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Lenskart IPO: क्या निवेश करना सही है?

इस IPO को सब्सक्राइब करने से पहले जानिए पूरी डीटेल

इस IPO को सब्सक्राइब करने से पहले जानिए पूरी डीटेल Aditya Roy/AI-Generated Image

सारांशः आईवियर रिटेल ब्रांड लेंसकार्ट ने 31 अक्तूबर 2025 को अपना IPO लॉन्च कर दिया है. बाज़ार में अच्छी-खासी हिस्सेदारी होने के बावजूद, ये कम मुनाफ़े और रिटर्न मार्जिन से जूझ रही है. आइए देखें कि इसका IPO सब्सक्राइब करने लायक़ है या नहीं.

देश का जाना-माना आईवियर रिटेलर लेंसकार्ट सॉल्यूशंस ने 31 अक्तूबर 2025 को अपना IPO लॉन्च कर दिया है और ये 4 नवंबर 2025 को बंद होगा. ₹7,278 करोड़ के कुल इश्यू साइज़़ में से ₹2,150 करोड़ फ़्रेश इश्यू से जुटाए जाएंगे, जबकि बाक़ी ₹5,128 करोड़ ऑफ़र फ़ॉर सेल (OFS) से आएंगे.

नीचे लेंसकार्ट के बिज़नेस मॉडल, फ़ाइनेंशियल्स, मज़बूतियों, जोखिमों और वैल्यूएशन का सारांश दिया गया है ताकि निवेश का सही फ़ैसला किया जा सके.

कंपनी क्या करती है

लेंसकार्ट एक टेक्नोलॉजी-आधारित डायरेक्ट-टू-कंज़्यूमर आईवियर कंपनी है, जो डिज़ाइन, मैन्युफैक्चरिंग, ब्रांडिंग और रिटेल के हर चरण को खुद मैनेज करती है. कंपनी अपने ब्रांड्स के तहत प्रिस्क्रिप्शन ग्लासेस, सनग्लासेस, कॉन्टैक्ट लेंस और एक्सेसरीज़ बेचती है. ये भारत में वॉल्यूम के लिहाज़ से सबसे बड़ी और एशिया की टॉप-2 ऑर्गनाइज़्ड कंपनियों में से एक है.

भारत के अलावा, लेंसकार्ट ने जापान, साउथईस्ट एशिया और मिडल ईस्ट में भी अपनी मौजूदगी बढ़ाई है. 109 डिज़ाइनर्स की टीम के साथ कंपनी ने FY25 में 100 से ज़्यादा इन-हाउस कलेक्शन लॉन्च किए, जिनमें से कई सेलिब्रिटी कोलेबोरेशन भी शामिल हैं.

लेंसकार्ट IPO डिटेल

कुल IPO साइज़ (करोड़ ₹)
7,278
ऑफ़र फ़ॉर सेल (करोड़ ₹) 5,128
नए इश्यू (करोड़ ₹) 2,150
प्राइस बैंड (₹) 382–402
सब्सक्रिप्शन की तारीख़ 31 अक्टूबर – 4 नवंबर 2025
उद्देश्य कैपेक्स, टेक्नोलॉजी निवेश और ब्रांड मार्केटिंग

पोस्ट IPO

मार्केट कैप (करोड़ ₹)
69,741
नेटवर्थ (करोड़ ₹) 8,473
प्रमोटर होल्डिंग (%) 17.7
P/E 188.7
P/B 8.2

फ़ाइनेंशियल हिस्ट्री

प्रमुख आंकड़े 2 साल का CAGR (%) FY25 FY24 FY23
रेवेन्यू (करोड़ ₹) 32.5 6,653 5,428 3,788
EBIT (करोड़ ₹) - 174 0 -158
PAT (करोड़ ₹) - 297 -10 -64
नेटवर्थ (करोड़ ₹) 5.6 6,099 5,649 5,474
कुल कर्ज़ (करोड़ ₹) 4.4 2,573 2,176 2,358
EBIT का मतलब है ब्याज और टैक्स से पहले की कमाई.
PAT यानी टैक्स के बाद का मुनाफ़ा.

