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Equity savings vs Conservative hybrid: क्या बेहतर है?

दोनों फ़ंड एक जैसे हैं, लेकिन टैक्स के बाद उनका रिटर्न काफ़ी अलग है.

दोनों फ़ंड एक जैसे हैं, लेकिन टैक्स के बाद उनका रिटर्न काफ़ी अलग है.

कल्पना कीजिए, दो हाइब्रिड फ़ंड (hybrid fund) अपने पोर्टफ़ोलियो का एक तिहाई हिस्सा इक्विटी शेयरों में निवेश करते हैं, लेकिन उन पर टैक्स अलग तरह से लगता है. इक्विटी सेविंग्स (Equity savings) और कंज़रवेटिव हाइब्रिड फ़ंड (Conservative hybrid funds) के मामले में बिल्कुल यही होता है.

टैक्स में फ़र्क़ की वजह:

एक इक्विटी सेविंग फ़ंड ऐसे बनता है: इक्विटी में 33.3 प्रतिशत + डेट में 33.3 प्रतिशत + आर्बिट्राज में 33.3 प्रतिशत

एक कंज़रवेटिव हाइब्रिड फ़ंड का पोर्टफ़ोलियो ऐसे बनता है: इक्विटी में 10-25 प्रतिशत + डेट में 75-90 प्रतिशत

तकनीकी तौर पर कहें, तो 35 प्रतिशत से कम इक्विटी एलोकेशन वाले सभी म्यूचुअल फ़ंड्स पर काफ़ी ज़्यादा टैक्स लगता है.

ऐसे में, आपके मुनाफ़े को आपकी इनकम में जोड़ा जाता है और फिर आपके टैक्स ब्रैकेट के हिसाब से टैक्स लगाया जाता है. उदाहरण के लिए, अगर एक साल में आपकी कुल इनकम ₹10 लाख (ओल्ड टैक्स रीज़ीम) या ₹15 लाख (न्यू टैक्स रीज़ीम) को पार कर जाती है, तो आपके म्यूचुअल फ़ंड निवेश के मुनाफ़े पर 30 प्रतिशत टैक्स लगेगा.

इस तरह तो इक्विटी सेविंग्स फ़ंड पर भी इसी टैक्स स्ट्रक्चर के हिसाब से टैक्स लगना चाहिए. लेकिन ऐसा नहीं है.

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चूंकि ये फ़ंड आर्बिट्राज मौक़ों का फ़ायदा उठाते हैं, इसलिए इन पर अलग और थोड़ा कम टैक्स लगाया जाता है.

इसलिए, आपके ₹99,999 तक के मुनाफ़े पर कोई भी टैक्स नहीं लगेगा.

अगर ये ₹1 लाख से ज़्यादा हैं, तो मुनाफ़े पर बस 10 प्रतिशत टैक्स लगाया जाता है.

सबसे ख़राब स्थिति की बात करें, तो अगर आप एक साल के अंदर फ़ंड बेचते हैं, तब ₹1 लाख से ज़्यादा के मुनाफ़े पर ज़्यादा से ज़्यादा 15 प्रतिशत टैक्स लगाया जाता है.

टैक्स के बाद रिटर्न में किसमें ज़्यादा फ़ायदा

मान लीजिए, एक निवेशक पांच साल के लिए इक्विटी सेविंग और कंज़रवेटिव हाइब्रिड फ़ंड, दोनों में सिस्टमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान (SIP) के ज़रिये ₹10,000 का निवेश करता है. अगर दोनों में 10 फ़ीसदी रिटर्न मान लें, तो एक समान निवेश और रिटर्न के बावजूद, टैक्स के बाद एक अलग ही तस्वीर सामने आती है.

इक्विटी सेविंग्स फ़ंड कंज़रवेटिव हाइब्रिड फ़ंड
SIP निवेश 10000 10000
5 साल बाद वैल्यू 780824 780824
गेन 770824 770824
टैक्स (%) 10 प्रतिशत आपके स्लैब के हिसाब से, मान लेते हैं 10 प्रतिशत टैक्स लगा
टैक्स 67082 77082
नेट रिटर्न 703741 693741

इक्विटी सेविंग फ़ंड आसानी से जीत जाते हैं. इसके अलावा, अगर हम मान लें कि निवेशक 30 प्रतिशत के टैक्स ब्रैकेट में आता है, तो अंतर और भी ज़्यादा होता है, यानी ₹1,64,165.

आख़िरी बात

कंज़रवेटिव हाइब्रिड और इक्विटी सेविंग फ़ंड दोनों हाइब्रिड फ़ंड हैं, जो अपनी स्थिरता के लिए जाने जाते हैं. लेकिन टैक्स के बाद रिटर्न के लिहाज़ से इक्विटी सेविंग फ़ंड्स साफ़ तौर पर विजेता नज़र आता है.

और हमने 5 और 10 साल के रिटर्न पर विचार नहीं किया है. अगर हम टैक्स को ध्यान में रखते हैं, तो कंज़रवेटिव हाइब्रिड का 10 साल से कुछ ज़्यादा का रिटर्न साफ़ हो जाएगा.

कंज़रवेटिव हाइब्रिड फ़ंड इक्विटी सेविंग फ़ंड
5 साल का रिटर्न: 8.02% 5-ईयर रिटर्न: 8.51%
10 साल का रिटर्न: 9.65% 10-ईयर रिटर्न: 9.37%
*31 जुलाई, 2023 तक. यहां पर CAGR रिटर्न दिया गया है.

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