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Mamaearth: दलाल स्ट्रीट पर एक और नुक़सान वाली शुरुआत

ब्यूटी और पर्सनल केयर ब्रांड NSE पर 2 प्रतिशत प्रीमियम के साथ लिस्ट हुआ

ब्यूटी और पर्सनल केयर ब्रांड NSE पर 2 प्रतिशत प्रीमियम के साथ लिस्ट हुआ

मामाअर्थ का पेरंट, होन्सा कंज़्यूमर, सफलता से क़रीब 2 प्रतिशत के प्रीमियम पर NSE (₹330 पर) पर मंगलवार को लिस्ट हुआ. BSE पर, मामाअर्थ शेयर इशू प्राइस के जितना, ₹324 पर लिस्ट हुआ.

पहली बार नहीं हुआ

ये पहली बार नहीं है जब एक न्यू-एज (new-age) ऑनलाइन प्लेटफ़ॉर्म कंपनी प्रीमियम पर लिस्ट हुई है. ज़ोमाटो और FSN ई-कॉमर्स (नायका) दो साल पहले, क्रमशः 53 और 79 प्रतिशत के प्रीमियम पर लिस्ट हुए थे. हालांकि, जो बात मायने रखती है वो ये कि क्या वो इस प्रीमियम को जारी रख पाए.
उन्हें घाटा हुआ और उनकी वित्तीय स्थिति डावांडोल थी, जिसके कारण कुछ दिनों के बाद शेयर की क़ीमत गिरने लगी. लिस्टिंग के बाद अगले एक साल में दोनों कंपनियों में क्रमश: 57 और 47 फीसदी की गिरावट आई.
केवल समय ही बताएगा कि क्या मामाअर्थ को भी अपनी ख़राब वित्तीय स्थिति के कारण उसी भाग्य का सामना करना पड़ेगा. दो साल पहले कंपनी की इक्विटी थी नेगेटिव!

संक्षिप्त इतिहास

2023 की शुरुआत में कंपनी ₹24,000 करोड़ के वैल्यूएशन पर अपना ₹2,400 करोड़ का IPO लॉन्च करने की योजना बना रही थी. उसे ₹400 करोड़ ताज़ा इश्यू के रूप में और बाक़ी लगभग 4.7 करोड़ शेयरों की बिक्री पेशकश (OFS) के माध्यम से जुटाने की उम्मीद थी. इसने FY22 में ₹16 करोड़ का PAT और ₹943 करोड़ का राजस्व दर्ज किया. आप 1500 गुना के P/E की कल्पना करें!
हालांकि, बाज़ार की आलोचना सहित कई मुद्दों के कारण, उन्होंने अपने IPO में देरी की और वैल्युएशन घटाकर लगभग ₹10,500 करोड़ कर दिया. चूंकि कंपनी ने घाटे की जानकारी दी थी, इसलिए विश्लेषण के समय उसके पास P/E नहीं था.
कंपनी के ख़राब बुनियादी सिद्धांतों को देखते हुए, कोई ये पूछ सकता है कि क्या किसी को स्टॉक सिर्फ़ इसलिए ख़रीदना चाहिए क्योंकि कंपनी प्रीमियम पर लिस्टिड थी और क्योंकि इससे उसका मूल्यांकन आधा हो गया था.

नतीजा

हालांकि कंपनी लिस्टिंग के दिन अपने इश्यू प्राइस को रोकने में सफल रही है, निवेशकों के लिए सलाह है कि वो इसका गहरा विश्लेषण करें. आख़िरकार, केवल एक लोकप्रिय ब्रांड और एक पसंद की जाने वाली स्पेस पर रहने भर से कोई बिज़नस अच्छा निवेश नहीं बन जाता.

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