मुख्य रेशियो

रेशियो 3 साल का औसत (%) FY25 FY24 FY23
ROE (%) 1.2 5.1 -0.2 -1.2
ROCE (%) 0 2.1 0 -2
EBIT मार्जिन (%) -0.5 2.6 0 -4.2
कर्ज़-टू-इक्विटी 0.4 0.4 0.4 0.4
ROE यानि इक्विटी पर रिटर्न है
ROCE नियोजित पूंजी पर रिटर्न है

ट्रैक रिकॉर्ड और वैल्यूएशन

लेंसकार्ट का पिछला फ़ाइनेंशियल परफ़ॉर्मेंस मिला-जुला रहा है. FY23 से FY25 के बीच कंपनी का रेवेन्यू 33% सालाना दर से बढ़ा, लेकिन इसका EBIT और नेट इनकम FY25 तक शून्य या नेगेटिव ही रहे.

प्राइस बैंड के ऊपरी स्तर ₹402 पर, कंपनी का वैल्यूएशन लगभग 189 गुना TTM अर्निंग और 8.2 गुना बुक वैल्यू पर है. इसकी तुलना के लिए कोई लिस्टेड पीयर मौजूद नहीं है.

मज़बूत पक्ष

#1 भारत और एशिया के सबसे बड़े आईवियर रिटेलर्स में से एक

FY25 में लेंसकार्ट ने 2,800 स्टोर्स से 2.72 करोड़ यूनिट्स बेचे और 10 करोड़ ऐप डाउनलोड का आंकड़ा पार किया. भारत, साउथईस्ट एशिया, जापान और मिडल ईस्ट में इसका टोटल एड्रेसेबल मार्केट FY30 तक ₹3,601 अरब तक पहुंचने का अनुमान है.

#2 वर्टिकल इंटीग्रेशन

पहले आईवियर रिटेल महंगा और बिखरा हुआ कारोबार था. लेंसकार्ट ने इसे बदलकर डिज़ाइन से लेकर मैन्युफैक्चरिंग तक पूरा कंट्रोल खुद लिया. इसके दो मेगा-फ़ैक्ट्री भिवाड़ी और गुरुग्राम में हैं, जहां ऑटोमेशन की मदद से लागत में 35–40% की कमी और डिलीवरी स्पीड में सुधार हुआ.

#3 ओमनीचैनल नेटवर्क

लेंसकार्ट का ऐप, वेबसाइट और ऑफ़लाइन स्टोर्स एकीकृत सिस्टम में काम करते हैं. ग्राहक कहीं से भी ख़रीद सकते हैं, एक जैसी प्राइसिंग और कनेक्टेड प्रिस्क्रिप्शन के साथ. FY25 में भारत की 45% रेवेन्यू डिजिटल इंटरैक्शन वाले ग्राहकों से आई.

कमज़ोर पक्ष

#1 सप्लाई चेन रिस्क

लेंसकार्ट कुछ रॉ मैटेरियल्स और फ़्रेम चीन से मंगाता है. इससे उत्पादन सस्ता होता है लेकिन ग्लोबल ट्रे़ड में रुकावट या जियोपॉलिटिकल तनाव की स्थिति में रिस्क बढ़ जाता है.

#2 छोटे प्लेयर्स से प्रतिस्पर्धा

भारत का 77% आईवियर मार्केट अब भी अनऑर्गनाइज़्ड है. ये लोकल प्लेयर्स कम लागत और लचीली प्राइसिंग पर काम करते हैं, जिससे लेंसकार्ट जैसी कंपनियों के लिए प्राइस बढ़ाना या मार्जिन सुधारना मुश्किल होता है.

IPO से जुटाई गई रक़म का इस्तेमाल

₹2,150 करोड़ के फ़्रेश इश्यू में से ₹273 करोड़ नई स्टोर्स के लिए, ₹591 करोड़ लीज़ और रेंट के लिए, ₹214 करोड़ टेक्नोलॉजी अपग्रेड के लिए और ₹320 करोड़ मार्केटिंग में लगाए जाएंगे. बाकी रकम अधिग्रहण और सामान्य कॉर्पोरेट उपयोग में जाएगी.

क्या लेंसकार्ट IPO में निवेश करना चाहिए

लेंसकार्ट का IPO साल के सबसे बड़े और चर्चित इश्यू में से एक है. लेकिन असली वेल्थ हाइप से नहीं, धैर्य और अनुशासन से बनती है. असली सफ़लता आती है स्थिर कंपाउंडिंग से, न कि शॉर्ट-टर्म उत्साह से.

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