 FY22
रेवेन्यू 99.8 11,478 11,397 6,751 2,854
EBIT 337.9 1,364 1,298 671 68
PAT 304.4 1,295 1,237 483 76
नेट वर्थ 208.9 4,472 4,075 1,825 427
कुल डेट 23.4 513 553 320 363
EBIT-- अर्निंग बिफ़ोर इंटरेस्ट एंड टैक्स
PAT -- प्रॉफ़िट आफ्टर टैक्स
TTM: जून 2024 को ख़त्म हुए 12 महीने

प्रमुख रेशियो

रेशियो 3 साल का औसत (%) TTM FY24 FY23 FY22
ROE (%) 34.0 35.5 41.8 42.6 17.7
ROCE (%) 30.3 33.7 37.7 44.9 8.4
EBIT मार्जिन (%) 7.9 11.9 11.4 9.9 2.4
डेट-टू-इक्विटी 0.1 0.1 0.2 0.8
ROE -- रिटर्न ऑन इक्विटी
ROCE -- रिटर्न ऑन कैपिटल एम्प्लॉयड

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Waaree Energies की रिस्क रिपोर्ट

कंपनी और बिज़नस

  • क्या पिछले 12 महीनों में वारी एनर्जीज़ की टैक्स के पहले की कमाई (profit before tax) ₹50 करोड़ से ज़्यादा है?
    हां. कंपनी ने जून 2024 को ख़त्म हुए 12 महीने में ₹1,466 करोड़ की ‘टैक्स के पहले की कमाई’ दर्ज़ की.
  • क्या कंपनी अपना बिज़नस बढ़ा पाएगी?
    हां. रिन्यूएबल एनर्जी की बढ़ती डिमांड और इसे लेकर मज़बूत सरकारी मदद (विशेष रूप से सोलर एनर्जी के लिए) से कंपनी को अपना बिज़नस बढ़ाने में मदद मिलेगी.
  • क्या वारी एनर्जीज़ का कस्टमर बेस काफ़ी वफ़ादार है और क्या ये कंपनी किसी जाने-माने ब्रांड से जुड़ी है?
    हां, वारी एनर्जीज़ के पास एक जानी-मानी ब्रांड है. टोटल एनलिस्टेड कैपेसिटी के आधार पर, इसका भारत के PV मॉड्यूल मार्केट में 21 फ़ीसदी से ज़्यादा शेयर है.
  • क्या कंपनी के पास कॉम्पिटेटिव एडवांटेज़ है?
    नहीं. ये कई दूसरे बड़े खिलाड़ियों वाली बहुत ही प्रतिस्पर्धी इंडस्ट्री में काम करती है.

वारी एनर्जीज़ का मैनेजमेंट

  • क्या कंपनी के संस्थापकों में से किसी के पास अभी भी कंपनी में कम से कम 5 फ़ीसदी हिस्सेदारी है? या क्या प्रमोटरों के पास कंपनी में 25 फ़ीसदी से ज़्यादा हिस्सेदारी है?
    हां. IPO के बाद, प्रमोटरों की हिस्सेदारी 64 फ़ीसदी हो जाएगी.
  • क्या टॉप 3 मैनजरों के पास कंपनी में काम करते हुए कुल मिलाकर 15 साल से ज़्यादा का लीडरशिप अनुभव है?
    हां. कंपनी के बोर्ड के चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर, हितेश जोशी, अक्तूबर 1999 से कंपनी से जुड़े हुए हैं.
  • क्या मैनेजमेंट पर भरोसा किया जा सकता है? क्या कंपनी SEBI दिशानिर्देशों के तहत साफ़-सुथरी रिपोर्ट जारी करती है?
    हां. कोई नेगेटिव जानकारी उपलब्ध नहीं है.
  • क्या वारी एनर्जीज़ की अकाउंटिंग पॉलिसी ठीक है?
    हां. कोई नेगेटिव जानकारी उपलब्ध नहीं है.
  • क्या कंपनी प्रमोटरों के शेयर गिरवी होने मुक्त है?
    हां. कोई शेयर गिरवी नहीं रखे हैं.

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वारी एनर्जीज़ के फ़ाइनेंशियल

  • क्या कंपनी का वर्तमान और तीन साल का औसत रिटर्न ऑन इक्विटी (ROE) 15 फ़ीसदी से ज़्यादा और औसत रिटर्न ऑन कैपिटल एम्प्लॉयड (ROCE) 18 फ़ीसदी से ज़्यादा है?
    हां. इसका तीन साल का औसत ROE और ROCE क्रमशः 34 और 30 फ़ीसदी है. FY2024 में, इसका ROE और ROCE क्रमशः 42 और 38 फ़ीसदी के क़रीब रहा है.
  • क्या पिछले तीन साल के दौरान कंपनी का ऑपरेटिंग कैश फ़्लो पॉज़िटिव रहा है?
    हां. इसने पिछले तीन साल के दौरान पॉज़िटिव कैश फ़्लो दर्ज किया.
  • क्या कंपनी का नेट डेट-टू-इक्विटी रेशियो 1 से कम है?
    हां. FY2024 में कंपनी का डेट-टू-इक्विटी रेशियो 0.1 रहा.
  • क्या कंपनी रोज़मर्रा के कामों के लिए बड़ी वर्किंग कैपिटल पर निर्भरता से मुक्त है?
    हां. कैपिटल-इंटेंसिव इंडस्ट्री में काम करने के बावजूद, वारी ने FY22-24 के दौरान 55 के एवरेज नेट वर्किंग कैपिटल डेज़ (दिन) के साथ एक अच्छा वर्किंग कैपिटल लेवल बनाए रखा है.
  • क्या कंपनी अगले तीन साल में बाहरी फ़ंडिंग पर निर्भर हुए बिना अपना बिज़नस चला सकती है?
    हां. वारी की बैलेंस शीट में पर्याप्त कैश है. IPO से जुटाई गई धनराशि के साथ, कंपनी को बाहरी फ़ंडिंग पर निर्भर रहने की ज़रूरत नहीं होनी चाहिए.
  • क्या कंपनी बड़ी आकस्मिक देनदारी से मुक्त है?
    हां. FY2024 तक कुल इक्विटी के प्रतिशत के रूप में इसकी आकस्मिक देनदारियां लगभग 4 फ़ीसदी थीं.

वारी एनर्जीज़ का वैल्यूएशन

  • क्या स्टॉक अपनी एंटरप्राइज़ वैल्यू पर 8 फ़ीसदी से ज़्यादा की ऑपरेटिंग अर्निंग यील्ड देता है?
    नहीं. लिस्ट होने के बाद, ये स्टॉक अपनी एंटरप्राइज़ वैल्यू पर 3.4 फ़ीसदी ऑपरेटिंग अर्निंग यील्ड देगा.
  • क्या स्टॉक का प्राइस-टू-अर्निंग रेशियो अपनी जैसी दूसरी कंपनियों के औसत से कम है?
    हां. लिस्ट होने के बाद ये स्टॉक 32 गुना P/E पर कारोबार करेगा, जबकि इसके साथियों का औसत स्तर 222 गुना है.
  • क्या स्टॉक की प्राइस-टू-बुक वैल्यू अपनी जैसी दूसरी कंपनियों के औसत स्तर से कम है?
    हां. लिस्ट होने के बाद ये स्टॉक 5 गुना P/B पर कारोबार करेगा, जबकि इसके साथियों का औसत स्तर 28 गुना है.

डिस्क्लेमर: ये निवेश का सुझाव नहीं है. निवेश करने से पहले ज़रूरी जांच-पड़ताल ज़रूर करें.

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